पनामा के सबसे अहम ब्रिज पर बड़ा हादसा, दिल दहला देने वाला वीडियो आया सामने पनामा सिटी में सोमवार को बड़ा हादसा हुआ, जब बाल्बोआ ऑयल टैंक इलाके में आग लगने के बाद फ्यूल टैंकरों में जोरदार धमाका हो गया। इस धमाके की चपेट में ‘ब्रिज ऑफ द अमेरिका’ आ गया और वहां खड़ी कई गाड़ियां जल गईं। - यह पुल बेहद अहम रोड है, जो करीब 1654 मीटर लंबा है और पनामा नहर के पैसिफिक एंट्री पर बना हुआ है। - हादसे में कई लोग घायल हुए हैं, जबकि एक शख्स अभी भी लापता बताया जा रहा है। पनामा के सबसे अहम ब्रिज पर बड़ा हादसा, दिल दहला देने वाला वीडियो आया सामने पनामा सिटी में सोमवार को बड़ा हादसा हुआ, जब बाल्बोआ ऑयल टैंक इलाके में आग लगने के बाद फ्यूल टैंकरों में जोरदार धमाका हो गया। इस धमाके की चपेट में ‘ब्रिज ऑफ द अमेरिका’ आ गया और वहां खड़ी कई गाड़ियां जल गईं। - यह पुल बेहद अहम रोड है, जो करीब 1654 मीटर लंबा है और पनामा नहर के पैसिफिक एंट्री पर बना हुआ है। - हादसे में कई लोग घायल हुए हैं, जबकि एक शख्स अभी भी लापता बताया जा रहा है।
पनामा के सबसे अहम ब्रिज पर बड़ा हादसा, दिल दहला देने वाला वीडियो आया सामने पनामा सिटी में सोमवार को बड़ा हादसा हुआ, जब बाल्बोआ ऑयल टैंक इलाके में आग लगने के बाद फ्यूल टैंकरों में जोरदार धमाका हो गया। इस धमाके की चपेट में ‘ब्रिज ऑफ द अमेरिका’ आ गया और वहां खड़ी कई गाड़ियां जल गईं। - यह पुल बेहद अहम रोड है, जो करीब 1654 मीटर लंबा है और पनामा नहर के पैसिफिक एंट्री पर बना हुआ है। - हादसे में कई लोग घायल हुए हैं, जबकि एक शख्स अभी भी लापता बताया जा रहा है। पनामा के सबसे अहम ब्रिज पर बड़ा हादसा, दिल दहला देने वाला वीडियो आया सामने पनामा सिटी में सोमवार को बड़ा हादसा हुआ, जब बाल्बोआ ऑयल टैंक इलाके में आग लगने के बाद फ्यूल टैंकरों में जोरदार धमाका हो गया। इस धमाके की चपेट में ‘ब्रिज ऑफ द अमेरिका’ आ गया और वहां खड़ी कई गाड़ियां जल गईं। - यह पुल बेहद अहम रोड है, जो करीब 1654 मीटर लंबा है और पनामा नहर के पैसिफिक एंट्री पर बना हुआ है। - हादसे में कई लोग घायल हुए हैं, जबकि एक शख्स अभी भी लापता बताया जा रहा है।
- पटेरा -श्रद्धालुओं को सरल, सुलभ एवं व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता- प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष सोलंकी सौंदर्यकरण किस प्रकार किया जाएगा, इसकी अभी से कल्पना कर ठोस योजना बनाना आवश्यक- विधायक श्री मलैया श्रद्धालुओं की सुविधा, पारदर्शी व्यवस्था और भविष्य की योजनाओं पर प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों ने की विस्तृत चर्चा- कलेक्टर श्री कोचर बांदकपुर स्थित जागेश्वरनाथ लोक के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न1
- बजरंग दल गर्जना1
- लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले वैक्सीन बच्चियों के शरीर में कैंसर से लड़ने की शक्ति बढ़ाती है, एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से का कैंसर है। यह मुख्य रूप से एचपीवी वायरस के संक्रमण की वजह से होता है, बीएमओ डॉ संजीव अग्रवाल कैंसर से बचाने टीकाकरण तेज करने के एसडीएम ने दिए निर्देशः बीना।महिलाओं को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए चलाए जा रहे ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीनेशन अभियान को लेकर बैठक हुई। एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव ने उत्कृष्ट विद्यालय और नगर पालिका परिषद में अधिकारियों के साथ चर्चा की और इस टीके को बच्चियों के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहद जरूरी बताया। *14 से 15 साल की सभी किशोरियों और उनके परिजनों से अपील की* एसडीएम ने कहा कि यह वैक्सीन बच्चियों के शरीर में कैंसर से लड़ने की शक्ति बढ़ाती है। उन्होंने 14 से 15 साल की सभी किशोरियों और उनके परिजनों से अपील की है कि वे आगे आकर यह टीका जरूर लगवाएं। *प्रधानमंत्री के निर्देश पर यह खास अभियान शुरू किया गया है* सीएमओ राहुल कौरव ने बताया कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर यह खास अभियान शुरू किया गया है ताकि भविष्य में कैंसर के खतरों को कम किया जा सके। *ब्लॉक में वैक्सीन का लक्ष्य 1758 है* बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि बीना ब्लॉक में वैक्सीन का लक्ष्य 1758 है, जिसमें अब तक कुल 944 यानी अब तक 53.7 प्रतिशत हुआ है। *क्या है सर्वाइकल कैंसर और एचपीवी?* बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से का कैंसर है। यह मुख्य रूप से एचपीवी वायरस के संक्रमण की वजह से होता है। हालांकि ज्यादातर संक्रमण अपने आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन अगर संक्रमण लंबे समय तक बना रहे, तो यह कैंसर का रूप ले सकता है। *4 हजार का टीका अब बिल्कुल मुफ्त* डॉ. अग्रवाल ने एक बड़ी राहत की बात साझा की कि बाजार में इस एक टीके की कीमत करीब 4 हजार रुपए है, लेकिन सरकारी अभियान के तहत यह 14 से 15 साल की बच्चियों को बिल्कुल मुफ्त लगाया जा रहा है। बीना में अब तक 940 बच्चियां यह टीका लगवा चुकी हैं। *कैसे लगवाएं टीका?* टीकाकरण के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और आधार कार्ड होना जरूरी है।अगर किसी बच्ची के पास आधार कार्ड नहीं है, तो उसे एक सहमति पत्र भरना होगा। यह टीका किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) के जोखिम से पूरी तरह सुरक्षित रखने में मददगार है। इस बैठक में नायब तहसीलदार हेमराज मेहर, बीईओ नीतेश दुबे और बीआरसी महेंद्र जाट समेत कई शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने इस अभियान को घर-घर पहुंचाने का संकल्प लिया।1
- खुरई डोहेला महोत्सव मे युवाओं ने जमकर मचाया हुडदंग कुर्सियां तोड़ी, मूक दर्शक बना रहा प्रशासन, कहीं आयोजकों के खिलाफ कोई साजिश तो नहीं रच रहा प्रशासन और विरोधी देखें Video1
- आज के दौर में सुशासन के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी हो गई है कि "अपराधी मस्त हैं और प्रशासन कमीशन खाने में व्यस्त है।" आम आदमी न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है, जबकि भ्रष्ट तंत्र की मिलीभगत से अपराधियों के हौसले सातवें आसमान पर हैं। अपराधियों में कानून का खौफ खत्म शहर के मुख्य चौराहों से लेकर गलियों तक, बेखौफ घूमते बदमाश इस बात का सबूत हैं कि उन्हें पुलिस का कोई डर नहीं है। चोरी, लूट और सरेआम गुंडागर्दी अब आम बात हो गई है। हाल ही में हुई कई वारदातों में पुलिस की सुस्ती ने जनता के मन में असुरक्षा का भाव पैदा कर दिया है। जब रक्षक ही सुस्त पड़ जाएं, तो भक्षक का राज होना लाजमी है। फाइलों में कैद "कमीशन" का खेल सूत्रों की मानें तो प्रशासनिक अधिकारी जनहित के कार्यों से ज्यादा उन योजनाओं में दिलचस्पी ले रहे हैं, जहाँ 'मोटा कमीशन' मिलने की गुंजाइश है। विकास कार्य की फाइलें तब तक आगे नहीं बढ़तीं, जब तक कि मेज के नीचे से 'लेन-देन' का हिसाब बराबर न हो जाए। "साहब को जनता की समस्या सुनने का वक्त नहीं है, लेकिन ठेकेदारों के साथ बंद कमरों में मीटिंग घंटों चलती है।" — एक परेशान नागरिक जनता की आवाज़: आखिर कब जागेगा प्रशासन? आम जनता का कहना है कि टैक्स भरने के बावजूद उन्हें न तो सुरक्षा मिल रही है और न ही ईमानदारी से काम। सड़कों की बदहाली हो या बढ़ते अपराध, प्रशासन की 'चुप्पी' और 'कमीशनखोरी' ने व्यवस्था को खोखला कर दिया है। मुख्य बिंदु: अपराध दर में भारी उछाल: बदमाशों को पकड़ने के बजाय कागजी कार्रवाई में उलझी पुलिस। भ्रष्टाचार का बोलबाला: बिना 'सुविधा शुल्क' के सरकारी दफ्तरों में काम होना नामुमकिन। प्रशासनिक लापरवाही: जनता की शिकायतों पर सुनवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन। निष्कर्ष: यदि समय रहते प्रशासन अपनी प्राथमिकताएं नहीं बदलता और कमीशन के मोह को छोड़कर अपराधियों पर नकेल नहीं कसता, तो वह दिन दूर नहीं जब व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी।1
- गोटेगांव में खूनी संघर्ष दो घायल1
- सोशल मीडिया पर लड़ाकू विमान का वीडियो वायरल हुआ पटेरा से अमर सेन रिपोर्ट पटेरा से जुड़े ग्रामीण अंचलों में देखा गया लड़ाकू विमान जो की कुतूहल का विषय बना लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया साथ ही इसकी आवाज से लोगों में दहशत नजर आए कई तरह के लोग प्रयास लगाए जा रहे वर्तमान में चल रहे युद्ध को लेकर ग्रामीण जनों में संदेह भी नजर आया!1
- Post by RAJESH BABELE2
- जबलपुर। संस्कारधानी के धनवंतरी नगर चौक पर इन दिनों नियम-कायदों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय निवासियों और राहगीरों का आरोप है कि यहाँ शराब दुकान के ठेकेदार की मर्जी से 24 घंटे शराब की उपलब्धता बनी हुई है। आलम यह है कि दुकान बंद होने के समय के बाद भी खिड़कियों और पीछे के रास्तों से अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। प्रमुख बिंदु: जो व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं समय की कोई पाबंदी नहीं: सरकार द्वारा निर्धारित समय सीमा के बाद भी धनवंतरी नगर चौक पर शराब आसानी से मिल रही है। ऐसा लगता है जैसे यहाँ सरकारी नियम नहीं, बल्कि ठेकेदार का अपना कानून चलता है। आबकारी विभाग की चुप्पी: स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद आबकारी विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जनता के बीच यह चर्चा आम है कि इस अवैध कारोबार को विभाग का मौन संरक्षण प्राप्त है। असुरक्षित माहौल: 24 घंटे शराब की उपलब्धता के कारण चौक के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे राहगीरों और विशेषकर महिलाओं का वहां से निकलना दूभर हो गया है। जनता का आक्रोश क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस "24 घंटे वाली सेवा" पर लगाम नहीं कसी, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि धनवंतरी नगर चौक की इस अवैध गतिविधि की जांच कराई जाए और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। "ऐसा लगता है जैसे आबकारी विभाग ने ठेकेदार को खुली छूट दे रखी है। रात के सन्नाटे में भी यहाँ शराब का बाजार गर्म रहता है।" — एक स्थानीय निवासी प्रशासन से सवाल: क्या धनवंतरी नगर चौक पर आबकारी नियमों का पालन हो रहा है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से यह अवैध खेल चल रहा है? जनता की सुरक्षा और शांति के लिए पुलिस प्रशासन यहाँ गश्त क्यों नहीं बढ़ाता?1