मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय परिवार के घर किया भोजन ==== मुख्यमंत्री थांदला में पहुंचे श्री बसंत सिंह बामनिया के घर जनजातीय बहनों से बंधवाई राखी, बच्चों को दिया स्नेह-दुलार === शहडोल 01 अगस्त 2026_ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव झाबुआ जिले के थांदला में जनजातीय समुदाय के श्री बसंत सिंह बामनिया के घर पहुंचकर उनके परिवार के साथ समय बिताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार के सदस्यों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने जनजातीय बहनों से सावन मास में रक्षाबंधन से पूर्व राखी बंधवाई तथा बच्चों को स्नेह-दुलार देकर उन्हें अपनेपन का एहसास कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज थांदला में आयोजित प्रदेश स्तरीय स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में होंगे शामिल होने के लिए पहुंचे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ प्रभारी मंत्री श्री विजय शाह और श्रीमती निर्मला भूरिया तथा सांसद श्रीमती अनिता नागर सिंह चौहान भी उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने परिवार के बीच बैठकर उनके साथ भोजन ग्रहण किया। गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में किया भोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामान्य जन की तरह गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में भोजन किया। मिट्टी और गारे से बने सादे घर के आंगन में परिवार के बीच बैठकर उन्होंने आत्मीय वातावरण में भोजन ग्रहण किया। परिवार की महिलाओं ने अपने हाथों से पारंपरिक जनजातीय व्यंजन बड़े प्रेम और आत्मीयता के साथ परोसे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से उड़द की दाल-पानिया का स्वाद लिया तथा भोजन की सराहना करते हुए परिवार द्वारा दिये गये प्रेम और सम्मान का आभार जताया। बहनों ने बांधी राखी, मुख्यमंत्री ने दिया स्नेह और सम्मान मुख्यमंत्री डॉ.यादव की कलाई पर जनजातीय समुदाय की बहनों ने राखी बांधकर उनके मंगलमय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को शुभकामनाएं दीं। लाड़ली बहनों और लाड़ली लक्ष्मी बेटियों से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार की लाड़ली बहनों और लाड़ली लक्ष्मी बेटियों से हालचाल जाना तथा उनसे अपनत्व भरी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा हर परिवार की खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार के बच्चों से भी बड़े स्नेहपूर्वक मुलाकात की। बच्चों के साथ सहज बातचीत करते हुए उन्होंने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने नन्हे शिवांश को स्नेहपूर्वक दुलारा। जनजातीय परिवार से किया आत्मीय संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोजन के बाद परिवार के सदस्यों से चर्चा की। उन्होंने जनजातीय समाज की परंपराओं, आजीविका, शिक्षा, बच्चों के भविष्य तथा शासन की योजनाओं से मिलने वाले लाभों के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराएं और जीवन-मूल्य मध्यप्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। राज्य सरकार उनके सर्वांगीण विकास और सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर, फिर भी परंपरा और बुजुर्गों की स्मृतियों से जुड़ा है परिवार श्री बसंत सिंह बामनिया ने बताया कि उन्हें पीएम आवास योजना के अंतर्गत सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त पक्का आवास प्राप्त हो चुका है। परिवार आज भी अपने पुराने गारे-मिट्टी के घर में रहना पसंद करता है। उनका कहना है कि यह घर केवल एक मकान नहीं, बल्कि परिवार की कई पीढ़ियों की यादों, परंपराओं और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। बुजुर्गों की स्मृतियों को संजोए इस घर से उनका विशेष लगाव है। साथ ही, उनका मानना है कि मिट्टी के घर का प्राकृतिक और शुद्ध वातावरण आज भी उन्हें आत्मीय सुकून और अपनापन प्रदान करता है। इसलिए परिवार के साथ यहां भी रहते है। श्री बसंत मप्र शासन की संबल योजना के भी हितग्राही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय परिवार के घर किया भोजन ==== मुख्यमंत्री थांदला में पहुंचे श्री बसंत सिंह बामनिया के घर जनजातीय बहनों से बंधवाई राखी, बच्चों को दिया स्नेह-दुलार === शहडोल 01 अगस्त 2026_ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव झाबुआ जिले के थांदला में जनजातीय समुदाय के श्री बसंत सिंह बामनिया के घर पहुंचकर उनके परिवार के साथ समय बिताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार के सदस्यों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने जनजातीय बहनों से सावन मास में रक्षाबंधन से पूर्व राखी बंधवाई तथा बच्चों को स्नेह-दुलार देकर उन्हें अपनेपन का एहसास कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज थांदला में आयोजित प्रदेश स्तरीय स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में होंगे शामिल होने के लिए पहुंचे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ प्रभारी मंत्री श्री विजय शाह और श्रीमती निर्मला भूरिया तथा सांसद श्रीमती अनिता नागर सिंह चौहान भी उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने परिवार के बीच बैठकर उनके साथ भोजन ग्रहण किया। गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में किया भोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामान्य जन की तरह गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में भोजन किया। मिट्टी और गारे से बने सादे घर के आंगन में परिवार के बीच बैठकर उन्होंने आत्मीय वातावरण में भोजन ग्रहण किया। परिवार की महिलाओं ने अपने हाथों से पारंपरिक जनजातीय व्यंजन बड़े प्रेम और आत्मीयता के साथ परोसे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से उड़द की दाल-पानिया का स्वाद लिया तथा भोजन की सराहना करते हुए परिवार द्वारा दिये गये प्रेम और सम्मान का आभार जताया। बहनों ने बांधी राखी, मुख्यमंत्री ने दिया स्नेह और सम्मान मुख्यमंत्री डॉ.यादव की कलाई पर जनजातीय समुदाय की बहनों ने राखी बांधकर उनके मंगलमय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को शुभकामनाएं दीं। लाड़ली बहनों और लाड़ली लक्ष्मी बेटियों से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार की लाड़ली बहनों और लाड़ली लक्ष्मी बेटियों से हालचाल जाना तथा उनसे अपनत्व भरी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा हर परिवार की खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार के बच्चों से भी बड़े स्नेहपूर्वक मुलाकात की। बच्चों के साथ सहज बातचीत करते हुए उन्होंने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने नन्हे शिवांश को स्नेहपूर्वक दुलारा। जनजातीय परिवार से किया आत्मीय संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोजन के बाद परिवार के सदस्यों से चर्चा की। उन्होंने जनजातीय समाज की परंपराओं, आजीविका, शिक्षा, बच्चों के भविष्य तथा शासन की योजनाओं से मिलने वाले लाभों के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराएं और जीवन-मूल्य मध्यप्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। राज्य सरकार उनके सर्वांगीण विकास और सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर, फिर भी परंपरा और बुजुर्गों की स्मृतियों से जुड़ा है परिवार श्री बसंत सिंह बामनिया ने बताया कि उन्हें पीएम आवास योजना के अंतर्गत सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त पक्का आवास प्राप्त हो चुका है। परिवार आज भी अपने पुराने गारे-मिट्टी के घर में रहना पसंद करता है। उनका कहना है कि यह घर केवल एक मकान नहीं, बल्कि परिवार की कई पीढ़ियों की यादों, परंपराओं और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। बुजुर्गों की स्मृतियों को संजोए इस घर से उनका विशेष लगाव है। साथ ही, उनका मानना है कि मिट्टी के घर का प्राकृतिक और शुद्ध वातावरण आज भी उन्हें आत्मीय सुकून और अपनापन प्रदान करता है। इसलिए परिवार के साथ यहां भी रहते है। श्री बसंत मप्र शासन की संबल योजना के भी हितग्राही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय परिवार के घर किया भोजन ==== मुख्यमंत्री थांदला में पहुंचे श्री बसंत सिंह बामनिया के घर जनजातीय बहनों से बंधवाई राखी, बच्चों को दिया स्नेह-दुलार === शहडोल 01 अगस्त 2026_ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव झाबुआ जिले के थांदला में जनजातीय समुदाय के श्री बसंत सिंह बामनिया के घर पहुंचकर उनके परिवार के साथ समय बिताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार के सदस्यों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने जनजातीय बहनों से सावन मास में रक्षाबंधन से पूर्व राखी बंधवाई तथा बच्चों को स्नेह-दुलार देकर उन्हें अपनेपन का एहसास कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज थांदला में आयोजित प्रदेश स्तरीय स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में होंगे शामिल होने के लिए पहुंचे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ प्रभारी मंत्री श्री विजय शाह और श्रीमती निर्मला भूरिया तथा सांसद श्रीमती अनिता नागर सिंह चौहान भी उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने परिवार के बीच बैठकर उनके साथ भोजन ग्रहण किया। गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में किया भोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामान्य जन की तरह गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में भोजन किया। मिट्टी और गारे से बने सादे घर के आंगन में परिवार के बीच बैठकर उन्होंने आत्मीय वातावरण में भोजन ग्रहण किया। परिवार की महिलाओं ने अपने हाथों से पारंपरिक जनजातीय व्यंजन बड़े प्रेम और आत्मीयता के साथ परोसे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से उड़द की दाल-पानिया का स्वाद लिया तथा भोजन की सराहना करते हुए परिवार द्वारा दिये गये प्रेम और सम्मान का आभार जताया। बहनों ने बांधी राखी, मुख्यमंत्री ने दिया स्नेह और सम्मान मुख्यमंत्री डॉ.यादव की कलाई पर जनजातीय समुदाय की बहनों ने राखी बांधकर उनके मंगलमय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को शुभकामनाएं दीं। लाड़ली बहनों और लाड़ली लक्ष्मी बेटियों से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार की लाड़ली बहनों और लाड़ली लक्ष्मी बेटियों से हालचाल जाना तथा उनसे अपनत्व भरी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा हर परिवार की खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार के बच्चों से भी बड़े स्नेहपूर्वक मुलाकात की। बच्चों के साथ सहज बातचीत करते हुए उन्होंने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने नन्हे शिवांश को स्नेहपूर्वक दुलारा। जनजातीय परिवार से किया आत्मीय संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोजन के बाद परिवार के सदस्यों से चर्चा की। उन्होंने जनजातीय समाज की परंपराओं, आजीविका, शिक्षा, बच्चों के भविष्य तथा शासन की योजनाओं से मिलने वाले लाभों के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराएं और जीवन-मूल्य मध्यप्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। राज्य सरकार उनके सर्वांगीण विकास और सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर, फिर भी परंपरा और बुजुर्गों की स्मृतियों से जुड़ा है परिवार श्री बसंत सिंह बामनिया ने बताया कि उन्हें पीएम आवास योजना के अंतर्गत सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त पक्का आवास प्राप्त हो चुका है। परिवार आज भी अपने पुराने गारे-मिट्टी के घर में रहना पसंद करता है। उनका कहना है कि यह घर केवल एक मकान नहीं, बल्कि परिवार की कई पीढ़ियों की यादों, परंपराओं और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। बुजुर्गों की स्मृतियों को संजोए इस घर से उनका विशेष लगाव है। साथ ही, उनका मानना है कि मिट्टी के घर का प्राकृतिक और शुद्ध वातावरण आज भी उन्हें आत्मीय सुकून और अपनापन प्रदान करता है। इसलिए परिवार के साथ यहां भी रहते है। श्री बसंत मप्र शासन की संबल योजना के भी हितग्राही है। मुख्यमंत्री
डॉ. यादव ने जनजातीय परिवार के घर किया भोजन ==== मुख्यमंत्री थांदला में पहुंचे श्री बसंत सिंह बामनिया के घर जनजातीय बहनों से बंधवाई राखी, बच्चों को दिया स्नेह-दुलार === शहडोल 01 अगस्त 2026_ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव झाबुआ जिले के थांदला में जनजातीय समुदाय के श्री बसंत सिंह बामनिया के घर पहुंचकर उनके परिवार के साथ समय बिताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार के सदस्यों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने जनजातीय बहनों से सावन मास में रक्षाबंधन से पूर्व राखी बंधवाई तथा बच्चों को स्नेह-दुलार देकर उन्हें अपनेपन का एहसास कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज थांदला में आयोजित प्रदेश स्तरीय स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में होंगे शामिल होने के लिए पहुंचे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ प्रभारी मंत्री श्री विजय शाह और श्रीमती निर्मला भूरिया तथा सांसद श्रीमती अनिता नागर सिंह चौहान भी उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने परिवार के बीच बैठकर उनके साथ भोजन ग्रहण किया। गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में किया भोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामान्य जन की तरह गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में भोजन किया। मिट्टी और गारे से बने सादे घर के आंगन में परिवार के बीच बैठकर उन्होंने आत्मीय वातावरण में भोजन ग्रहण किया। परिवार की महिलाओं ने अपने हाथों से पारंपरिक जनजातीय व्यंजन बड़े प्रेम और आत्मीयता के साथ परोसे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से उड़द की दाल-पानिया का स्वाद लिया तथा भोजन की सराहना करते हुए परिवार द्वारा दिये गये प्रेम और सम्मान का आभार जताया। बहनों ने बांधी राखी, मुख्यमंत्री ने दिया स्नेह और सम्मान मुख्यमंत्री डॉ.यादव की कलाई पर जनजातीय समुदाय की बहनों ने राखी बांधकर उनके मंगलमय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को शुभकामनाएं दीं। लाड़ली बहनों और लाड़ली लक्ष्मी बेटियों से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार की लाड़ली बहनों और लाड़ली लक्ष्मी बेटियों से हालचाल जाना तथा उनसे अपनत्व भरी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा हर परिवार की खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार के बच्चों से भी बड़े स्नेहपूर्वक मुलाकात की। बच्चों के साथ सहज बातचीत करते हुए उन्होंने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने नन्हे शिवांश को स्नेहपूर्वक दुलारा। जनजातीय परिवार से किया आत्मीय संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोजन के बाद परिवार के सदस्यों से चर्चा की। उन्होंने जनजातीय समाज की परंपराओं, आजीविका, शिक्षा, बच्चों के भविष्य तथा शासन की योजनाओं से मिलने वाले लाभों के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराएं और जीवन-मूल्य मध्यप्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। राज्य सरकार उनके सर्वांगीण विकास और सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर, फिर भी परंपरा और बुजुर्गों की स्मृतियों से जुड़ा है परिवार श्री बसंत सिंह बामनिया ने बताया कि उन्हें पीएम आवास योजना के अंतर्गत सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त पक्का आवास प्राप्त हो चुका है। परिवार आज भी अपने पुराने गारे-मिट्टी के घर में रहना पसंद करता है। उनका कहना है कि यह घर केवल एक मकान नहीं, बल्कि परिवार की कई पीढ़ियों की यादों, परंपराओं और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। बुजुर्गों की स्मृतियों को संजोए इस घर से उनका विशेष लगाव है। साथ ही, उनका मानना है कि मिट्टी के घर का प्राकृतिक और शुद्ध वातावरण आज भी उन्हें आत्मीय सुकून और अपनापन प्रदान करता है। इसलिए परिवार के साथ यहां भी रहते है। श्री बसंत मप्र शासन की संबल योजना के भी हितग्राही है।
- *रीवा संभाग ब्यरो रिप्पू पाण्डेय लौर थाना क्षेत्र में कोरेक्स मामले का नया वीडियो आया सामने, वायरल वीडियो ने बढ़ाई चर्चा* कुछ दिन पहले लौर थाना क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें पुलिसकर्मी झोरा निवासी दीपक द्विवेदी (पिता: रघुवंश द्विवेदी) को अपने साथ ले जाते दिखाई दे रहे थे। उस वीडियो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हुई थीं। इसी बीच अब एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि ग्रामीणों ने आरोपी को कथित तौर पर कोरेक्स सिरप के साथ पकड़ रखा है। बताया जा रहा है कि पुलिस को लंबे समय से क्षेत्र में अवैध कोरेक्स कारोबार की शिकायतें मिल रही थीं और इन्हीं सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की गई थी। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। पुलिस की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। *रीवा संभाग ब्यरो रिप्पू पाण्डेय लौर थाना क्षेत्र में कोरेक्स मामले का नया वीडियो आया सामने, वायरल वीडियो ने बढ़ाई चर्चा* कुछ दिन पहले लौर थाना क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें पुलिसकर्मी झोरा निवासी दीपक द्विवेदी (पिता: रघुवंश द्विवेदी) को अपने साथ ले जाते दिखाई दे रहे थे। उस वीडियो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हुई थीं। इसी बीच अब एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि ग्रामीणों ने आरोपी को कथित तौर पर कोरेक्स सिरप के साथ पकड़ रखा है। बताया जा रहा है कि पुलिस को लंबे समय से क्षेत्र में अवैध कोरेक्स कारोबार की शिकायतें मिल रही थीं और इन्हीं सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की गई थी। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। पुलिस की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- *शातिर अपराधी को तलाशते हुए पंजाब पुलिस उसके फर्जी पते पर सतना पहुँची।* *शातिर अपराधी को तलाशते हुए पंजाब पुलिस उसके फर्जी पते पर सतना पहुँची।*1
- मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में बड़ी लापरवाही सामने आई है। वेयरहाउस कॉरपोरेशन की लापरवाही की वजह से हजारों क्विंटल धान खराब हो गए। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में बड़ी लापरवाही सामने आई है। वेयरहाउस कॉरपोरेशन की लापरवाही की वजह से हजारों क्विंटल धान खराब हो गए। साथ ही उनमें पौधे उग आए हैं। घटना सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। वेयर हाउस कॉरपोरेशन के अध्यक्ष संजय नगायच हैं। कुछ महीने पहले ही उन्होंने पदभार संभाला है।1
- पेपर लीक की दीमक और भ्रष्ट तंत्र का कड़वा सच. नीट लीक से लूट तक: जब पेपर बिका तो ईमान लुटा, अब इलाज के नाम पर मची महालूट! . पेपर लीक का दंश और सफेद कोट का डाका: चोर दरवाजे से बने डॉक्टरों का अस्पताल में खुला खेल! लीक के आगे खुली लूट: कठोर कानून से आगे बढ़कर अब स्वास्थ्य तंत्र के डाकुओं पर वार जरूरी! विंध्य बलराम न्यूज. राष्ट्रीय स्तर की नीट (NEET) परीक्षा का उद्देश्य देश को योग्य और संवेदनशील डॉक्टर देना है, लेकिन जब परीक्षा का पर्चा ही सरेआम नीलाम होने लगे, तो व्यवस्था की साख पर गहरा बट्टा लग जाता है। लीक होना सरासर गलत है और इस अपराध को गलत ठहराया गया, तभी कठोर कानून, लंबी जेल और भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान सामने आया। लेकिन क्या सिर्फ पर्चा लीक रोकने से लड़ाई खत्म हो जाती है? असली चुनौती तो उस लीक के बाद शुरू होने वाली उस अनदेखी सच्चाई से निपटने की है, जो सीधे आम जनता की जेब और जिंदगी पर डाका डालती है। जब डॉक्टर की डिग्री के पीछे छिपी होती है बेहिसाब लूट लीक के गलियारों से चोर दरवाजे के जरिए जो फर्जी काबिलियत वाले डिग्रीधारी बाहर निकलते हैं, उनका असली खेल अस्पताल की चौखट पर शुरू होता है। ऐसी धांधली से निकले तत्व जब इलाज की कमान संभालते हैं, तो मरीज उनके लिए इंसान नहीं बल्कि महज कमाई का जरिया बन जाता है। गैर-जरूरी टेस्ट, महंगे इलाज का जाल और तीमारदारों की मजबूरी का फायदा उठाना लूट से भी बड़ा गुनाह है। यह व्यवस्था की वह नग्न हकीकत है, जहां पर्चा लीक की लाग-लपेट के आगे सिर्फ और सिर्फ मरीजों का शोषण खड़ा नजर आता है। व्यवस्था के इस काले खेल के खिलाफ जागते रहो का शंखनाद अब समय आ गया है कि समाज और शासन सिर्फ पेपर लीक के मुहाने पर रोना बंद करे और उसके बाद पैदा होने वाले इस भयानक डाके पर भी अपनी आंखें खोले। अगर इस संगठित लूट पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो आने वाली पीढ़ियों का स्वास्थ्य तंत्र से विश्वास पूरी तरह उठ जाएगा। इस दीमक को उखाड़ फेंकने के लिए हर स्तर पर कड़े कदम उठाने होंगे और जनता को भी अपने अधिकारों के प्रति सतर्क रहना होगा। पर्चा लीक से लेकर अस्पतालों की लूट तक, इस पूरे चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए लगातार ‘जागते रहो’ का अलार्म बजाना ही होगा। — उमेश तिवारी, सीधी (म. प्र.)1
- 1 अगस्त 2026 से देशभर में लागू हुए 6 बड़े बदलाव, जानिए आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर कितना पड़ेगा असर। 🎙️ MP NEWS UPDATE FAST | अगस्त 2026 से लागू हुए बड़े बदलाव 1 अगस्त 2026 से भारत में बैंकिंग, रेलवे, टैक्स और एलपीजी समेत कई क्षेत्रों में नए नियम लागू हो गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम लोगों, यात्रियों, कारोबारियों और टैक्सपेयर्स पर पड़ेगा। पहला बड़ा बदलाव – रेलवे तत्काल टिकट बुकिंग भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग व्यवस्था में बदलाव किया है। अब रिजर्वेशन काउंटरों पर टोकन वितरण का समय तत्काल बुकिंग शुरू होने के समय के साथ समन्वित कर दिया गया है, जिससे भीड़ कम करने और प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया है। दूसरा बदलाव – CKYC 2.0 की शुरुआत बैंकिंग और बीमा क्षेत्र में Central KYC 2.0 सिस्टम लागू किया जा रहा है। इसके तहत ग्राहकों को बार-बार केवाईसी दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता कम होगी। किसी भी संस्था द्वारा केवाईसी डेटा एक्सेस करने के लिए ग्राहक की OTP आधारित सहमति अनिवार्य होगी। तीसरा बदलाव – LPG और ATF की कीमतें हर महीने की तरह इस बार भी तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमतों में संशोधन किया है। नई दरों का असर घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के साथ-साथ हवाई यात्रा के किराए पर भी पड़ सकता है। चौथा बदलाव – क्रेडिट कार्ड नियम कई बैंकों ने अपने क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट, फ्यूल सरचार्ज वेवर, डायनेमिक करेंसी कन्वर्जन (DCC) शुल्क और कुछ बैंकिंग सेवा शुल्कों में बदलाव किए हैं। ग्राहकों को अपने बैंक की नई शर्तें अवश्य जांच लेनी चाहिए। पांचवां बदलाव – GST और ई-वे बिल सिस्टम व्यापारियों और कारोबारियों के लिए GST ई-वे बिल और ई-इनवॉइस सिस्टम में नए तकनीकी और अनुपालन संबंधी अपडेट लागू किए गए हैं। इससे जीएसटी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने का लक्ष्य है। छठा बदलाव – ITR की नई समयसीमा वेतनभोगी करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा 31 जुलाई को समाप्त हो चुकी है। इसके बाद विलंब शुल्क लागू हो सकता है। वहीं, जिन करदाताओं पर ऑडिट लागू नहीं होता और जो ITR-3 या ITR-4 भरते हैं, उनके लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। इन नियमों का उद्देश्य बैंकिंग, टैक्स और सार्वजनिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। यदि ये बदलाव आप पर लागू होते हैं, तो संबंधित विभाग या अपने बैंक से नई जानकारी अवश्य प्राप्त करें।1
- मध्य प्रदेश उमरिया के व्यस्त टेलर मार्केट में स्थित एक जनरल स्टोर को निशाना बनाते हुए आग लगाने का प्रयास। घटना के बाद व्यापारियों में दहशत, पुलिस जांच में जुटी। मध्य प्रदेश उमरिया के व्यस्त टेलर मार्केट में स्थित एक जनरल स्टोर को निशाना बनाते हुए आग लगाने का प्रयास। घटना के बाद व्यापारियों में दहशत, पुलिस जांच में जुटी। व्यापारियों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।4
- क्षमा और वात्सल्य से भरा मोदी जी का यह विशाल हृदय ही उन्हें सही मायनों में एक महान राष्ट्रनायक बनाता है🙏🇮🇳 क्षमा और वात्सल्य से भरा मोदी जी का यह विशाल हृदय ही उन्हें सही मायनों में एक महान राष्ट्रनायक बनाता है🙏🇮🇳1
- पड़ोसीअशोक सोनी की दबंगई से परेशान किसान की नहीं हो रही कहीं सुनवाई ।। मैहर ✍️ मामला जिले के बदेरा ग्राम का है ।। जहां पर दबंग अशोक सोनी द्वारा दबंगई की दम पर गरीब चंद्रभान दाहिया को उसके अपने ही खेत की मेड नहीं फोड़ने दिया जा रहा और गरीब का रोपा पूर्णतः डूब कर सड़ रहा है चंद्रभान के बाल बच्चों के पालन पोषण का एक मात्र साधन खेती ही है उसे भी ये दबंग अशोक सोनी जो कही बाहर से आकर यहां पर अतिक्रमण कर अपने पैर फैलाए हुए है और पड़ोसी गरीब को अपनी दबंगई से भयभीत किए हुए है।। इस सोनी को न ग्राम पंचायत और थाना पुलिस कलेक्टर कानून से कोई मतलब नहीं है इतना राशुकदार है ये अशोक सोनी की किसी गरीब के बाल बच्चे भूखों मारने तक से नहीं बच रहा माने इसे भगवान से भी कोई सरोकार नहीं है ।। चंद्रभान द्वारा सोनी के इस बर्बरता पूर्ण काम की सूचना ग्राम सरपंच के साथ साथ थाना बदेरा में भी दिया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई तब जनसुनवाई में जिला कलेक्टर को भी लिखित आवेदन दिया गया और कलेक्टर द्वारा जांच करवाकर समाधान का मौखिक आश्वासन भी दिया गया किन्तु कई दिन बीत चुके है और गरीब अपने ही खेत की मेड़ नहीं खोल पा रहा और उसके धान का रोपा पूरी तरह नष्ट हुआ जा रहा है।। पड़ोसीअशोक सोनी की दबंगई से परेशान किसान की नहीं हो रही कहीं सुनवाई ।। मैहर ✍️ मामला जिले के बदेरा ग्राम का है ।। जहां पर दबंग अशोक सोनी द्वारा दबंगई की दम पर गरीब चंद्रभान दाहिया को उसके अपने ही खेत की मेड नहीं फोड़ने दिया जा रहा और गरीब का रोपा पूर्णतः डूब कर सड़ रहा है चंद्रभान के बाल बच्चों के पालन पोषण का एक मात्र साधन खेती ही है उसे भी ये दबंग अशोक सोनी जो कही बाहर से आकर यहां पर अतिक्रमण कर अपने पैर फैलाए हुए है और पड़ोसी गरीब को अपनी दबंगई से भयभीत किए हुए है।। इस सोनी को न ग्राम पंचायत और थाना पुलिस कलेक्टर कानून से कोई मतलब नहीं है इतना राशुकदार है ये अशोक सोनी की किसी गरीब के बाल बच्चे भूखों मारने तक से नहीं बच रहा माने इसे भगवान से भी कोई सरोकार नहीं है ।। चंद्रभान द्वारा सोनी के इस बर्बरता पूर्ण काम की सूचना ग्राम सरपंच के साथ साथ थाना बदेरा में भी दिया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई तब जनसुनवाई में जिला कलेक्टर को भी लिखित आवेदन दिया गया और कलेक्टर द्वारा जांच करवाकर समाधान का मौखिक आश्वासन भी दिया गया किन्तु कई दिन बीत चुके है और गरीब अपने ही खेत की मेड़ नहीं खोल पा रहा और उसके धान का रोपा पूरी तरह नष्ट हुआ जा रहा है।।1
- कश्मीर में फिर टारगेट किलिंग, आतंकियों ने नाम पूछ कर 2 मजदूरों को गोली से भूना 💥 *बड़ी खबर*💥 *कश्मीर में फिर टारगेट किलिंग, आतंकियों ने नाम पूछ कर 2 मजदूरों को गोली से भूना* जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों ने छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी है। यह कायराना हमला 31 जुलाई 2026 की देर शाम दक्षिण कश्मीर के केलम इलाके में स्थित एक ईंट भट्ठे पर हुआ। मृतकों के नाम दीपक रात्रे (24 वर्ष) और भूपेंद्र (28 वर्ष) हैं, जो छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे।आतंकियों ने पहले मजदूरों की पहचान पूछी और नाम जानने के बाद उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।हमले के तुरंत बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर हमलावर आतंकियों की तलाश शुरू कर दी है।।2