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यह माँग उठाई गई है कि गाय को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए।
शालिम खान
यह माँग उठाई गई है कि गाय को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए।
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- दौसा जिले के भांवता गांव में एक सोते हुए व्यक्ति के पैर काटे जाने की भयावह घटना सामने आई है। इस वारदात के बाद पूरे दौसा में हड़कंप मच गया है। घटना के विरोध में स्थानीय ग्रामीण लोग धरने पर बैठ गए हैं।1
- गंगापुर सिटी स्थित माई इंदरगढ़ दरबार में एक भव्य जागरण और चुनरी महोत्सव का आयोजन किया गया, जिससे पूरा मंदिर परिसर देवी-देवताओं के जयकारों से गूंज उठा। इस भक्तिपूर्ण वातावरण में आयोजित भगवती जागरण में उपस्थित सभी श्रोतागण झूमते हुए नजर आए। महोत्सव के समापन पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ सभी श्रद्धालुओं को श्रद्धापूर्वक प्रसादी का वितरण किया गया।1
- श्री जी महाराज मंदिर में एक भव्य लक्की मेला आयोजित किया गया, जिसमें दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और अपनी मनोकामनाएं मांगीं। इस अवसर पर मंदिर में भक्ति का माहौल छाया रहा, जहाँ भक्तजन 'जय जयकार' के नारे लगाते हुए नजर आए। इस मौके पर, श्री श्री 1008 श्री रामदयाल दास महाराज ने मंदिर को फूल बंगलों से आकर्षक झांकियों से सजाया। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आरती के बाद सभी उपस्थित भक्तों को प्रसाद वितरित किया। इसी दौरान, मीडिया कर्मी योगेश कुमार गुप्ता का माला व शॉल ओढ़ाकर स्वागत-सम्मान भी किया गया। मेले में आए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बस्सी पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्था की गई, साथ ही यातायात को भी सुचारु रूप से संचालित किया गया। इसके अतिरिक्त, कई समाजसेवी कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए शरबत, शिकंजी, फल और पानी आदि की व्यवस्था करके सेवा प्रदान की।4
- गंगापुर शहर में भारी अतिक्रमण की स्थिति देखने को मिलेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर में बहुत अधिक अतिक्रमण होगा।1
- माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करते हुए राजस्थान सरकार द्वारा पाँचना बाँध की नहरों में पानी न छोड़ा जाना किसानों के साथ घोर अन्याय है। इसी गंभीर मुद्दे को लेकर दिनांक 5 जून 2026 को एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। यह निर्णय उपनेता प्रतिपक्ष राजस्थान विधानसभा और गंगापुर सिटी विधायक रामकेश मीना के नेतृत्व में सर्व समाज के पंच-पटेलों, किसानों और प्रबुद्धजनों द्वारा लिया गया है। महापंचायत का मुख्य उद्देश्य पाँचना बाँध से नहरों में पानी खुलवाना है। यह आयोजन गाँव खंण्डीप के बड़ा बाग स्थित पीर बाबा की पावन भूमि पर सुबह 11 बजे से होगा। सभी किसान भाइयों से अपील की गई है कि वे अपने अधिकारों की आवाज़ बुलंद करने के लिए इस महापंचायत में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचें।1
- सपोटरा में रविवार को डूंगरी बांध परियोजना को रद्द करने की मांग को लेकर कुशालसिंह बाबा देवस्थान पर किशोर सिंह अडूदा की अध्यक्षता में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। करौली और सवाईमाधोपुर जिले के प्रभावित 76 गांवों से आए हजारों किसानों, युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर बांध का विरोध किया और इस आंदोलन को अंतिम निर्णय तक जारी रखने का संकल्प लिया। महापंचायत में वक्ताओं ने साफ किया कि प्रस्तावित परियोजना से हजारों परिवारों के विस्थापन का संकट खड़ा हो जाएगा, जो किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है; यह 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान है। पूर्व अधीक्षण अभियंता आशाराम मीणा ने आरोप लगाया कि डूंगरी बांध परियोजना से जुड़े सभी तकनीकी, सामाजिक और पर्यावरणीय तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया गया है, और 32 बिंदुओं पर मांगी गई जानकारी का भी जवाब नहीं मिला है। उन्होंने अजनोटी स्थित मीणा हाईकोर्ट मैदान में 21 जनवरी 2026 को हुए ट्रैक्टर मार्च को प्रशासन की सहमति से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न बताया, लेकिन इसके बावजूद थाना सूरवाल में एफआईआर संख्या 0017/2026 और 0018/2026 दर्ज कर आंदोलनकारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई। हेमराज दीवाकर ने केंद्र सरकार पर किसानों और ग्रामीणों की आवाज को अनसुना करने का आरोप लगाया और बनास नदी पर बांध बनाने के बजाय वैकल्पिक जल प्रबंधन योजनाओं पर विचार करने को कहा। विशाल खूबपुरा ने डूंगरी बांध और टाइगर रिजर्व जैसी योजनाओं के नाम पर लोगों को उनके गांवों और जमीनों से बेदखल करने की कोशिश का विरोध करते हुए आंदोलन को गैर-राजनीतिक रखते हुए जन-एकता बनाए रखने का आह्वान किया। मुकेश भू-प्रेमी ने आंदोलन को पूरी तरह गांधीवादी बताया, जबकि प्रहलाद दीवानपुरा ने इसे केवल जमीन का नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन को बचाने का संघर्ष बताया। लोकेंद्र सिंह भरतपुर ने विकास के नाम पर ग्रामीणों के प्राकृतिक संसाधनों को छीनने का विरोध करते हुए कहा कि विकास जनता की इच्छा और आवश्यकता के अनुरूप होना चाहिए। पूर्व आईएएस पी.आर. मीणा ने डूंगरी बांध संघर्ष समिति के पुनर्गठन का सुझाव देते हुए आंदोलन को और मजबूत बनाने की बात कही, और सभी गांवों से अंतिम निर्णय तक संगठित रहने का आग्रह किया। मौलाना अफसाद खान ने कहा कि मुस्लिम समुदाय भी इस संघर्ष में प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़ा है, क्योंकि यह किसी धर्म या जाति का नहीं, बल्कि क्षेत्र के अस्तित्व और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है। महापंचायत के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी पंकज बडगूजर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में डूंगरी बांध परियोजना को निरस्त करने तथा अजनोटी प्रकरण में दर्ज मुकदमों को वापस लेने की प्रमुख मांगें शामिल थीं। इस दौरान तहसीलदार दिलीप कुमार अग्रवाल, पुलिस उपाधीक्षक सुनील कुमार, थाना प्रभारी अबजीत कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।2
- रामेश्वर मीणा को जयपुर देहात दक्षिण ST मोर्चा का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस महत्वपूर्ण पद पर उनकी नियुक्ति के उपलक्ष्य में उनका सम्मान किया गया।1
- क्रांतिकारी टैक्सी यूनियन जयपुर ने सभी टैक्सी, कैब, ऑटो और कमर्शियल वाहन चालकों से आगामी 3 जून को जयपुर के कलेक्ट्रेट सर्किल पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की बड़ी अपील की है। यह आह्वान ड्राइवरों की लगातार बढ़ती समस्याओं, महंगे पेट्रोल-डीजल की कीमतों, कम किराए, प्लेटफॉर्म शुल्क और बढ़ते खर्चों जैसे विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए किया गया है। यूनियन ने जोर दिया है कि जब तक ड्राइवर एकजुट नहीं होंगे, तब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं है। सभी ड्राइवरों से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी आवाज बुलंद करने और अपने अधिकारों के लिए समय पर पहुंचकर इस अभियान को सफल बनाएं। इसके साथ ही, सभी ड्राइवर भाइयों से इस संदेश को ज्यादा से ज्यादा साझा करने और अपने साथियों तक पहुंचाने का निवेदन किया गया है।1
- सवाई माधोपुर जिले के बौंली थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें तेज रफ्तार यात्री बस आगे चल रहे ट्रोले से जा टकराई। इस भीषण टक्कर में बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस में सवार 18 से अधिक यात्री घायल हो गए। यह हादसा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के चैनल नंबर 257 पर हुआ, जहां टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही बौंली थाना पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। बौंली थाना अधिकारी जितेंद्र सिंह सोलंकी और एएसआई रोहिताश सिंह पुलिस जाब्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और तुरंत राहत-बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बस से बाहर निकालकर एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बौंली पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटवाकर यातायात व्यवस्था बहाल कराई। मृतक चालक के शव को बौंली अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है और उसके परिजनों को भी सूचना दे दी गई है। पुलिस अब इस हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है।4