उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे के एक हिस्से के क्षतिग्रस्त होने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में एक युवक सड़क से उखड़े हुए टुकड़ों को अपने हाथ में उठाकर दिखाता हुआ नज़र आ रहा है, जिसके बाद एक्सप्रेसवे के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों और कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं और गुणवत्ता संबंधी खामियों के आरोप लगाए हैं। हालाँकि, संबंधित विभाग ने वीडियो की सत्यता, स्थान और सड़क को हुए नुकसान के कारणों की जाँच किए जाने की बात कही है। यह उल्लेखनीय है कि गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की एक महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी आधारभूत संरचना परियोजना है, और ऐसे में सड़क की गुणवत्ता को लेकर सामने आए इस वीडियो ने लोगों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों का कहना है कि जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि सड़क को नुकसान किन कारणों से हुआ और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। फिलहाल, वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, और अधिकारी विस्तृत रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे के एक हिस्से के क्षतिग्रस्त होने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में एक युवक सड़क से उखड़े हुए टुकड़ों को अपने हाथ में उठाकर दिखाता हुआ नज़र आ रहा है, जिसके बाद एक्सप्रेसवे के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों और कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं और गुणवत्ता संबंधी खामियों के आरोप लगाए हैं। हालाँकि, संबंधित विभाग ने वीडियो की सत्यता, स्थान और सड़क को हुए नुकसान के कारणों की जाँच किए जाने की बात कही है। यह उल्लेखनीय है कि गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की एक महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी आधारभूत संरचना परियोजना है, और ऐसे में सड़क की गुणवत्ता को लेकर सामने आए इस वीडियो ने लोगों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों का कहना है कि जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि सड़क को नुकसान किन कारणों से हुआ और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। फिलहाल, वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, और अधिकारी विस्तृत रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं।
- उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे के एक हिस्से के क्षतिग्रस्त होने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में एक युवक सड़क से उखड़े हुए टुकड़ों को अपने हाथ में उठाकर दिखाता हुआ नज़र आ रहा है, जिसके बाद एक्सप्रेसवे के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों और कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं और गुणवत्ता संबंधी खामियों के आरोप लगाए हैं। हालाँकि, संबंधित विभाग ने वीडियो की सत्यता, स्थान और सड़क को हुए नुकसान के कारणों की जाँच किए जाने की बात कही है। यह उल्लेखनीय है कि गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की एक महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी आधारभूत संरचना परियोजना है, और ऐसे में सड़क की गुणवत्ता को लेकर सामने आए इस वीडियो ने लोगों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों का कहना है कि जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि सड़क को नुकसान किन कारणों से हुआ और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। फिलहाल, वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, और अधिकारी विस्तृत रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं।1
- पल्लव चैरिटेबल वेलफेयर सोसाइटी और भव्य FILMS प्रोडक्शन के संयुक्त तत्वावधान में राजधानी लखनऊ में आगामी 31 मई 2026 (रविवार) को एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिष्ठित होटल द लिली विलास में होने वाले इस समारोह में “इंडिया एक्सीलेंस अवार्ड्स 2026 (सीज़न-4)” और एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली कुल 151 विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में बॉलीवुड और भोजपुरी फिल्म जगत के कलाकारों, समाजसेवियों, पत्रकारों, शिक्षकों, चिकित्सकों और व्यापारियों सहित अन्य क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चौहान इस कार्यक्रम का विशेष आकर्षण होंगी, जो “भाभी जी घर पर हैं” और “हप्पू की उलटन-फुल्टन” में अपने काम के लिए प्रसिद्ध हैं। उनकी उपस्थिति के साथ-साथ बॉलीवुड और भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई अन्य कलाकारों का जमावड़ा भी इस कार्यक्रम को और अधिक भव्य बनाएगा।1
- लखनऊ जिले के मोहनलालगंज के अंतर्गत ग्राम पंचायत सरथुवा में विशुन प्रसाद के घर से राजू जन सेवा केंद्र के आगे तक का रास्ता अत्यंत खराब स्थिति में है। इस बदहाल सड़क के कारण ग्रामीण वासियों और स्कूली बच्चों को आवागमन में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जल भराव की समस्या सबसे अधिक है, जिससे विभिन्न प्रकार की जहरीली बीमारियां होने और फैलने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान और सचिव द्वारा सड़क निर्माण के कार्य में टालमटोल की जा रही है। वे बजट का हवाला देते हुए, कार्य योजना के अंतर्गत न आने का झांसा देते हुए, और अपने कार्यकाल समाप्त होने का बहाना बनाकर सड़क बनवाने से आनाकानी कर रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए, ग्राम पंचायत से ग्रामीण सड़क के निर्माण, मरम्मत और नवीनीकरण करवाने का अनुरोध किया गया है।4
- आजाद समाज पार्टी (काशीराम) द्वारा 04 जून को 'व्यवस्था परिवर्तन दिवस' के अवसर पर प्रदेशव्यापी 'सत्ता परिवर्तन यात्रा' का शुभारंभ किया जाएगा। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में शुरू होने वाली यह यात्रा उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेगी। इसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकारों, शिक्षा, रोजगार और बहुजन समाज से जुड़े मुद्दों को जन-जन तक पहुँचाना है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार चित्तौड़ ने बताया कि 04 जून का दिन बहुजन समाज के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन आजाद समाज पार्टी (काशीराम) ने नगीना लोकसभा सीट पर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर सामाजिक परिवर्तन और संवैधानिक मूल्यों की लड़ाई को नई दिशा दी थी। इस ऐतिहासिक जनादेश की स्मृति में अब हर साल 04 जून को 'व्यवस्था परिवर्तन दिवस' के रूप में मनाया जाएगा। 'बहुजन संकल्प, आजाद ही विकल्प' और 'सत्ता परिवर्तन अगली बार, बहुजन होगा हुक्मरान' जैसे संदेशों के साथ निकाली जा रही यह यात्रा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संविधान बचाने, सामाजिक न्याय स्थापित करने और दलित, पिछड़े, आदिवासी, मुस्लिम, किसान, मजदूर, युवा, महिला एवं वंचित वर्गों की आवाज़ को बुलंद करने का एक व्यापक जनआंदोलन है। यात्रा के दौरान पार्टी ने कई प्रमुख जनमुद्दों को उठाने की घोषणा की है। इनमें लखनऊ स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं अस्थि कलश स्थल की यथावत सुरक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक को संगठित अपराध घोषित करने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, युवाओं के लिए रोजगार, किसानों की समस्याओं का समाधान, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, महंगाई पर नियंत्रण और शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने जैसे विषय भी प्रमुखता से उठाए जाएंगे। 'सत्ता परिवर्तन यात्रा' के प्रमुख संकल्पों में कक्षा 1 से 12 तक निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रदेश के प्रत्येक परिवार को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण, अति पिछड़ी जातियों को अतिरिक्त आरक्षण, युवाओं को रोजगार, किसानों की फसलों की सुरक्षा, महिला सुरक्षा एवं सम्मान, भ्रष्टाचार पर अंकुश तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे भी शामिल हैं। पार्टी का कहना है कि यह यात्रा गांव-गांव, कस्बों और शहरों में जनसभाओं, संवाद कार्यक्रमों और पदयात्राओं के माध्यम से पहुंचेगी, जिसका लक्ष्य जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। पार्टी नेतृत्व ने विश्वास व्यक्त किया है कि यह अभियान सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकारों और बहुजन समाज के मुद्दों को नई मजबूती प्रदान करेगा, साथ ही 'नौकरी दो, या कुर्सी छोड़ो', 'युवा मांगे रोजगार, नहीं चाहिए भ्रष्टाचार', और 'संविधान बचाओ, सामाजिक न्याय दिलाओ' जैसे नारे भी प्रमुखता से बुलंद किए जाएंगे।1
- फिरोजाबाद में एकतरफा प्यार के चलते एक रिश्तेदार ने एक मासूम को आठ बार ज़मीन पर पटका। आरोपी इस बात से नाराज़ था कि उसका प्रेम प्रस्ताव ठुकरा दिया गया था। घटना के बाद, पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए आरोपी के पैर में गोली मारकर उसे पकड़ लिया।1