खगड़िया के मोरकाही थाना क्षेत्र के सबलपुर गांव में पुलिस रेड के दौरान नदी में कूदे एक युवक की मौत के मामले में एक नया वीडियो सामने आने के बाद नाटकीय मोड़ आ गया है। इस वायरल वीडियो में पूरी घटना कैद है, जिसमें पुलिस टीम को आरोपी पकड़ने सबलपुर गांव पहुंचते हुए साफ देखा जा सकता है। पुलिस को देखते ही एक युवक भागते हुए नदी की तरफ गया और उसमें छलांग लगा दी। ग्रामीणों द्वारा शोर मचाने पर पुलिस भी नदी किनारे पहुंची, लेकिन तब तक युवक डूब चुका था। यह नया वीडियो इसलिए अहम है क्योंकि इससे पहले परिजन आरोप लगा रहे थे कि युवक की मौत पुलिस की दबिश और डर से हुई है। अब वीडियो से यह स्पष्ट हो रहा है कि पुलिस ने युवक का पीछा ज़रूर किया, लेकिन उसे सीधे तौर पर धक्का नहीं दिया। यह वीडियो थानाध्यक्ष अंतिमा कुमारी के 'पिस्टल लहराने' वाले पहले वायरल वीडियो से भी पहले का है। पुलिस अधीक्षक (SP) ने कहा है कि इस नए वीडियो को जांच में शामिल किया जाएगा, जिससे मौत की असली वजह सामने आएगी और जांच को एक नई दिशा मिलेगी। फिलहाल युवक का शव लेकर परिजन अभी भी मोरकाही थाना का घेराव कर रहे हैं, जिसके चलते इलाके में तनाव बना हुआ है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। थानाध्यक्ष अंतिमा कुमारी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वे आरोपी पकड़ने गए थे और युवक खुद नदी में कूदा। उन्होंने उसे बचाने की कोशिश भी की और पिस्टल भीड़ को काबू करने के लिए निकाली थी, किसी पर तानी नहीं थी। वहीं, ग्रामीणों का सवाल है कि यदि पुलिस रेड नहीं करती तो युवक की जान नहीं जाती और प्रशासन को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। मामले में आगे की कार्रवाई के तहत, एसपी ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। दोनों वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच की जाएगी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। 'जगदूत' के अनुसार, यह मामला अब सिर्फ मौत का नहीं, बल्कि पुलिस की कार्यशैली और भीड़ नियंत्रण के तरीके पर भी सवाल खड़े करता है। कैमरे में कैद यह घटना भले ही सच सामने ला रही हो, लेकिन न्याय के लिए एक निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
खगड़िया के मोरकाही थाना क्षेत्र के सबलपुर गांव में पुलिस रेड के दौरान नदी में कूदे एक युवक की मौत के मामले में एक नया वीडियो सामने आने के बाद नाटकीय मोड़ आ गया है। इस वायरल वीडियो में पूरी घटना कैद है, जिसमें पुलिस टीम को आरोपी पकड़ने सबलपुर गांव पहुंचते हुए साफ देखा जा सकता है। पुलिस को देखते ही एक युवक भागते हुए नदी की तरफ गया और उसमें छलांग लगा दी। ग्रामीणों द्वारा शोर मचाने पर पुलिस भी नदी किनारे पहुंची, लेकिन तब तक युवक डूब चुका था। यह नया वीडियो इसलिए अहम है क्योंकि इससे पहले परिजन आरोप लगा रहे थे कि युवक की मौत पुलिस की दबिश और डर से हुई है। अब वीडियो से यह स्पष्ट हो रहा है कि पुलिस ने युवक का पीछा ज़रूर किया, लेकिन उसे सीधे तौर पर धक्का नहीं दिया। यह वीडियो थानाध्यक्ष अंतिमा कुमारी के 'पिस्टल लहराने' वाले पहले वायरल वीडियो से भी पहले का है। पुलिस अधीक्षक (SP) ने कहा है कि इस नए वीडियो को जांच में शामिल किया जाएगा, जिससे मौत की असली वजह सामने आएगी और जांच को एक नई दिशा मिलेगी। फिलहाल युवक का शव लेकर परिजन अभी भी मोरकाही थाना का घेराव कर रहे हैं, जिसके चलते इलाके में तनाव बना हुआ है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। थानाध्यक्ष अंतिमा कुमारी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वे आरोपी पकड़ने गए थे और युवक खुद नदी में कूदा। उन्होंने उसे बचाने की कोशिश भी की और पिस्टल भीड़ को काबू करने के लिए निकाली थी, किसी पर तानी नहीं थी। वहीं, ग्रामीणों का सवाल है कि यदि पुलिस रेड नहीं करती तो युवक की जान नहीं जाती और प्रशासन को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। मामले में आगे की कार्रवाई के तहत, एसपी ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। दोनों वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच की जाएगी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। 'जगदूत' के अनुसार, यह मामला अब सिर्फ मौत का नहीं, बल्कि पुलिस की कार्यशैली और भीड़ नियंत्रण के तरीके पर भी सवाल खड़े करता है। कैमरे में कैद यह घटना भले ही सच सामने ला रही हो, लेकिन न्याय के लिए एक निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
- खगड़िया के मोरकाही थाना क्षेत्र के सबलपुर गांव में पुलिस रेड के दौरान नदी में कूदे एक युवक की मौत के मामले में एक नया वीडियो सामने आने के बाद नाटकीय मोड़ आ गया है। इस वायरल वीडियो में पूरी घटना कैद है, जिसमें पुलिस टीम को आरोपी पकड़ने सबलपुर गांव पहुंचते हुए साफ देखा जा सकता है। पुलिस को देखते ही एक युवक भागते हुए नदी की तरफ गया और उसमें छलांग लगा दी। ग्रामीणों द्वारा शोर मचाने पर पुलिस भी नदी किनारे पहुंची, लेकिन तब तक युवक डूब चुका था। यह नया वीडियो इसलिए अहम है क्योंकि इससे पहले परिजन आरोप लगा रहे थे कि युवक की मौत पुलिस की दबिश और डर से हुई है। अब वीडियो से यह स्पष्ट हो रहा है कि पुलिस ने युवक का पीछा ज़रूर किया, लेकिन उसे सीधे तौर पर धक्का नहीं दिया। यह वीडियो थानाध्यक्ष अंतिमा कुमारी के 'पिस्टल लहराने' वाले पहले वायरल वीडियो से भी पहले का है। पुलिस अधीक्षक (SP) ने कहा है कि इस नए वीडियो को जांच में शामिल किया जाएगा, जिससे मौत की असली वजह सामने आएगी और जांच को एक नई दिशा मिलेगी। फिलहाल युवक का शव लेकर परिजन अभी भी मोरकाही थाना का घेराव कर रहे हैं, जिसके चलते इलाके में तनाव बना हुआ है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। थानाध्यक्ष अंतिमा कुमारी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वे आरोपी पकड़ने गए थे और युवक खुद नदी में कूदा। उन्होंने उसे बचाने की कोशिश भी की और पिस्टल भीड़ को काबू करने के लिए निकाली थी, किसी पर तानी नहीं थी। वहीं, ग्रामीणों का सवाल है कि यदि पुलिस रेड नहीं करती तो युवक की जान नहीं जाती और प्रशासन को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। मामले में आगे की कार्रवाई के तहत, एसपी ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। दोनों वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच की जाएगी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। 'जगदूत' के अनुसार, यह मामला अब सिर्फ मौत का नहीं, बल्कि पुलिस की कार्यशैली और भीड़ नियंत्रण के तरीके पर भी सवाल खड़े करता है। कैमरे में कैद यह घटना भले ही सच सामने ला रही हो, लेकिन न्याय के लिए एक निष्पक्ष जांच आवश्यक है।1
- मुंगेर के गायत्री शक्तिपीठ पूरब सराय में रविवार को मुख्य ट्रस्टी भूपेंद्र कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन निर्णयों के तहत, हरिद्वार से आने वाले ज्योति कलश का स्वागत कार्यक्रम 5 जून 2026 को गायत्री शक्तिपीठ पूरब सराय, मुंगेर में आयोजित किया जाएगा। गोष्ठी में जनकल्याण हेतु देश पर आए आर्थिक संकट से निपटने के लिए गंगा दशहरा के दिन 24 लाख गायत्री अनुष्ठान करने का भी निर्णय लिया गया। साथ ही, 21 जून 2026, दिन रविवार को योग दिवस मनाने का भी संकल्प लिया गया। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक शनिवार को संध्या 5:30 बजे सभी हिंदू भाईयों से हनुमान चालीसा का पाठ करने का आग्रह किया गया। इस अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ के प्रधान ट्रस्टी भूपेंद्र कुमार गुप्ता, उप ट्रस्टी आनंद कुमार, राकेश चौधरी, संजय सिंह, अरविंद कुमार, सुनीता गुप्ता, आरती कुमारी, गोविंद प्रसाद, कंचन कुमारी, रंभा गुप्ता और योग शिक्षक डॉ. मुकेश कुमार, शंकर वर्मा सहित अन्य परिजन उपस्थित थे।1
- फुलका मुरघट नदी के जीर्णोद्धार कार्य में लाखों रुपये की लूट का गंभीर आरोप सामने आया है। इस मामले में एक संवेदक ने सीधे तौर पर वन विभाग और अंचल अधिकारी पर लाखों की लूट का आरोप मढ़ा है।1
- आज रविवार सुबह मुंगेर जिले में 33 केवी कर्णचौरा फीडर पर मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। यह कार्य पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 02:00 बजे तक चलेगा, जिस दौरान उक्त क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी।1
- गर्मी की छुट्टियों और समर वेकेशन के कारण लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है, जिसके चलते स्लीपर कोच में भी यात्रियों को खड़े होकर सफर करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। शनिवार को जमालपुर रेलवे स्टेशन पर विक्रमशिला एक्सप्रेस में यात्रियों का दबाव इतना अधिक बढ़ गया कि उसके स्लीपर कोच भी जनरल डिब्बे जैसे दिखाई देने लगे। प्लेटफॉर्म संख्या एक पर ट्रेन के पहुंचते ही बड़ी संख्या में यात्रियों ने कोचों में चढ़ने के लिए दौड़ लगा दी, जिससे पहले से ही भरी ट्रेन में स्थिति और गंभीर हो गई। इस दौरान, आरक्षित सीटों के बावजूद सामान्य श्रेणी के यात्री भी बड़ी संख्या में स्लीपर कोचों में घुस गए, जिससे आरक्षित टिकट वाले यात्रियों को अपनी सीट तक पहुँचने में भारी असुविधा हुई। कई कोचों में बैठने तक की जगह नहीं बची थी, और यात्री गलियारों, दरवाजों तथा शौचालयों के पास खड़े होकर यात्रा करते देखे गए। आरक्षित टिकट धारियों ने भीड़ के कारण परेशानी की शिकायत की, जबकि सामान्य यात्रियों का कहना था कि जनरल कोचों में अत्यधिक भीड़ के चलते उन्हें मजबूरी में स्लीपर कोचों में प्रवेश करना पड़ा। रेलवे सूत्रों के अनुसार, समर वेकेशन के दौरान बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस बढ़ती भीड़ को देखते हुए यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से अतिरिक्त कोच लगाने और भीड़ नियंत्रण के लिए बेहतर व्यवस्था करने की मांग की है।1
- खगड़िया जिले के इटहरी पंचायत अंतर्गत हरिपुर के वार्ड नंबर 7 में सड़क की स्थिति अत्यंत खराब है, जहां करीब एक साल से बरसात का पानी जमा रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है और लंबे समय से इसपर पानी जमा होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निवासियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई है, लेकिन अभी तक कोई भी इसे देखने या इस पर कार्रवाई करने वाला नहीं है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है।1
- कनाडिया थाना और गवैया के बीच एक सड़क की खराब स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ सुबह से लेकर लगभग 10 बजे तक बड़ी संख्या में बाइकें गुजरती हैं। हालांकि सड़क की स्थिति पूरी तरह से जर्जर नहीं बताई गई है, लेकिन जिस खास जगह पर यह खराब है, वहां यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। इस खराब सड़क के कारण बाइक सवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, खासकर उन लोगों को जिनकी बाइक की हेडलाइट अच्छी नहीं होती, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। बेलवारा पंचायत के निवासी अखिलेश कुमार ने इस सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है। उन्होंने जोर दिया कि सड़क को तुरंत ठीक किया जाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में जवाबदेह इंजीनियरों पर कार्रवाई करने और उन पर दबाव डालने की भी मांग की है, जो सड़क की मरम्मत की निगरानी के लिए जिम्मेदार हैं।1
- एक वायरल वीडियो में श्रीमद् रामायण के उस महत्वपूर्ण प्रसंग को दर्शाया गया है, जिसमें लक्ष्मण ने माता सीता की रक्षा के लिए लक्ष्मण रेखा खींची थी। यह वीडियो एक 'वायरल पेज' पर साझा किया गया है और वर्तमान में काफी प्रसारित हो रहा है।1