आम नागरिकों को सस्ती, सुलभ एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी गया द्वारा अधीक्षण अभियंता विधुत बिभाग ब अन्य अधिकारियो के साथ समीक्षा बैठक की गई l गया, 22 अप्रैल 2026, आम नागरिकों को सस्ती, सुलभ एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सोलर अधिष्ठापन में तेजी लाने हेतु जिला पदाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर द्वारा अधीक्षण अभियंता बिजली विभाग के सभा कक्ष में विद्युत विभाग एवं बैंकों के वरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर प्रणाली के प्रति जागरूक करना एवं उन्हें योजना से जोड़ना था। बैठक में विशेषज्ञों एवं तकनीकी टीम द्वारा सोलर पैनल की स्थापना, कार्यप्रणाली, रख-रखाव, लागत, अनुदान (सब्सिडी) तथा इससे होने वाले आर्थिक लाभ की विस्तृत जानकारी दी गई। विद्युत अधीक्षण अभियंता गया ने बताया कि इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छत पर सोलर पैनल स्थापित करने पर सरकार द्वारा अनुदान प्रदान किया जाता है, जिससे बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आती है। यह योजना उपभोक्ताओं के आर्थिक बोझ को कम करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत 1 किलोवाट पर 30,000 रुपये, 2 किलोवाट पर 60,000 रुपये तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर 78,000 रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, सोलर संयंत्र स्थापना हेतु बैंकों के माध्यम से लगभग 7 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर 2 लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में अब तक 843 उपभोक्ताओं के छत पर सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। अधीक्षण अभियंता द्वारा आश्वस्त किया गया कि आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत निर्धारित समयावधि में सोलर पैनल का अधिष्ठापन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, करारनामा अवधि के अंतर्गत 7 वर्षों तक निःशुल्क मरम्मत एवं रख-रखाव की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। जिलाधिकारी गया ने कहा कि इस योजना को जन जन तक पहुंचाई जाय तथा अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं को विशेष रूप से सोलर अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल बिजली बिल में कमी लाती है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उपभोक्ता अपनी बिजली खपत के अनुसार सोलर पैनल की क्षमता का चयन कर सकते हैं। 150 यूनिट तक की खपत के लिए 1 किलोवाट, 300 यूनिट तक के लिए 2 किलोवाट तथा 300 यूनिट से अधिक के लिए 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता उपयुक्त है। सोलर पैनल से उत्पादित बिजली का उपयोग घरेलू कार्यों में किया जा सकता है तथा अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर बिजली बिल में समायोजन की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक लाभ प्राप्त होता है। सोलर पैनल हेतु प्रति किलोवाट लगभग 100 वर्गफुट छत की आवश्यकता होती है तथा उचित रख-रखाव के साथ सोलर पैनल लगभग 25 वर्षों तक सुचारु रूप से कार्य करते हैं। विद्युत विभाग ने सभी विद्युत उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए एक अत्यंत लाभकारी एवं भविष्य उन्मुख पहल है। इससे न केवल बिजली बिल में कमी आएगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा। सभी उपभोक्ता इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने घरों में सोलर अधिष्ठापन कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएं।” अधीक्षण अभियंता ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को इस योजना का लाभ लेना है तो वह आधार कार्ड, बिजली बिल, छत का ओनरशिप प्रूफ, वेंडर कोटेशन, सोलर सिस्टम का फोटोग्राफ के साथ एप्लीकेशन जमा करना होगा। जिला पदाधिकारी ने समीक्षा में कहा कि मुख्य सचिव बिहार एवं भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रगति का लगातार समीक्षा की जा रही है। उन्होंने सभी बैंक के पदाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि किसी भी हाल में सिविल स्कोर का हवाला देते हुए सूर्य घर मुक्त बिजली योजना के आवेदन को रिजेक्ट नहीं करें। पूर्व में जो भी सिविल स्कोर के कारण आवेदनो रद्द किए हैं, उन सभी आवेदनों को पुनः कंसीडर करते हुए आवेदनो को स्वीकृत करें। उन्होंने अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए हैं कि वैसे सभी बैंकों में जहां सिविल स्कोर एवं अन्य कारण से बैंक में आवेदन लंबित है उन सभी बैंक के लिए अलग-अलग बिजली विभाग के पदाधिकारी को नामित करते हुए जॉइंट रूप से आवेदनों को जांच करवाये एवं ज्यादा से ज्यादा स्वीकृत करवाये। बैठक में अधीक्षण अभियंता बिजली विभाग, अग्रणी बैंक प्रबंधक, गया जिले के सभी कार्यपालक अभियंता विद्युत विभाग, सभी सहायक अभियंता विद्युत विभाग, सभी बैंक के शाखा प्रबंधक उपस्थित थे।
आम नागरिकों को सस्ती, सुलभ एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी गया द्वारा अधीक्षण अभियंता विधुत बिभाग ब अन्य अधिकारियो के साथ समीक्षा बैठक की गई l गया, 22 अप्रैल 2026, आम नागरिकों को सस्ती, सुलभ एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सोलर अधिष्ठापन में तेजी लाने हेतु जिला पदाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर द्वारा अधीक्षण अभियंता बिजली विभाग के सभा कक्ष में विद्युत विभाग एवं बैंकों के वरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर प्रणाली के प्रति जागरूक करना एवं उन्हें योजना से जोड़ना था। बैठक में विशेषज्ञों एवं तकनीकी टीम द्वारा सोलर पैनल की स्थापना, कार्यप्रणाली, रख-रखाव, लागत, अनुदान (सब्सिडी) तथा इससे होने वाले आर्थिक लाभ की विस्तृत जानकारी दी गई। विद्युत अधीक्षण अभियंता गया ने बताया कि इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छत पर सोलर पैनल स्थापित करने पर सरकार द्वारा अनुदान प्रदान किया जाता है, जिससे बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आती है। यह योजना उपभोक्ताओं के आर्थिक बोझ को कम करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत 1 किलोवाट पर 30,000 रुपये, 2 किलोवाट पर 60,000 रुपये तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर 78,000 रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, सोलर संयंत्र स्थापना हेतु बैंकों के माध्यम से लगभग 7 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर 2 लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में अब तक 843 उपभोक्ताओं के छत पर सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। अधीक्षण अभियंता द्वारा आश्वस्त किया गया कि आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत निर्धारित समयावधि में सोलर पैनल का अधिष्ठापन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, करारनामा अवधि के अंतर्गत 7 वर्षों तक निःशुल्क मरम्मत एवं रख-रखाव की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। जिलाधिकारी गया ने कहा कि इस योजना को जन जन तक पहुंचाई जाय तथा अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं को विशेष रूप से सोलर अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल बिजली बिल में कमी लाती है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उपभोक्ता अपनी बिजली खपत के अनुसार सोलर पैनल की क्षमता का चयन कर सकते हैं। 150 यूनिट तक की खपत के लिए 1 किलोवाट, 300 यूनिट तक के लिए 2 किलोवाट तथा 300 यूनिट से अधिक के लिए 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता उपयुक्त है। सोलर पैनल से उत्पादित बिजली का उपयोग घरेलू कार्यों में किया जा सकता है तथा अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर बिजली बिल में समायोजन की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक लाभ प्राप्त होता है। सोलर पैनल हेतु प्रति किलोवाट लगभग 100 वर्गफुट छत की आवश्यकता होती है तथा उचित रख-रखाव के साथ सोलर पैनल लगभग 25 वर्षों तक सुचारु रूप से कार्य करते हैं। विद्युत विभाग ने सभी विद्युत उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए एक अत्यंत लाभकारी एवं भविष्य उन्मुख पहल है। इससे न केवल बिजली बिल में कमी आएगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा। सभी उपभोक्ता इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने घरों में सोलर अधिष्ठापन कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएं।” अधीक्षण अभियंता ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को इस योजना का लाभ लेना है तो वह आधार कार्ड, बिजली बिल, छत का ओनरशिप प्रूफ, वेंडर कोटेशन, सोलर सिस्टम का फोटोग्राफ के साथ एप्लीकेशन जमा करना होगा। जिला पदाधिकारी ने समीक्षा में कहा कि मुख्य सचिव बिहार एवं भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रगति का लगातार समीक्षा की जा रही है। उन्होंने सभी बैंक के पदाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि किसी भी हाल में सिविल स्कोर का हवाला देते हुए सूर्य घर मुक्त बिजली योजना के आवेदन को रिजेक्ट नहीं करें। पूर्व में जो भी सिविल स्कोर के कारण आवेदनो रद्द किए हैं, उन सभी आवेदनों को पुनः कंसीडर करते हुए आवेदनो को स्वीकृत करें। उन्होंने अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए हैं कि वैसे सभी बैंकों में जहां सिविल स्कोर एवं अन्य कारण से बैंक में आवेदन लंबित है उन सभी बैंक के लिए अलग-अलग बिजली विभाग के पदाधिकारी को नामित करते हुए जॉइंट रूप से आवेदनों को जांच करवाये एवं ज्यादा से ज्यादा स्वीकृत करवाये। बैठक में अधीक्षण अभियंता बिजली विभाग, अग्रणी बैंक प्रबंधक, गया जिले के सभी कार्यपालक अभियंता विद्युत विभाग, सभी सहायक अभियंता विद्युत विभाग, सभी बैंक के शाखा प्रबंधक उपस्थित थे।
- गया, 22 अप्रैल 2026, आम नागरिकों को सस्ती, सुलभ एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सोलर अधिष्ठापन में तेजी लाने हेतु जिला पदाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर द्वारा अधीक्षण अभियंता बिजली विभाग के सभा कक्ष में विद्युत विभाग एवं बैंकों के वरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर प्रणाली के प्रति जागरूक करना एवं उन्हें योजना से जोड़ना था। बैठक में विशेषज्ञों एवं तकनीकी टीम द्वारा सोलर पैनल की स्थापना, कार्यप्रणाली, रख-रखाव, लागत, अनुदान (सब्सिडी) तथा इससे होने वाले आर्थिक लाभ की विस्तृत जानकारी दी गई। विद्युत अधीक्षण अभियंता गया ने बताया कि इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छत पर सोलर पैनल स्थापित करने पर सरकार द्वारा अनुदान प्रदान किया जाता है, जिससे बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आती है। यह योजना उपभोक्ताओं के आर्थिक बोझ को कम करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत 1 किलोवाट पर 30,000 रुपये, 2 किलोवाट पर 60,000 रुपये तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर 78,000 रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, सोलर संयंत्र स्थापना हेतु बैंकों के माध्यम से लगभग 7 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर 2 लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में अब तक 843 उपभोक्ताओं के छत पर सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। अधीक्षण अभियंता द्वारा आश्वस्त किया गया कि आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत निर्धारित समयावधि में सोलर पैनल का अधिष्ठापन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, करारनामा अवधि के अंतर्गत 7 वर्षों तक निःशुल्क मरम्मत एवं रख-रखाव की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। जिलाधिकारी गया ने कहा कि इस योजना को जन जन तक पहुंचाई जाय तथा अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं को विशेष रूप से सोलर अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल बिजली बिल में कमी लाती है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उपभोक्ता अपनी बिजली खपत के अनुसार सोलर पैनल की क्षमता का चयन कर सकते हैं। 150 यूनिट तक की खपत के लिए 1 किलोवाट, 300 यूनिट तक के लिए 2 किलोवाट तथा 300 यूनिट से अधिक के लिए 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता उपयुक्त है। सोलर पैनल से उत्पादित बिजली का उपयोग घरेलू कार्यों में किया जा सकता है तथा अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर बिजली बिल में समायोजन की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक लाभ प्राप्त होता है। सोलर पैनल हेतु प्रति किलोवाट लगभग 100 वर्गफुट छत की आवश्यकता होती है तथा उचित रख-रखाव के साथ सोलर पैनल लगभग 25 वर्षों तक सुचारु रूप से कार्य करते हैं। विद्युत विभाग ने सभी विद्युत उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए एक अत्यंत लाभकारी एवं भविष्य उन्मुख पहल है। इससे न केवल बिजली बिल में कमी आएगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा। सभी उपभोक्ता इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने घरों में सोलर अधिष्ठापन कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएं।” अधीक्षण अभियंता ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को इस योजना का लाभ लेना है तो वह आधार कार्ड, बिजली बिल, छत का ओनरशिप प्रूफ, वेंडर कोटेशन, सोलर सिस्टम का फोटोग्राफ के साथ एप्लीकेशन जमा करना होगा। जिला पदाधिकारी ने समीक्षा में कहा कि मुख्य सचिव बिहार एवं भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रगति का लगातार समीक्षा की जा रही है। उन्होंने सभी बैंक के पदाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि किसी भी हाल में सिविल स्कोर का हवाला देते हुए सूर्य घर मुक्त बिजली योजना के आवेदन को रिजेक्ट नहीं करें। पूर्व में जो भी सिविल स्कोर के कारण आवेदनो रद्द किए हैं, उन सभी आवेदनों को पुनः कंसीडर करते हुए आवेदनो को स्वीकृत करें। उन्होंने अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए हैं कि वैसे सभी बैंकों में जहां सिविल स्कोर एवं अन्य कारण से बैंक में आवेदन लंबित है उन सभी बैंक के लिए अलग-अलग बिजली विभाग के पदाधिकारी को नामित करते हुए जॉइंट रूप से आवेदनों को जांच करवाये एवं ज्यादा से ज्यादा स्वीकृत करवाये। बैठक में अधीक्षण अभियंता बिजली विभाग, अग्रणी बैंक प्रबंधक, गया जिले के सभी कार्यपालक अभियंता विद्युत विभाग, सभी सहायक अभियंता विद्युत विभाग, सभी बैंक के शाखा प्रबंधक उपस्थित थे।1
- Post by SATISH KUMAR (पत्रकार)1
- Gaya town block chandauti bard no.01 ka hai ye hal sir abhi tk yha koi dekhane bhinnhi aata hai pr janta ko murkh bnata hai pr hmlog kya kre mantri koi nhi aata hai1
- Post by जन सेवक1
- Post by Piyushraj ajeet2
- टिकारी में डीएम की बड़ी बैठक | उत्तर कोयल नहर परियोजना को लेकर सख्त निर्देश गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने टिकारी में समीक्षा बैठक कर उत्तर कोयल नहर परियोजना के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। 💧 1367 करोड़ की इस परियोजना से मिलेगा हजारों किसानों को सिंचाई का लाभ 🌾 टिकारी, कोंच, आमस और गुरुआ के किसानों के लिए बड़ी राहत ⚠️ अधिकारियों को गुणवत्ता और समय-सीमा का सख्ती से पालन करने का आदेश1
- गया शहर के वार्ड 44 के खजुरिया सामुदायिक भवन के पास मुख्यमंत्री शहरी समग्र विकास योजना के अंतर्गत 1,02,75,687 रूपये के लागत से खजुरिया सामुदायिक भवन से जननायक कर्पूरी भवन होते हुए मुख्यपथ नाला तक पथ एवं नाली का निर्माण कार्य का शिलान्यास बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉoप्रेम कुमार के द्वारा किया गया। पथ एवं नाली के निर्माण कार्य होने से आम जनों को आवागमन में आसानी होगा।1
- Post by Raushan Kumar1