अम्बिकापुर में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा सरगुजा ने नायब तहसीलदार-कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तुषार मानिक पर महिला के साथ अभद्र व्यवहार, जातिगत गाली-गलौज, अश्लील इशारे एवं धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया, महापौर मंजूषा भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, महिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री फूलेश्वरी सिंह, जिला महामंत्री अरुणा सिंह और महिला मोर्चा ज़िलाध्यक्ष शुभांगी बिहाड़े सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने कलेक्टर सरगुजा एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। महिला मोर्चा द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम कोटछाल, जनपद पंचायत मैनपाट की निवासी श्रीमती सीमा धनकी अपने शासकीय कार्य से उप तहसील राजापुर कार्यालय पहुँची थीं, जहाँ नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने उनके साथ अमर्यादित व्यवहार किया। महिला मोर्चा ने इस घटना को महिला सम्मान और शासकीय गरिमा के विरुद्ध करार देते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि मामले में थाना सीतापुर में एफ.आई.आर. दर्ज होने के बावजूद अब तक न तो एस.टी. एक्ट लगाया गया है और न ही आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, जिससे महिलाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। भाजपा महिला मोर्चा ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी अधिकारी को तत्काल निलंबित कर एस.टी. एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की जाए और अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। महिला मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि इस विषय पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो इसे उच्च स्तर तक उठाया जाएगा।
अम्बिकापुर में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा सरगुजा ने नायब तहसीलदार-कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तुषार मानिक पर महिला के साथ अभद्र व्यवहार, जातिगत गाली-गलौज, अश्लील इशारे एवं धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया, महापौर मंजूषा भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, महिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री फूलेश्वरी सिंह, जिला महामंत्री अरुणा सिंह और महिला मोर्चा ज़िलाध्यक्ष शुभांगी बिहाड़े सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने कलेक्टर सरगुजा एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। महिला मोर्चा द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम कोटछाल, जनपद पंचायत मैनपाट की निवासी श्रीमती सीमा धनकी अपने शासकीय कार्य से उप तहसील राजापुर कार्यालय पहुँची थीं, जहाँ नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने उनके साथ अमर्यादित व्यवहार किया। महिला मोर्चा ने इस घटना को महिला सम्मान और शासकीय गरिमा के विरुद्ध करार देते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि मामले में थाना सीतापुर में एफ.आई.आर. दर्ज होने के बावजूद अब तक न तो एस.टी. एक्ट लगाया गया है और न ही आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, जिससे महिलाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। भाजपा महिला मोर्चा ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी अधिकारी को तत्काल निलंबित कर एस.टी. एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की जाए और अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। महिला मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि इस विषय पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो इसे उच्च स्तर तक उठाया जाएगा।
- सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो ने एक बड़ा बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने अपनी गिरफ्तारी देने की घोषणा की है। विधायक टोप्पो ने स्पष्ट रूप से कहा है कि राजस्व कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वे खुद अपनी गिरफ्तारी देने जा रहे हैं। उन्होंने अपने समर्थकों से भी अपील की है कि वे इस दौरान किसी भी प्रकार का जमावड़ा न लगाएं या घबराएं नहीं। विधायक टोप्पो का यह बयान राजस्व कर्मचारियों के संभावित हड़ताल के संदर्भ में आया है, जिसमें उन्होंने हड़ताल को रोकने के लिए अपनी ओर से यह कदम उठाने का संकेत दिया है।1
- छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल बलरामपुर जिले में इन दिनों अवैध कब्जों का मामला गरमाया हुआ है, जिससे आदिवासी समाज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। ग्राम पंचायत पस्ता और ग्राम बासेन में राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-343 के किनारे शासकीय जमीनों पर कथित रूप से धड़ल्ले से मकान बनाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बाहरी राज्यों से आए लोग यहां निवास कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस गंभीर मामले से अनजान बना हुआ है या अनदेखी कर रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, एनएच-343 के किनारे तेजी से अवैध कब्जों का खेल चल रहा है और स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट कर जमीनों की खरीद-बिक्री भी खुलेआम की जा रही है। इसी क्रम में, बासेन से सटे सियासरई क्षेत्र में शासकीय भूमि पर पहले कुछ आदिवासी परिवार झोपड़ी बनाकर रहते थे, जिन्हें वन विभाग ने हटाया था और इस संबंध में तहसील कार्यालय राजपुर में प्रकरण भी दर्ज हुआ था। आदिवासी परिवारों का आरोप है कि उन्हें हटाने के बाद, झारखंड से आए कुछ दबंग लोगों ने उसी जमीन पर कब्जा कर लिया। जब स्थानीय आदिवासी परिवारों ने इसका विरोध किया तो उन्हें न्याय नहीं मिला। पीड़ितों का यह भी आरोप है कि थाना पस्ता में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि उलटा उन्हीं पर अपराध कायम कर जेल भेज दिया गया। आदिवासी परिवारों ने प्रशासन पर बाहरी लोगों को संरक्षण देने और स्थानीय निवासियों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले से नाराज होकर, आदिवासी परिवारों ने छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष बसंत कुजूर को ज्ञापन सौंपकर सामाजिक हस्तक्षेप और त्वरित कार्रवाई की मांग की है। श्री कुजूर ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे मामले से बलरामपुर कलेक्टर को अवगत कराएंगे और जल्द से जल्द उचित कार्रवाई कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिले के दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं। बसंत कुजूर ने वन विभाग और राजस्व विभाग से गरीब परिवारों के साथ अन्याय बंद करने और बाहरी लोगों को संरक्षण न देने की मांग की है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारी अक्सर केवल उन्हीं लोगों की बातें सुनते हैं, जो लेन-देन करने में सक्षम होते हैं। श्री कुजूर ने चेतावनी दी है कि आदिवासी पर अत्याचार करना बंद करो अन्यथा उग्र आंदोलन होगा।2
- नगर पंचायत चुनाव के मद्देनजर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल का पलारी आगमन हुआ। उनके आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया, जहाँ बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान भूपेश बघेल ने पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर चुनावी तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने नगर पंचायत चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में जनसंपर्क करते हुए मतदाताओं से कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील की। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे। भूपेश बघेल के इस दौरे से पूरे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नगर पंचायत चुनाव को लेकर प्रचार-प्रसार तेज कर दिया गया है, ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री का यह पलारी दौरा कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।1
- सीतापुर में विधायक और तहसीलदार के बीच चल रहे विवाद को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के साथ कथित मारपीट के मामले में इलाके में चर्चा तेज़ है, खासकर इसलिए कि सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो को गिरफ्तारी से पहले ही वापस कर दिया गया। यह घटना जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बढ़ते विवाद की ओर इशारा कर रही है। इस पूरे मामले पर जनता की ओर से कई तीखे प्रश्न पूछे जा रहे हैं। लोग जानना चाहते हैं कि क्या इस विवाद की निष्पक्ष जांच की जाएगी। इसके साथ ही, यह सवाल भी उठ रहा है कि गिरफ्तारी की चर्चा के बाद आखिर कार्रवाई क्यों रुक गई, और क्या इस पर कोई राजनीतिक दबाव था। जनता का साफ कहना है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच मर्यादा और कानून का सम्मान हर हाल में बना रहना चाहिए।2
- ग्राम ब्राह्मणखेड़ा में आयोजित गौतम ट्रॉफी सीजन-2 क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य एवं सफल समापन हुआ, जिसने खेल प्रतिभाओं के सम्मान का एक शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया। इस प्रतियोगिता में ग्राम खजुरी देवड़ा की टीम विजेता बनी, जिसे ट्रॉफी के साथ ₹21,000 का नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर, समाजसेवी विजय सिंह गौतम ने युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि अनुशासन, संघर्ष, धैर्य और भाईचारे की महत्वपूर्ण सीख भी देते हैं। प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क के स्टेट हेड मध्य प्रदेश और प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण कुमार दुबे ने सभी खिलाड़ियों, आयोजन समिति और ग्रामवासियों को इस सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई दी, विशेषकर इसलिए क्योंकि मध्यप्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को मंच देने वाले ऐसे आयोजन युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करते हैं।1
- बस्तर के सुदूर जनजातीय अंचलों में दशकों से निःस्वार्थ भाव से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले डॉ. रामचंद्र गोडबोले एवं डॉ. सुनीता गोडबोले को हाल ही में पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया गया है। इस प्रतिष्ठित सम्मान के बाद रायपुर स्थित उनके निवास पर उनका आत्मीय अभिनंदन किया गया। उनकी जनसेवा, समर्पण और मानवता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को पूरे समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत बताया गया है।1
- जनकपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मुखबिर द्वारा दी गई सूचना पर नशीली दवाएं बेचने वाले एक आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को मौके से ही पकड़ लिया, जब वह प्रतिबंधित दवाओं का कारोबार कर रहा था।1
- बलरामपुर पुलिस ने केंद्रीय पुलिस बलों में भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ के फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनाने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह दूसरे राज्यों के युवाओं को सीआरपीएफ, एसएसबी और सीआईएसएफ जैसी केंद्रीय सुरक्षा बलों में भर्ती कराने के लिए छत्तीसगढ़ के फर्जी निवासी प्रमाण पत्र बनवा रहा था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब तहसीलदार ने 28 अप्रैल 2026 को थाना कोतवाली बलरामपुर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, 204 कोबरा बटालियन सीआरपीएफ में तैनात कांस्टेबल सुमित ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से अपना छत्तीसगढ़ निवासी प्रमाण पत्र बनवाया था। जांच में पता चला कि उसने किसी अन्य व्यक्ति के शैक्षणिक दस्तावेजों में छेड़छाड़ करके ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के ज़रिए आवेदन किया था। इसके बाद पुलिस ने 14 मई 2026 को राजस्थान के धौलपुर निवासी आरोपी सुमित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जांच आगे बढ़ने पर गिरोह के मुख्य आरोपी विवेक सिंह तोमर और उसके सहयोगी आकाश सिंह को रायपुर से हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी विवेक सिंह तोमर ने खुद भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर डोंगरगढ़ से छत्तीसगढ़ का निवासी प्रमाण पत्र बनवाया था। वहीं, सह-आरोपी आकाश सिंह ने अपना नाम बदलकर फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और शैक्षणिक दस्तावेज तैयार करके बलरामपुर तहसील से निवासी प्रमाण पत्र प्राप्त किया था। जांच के दौरान, पुलिस ने ओमप्रकाश चंद्रवंशी को भी गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में बताया कि गिरोह ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर फर्जी सिटीजन आईडी बनाकर दस्तावेजों में हेरफेर करता था और ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र जारी करवाता था। पुलिस ने आरोपी के पास से कंप्यूटर सिस्टम भी जब्त किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह एक फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 3 से 4 लाख रुपये तक वसूलता था, जबकि दस्तावेज तैयार करने वालों को प्रति व्यक्ति 4 से 5 हजार रुपये दिए जाते थे। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि डोंगरगढ़ तहसील कार्यालय से लगभग 20 से 25 फर्जी निवासी प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इन प्रमाण पत्रों का उपयोग कर कई गैर-निवासी युवक केंद्रीय सुरक्षा बलों में या तो भर्ती हो चुके हैं या भर्ती की प्रक्रिया में हैं। अब पुलिस संबंधित केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों से संपर्क कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की तैयारी कर रही है।2