मैनपुरी जनपद के किशनी तहसील परिसर में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब भू-माफियाओं के कथित आतंक और प्रशासनिक कार्रवाई से नाराज होकर उदयपुर गांव निवासी रोहित कुमार उर्फ बंटू नामक एक युवक पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गया। युवक का आरोप है कि उसकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है और कई बार शिकायत के बावजूद अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। उसने चेतावनी दी कि यदि उसे न्याय नहीं मिला और उसकी जमीन कब्जा मुक्त नहीं कराई गई, तो वह टंकी से कूदकर अपनी जान दे देगा। इसके साथ ही, उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मौके पर बुलाने की भी मांग की। युवक टंकी के ऊपर से लगातार प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करता रहा और न्याय की गुहार लगाता रहा। उसका कहना था कि अधिकारियों से बार-बार शिकायत के बाद भी भू-माफियाओं के प्रभाव के कारण उसकी सुनवाई नहीं हुई, जिससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। इस घटना की सूचना मिलते ही तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस, फायर सर्विस तथा प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने युवक को समझाने-बुझाने और सुरक्षित नीचे उतारने का लगातार प्रयास किया, लेकिन युवक न्याय का आश्वासन मिलने तक नीचे उतरने को तैयार नहीं है। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के चलते तहसील परिसर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास जारी हैं। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, जिससे लोगों में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
मैनपुरी जनपद के किशनी तहसील परिसर में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब भू-माफियाओं के कथित आतंक और प्रशासनिक कार्रवाई से नाराज होकर उदयपुर गांव निवासी रोहित कुमार उर्फ बंटू नामक एक युवक पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गया। युवक का आरोप है कि उसकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है और कई बार शिकायत के बावजूद अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। उसने चेतावनी दी कि यदि उसे न्याय नहीं मिला और उसकी जमीन कब्जा मुक्त नहीं कराई गई, तो वह टंकी से कूदकर अपनी जान दे देगा। इसके साथ ही, उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मौके पर बुलाने की भी मांग की। युवक टंकी के ऊपर से लगातार प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करता रहा और न्याय की गुहार लगाता रहा। उसका कहना था कि अधिकारियों से बार-बार शिकायत के बाद भी भू-माफियाओं के प्रभाव के कारण उसकी सुनवाई नहीं हुई, जिससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। इस घटना की सूचना मिलते ही तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस, फायर सर्विस तथा प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने युवक को समझाने-बुझाने और सुरक्षित नीचे उतारने का लगातार प्रयास किया, लेकिन युवक न्याय का आश्वासन मिलने तक नीचे उतरने को तैयार नहीं है। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के चलते तहसील परिसर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास जारी हैं। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, जिससे लोगों में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
- भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने आलोक गुप्ता को अपना नवनिर्वाचित प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया है, जिसके बाद बड़ी संख्या में बीजेपी के नेताओं ने उनका स्वागत किया। इस नई जिम्मेदारी को संभालते हुए, आलोक गुप्ता ने कहा कि उन्हें ग्राउंड जीरो से चलकर प्रदेश में यह महत्वपूर्ण पद मिला है। अपनी नियुक्ति के बाद, उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता ने आगामी 2027 के चुनावों को लेकर पार्टी के लक्ष्यों को स्पष्ट किया। उन्होंने दावा किया कि वे मैनपुरी में कमल खिलाने का काम करेंगे और विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार दो तिहाई के बहुमत से बनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी प्रदेश में बराबर की लड़ाई लड़ रही है। विपक्ष पर टिप्पणी करते हुए, आलोक गुप्ता ने कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) मुँगेरी लाल के सपने देख रही है, और उनका ऐसा देखना गलत नहीं है।1
- मैनपुरी के करहल क्षेत्र में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात एक भीषण अग्निकांड ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। थाना करहल क्षेत्र की ग्राम पंचायत सरसई मासूमपुर में अनुज कुमार के घर में रात करीब दो बजे शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक आग लग गई, उस समय परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे। बिजली में फाल्ट होने और चिंगारी निकलने के बाद आग ने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। आग की लपटें देखकर और घर के अंदर से महिलाओं व बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े। परिवार के लोगों ने किसी तरह घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि घर में रखा घरेलू सामान, कपड़े, बिस्तर, अनाज, फर्नीचर और अन्य आवश्यक वस्तुएं बाहर निकालने का मौका ही नहीं मिला। पीड़ित परिवार का आरोप है कि आग की सूचना तुरंत दमकल विभाग को दी गई थी, लेकिन करीब दो घंटे तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर नहीं पहुंचीं। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर समर, पाइप और बाल्टियों से पानी डालकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, हालांकि तब तक घर के अंदर रखा लाखों रुपये का सामान पूरी तरह जलकर राख हो चुका था। घर की महिला प्रीति ने बताया कि अचानक लगी आग से पूरा परिवार दहशत में आ गया था और सबसे पहले बच्चों व महिलाओं को बाहर निकाला गया। उन्होंने शिकायत की कि फायर ब्रिगेड को फोन करने के बाद भी काफी देर तक कोई मदद नहीं पहुंची और गांव वालों ने ही मिलकर आग बुझाई। घर के मालिक अनुज कुमार ने बताया कि बिजली के फाल्ट से लगी इस आग में कुछ ही मिनटों में पूरा घर घिर गया और परिवार अपनी जान बचाने में तो सफल रहा, पर घर का सामान नहीं बच सका। उन्होंने लाखों रुपये के नुकसान की पुष्टि करते हुए कहा कि अब उनके परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। अनुज कुमार ने प्रशासन से इस नुकसान का सही आकलन कर आर्थिक मदद और राहत प्रदान करने की मांग की है। घटना की जानकारी मिलने के बाद गुरुवार दोपहर स्थानीय लेखपाल और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जिसने पीड़ित परिवार से जानकारी ली और घटनास्थल का मुआयना कर नुकसान का आकलन शुरू किया।1
- अयोध्या में राम मंदिर दान से जुड़े कथित चोरी के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है, जहाँ निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास महाराज का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है। महंत जी ने बताया कि एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत कर दी है, लेकिन इस पूरे प्रकरण में अब तक उनसे कोई पूछताछ नहीं की गई है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी होने के बावजूद, महंत दिनेंद्र दास महाराज ने स्पष्ट किया कि वे हमेशा रामलला के दर्शन और सेवा को ही अपना सौभाग्य मानते रहे हैं। उन्हें एक सरल और संत स्वभाव का व्यक्ति बताया गया है, जिन्होंने कभी किसी पद या अधिकार की इच्छा नहीं जताई। इस पूरे मामले में अब लोगों की नजरें जांच के निष्कर्षों और संबंधित पक्षों की भूमिका पर टिकी हुई हैं। बताया गया है कि सत्य क्या है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा, लेकिन इस घटनाक्रम ने निश्चित तौर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जय श्री राम!1
- मैनपुरी में नगर पालिका और कोतवाली पुलिस की एक संयुक्त टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। यह कार्रवाई पुलिस लाइन तिराहे और उसके आसपास के क्षेत्रों में की गई। इस अभियान के दौरान सड़क किनारे लगाए गए अस्थायी खोखे, सब्जी की दुकानें और अवैध रूप से लगाए गए होर्डिंग्स को हटाया गया। नगर पालिका की जेसीबी मशीन ने कई अतिक्रमणों को ध्वस्त किया।1
- एक दोस्त अपनी गर्लफ्रेंड को झाड़ियों में ले गया। इस घटना के बाद, दोस्त की गर्लफ्रेंड ने अपनी बड़ी बहन को बुलाया।1