मैनपुरी के करहल क्षेत्र में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात एक भीषण अग्निकांड ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। थाना करहल क्षेत्र की ग्राम पंचायत सरसई मासूमपुर में अनुज कुमार के घर में रात करीब दो बजे शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक आग लग गई, उस समय परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे। बिजली में फाल्ट होने और चिंगारी निकलने के बाद आग ने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। आग की लपटें देखकर और घर के अंदर से महिलाओं व बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े। परिवार के लोगों ने किसी तरह घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि घर में रखा घरेलू सामान, कपड़े, बिस्तर, अनाज, फर्नीचर और अन्य आवश्यक वस्तुएं बाहर निकालने का मौका ही नहीं मिला। पीड़ित परिवार का आरोप है कि आग की सूचना तुरंत दमकल विभाग को दी गई थी, लेकिन करीब दो घंटे तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर नहीं पहुंचीं। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर समर, पाइप और बाल्टियों से पानी डालकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, हालांकि तब तक घर के अंदर रखा लाखों रुपये का सामान पूरी तरह जलकर राख हो चुका था। घर की महिला प्रीति ने बताया कि अचानक लगी आग से पूरा परिवार दहशत में आ गया था और सबसे पहले बच्चों व महिलाओं को बाहर निकाला गया। उन्होंने शिकायत की कि फायर ब्रिगेड को फोन करने के बाद भी काफी देर तक कोई मदद नहीं पहुंची और गांव वालों ने ही मिलकर आग बुझाई। घर के मालिक अनुज कुमार ने बताया कि बिजली के फाल्ट से लगी इस आग में कुछ ही मिनटों में पूरा घर घिर गया और परिवार अपनी जान बचाने में तो सफल रहा, पर घर का सामान नहीं बच सका। उन्होंने लाखों रुपये के नुकसान की पुष्टि करते हुए कहा कि अब उनके परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। अनुज कुमार ने प्रशासन से इस नुकसान का सही आकलन कर आर्थिक मदद और राहत प्रदान करने की मांग की है। घटना की जानकारी मिलने के बाद गुरुवार दोपहर स्थानीय लेखपाल और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जिसने पीड़ित परिवार से जानकारी ली और घटनास्थल का मुआयना कर नुकसान का आकलन शुरू किया।
मैनपुरी के करहल क्षेत्र में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात एक भीषण अग्निकांड ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। थाना करहल क्षेत्र की ग्राम पंचायत सरसई मासूमपुर में अनुज कुमार के घर में रात करीब दो बजे शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक आग लग गई, उस समय परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे। बिजली में फाल्ट होने और चिंगारी निकलने के बाद आग ने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। आग की लपटें देखकर और घर के अंदर से महिलाओं व बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े। परिवार के लोगों ने किसी तरह घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि घर में रखा घरेलू सामान, कपड़े, बिस्तर, अनाज, फर्नीचर और अन्य आवश्यक वस्तुएं बाहर निकालने का मौका ही नहीं मिला। पीड़ित परिवार का आरोप है कि आग की सूचना तुरंत दमकल विभाग को दी गई थी, लेकिन करीब दो घंटे तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर नहीं पहुंचीं। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर समर, पाइप और बाल्टियों से पानी डालकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, हालांकि तब तक घर के अंदर रखा लाखों रुपये का सामान पूरी तरह जलकर राख हो चुका था। घर की महिला प्रीति ने बताया कि अचानक लगी आग से पूरा परिवार दहशत में आ गया था और सबसे पहले बच्चों व महिलाओं को बाहर निकाला गया। उन्होंने शिकायत की कि फायर ब्रिगेड को फोन करने के बाद भी काफी देर तक कोई मदद नहीं पहुंची और गांव वालों ने ही मिलकर आग बुझाई। घर के मालिक अनुज कुमार ने बताया कि बिजली के फाल्ट से लगी इस आग में कुछ ही मिनटों में पूरा घर घिर गया और परिवार अपनी जान बचाने में तो सफल रहा, पर घर का सामान नहीं बच सका। उन्होंने लाखों रुपये के नुकसान की पुष्टि करते हुए कहा कि अब उनके परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। अनुज कुमार ने प्रशासन से इस नुकसान का सही आकलन कर आर्थिक मदद और राहत प्रदान करने की मांग की है। घटना की जानकारी मिलने के बाद गुरुवार दोपहर स्थानीय लेखपाल और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जिसने पीड़ित परिवार से जानकारी ली और घटनास्थल का मुआयना कर नुकसान का आकलन शुरू किया।
- केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर एक बड़ा बयान देते हुए इस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि यदि दलित या मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोगों के एनकाउंटर को अपराध और आतंकवाद के नजरिए से देखा जाता है, तो भरत तिवारी के मामले में एक अलग दृष्टिकोण क्यों अपनाया जा रहा है। मांझी ने इस बात पर जोर दिया कि कानून का अनुपालन समान और निष्पक्ष होना चाहिए, और न्याय के मानक सभी नागरिकों के लिए एक जैसे होने चाहिए। उनके इस बयान के बाद, देश में एनकाउंटर नीति, कानून के राज और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर एक तीव्र राजनीतिक बहस छिड़ गई है, जिससे यह मूल प्रश्न चर्चा में आ गया है कि क्या कानून की कसौटी वास्तव में सभी के लिए समान है।1
- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के नगला काकन गांव में राहुल सिंह भदौरिया के पुश्तैनी मकान को ढहाने के लिए जब जेसीबी मशीन लगाई गई, तो मिट्टी के नीचे से लाल कपड़े में लिपटा एक प्राचीन मिट्टी का घड़ा निकल आया। घड़ा टूटते ही उसमें छिपे चमचमाते पुराने सोने-चांदी के सिक्के चारों तरफ बिखर गए। यह देखते ही पूरा गांव उस खजाने को लूटने के लिए अपनी जान दांव पर लगा बैठा और मकान मालिक के सामने ही उनकी पूरी दौलत समेटकर मौके से फरार हो गया। इस सरेआम लूट के बाद पीड़ित परिवार अब वीडियो सबूत के साथ पुलिस और प्रशासन के पास न्याय की गुहार लगाने पहुंचा है। उनका आरोप है कि उनके पूर्वजों की दौलत भीड़ द्वारा दिनदहाड़े लूट ली गई।1
- मैनपुरी जिले की ग्राम पंचायत गोपिया पूर माजरा नगला ningh में नल से काफी समय से पानी नहीं आ रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों और मवेशियों को पानी के लिए गंभीर परेशानी हो रही है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, नल लंबे समय से खराब पड़ा है और इस संबंध में प्रधान से बात करने पर उन्होंने मदद करने से इनकार कर दिया है। लोगों ने जल कल विभाग, मैनपुरी से इस मामले को संज्ञान में लेकर उनकी पानी की समस्या का समाधान करने का विनम्र अनुरोध किया है।1
- आज पत्रकार रौकी को एटा से आगरा तक रेल से यात्रा करने का अवसर मिला। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान बताया कि आगरा स्टेशन पर काफी लोगों की भीड़ मौजूद थी।3
- बिहार सरकार और पुलिस के लिए भरत तिवारी एनकाउंटर हर दिन नई चुनौतियाँ खड़ी कर रहा है, जहाँ हजारों लोग उनके गाँव पहुँच रहे हैं। इस बीच, अब खबर आ रही है कि बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भरत तिवारी के परिवार से मिलने उनके गाँव जाएँगे। यह घोषणा शासन और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, क्योंकि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हो सकते हैं, जिन्हें नियंत्रित करना मुश्किल होगा। बागेश्वर धाम प्रमुख ने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि भविष्य में किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ ऐसा अन्याय न हो। उन्होंने यह भी बताया कि वे जल्द ही बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव का दौरा करेंगे, जहाँ वे मृतक बालक भरत तिवारी के शोकाकुल परिजनों से मुलाकात करेंगे। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे वेद, पुराण और रामचरितमानस सिखाते हैं कि यदि कोई व्यक्ति आत्मसमर्पण कर दे या शरण में आ जाए, तो उसे कभी भी मृत्युदंड नहीं दिया जाना चाहिए।1
- मैनपुरी जनपद से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ विश्व हिंदू गौ रक्षा समिति के पदाधिकारियों ने एक गाय को लेकर जा रहे पति-पत्नी को पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि यह घटना भांवत चौराहे के पास हुई, जब समिति को सूचना मिली कि एक गाय को ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही समिति के पदाधिकारी मौके पर पहुँचे और पति-पत्नी तथा गाय को रोक लिया। इसके बाद, समिति के सदस्यों ने पकड़े गए पति-पत्नी और गाय को कोतवाली ले जाकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। फिलहाल, पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गाय को किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था, और इसी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- मैनपुरी जनपद के किशनी तहसील परिसर में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब भू-माफियाओं के कथित आतंक और प्रशासनिक कार्रवाई से नाराज होकर उदयपुर गांव निवासी रोहित कुमार उर्फ बंटू नामक एक युवक पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गया। युवक का आरोप है कि उसकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है और कई बार शिकायत के बावजूद अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। उसने चेतावनी दी कि यदि उसे न्याय नहीं मिला और उसकी जमीन कब्जा मुक्त नहीं कराई गई, तो वह टंकी से कूदकर अपनी जान दे देगा। इसके साथ ही, उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मौके पर बुलाने की भी मांग की। युवक टंकी के ऊपर से लगातार प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करता रहा और न्याय की गुहार लगाता रहा। उसका कहना था कि अधिकारियों से बार-बार शिकायत के बाद भी भू-माफियाओं के प्रभाव के कारण उसकी सुनवाई नहीं हुई, जिससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। इस घटना की सूचना मिलते ही तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस, फायर सर्विस तथा प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने युवक को समझाने-बुझाने और सुरक्षित नीचे उतारने का लगातार प्रयास किया, लेकिन युवक न्याय का आश्वासन मिलने तक नीचे उतरने को तैयार नहीं है। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के चलते तहसील परिसर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास जारी हैं। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, जिससे लोगों में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।1