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मिर्ज़ापुर में एक पीड़ित ने अपनी पुश्तैनी दीवार गिराकर जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना के बाद, पीड़ित ने समाधान दिवस के अवसर पर अधिकारियों से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और न्याय दिलाने की मांग की है।
मेट्रो संदेश न्यूज़
मिर्ज़ापुर में एक पीड़ित ने अपनी पुश्तैनी दीवार गिराकर जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना के बाद, पीड़ित ने समाधान दिवस के अवसर पर अधिकारियों से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और न्याय दिलाने की मांग की है।
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- जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से भदोही जनपद की भदोही, ज्ञानपुर और औराई तहसीलों में 20 जून 2026 को "सम्पूर्ण समाधान दिवस" का आयोजन किया गया। इस दौरान भदोही तहसील में जिलाधिकारी शैलेष कुमार, पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी और सीएमओ डॉ संतोष कुमार चक सहित उप जिलाधिकारी अरुण गिरि मौजूद रहे। वहीं, औराई तहसील में अपर जिलाधिकारी न्यायिक विजय नारायण सिंह व उप जिलाधिकारी श्याममणि त्रिपाठी, जबकि ज्ञानपुर तहसील में अपर जिलाधिकारी वि0 रा0 शुभांगी शुक्ला और उप जिलाधिकारी भानसिंह ने उपस्थित रहकर फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनका निस्तारण किया। सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर बाल विकास पुष्टाहार, आयुष्मान गोल्डन कार्ड, परिवार नियोजन, समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धावस्था पेंशन, महिला कल्याण विभाग द्वारा मिशन शक्ति जैसी योजनाओं और राजस्व विभाग हेल्प डेस्क सहित विभिन्न विभागों के जागरूकता कैंप भी लगाए गए। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने ज्ञानपुर तहसील में लगे इन कैंपों का निरीक्षण कर लाभार्थियों को दी जाने वाली योजनाओं व सुविधाओं की जानकारी ली। प्राप्त शिकायतों के आंकड़ों के अनुसार, भदोही तहसील में कुल 78 शिकायतें मिलीं, जिनमें से जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मौके पर ही 05 प्रार्थना पत्रों का निस्तारण किया, जबकि शेष 72 को संबंधित विभागों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए निर्देशित किया गया। ज्ञानपुर तहसील में प्राप्त 27 शिकायतों में से 05 का और औराई तहसील में प्राप्त कुल 41 शिकायतों में से 06 का त्वरित निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने संतोषजनक रिपोर्ट न मिलने पर प्रकरणों को पुनः जांच के लिए वापस भेजने पर चिंता व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि न्यायालय में विचाराधीन मामलों को छोड़कर सभी शिकायतों का निस्तारण आपसी सहमति, निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को एआई टूल्स का उपयोग करके बेहतर ड्राफ्टिंग तैयार करने, एडीओ पंचायत, लेखपालों और संबंधित कर्मचारियों को संवेदनशील बनाकर रिपोर्टिंग की गुणवत्ता सुधारने तथा जांच के दौरान शिकायतकर्ता के साथ मौके पर जाकर जीपीएस आधारित फोटो अनिवार्य रूप से अपलोड करने का निर्देश दिया, ताकि जांच की विश्वसनीयता बनी रहे। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने राजस्व संबंधी मामलों में कानूनगो, लेखपाल और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा एक हफ्ते के भीतर स्थलीय निरीक्षण व सत्यापन कर निस्तारण करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त टीम मौके पर दोनों पक्षों और गवाहों के साक्ष्य लेकर स्पॉट नोट तैयार करे और उस पर हस्ताक्षर कराए। सभी तहसीलदारों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे बार-बार आने वाले विवादों की सूची बनाकर पुलिस के साथ मिलकर उनका निस्तारण सुनिश्चित करें। अधिकारियों ने शेष लंबित शिकायतों के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए।4
- ज्ञानपुर, भदोही के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है, जहाँ 75 वर्षों से शिक्षा का केंद्र रहे काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को अब विश्वविद्यालय का दर्जा मिल गया है। इसके साथ ही संस्थान का नया नाम काशी नरेश विश्वविद्यालय हो गया है। 1951 में स्थापित इस संस्थान ने हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान की है, और अब मुख्य प्रवेश द्वार पर नया नाम अंकित होने के साथ ही महाविद्यालय की 75 वर्षों पुरानी पहचान इतिहास का हिस्सा बन गई है। विश्वविद्यालय बनने के बाद, क्षेत्र के छात्रों को शिक्षा, शोध और नए पाठ्यक्रमों के बेहतर अवसर मिलेंगे। इस ऐतिहासिक घटनाक्रम के साथ, काशी नरेश विश्वविद्यालय के गठन, इसके इतिहास और महत्व से जुड़ी पूरी जानकारी अब और भी महत्वपूर्ण हो गई है।1
- भदोही के ज्ञानपुर के लिए एक ऐतिहासिक पल में, 75 वर्षों से शिक्षा के केंद्र रहे काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को अब विश्वविद्यालय का दर्जा मिल गया है। इसके साथ ही इस प्रतिष्ठित संस्थान को नया नाम 'काशी नरेश विश्वविद्यालय' मिला है। मुख्य प्रवेश द्वार पर भी नए नाम का अंकन कर दिया गया है, जिससे महाविद्यालय की 75 वर्षों पुरानी पहचान अब इतिहास का हिस्सा बन गई है। वर्ष 1951 में स्थापित हुए इस संस्थान ने अब तक हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान की है। अब विश्वविद्यालय बनने के बाद, क्षेत्र के छात्रों को शिक्षा, शोध और नए पाठ्यक्रमों के लिए बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। यह वीडियो काशी नरेश विश्वविद्यालय के गठन, इसके समृद्ध इतिहास और भविष्य में इसके महत्व से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करता है। ऐसी ही ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए चैनल को सब्सक्राइब करने, वीडियो को लाइक और शेयर करने का भी आग्रह किया गया है।1
- वाराणसी के हरहुआ ब्लॉक की पुआरी कला ग्राम पंचायत में पिछले लगभग एक साल से नल की व्यवस्था खराब है, जिसके कारण लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि सफाई कर्मचारी भी पानी के लिए परेशान होते हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस समस्या को न तो सचिन द्वारा ठीक कराया जा रहा है और न ही ग्राम प्रधान इस पर ध्यान दे रहे हैं। इसके साथ ही, ग्राम पंचायत का पंचायत भवन भी खराब हालत में है। एक आम नागरिक होने के नाते, शिकायतकर्ता इस अनदेखी से अत्यंत दुखी है और उसने अधिकारियों से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने तथा लोगों को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने की अपील की है।1
- वाराणसी में किशोर रोटी बैंक के अध्यक्ष आलोक सिंह के साथ Rapido कार सेवा में हुए एक वाकये ने ऑनलाइन कैब सेवाओं की पारदर्शिता और यात्रियों के अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आलोक सिंह अपनी बीमार बेटी को लेकर सुंदरपुर से सामनेघाट जाने के लिए Rapido बुक कर रहे थे, जहाँ ड्राइवर को बेटी की खराब तबीयत के कारण करीब 8 मिनट 12 सेकंड तक इंतजार करना पड़ा, जिसे उन्होंने अपनी गलती मानकर स्वीकार भी किया। यात्रा के दौरान बीमार बच्ची को उल्टी हो गई, जिसके बाद परिजनों का कहना है कि उन्होंने तुरंत गाड़ी साफ कर दी थी। हालांकि, विवाद तब गहराया जब यात्रा समाप्त होने पर ऐप में राइड का किराया ₹154 दिखाया गया, जबकि चालक ने उनसे ₹200 किराया और ₹200 क्लीनिंग चार्ज के नाम पर कुल ₹400 नकद वसूल लिए। इस घटना के बाद आलोक सिंह ने कई सवाल उठाए हैं, जैसे क्या ₹154 की राइड के बदले ₹200 लेना उचित है, क्या उल्टी होने पर ₹200 क्लीनिंग चार्ज Rapido की आधिकारिक नीति है, और क्या अतिरिक्त शुल्क लेने से पहले यात्री को इसकी जानकारी देना जरूरी नहीं है। आलोक सिंह का स्पष्ट कहना है कि यह मामला केवल पैसों का नहीं, बल्कि व्यवहार और पारदर्शिता से जुड़ा है। उन्होंने Rapido से इस पूरे मामले की गहन जांच करने और क्लीनिंग चार्ज संबंधी अपनी नीति को सार्वजनिक करने की मांग की है। यह घटना अब सोशल मीडिया पर भी बहस का विषय बन गई है, जहाँ लोग यह मांग कर रहे हैं कि यदि अतिरिक्त शुल्क की कोई नीति है तो उसे ऐप पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में यात्रियों, विशेषकर बीमार बच्चों के साथ यात्रा कर रहे अभिभावकों को ऐसी अप्रत्याशित स्थिति का सामना न करना पड़े।1
- मिर्ज़ापुर में पुलिस विभाग में फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाणपत्र के आधार पर भर्ती होने का आरोप सामने आया है। इस मामले में कुल 8 सिपाहियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।1
- मिर्जापुर के संगमोहाल क्षेत्र में चल रहे सीसी रोड निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है और घटिया गुणवत्ता की गिट्टी तथा अन्य निर्माण सामग्री का उपयोग हो रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि इस मामले की समय रहते जांच नहीं कराई गई, तो निर्मित सड़क की गुणवत्ता प्रभावित होगी और इसकी उपयोगिता भी कम हो जाएगी। इसे देखते हुए, स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराकर गुणवत्ता सुनिश्चित करने की कड़ी मांग की है। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में गहन चर्चा का माहौल बना हुआ है।1
- री-नीट परीक्षा में शामिल होने वाले सभी छात्रों को शुभकामनाएँ दी गई हैं, उनसे पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने का आग्रह किया गया है। छात्रों को यह भी आश्वासन दिया गया है कि वे हमेशा उनके साथ हैं और उनकी रक्षा करते रहेंगे। इसके साथ ही, सरकार से अपेक्षा की गई है कि इस बार नीट परीक्षा बिना किसी गड़बड़ी के आयोजित की जाए। इस बात पर जोर दिया गया है कि छात्र पहले ही काफी तनाव का सामना कर चुके हैं, और अब किसी भी बच्चे की उम्मीदें नहीं टूटनी चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में एक युवक की कथित तौर पर एक "समुदाय विशेष" के इलाके में भीड़ द्वारा पिटाई किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह घटना बाइक टकराने के विवाद के बाद हुई, जिसके बाद कुछ लोगों ने मिलकर युवक पर हमला कर दिया। पीड़ित युवक की पहचान गोलू यादव के रूप में की गई है। आरोप है कि घटना के बाद पीड़ित गोलू यादव ने पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन दो दिनों तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और वह लगातार कार्रवाई की गुहार लगाता रहा। अब, यह वीडियो सामने आने के बाद पुलिस आरोपित युवकों की तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो करीब दो दिन पुराना है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से किसी आधिकारिक बयान का इंतजार है।1