कानपुर देहात के डेरापुर विकासखंड क्षेत्र में जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधारने के उद्देश्य से बनाए गए अमृत सरोवर भीषण गर्मी के बीच सूखे पड़े हैं। शासन की मंशा के विपरीत, जहाँ इन सरोवरों में वर्षभर पानी उपलब्ध रहना चाहिए ताकि ग्रामीणों और पशु-पक्षियों को राहत मिले, वहीं क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में स्थिति इसके एकदम उलट है। जानकारी के अनुसार, बिरिया समेत एक दर्जन से अधिक अमृत सरोवरों में पानी का नामोनिशान नहीं है। लगातार बढ़ रही गर्मी और लू के कारण इन सरोवरों के सूखने से पशु-पक्षियों के सामने पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अमृत सरोवरों के निर्माण और सौंदर्यीकरण पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन नियमित जलभराव और रखरखाव की व्यवस्था के अभाव में इस योजना का मूल उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि कई स्थानों पर अमृत सरोवर केवल नाम के रह गए हैं और उनकी तलहटी पूरी तरह सूखी है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सरोवरों और तालाबों में पानी भरवाने की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि जल संरक्षण अभियान को मजबूती मिल सके और पशु-पक्षियों को राहत मिल सके। इस संबंध में, खंड विकास अधिकारी संजू ने शनिवार को दोपहर 3 बजे बताया कि जिन-जिन अमृत सरोवरों में पानी की कमी है, उसकी जानकारी ली जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि संबंधित ग्राम पंचायतों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे और सरोवरों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए ज़रूरी कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर देहात के डेरापुर विकासखंड क्षेत्र में जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधारने के उद्देश्य से बनाए गए अमृत सरोवर भीषण गर्मी के बीच सूखे पड़े हैं। शासन की मंशा के विपरीत, जहाँ इन सरोवरों में वर्षभर पानी उपलब्ध रहना चाहिए ताकि ग्रामीणों और पशु-पक्षियों को राहत मिले, वहीं क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में स्थिति इसके एकदम उलट है। जानकारी के अनुसार, बिरिया समेत एक दर्जन से अधिक अमृत सरोवरों में पानी का नामोनिशान नहीं है। लगातार बढ़ रही गर्मी और लू के कारण इन सरोवरों के सूखने से पशु-पक्षियों के सामने पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अमृत सरोवरों के निर्माण और सौंदर्यीकरण पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन नियमित जलभराव और रखरखाव की व्यवस्था के अभाव में इस योजना का मूल उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि कई स्थानों पर अमृत सरोवर केवल नाम के रह गए हैं और उनकी तलहटी पूरी तरह सूखी है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सरोवरों और तालाबों में पानी भरवाने की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि जल संरक्षण अभियान को मजबूती मिल सके और पशु-पक्षियों को राहत मिल सके। इस संबंध में, खंड विकास अधिकारी संजू ने शनिवार को दोपहर 3 बजे बताया कि जिन-जिन अमृत सरोवरों में पानी की कमी है, उसकी जानकारी ली जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि संबंधित ग्राम पंचायतों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे और सरोवरों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए ज़रूरी कार्रवाई की जाएगी।
- गुरुवार को सिकंदरा कस्बे में बकरीद का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास, उत्साह और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाह पहुंचकर नमाज अदा की। सुबह करीब 7 बजे ईद-उल-अजहा की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। नमाज के उपरांत, लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी और आपसी प्रेम, सौहार्द तथा भाईचारे का संदेश प्रसारित किया। इस अवसर पर, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने देश में अमन, शांति और भाईचारे की मजबूती के लिए हाथ उठाकर विशेष दुआएं मांगी। त्योहार को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने हेतु प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। मौके पर उपजिलाधिकारी प्रदुमन कुमार, क्षेत्राधिकारी प्रिया सिंह, तहसीलदार राकेश चंद्रा और थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप पूरे कस्बे में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला तथा पर्व शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।4
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार देर शाम एक दर्दनाक हादसे में जुरिया गांव निवासी किसान बालकराम की दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। इस भीषण घटना से पूरा इलाका झकझोर गया, परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, बालकराम पुत्र केसे लाल अपने खेत से जुड़े काम के लिए खानपुर चैन गांव जा रहे थे। उनकी कुछ जमीन वहां बटाई पर दी गई थी और वह फसल की तौल कराने के लिए घर से निकले थे। बताया गया कि जैसे ही वह दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे को देखकर आसपास मौजूद ग्रामीण दहल उठे और तुरंत पुलिस व परिजनों को सूचना दी। रेलवे प्रशासन से मेमो मिलने के बाद झींझक चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। उपनिरीक्षक बृजमोहन सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। कुछ ही देर में मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए, और शव की पहचान होते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। पत्नी जय देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि बेटे सानू और सनी गहरे सदमे में हैं; गांव के लोगों की आंखें भी इस दर्दनाक हादसे को देखकर नम हो गईं। झींझक चौकी इंचार्ज उमेश शर्मा ने शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।1
- कानपुर सेंट्रल से शाम 6:10 बजे चलने वाली पैसेंजर ट्रेन में लापरवाही के कारण अक्सर देरी होती है, जिससे यात्रियों को घंटों प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ता है। यह परेशानी कानपुर सेंट्रल से फफूंद जाने वाली ट्रेन के संबंध में विशेष रूप से सामने आई है, जो समय पर नहीं चलाई जाती। इस देरी से यात्रियों को भारी समस्या का सामना करना पड़ता है, खासकर उन लोगों को जो लंबी दूरी की यात्रा पर जाते हैं, क्योंकि उन्हें आगे कोई साधन नहीं मिल पाता। छोटे बच्चों और महिलाओं को इस वजह से और भी अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। सवाल उठाया गया है कि आखिर क्या मजबूरी है कि शाम 6:10 बजे चलने वाली इतनी महत्वपूर्ण पैसेंजर ट्रेन को लगातार देरी से चलाया जाता है, जिससे जनता परेशान होती है।1
- नवीन विद्युत उपकेंद्र झींझक के अकारू फीडर की आउटगोइंग मशीन में शनिवार सुबह अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण करीब तीन दर्जन गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली गुल होने से लोगों को उमस भरी गर्मी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बिजली न रहने से घरों में पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण बंद हो गए, जिससे गर्मी और उमस से जूझना पड़ा, वहीं पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई। सूचना मिलने पर विद्युत विभाग के कर्मचारी और तकनीकी टीम तुरंत मौके पर पहुंची और खराबी दूर करने का कार्य शुरू किया। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद कर्मचारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था कर बिजली आपूर्ति बहाल की, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।1
- कानपुर देहात के डेरापुर विकासखंड क्षेत्र स्थित ग्राम किशवा खेड़ा में एक जन चौपाल का आयोजन किया गया, जहाँ ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। इस दौरान उनके तत्काल समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए। चौपाल में गांव के विकास कार्यों के साथ-साथ पेयजल, आवास, पेंशन और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। विकासखंड अधिकारी संजू सिंह ने जानकारी दी कि शासन की मंशा के अनुरूप, ग्रामीणों को तहसील और ब्लॉक के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए गांव-गांव जाकर उनकी समस्याओं का समाधान कराया जा रहा है। एडीओ आईएसबी मनोज कुमार ने ग्रामीणों को विभिन्न विकास योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों से सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। संबंधित सचिव द्वारा ग्राम पंचायत में चल रहे विकास कार्यों की भी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। इसी क्रम में, बाहरी उमरी गांव में भी एडीओ पंचायत अश्वनी कुमार द्वारा एक जन चौपाल आयोजित की गई। इस चौपाल में ग्रामीणों की समस्याओं को विधिवत सुना गया, जिनमें सड़क, नाली, सफाई व्यवस्था और राशन संबंधी शिकायतें प्रमुख थीं। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को इन समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए निर्देश दिए। साथ ही, ग्रामीणों को स्वच्छता बनाए रखने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के प्रति जागरूक भी किया गया। इन जन चौपालों में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। विकासखंड अधिकारी संजू सिंह ने शनिवार करीब 4:00 बजे बताया कि प्रशासन की यह पहल ग्रामीणों की सहूलियत के लिए लगातार जारी है।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र की संदलपुर चौकी के अंतर्गत एक नाबालिग लड़की के दो सप्ताह से लापता होने के मामले में शनिवार को ग्रामीणों का भारी गुस्सा देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और महिलाओं ने पुलिस चौकी पहुंचकर ज़ोरदार प्रदर्शन किया और पुलिस पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए ट्रैक्टर लगाकर सड़क जाम कर दी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनकी नाबालिग बेटी पढ़ाई के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी और काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल पाया है। परिजनों ने आशंका जताई है कि गांव का ही एक युवक विशाल उसे बहला-फुसलाकर ले गया है। परिवार ने यह भी बताया कि आरोपी युवक पहले भी लड़की को स्कूल आते-जाते समय परेशान करता था। इसके साथ ही, परिजनों ने पुलिस पर शिकायत के बावजूद समय पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है, यह कहते हुए कि 22 मई को रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। परिवार ने यह भी बताया है कि उन्हें आरोपी पक्ष से धमकियां मिल रही हैं। इस घटना से नाराज़ ग्रामीणों ने चौकी के बाहर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द नाबालिग की बरामदगी के साथ-साथ आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। वहीं, पुलिस ने अपने ऊपर लगे लापरवाही के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और नाबालिग की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने यह भी दावा किया कि जल्द ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले ने क्षेत्र में नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, ग्रामीणों का स्पष्ट मत है कि यदि शुरुआत में ही प्रभावी कार्रवाई होती तो मामला इतना नहीं बढ़ता।1