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बेगूसराय जिले के मंझौल थाना क्षेत्र में सिवरी पुल के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है।
Focus Bihar News
बेगूसराय जिले के मंझौल थाना क्षेत्र में सिवरी पुल के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है।
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- बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मनीष के निर्देश पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में वाहन जांच अभियान चलाया गया। एसपी मनीष ने सोमवार की देर रात 10 बजे एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस संबंध में जानकारी दी। एसपी ने बताया कि बेगूसराय पुलिस द्वारा यह विशेष वाहन जांच अभियान विभिन्न थाना क्षेत्रों के संवेदनशील स्थानों पर विधि व्यवस्था को सुचारू रखने, अपराध नियंत्रण करने और मद्य निषेध को प्रभावशाली बनाने के उद्देश्य से चलाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- ग्रुप केंद्र मोकामाघाट में आयोजित दीक्षांत परेड समारोह के दौरान सर्वश्रेष्ठ कंटिंजेंट प्लाटून के परिणाम घोषित किए गए। इस आयोजन में प्लाटूनों का मूल्यांकन उत्कृष्ट अनुशासन, शानदार कदमताल और परेड में बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर किया गया। परिणामों के अनुसार, प्लाटून नंबर-7 ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं प्लाटून नंबर-4 दूसरे स्थान पर रही और प्लाटून नंबर-1 को तीसरा स्थान मिला। विजेता प्लाटूनों को अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया, और इस उपलब्धि पर सभी प्रशिक्षु महिला जवानों में काफी उत्साह देखने को मिला।1
- Available for Sale - Livestock Item : गाय Quantity Available : 1 Price : 30000 City / Locality : माहे singhia समस्तीपुर बिहार Farming Sector : Livestock तीसरी बियान की जर्सी गाय2
- बिहार पुलिस पर एक एम्बुलेंस चालक को परेशान करने और उस पर जुर्माना लगाने की कोशिश करने का आरोप लगा है, जबकि एम्बुलेंस में एक मरीज भी मौजूद था। आरोप के अनुसार, पुलिस अपनी गलती के बावजूद एम्बुलेंस चालक को रोककर परेशान कर रही थी और उससे जुर्माना वसूलने का प्रयास कर रही थी। वायरल हुए एक वीडियो में, एम्बुलेंस चालक यह कहते हुए सुना जा सकता है कि गलती पुलिस की है, उसकी नहीं। इस पर पुलिसकर्मी भड़क जाता है और चालक को मारने-पीटने के लिए उसकी ओर दौड़ता है। यह आरोप लगाया गया है कि पुलिस को सिर्फ जुर्माने से मतलब था, भले ही चालक की कोई गलती न हो। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर कब तक आम और गरीब आदमी को इस तरह परेशान किया जाएगा और पुलिस कब सुधरेगी।1
- गंगा दशहरा के पवित्र अवसर पर नदियों में कूड़ा, कचरा, पॉलीथीन और पूजा सामग्री विसर्जित न करने के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक विशेष 'रोको टोको अभियान' कार्यक्रम चलाया गया।1
- राजस्थान के जैसलमेर से News28 India की ग्राउंड रिपोर्ट में 'गौमाता' की दर्दनाक बदहाली उजागर हुई है, जहां कचरे के ढेर पर दर्जनों गायें बेदम होकर अपनी आखिरी सांसें गिन रही हैं। ये तस्वीरें उन सरकारों के गौभक्ति के दावों की धज्जियां उड़ाती हैं, जो सनातन, धर्म और गौवंश के नाम पर सत्ता की कुर्सियों तक पहुंची हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में गायों को केवल 'वोटबैंक' के रूप में इस्तेमाल करती हैं। वीडियो में मीलों तक फैले प्लास्टिक, गंदगी और कूड़े के अंबार के बीच कई गायों के कंकाल नजर आ रहे हैं, जबकि अन्य भूख और बीमारी से तड़प रही हैं। भारत की संस्कृति में पूजनीय मानी जाने वाली ये गायें अब भोजन की तलाश में जहरीला प्लास्टिक और कचरा चबाने को मजबूर हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस त्रासदी की मुख्य वजह सरकारी नीतियां और बड़े कॉर्पोरेट घरानों की भूख है। सदियों से स्थानीय पशुपालकों के मवेशियों के लिए चरागाह रही 'ओरण' (पवित्र देव-भूमि) और 'गोचर' (चरागाह) भूमि को 'हरित ऊर्जा' और 'विकास' के नाम पर गुपचुप तरीके से बड़े उद्योगपतियों और सौर ऊर्जा कंपनियों को सौंप दिया गया है। इन चरागाहों के चारों ओर ऊंची बाड़ लगाए जाने से मवेशियों के लिए प्राकृतिक घास और पानी का मार्ग हमेशा के लिए बंद हो गया, जिसके चलते अपनी पारंपरिक जमीन से खदेड़ी गई गायें अब शहरों के बाहर डंपिंग यार्ड्स में कचरा खाने पर विवश हैं। News28 India ने इस बदहाली पर धर्म रक्षक और गौ रक्षक होने का दावा करने वाले नेताओं से जवाब मांगा है। जब गायों के लिए चरने की जमीन और घास ही छीन ली गई, तो कागजों पर चल रही "गौ संरक्षण" की योजनाएं और बड़े-बड़े नारे निरर्थक साबित हुए हैं। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि सत्ता हासिल करने के लिए सनातन और आस्था को केवल राजनीतिक हथियार बनाया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर संवेदनशीलता दिखाने की बारी आने पर पूरी व्यवस्था ने आंखें मूंद लीं। News28 India ने तीखा सवाल किया है कि आस्था के नाम पर जनता से छल करने वाली व्यवस्था आखिर इन बेजुबानों की मौत का हिसाब कब देगी, और कहा है कि धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों को इस दर्दनाक मंजर को देखकर अब शर्म से डूब मरना चाहिए।1
- पटना के एक होटल में बेगूसराय की एक छात्रा और उसके पिता के साथ हुई कथित घटना के विरोध में शहर में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला है। इस घटना के खिलाफ बेगूसराय के हड़ताली चौक पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व वरिष्ठ पत्रकार अविनाश भट्ट ने किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और "बेटी की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी" जैसे नारे बुलंद करते हुए बेटी को न्याय दिलाने की पुरजोर मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की भी मांग की। आयोजकों ने इस मुद्दे पर लोगों से वीडियो को अंत तक देखने और अपनी राय टिप्पणी में देने का आह्वान किया।1
- बेगूसराय में एसपी मनीष ने अपने कार्यालय कक्ष में जनता दरबार का आयोजन किया, जहाँ उन्होंने कुल 30 फरियादियों की शिकायतें सुनीं। एसपी मनीष ने सोमवार देर रात 10:00 बजे एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस बात की जानकारी दी। उन्होंने एक-एक फरियादी की फरियाद सुनने के बाद संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को मामलों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसपी ने कहा कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से उन्होंने सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के गंभीर मामलों का निरंतर अवलोकन करने का निर्देश भी जारी किया है।1
- ग्रुप केंद्र मोकामाघाट में दीक्षांत समारोह के सफल समापन के उपलक्ष्य में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रंगारंग प्रस्तुतियों ने सभी उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ही, प्रशिक्षु महिला जवानों, अधिकारियों और अतिथियों के लिए 'बड़ा खाना' भी आयोजित किया गया, जहाँ सभी ने एक साथ भोजन कर इस उत्सव का भरपूर आनंद लिया। यह भव्य सांस्कृतिक संध्या रंगारंग कार्यक्रमों के बीच दीक्षांत समारोह के समापन की प्रतीक थी।1