पेपर लीक की दीमक और भ्रष्ट तंत्र का कड़वा सच. नीट लीक से लूट तक: जब पेपर बिका तो ईमान लुटा, अब इलाज के नाम पर मची महालूट! . पेपर लीक का दंश और सफेद कोट का डाका: चोर दरवाजे से बने डॉक्टरों का अस्पताल में खुला खेल! लीक के आगे खुली लूट: कठोर कानून से आगे बढ़कर अब स्वास्थ्य तंत्र के डाकुओं पर वार जरूरी! विंध्य बलराम न्यूज. राष्ट्रीय स्तर की नीट (NEET) परीक्षा का उद्देश्य देश को योग्य और संवेदनशील डॉक्टर देना है, लेकिन जब परीक्षा का पर्चा ही सरेआम नीलाम होने लगे, तो व्यवस्था की साख पर गहरा बट्टा लग जाता है। लीक होना सरासर गलत है और इस अपराध को गलत ठहराया गया, तभी कठोर कानून, लंबी जेल और भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान सामने आया। लेकिन क्या सिर्फ पर्चा लीक रोकने से लड़ाई खत्म हो जाती है? असली चुनौती तो उस लीक के बाद शुरू होने वाली उस अनदेखी सच्चाई से निपटने की है, जो सीधे आम जनता की जेब और जिंदगी पर डाका डालती है। जब डॉक्टर की डिग्री के पीछे छिपी होती है बेहिसाब लूट लीक के गलियारों से चोर दरवाजे के जरिए जो फर्जी काबिलियत वाले डिग्रीधारी बाहर निकलते हैं, उनका असली खेल अस्पताल की चौखट पर शुरू होता है। ऐसी धांधली से निकले तत्व जब इलाज की कमान संभालते हैं, तो मरीज उनके लिए इंसान नहीं बल्कि महज कमाई का जरिया बन जाता है। गैर-जरूरी टेस्ट, महंगे इलाज का जाल और तीमारदारों की मजबूरी का फायदा उठाना लूट से भी बड़ा गुनाह है। यह व्यवस्था की वह नग्न हकीकत है, जहां पर्चा लीक की लाग-लपेट के आगे सिर्फ और सिर्फ मरीजों का शोषण खड़ा नजर आता है। व्यवस्था के इस काले खेल के खिलाफ जागते रहो का शंखनाद अब समय आ गया है कि समाज और शासन सिर्फ पेपर लीक के मुहाने पर रोना बंद करे और उसके बाद पैदा होने वाले इस भयानक डाके पर भी अपनी आंखें खोले। अगर इस संगठित लूट पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो आने वाली पीढ़ियों का स्वास्थ्य तंत्र से विश्वास पूरी तरह उठ जाएगा। इस दीमक को उखाड़ फेंकने के लिए हर स्तर पर कड़े कदम उठाने होंगे और जनता को भी अपने अधिकारों के प्रति सतर्क रहना होगा। पर्चा लीक से लेकर अस्पतालों की लूट तक, इस पूरे चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए लगातार ‘जागते रहो’ का अलार्म बजाना ही होगा। — उमेश तिवारी, सीधी (म. प्र.)
पेपर लीक की दीमक और भ्रष्ट तंत्र का कड़वा सच. नीट लीक से लूट तक: जब पेपर बिका तो ईमान लुटा, अब इलाज के नाम पर मची महालूट! . पेपर लीक का दंश और सफेद कोट का डाका: चोर दरवाजे से बने डॉक्टरों का अस्पताल में खुला खेल! लीक के आगे खुली लूट: कठोर कानून से आगे बढ़कर अब स्वास्थ्य तंत्र के डाकुओं पर वार जरूरी! विंध्य बलराम न्यूज. राष्ट्रीय स्तर की नीट (NEET) परीक्षा का उद्देश्य देश को योग्य और संवेदनशील डॉक्टर देना है, लेकिन जब परीक्षा का पर्चा ही सरेआम नीलाम होने लगे, तो व्यवस्था की साख पर गहरा बट्टा लग जाता है। लीक होना सरासर गलत है और इस अपराध को गलत ठहराया गया, तभी कठोर कानून, लंबी जेल और भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान सामने आया। लेकिन क्या सिर्फ पर्चा लीक रोकने से लड़ाई खत्म हो जाती है? असली चुनौती तो उस लीक के बाद शुरू होने वाली उस अनदेखी सच्चाई से निपटने की है, जो सीधे आम जनता की जेब और जिंदगी पर डाका डालती है। जब डॉक्टर की डिग्री के पीछे छिपी होती है बेहिसाब लूट लीक के गलियारों से चोर दरवाजे के जरिए जो फर्जी काबिलियत वाले डिग्रीधारी बाहर निकलते हैं, उनका असली खेल अस्पताल की चौखट पर शुरू होता है। ऐसी धांधली से निकले तत्व जब इलाज की कमान संभालते हैं, तो मरीज उनके लिए इंसान नहीं बल्कि महज कमाई का जरिया बन जाता है। गैर-जरूरी टेस्ट, महंगे इलाज का जाल और तीमारदारों की मजबूरी का फायदा उठाना लूट से भी बड़ा गुनाह है। यह व्यवस्था की वह नग्न हकीकत है, जहां पर्चा लीक की लाग-लपेट के आगे सिर्फ और सिर्फ मरीजों का शोषण खड़ा नजर आता है। व्यवस्था के इस काले खेल के खिलाफ जागते रहो का शंखनाद अब समय आ गया है कि समाज और शासन सिर्फ पेपर लीक के मुहाने पर रोना बंद करे और उसके बाद पैदा होने वाले इस भयानक डाके पर भी अपनी आंखें खोले। अगर इस संगठित लूट पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो आने वाली पीढ़ियों का स्वास्थ्य तंत्र से विश्वास पूरी तरह उठ जाएगा। इस दीमक को उखाड़ फेंकने के लिए हर स्तर पर कड़े कदम उठाने होंगे और जनता को भी अपने अधिकारों के प्रति सतर्क रहना होगा। पर्चा लीक से लेकर अस्पतालों की लूट तक, इस पूरे चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए लगातार ‘जागते रहो’ का अलार्म बजाना ही होगा। — उमेश तिवारी, सीधी (म. प्र.)
- पेपर लीक की दीमक और भ्रष्ट तंत्र का कड़वा सच. नीट लीक से लूट तक: जब पेपर बिका तो ईमान लुटा, अब इलाज के नाम पर मची महालूट! . पेपर लीक का दंश और सफेद कोट का डाका: चोर दरवाजे से बने डॉक्टरों का अस्पताल में खुला खेल! लीक के आगे खुली लूट: कठोर कानून से आगे बढ़कर अब स्वास्थ्य तंत्र के डाकुओं पर वार जरूरी! विंध्य बलराम न्यूज. राष्ट्रीय स्तर की नीट (NEET) परीक्षा का उद्देश्य देश को योग्य और संवेदनशील डॉक्टर देना है, लेकिन जब परीक्षा का पर्चा ही सरेआम नीलाम होने लगे, तो व्यवस्था की साख पर गहरा बट्टा लग जाता है। लीक होना सरासर गलत है और इस अपराध को गलत ठहराया गया, तभी कठोर कानून, लंबी जेल और भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान सामने आया। लेकिन क्या सिर्फ पर्चा लीक रोकने से लड़ाई खत्म हो जाती है? असली चुनौती तो उस लीक के बाद शुरू होने वाली उस अनदेखी सच्चाई से निपटने की है, जो सीधे आम जनता की जेब और जिंदगी पर डाका डालती है। जब डॉक्टर की डिग्री के पीछे छिपी होती है बेहिसाब लूट लीक के गलियारों से चोर दरवाजे के जरिए जो फर्जी काबिलियत वाले डिग्रीधारी बाहर निकलते हैं, उनका असली खेल अस्पताल की चौखट पर शुरू होता है। ऐसी धांधली से निकले तत्व जब इलाज की कमान संभालते हैं, तो मरीज उनके लिए इंसान नहीं बल्कि महज कमाई का जरिया बन जाता है। गैर-जरूरी टेस्ट, महंगे इलाज का जाल और तीमारदारों की मजबूरी का फायदा उठाना लूट से भी बड़ा गुनाह है। यह व्यवस्था की वह नग्न हकीकत है, जहां पर्चा लीक की लाग-लपेट के आगे सिर्फ और सिर्फ मरीजों का शोषण खड़ा नजर आता है। व्यवस्था के इस काले खेल के खिलाफ जागते रहो का शंखनाद अब समय आ गया है कि समाज और शासन सिर्फ पेपर लीक के मुहाने पर रोना बंद करे और उसके बाद पैदा होने वाले इस भयानक डाके पर भी अपनी आंखें खोले। अगर इस संगठित लूट पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो आने वाली पीढ़ियों का स्वास्थ्य तंत्र से विश्वास पूरी तरह उठ जाएगा। इस दीमक को उखाड़ फेंकने के लिए हर स्तर पर कड़े कदम उठाने होंगे और जनता को भी अपने अधिकारों के प्रति सतर्क रहना होगा। पर्चा लीक से लेकर अस्पतालों की लूट तक, इस पूरे चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए लगातार ‘जागते रहो’ का अलार्म बजाना ही होगा। — उमेश तिवारी, सीधी (म. प्र.)1
- जिला सिंगरौली:मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में आज सियासी पारा अचानक उस समय जिला सिंगरौली:मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में आज सियासी पारा अचानक उस समय गरमा गया, जब जिला कांग्रेस कार्यालय में 'अल्पसंख्यक विभाग' के नए शहर और ग्रामीण अध्यक्षों के चयन को लेकर एक हाई-प्रोफाइल बैठक बुलाई गई। मध्य प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश प्रभारी आबिद कागजी एवं सह प्रभारी लियाकत अली के कड़े निर्देशों पर संगठन को नया चेहरा देने की कवायद शुरू हो चुकी है।👑 दिग्गजों का जमावड़ा, बंद कमरे में चली रायशुमारी की 'महा-जंग'!इस अहम सांगठनिक बैठक को लेने के लिए सिंगरौली के प्रभारी उमर खान जिला सिंगरौली के, सह प्रभारी मो. शकील खान और सह प्रभारी एडवोकेट अफजल अली विशेष रूप से जिला कार्यालय पहुँचे। बैठक में मध्य प्रदेश के सह-प्रभारी रण विजय सिंह 'दिल्ली, जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान, पूर्व विधायक व ग्रामीण जिला अध्यक्ष सरस्वती सिंह, पूर्व महापौर रेनू शाह, और पूर्व ग्रामीण जिला अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र द्विवेदी सहित जिले के तमाम कद्दावर और वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं की मौजूदगी ने बैठक की गंभीरता को और बढ़ा दिया।1
- 16 वर्षीय नाबालिका को बरगवां पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पड़ोसी राज्य से किया दस्तयाब1
- 1 अगस्त 2026 से देशभर में लागू हुए 6 बड़े बदलाव, जानिए आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर कितना पड़ेगा असर। 🎙️ MP NEWS UPDATE FAST | अगस्त 2026 से लागू हुए बड़े बदलाव 1 अगस्त 2026 से भारत में बैंकिंग, रेलवे, टैक्स और एलपीजी समेत कई क्षेत्रों में नए नियम लागू हो गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम लोगों, यात्रियों, कारोबारियों और टैक्सपेयर्स पर पड़ेगा। पहला बड़ा बदलाव – रेलवे तत्काल टिकट बुकिंग भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग व्यवस्था में बदलाव किया है। अब रिजर्वेशन काउंटरों पर टोकन वितरण का समय तत्काल बुकिंग शुरू होने के समय के साथ समन्वित कर दिया गया है, जिससे भीड़ कम करने और प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया है। दूसरा बदलाव – CKYC 2.0 की शुरुआत बैंकिंग और बीमा क्षेत्र में Central KYC 2.0 सिस्टम लागू किया जा रहा है। इसके तहत ग्राहकों को बार-बार केवाईसी दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता कम होगी। किसी भी संस्था द्वारा केवाईसी डेटा एक्सेस करने के लिए ग्राहक की OTP आधारित सहमति अनिवार्य होगी। तीसरा बदलाव – LPG और ATF की कीमतें हर महीने की तरह इस बार भी तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमतों में संशोधन किया है। नई दरों का असर घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के साथ-साथ हवाई यात्रा के किराए पर भी पड़ सकता है। चौथा बदलाव – क्रेडिट कार्ड नियम कई बैंकों ने अपने क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट, फ्यूल सरचार्ज वेवर, डायनेमिक करेंसी कन्वर्जन (DCC) शुल्क और कुछ बैंकिंग सेवा शुल्कों में बदलाव किए हैं। ग्राहकों को अपने बैंक की नई शर्तें अवश्य जांच लेनी चाहिए। पांचवां बदलाव – GST और ई-वे बिल सिस्टम व्यापारियों और कारोबारियों के लिए GST ई-वे बिल और ई-इनवॉइस सिस्टम में नए तकनीकी और अनुपालन संबंधी अपडेट लागू किए गए हैं। इससे जीएसटी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने का लक्ष्य है। छठा बदलाव – ITR की नई समयसीमा वेतनभोगी करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा 31 जुलाई को समाप्त हो चुकी है। इसके बाद विलंब शुल्क लागू हो सकता है। वहीं, जिन करदाताओं पर ऑडिट लागू नहीं होता और जो ITR-3 या ITR-4 भरते हैं, उनके लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। इन नियमों का उद्देश्य बैंकिंग, टैक्स और सार्वजनिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। यदि ये बदलाव आप पर लागू होते हैं, तो संबंधित विभाग या अपने बैंक से नई जानकारी अवश्य प्राप्त करें।1
- अगस्त 2026 की प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें: एलपीजी दामों में राहत: कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (Commercial LPG) की कीमतों में कटौती की गई है, जिससे व्यापारिक क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी। नियमों में बदलाव: आज 1 अगस्त से रेलवे बुकिंग, क्रेडिट कार्ड नियमों और पासपोर्ट फीस (जिसमें 14 साल बाद बढ़ोतरी हुई है) समेत कई नए नियम लागू हो गए हैं। मौसम का हाल: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली, यूपी समेत देश के 19 राज्यों में भारी बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का अलर्ट जारी किया है। खेल: कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रो में सिल्वर और यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है। विदेश/दुनिया: स्पेन के सेउटा सीमा पर प्रवासियों की भारी घुसपैठ के कारण यूरोप में तनाव बढ़ा है, जिसके चलते इटली ने स्पेन के साथ शेंगेन समझौते को फिलहाल निलंबित कर दिया है। 1 August ki. mukhya khabar 20261
- मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में बड़ी लापरवाही सामने आई है। वेयरहाउस कॉरपोरेशन की लापरवाही की वजह से हजारों क्विंटल धान खराब हो गए। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में बड़ी लापरवाही सामने आई है। वेयरहाउस कॉरपोरेशन की लापरवाही की वजह से हजारों क्विंटल धान खराब हो गए। साथ ही उनमें पौधे उग आए हैं। घटना सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। वेयर हाउस कॉरपोरेशन के अध्यक्ष संजय नगायच हैं। कुछ महीने पहले ही उन्होंने पदभार संभाला है।1
- पूर्वी बाईपास पर रफ्तार का कहर, बल्कर की टक्कर से एक की मौत, दूसरा गंभीर सिंगरौली/देवसर राष्ट्रीय राजमार्ग के देवसर पूर्वी बाईपास पर शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे तेज रफ्तार बल्कर की टक्कर से बाइक सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत पुरवा निवासी सुब्बालाल साकेत उर्फ नटवरलाल 45 वर्ष, पिता राजरूप साकेत की हादसे में मौत हो गई। वहीं बाबा साकेत, पिता रामचंद्र साकेत गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवसर भेजा गया है। बताया जा रहा है कि दोनों बाइक से देवसर बाजार से अपने गांव लौट रहे थे, तभी बल्कर वाहन क्रमांक MP 19 HA 5028 ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने पूर्वी बाईपास पर तेज रफ्तार भारी वाहनों पर नियंत्रण की मांग की है।1