श्री हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलकर बागदेवी भोजपाल विश्वविद्यालय किए जाने पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। इन संगठनों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और परिषद का आभार प्रकट करते हुए इसे कई वर्षों से चली आ रही उनकी मांग की पूर्ति बताया। समिति और मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए मध्य प्रदेश में 'आताताईयों' के नाम पर स्थित सभी स्थानों के नाम तत्काल बदलने की जोरदार मांग की। उन्होंने विशेष रूप से जहांगीराबाद, शाहजहानाबाद और अब्दुल्लागंज जैसे नामों को हटाकर उनके स्थान पर राष्ट्रभक्तों और क्रांतिकारियों के नाम पर नए नाम रखने का आह्वान किया। तिवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से यह भी मांग की कि जब हबीबगंज स्टेशन का नाम रानी कमलापति स्टेशन कर दिया गया है, तो हबीबगंज थाने का नाम भी बदलकर रानी कमलापति थाना रखा जाए।
श्री हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलकर बागदेवी भोजपाल विश्वविद्यालय किए जाने पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। इन संगठनों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और परिषद का आभार प्रकट करते हुए इसे कई वर्षों से चली आ रही उनकी मांग की पूर्ति बताया। समिति और मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए मध्य प्रदेश में 'आताताईयों' के नाम पर स्थित सभी स्थानों के नाम तत्काल बदलने की जोरदार मांग की। उन्होंने विशेष रूप से जहांगीराबाद, शाहजहानाबाद और अब्दुल्लागंज जैसे नामों को हटाकर उनके स्थान पर राष्ट्रभक्तों और क्रांतिकारियों के नाम पर नए नाम रखने का आह्वान किया। तिवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से यह भी मांग की कि जब हबीबगंज स्टेशन का नाम रानी कमलापति स्टेशन कर दिया गया है, तो हबीबगंज थाने का नाम भी बदलकर रानी कमलापति थाना रखा जाए।
- मध्य प्रदेश में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलकर 'बागदेवी भोजपाल विश्वविद्यालय' कर दिया गया है। इस कदम पर श्री हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव और परिषद का आभार प्रकट किया है। दोनों मंचों के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने की मांग कई वर्षों से लंबित थी, जिसे अब पूरा किया गया है। इस अवसर पर, चंद्रशेखर तिवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से एक बड़ी मांग भी की है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में जितने भी स्थानों के नाम 'आताताईयों' (उत्पीड़क) से जुड़े हैं, उन्हें तत्काल बदल देना चाहिए। तिवारी ने जहांगीराबाद, शाहजहानाबाद और अब्दुल्लागंज जैसे नामों का उल्लेख करते हुए सुझाव दिया कि इनके स्थान पर राष्ट्रभक्तों और क्रांतिकारियों के नाम रखे जाने चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने माननीय मोहन यादव से यह भी अनुरोध किया कि जब हबीबगंज स्टेशन का नाम बदलकर रानी कमलापति कर दिया गया है, तो हबीबगंज थाने का नाम भी बदलकर रानी कमलापति थाना किया जाए।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के विधायक रामेश्वर शर्मा ने यह महत्वपूर्ण जानकारी दी है कि भारत सरकार और माननीय गृह मंत्री अमित शाह पूरे देश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में आगे की खबरों और अपडेट्स के लिए 'सब न्यूज़ तक' से जुड़े रहें।1
- श्री हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलकर बागदेवी भोजपाल विश्वविद्यालय किए जाने पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। इन संगठनों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और परिषद का आभार प्रकट करते हुए इसे कई वर्षों से चली आ रही उनकी मांग की पूर्ति बताया। समिति और मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए मध्य प्रदेश में 'आताताईयों' के नाम पर स्थित सभी स्थानों के नाम तत्काल बदलने की जोरदार मांग की। उन्होंने विशेष रूप से जहांगीराबाद, शाहजहानाबाद और अब्दुल्लागंज जैसे नामों को हटाकर उनके स्थान पर राष्ट्रभक्तों और क्रांतिकारियों के नाम पर नए नाम रखने का आह्वान किया। तिवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से यह भी मांग की कि जब हबीबगंज स्टेशन का नाम रानी कमलापति स्टेशन कर दिया गया है, तो हबीबगंज थाने का नाम भी बदलकर रानी कमलापति थाना रखा जाए।1
- भोपाल में ट्विशा शर्मा मौत मामले के आरोपी पति समर्थ सिंह और सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को सीबीआई की विशेष अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। कोर्ट ने दोनों को 16 जून तक भोपाल सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में रखने के आदेश दिए थे। इस मामले में, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को कैदी नंबर 71 दिया गया है और सुरक्षा के दृष्टिकोण से उन्हें महिला बैरक में निगरानी में रखा गया है। वहीं, आरोपी पति समर्थ सिंह को कैदी नंबर 1782 मिला है और उन्हें ब-खंड बैरक अस्पताल में निगरानी में रखा गया है।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि राज्य में अब सामान्य नागरिकता अधिनियम कानून को लागू किया जा रहा है।1
- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययता की अपील का लगातार पालन करते हुए 3 जून को एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। वे देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने अपने काफिले में इलेक्ट्रिक वाहन को शामिल किया है। मुख्यमंत्री के काफिले में अब महिंद्रा कंपनी की XEV 9e इलेक्ट्रिक कार को जगह दी गई है, जिसके बारे में कंपनी का दावा है कि यह एक बार चार्ज करने पर 500 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस ईवी का उपयोग मुख्यमंत्री निवास से स्टेट हैंगर भोपाल तक जाने के लिए किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इस नई कार को MP-02-VB-2047 नंबर आवंटित किया गया है, जिसमें 'VB' को 'विकसित भारत' का प्रतीक माना जा रहा है, और '2047' को प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ा जा रहा है। यह कार 360 डिग्री कैमरा सहित सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इस वाहन से यात्रा करके मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश भी देंगे। इसके ड्राइवरों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील हैं और इन क्षेत्रों में नई योजनाओं पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने विभिन्न स्थानों पर गिद्धों और मगरमच्छों को छोड़ा था। उनका दृढ़ विश्वास है कि पर्यावरण संरक्षण के बिना कोई भी विकास अधूरा है, और सौर ऊर्जा से उत्पन्न विकल्प देश-दुनिया को विकास का नया मार्ग दिखा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, डॉ. यादव कई बार अपनी सादगी और मितव्ययता का उदाहरण पेश कर चुके हैं। हाल ही में, उन्होंने इंदौर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ एचआर ग्रीन से राजवाड़ा तक टेम्पो ट्रेवलर बस में यात्रा की थी, और इससे पहले सिंगरौली दौरे के दौरान भी वे कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के लिए टूरिस्ट बस का इस्तेमाल कर चुके हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के काफिले में गाड़ियों की संख्या को भी पहले ही कम किया जा चुका है।1
- भोपाल नगर निगम के नए मुख्यालय में एक महिला कर्मचारी लगभग आधे घंटे तक लिफ्ट के अंदर फंसी रही, जब लिफ्ट अचानक बंद हो गई। मौके पर मौजूद आम लोगों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस घटना के दौरान मदद के लिए कोई भी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचा। नगर निगम आयुक्त को भी फोन करने का दावा किया गया, लेकिन उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो सका। वहीं, सूचना मिलने के बावजूद फायर विभाग के अधिकारी भी घटनास्थल पर नहीं पहुँचे। इस घटना के बाद, भोपाल नगर निगम मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।1
- लखनऊ से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ मक्का शहर से हज यात्रा कर लौट रहे हिंदुस्तान के हाजियों का सामान लगातार लखनऊ के एयरपोर्ट पर चोरी हो रहा है। इस स्थिति को देखते हुए हज कमेटी पर 'कुंभकरण की नींद' में होने का गंभीर आरोप लगाया गया है। हाल ही में, एक हाजी का सामान चोरी होने के बाद वह व्यक्ति जमीन पर ही गिर पड़ा। यह घटनाक्रम एयरपोर्ट पर कड़ी सुरक्षा के दावों के बावजूद सामने आया है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। यह समस्या केवल लखनऊ तक सीमित नहीं है, क्योंकि दिल्ली में भी एयरपोर्ट पर सामान चोरी के ऐसे कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। स्थिति यह है कि आम जगहों की तो बात ही छोड़िए, एयरपोर्ट जैसी कड़ी सुरक्षा वाली जगह पर भी किसी भी व्यक्ति का सामान सुरक्षित नहीं है।1