राष्ट्रीय लोक मोर्चा विधायक दल के नेता और मधुबनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री माधव आनंद ने 24 जून को पटना में बिहार सरकार के माननीय पर्यटन मंत्री श्री केदार प्रसाद गुप्ता से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मधुबनी मुख्यालय में 'मिथिला हाट' की स्थापना संबंधी एक विस्तृत प्रस्ताव पर चर्चा की। श्री आनंद ने मंत्री को अवगत कराया कि मिथिला क्षेत्र अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विश्वप्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग, लोककला, हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों और विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है। उन्होंने तर्क दिया कि मधुबनी में 'मिथिला हाट' की स्थापना से स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों, महिला स्वयं सहायता समूहों और युवाओं को अपने उत्पादों के विपणन के लिए एक स्थायी मंच मिलेगा, जिससे क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। श्री आनंद ने 'मिथिला हाट' को केवल एक बाजार नहीं, बल्कि मिथिला की कला, संस्कृति, परंपरा और आर्थिक स्वावलंबन का एक सशक्त केंद्र बताया, जिससे मधुबनी और समूचे मिथिलांचल को पर्यटन मानचित्र पर एक मजबूत पहचान मिलेगी। माननीय पर्यटन मंत्री श्री केदार प्रसाद गुप्ता ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाया और आवश्यकता पड़ने पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के माध्यम से भी आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने बैठक के दौरान ही पर्यटन विभाग के सचिव को निर्देश दिया कि वे आवश्यक कार्रवाई तत्काल प्रारंभ करें और प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं पर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करें। श्री माधव आनंद ने मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि राज्य सरकार के सहयोग से यह जनभावनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल शीघ्र ही धरातल पर उतरेगी और क्षेत्र के विकास एवं सांस्कृतिक उत्थान का नया अध्याय लिखेगी।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा विधायक दल के नेता और मधुबनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री माधव आनंद ने 24 जून को पटना में बिहार सरकार के माननीय पर्यटन मंत्री श्री केदार प्रसाद गुप्ता से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मधुबनी मुख्यालय में 'मिथिला हाट' की स्थापना संबंधी एक विस्तृत प्रस्ताव पर चर्चा की। श्री आनंद ने मंत्री को अवगत कराया कि मिथिला क्षेत्र अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत,
विश्वप्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग, लोककला, हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों और विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है। उन्होंने तर्क दिया कि मधुबनी में 'मिथिला हाट' की स्थापना से स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों, महिला स्वयं सहायता समूहों और युवाओं को अपने उत्पादों के विपणन के लिए एक स्थायी मंच मिलेगा, जिससे क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। श्री आनंद ने 'मिथिला हाट' को
केवल एक बाजार नहीं, बल्कि मिथिला की कला, संस्कृति, परंपरा और आर्थिक स्वावलंबन का एक सशक्त केंद्र बताया, जिससे मधुबनी और समूचे मिथिलांचल को पर्यटन मानचित्र पर एक मजबूत पहचान मिलेगी। माननीय पर्यटन मंत्री श्री केदार प्रसाद गुप्ता ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाया और आवश्यकता पड़ने पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के माध्यम से भी आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने बैठक
के दौरान ही पर्यटन विभाग के सचिव को निर्देश दिया कि वे आवश्यक कार्रवाई तत्काल प्रारंभ करें और प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं पर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करें। श्री माधव आनंद ने मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि राज्य सरकार के सहयोग से यह जनभावनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल शीघ्र ही धरातल पर उतरेगी और क्षेत्र के विकास एवं सांस्कृतिक उत्थान का नया अध्याय लिखेगी।
- राष्ट्रीय लोक मोर्चा विधायक दल के नेता और मधुबनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री माधव आनंद ने 24 जून को पटना में बिहार सरकार के माननीय पर्यटन मंत्री श्री केदार प्रसाद गुप्ता से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मधुबनी मुख्यालय में 'मिथिला हाट' की स्थापना संबंधी एक विस्तृत प्रस्ताव पर चर्चा की। श्री आनंद ने मंत्री को अवगत कराया कि मिथिला क्षेत्र अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विश्वप्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग, लोककला, हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों और विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है। उन्होंने तर्क दिया कि मधुबनी में 'मिथिला हाट' की स्थापना से स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों, महिला स्वयं सहायता समूहों और युवाओं को अपने उत्पादों के विपणन के लिए एक स्थायी मंच मिलेगा, जिससे क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। श्री आनंद ने 'मिथिला हाट' को केवल एक बाजार नहीं, बल्कि मिथिला की कला, संस्कृति, परंपरा और आर्थिक स्वावलंबन का एक सशक्त केंद्र बताया, जिससे मधुबनी और समूचे मिथिलांचल को पर्यटन मानचित्र पर एक मजबूत पहचान मिलेगी। माननीय पर्यटन मंत्री श्री केदार प्रसाद गुप्ता ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाया और आवश्यकता पड़ने पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के माध्यम से भी आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने बैठक के दौरान ही पर्यटन विभाग के सचिव को निर्देश दिया कि वे आवश्यक कार्रवाई तत्काल प्रारंभ करें और प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं पर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करें। श्री माधव आनंद ने मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि राज्य सरकार के सहयोग से यह जनभावनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल शीघ्र ही धरातल पर उतरेगी और क्षेत्र के विकास एवं सांस्कृतिक उत्थान का नया अध्याय लिखेगी।4
- मधुबनी के बारा बाजार में लक्ष्मी साह राधा कृष्ण ज्वेलर्स स्थित है।1
- भरत भूषण तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर मामले को लेकर एक बार फिर जोरदार आवाज उठाई गई है। मैथिल परशुराम सेना के बैनर तले कई प्रमुख व्यक्तियों, जिनमें समाजसेवी इंद्र शेखर झा, नलिनी रंजन झा, विजय श्री टुन्ना, राजेश कुमार झा उर्फ मोहन और राजू झा शामिल हैं, साथ ही डिप्टी मेयर अमानुल्लाह खान और मनोज मिश्रा जैसे नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। इन सभी ने एक स्वर में घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान यह भी साफ तौर पर कहा गया कि 'न्याय के बिना लोकतंत्र अधूरा है, सत्य सामने आना चाहिए', जो इस मामले में न्याय और सच्चाई को सामने लाने की प्रबल इच्छा को दर्शाता है।1
- बिहार के मधुबनी जिले में पुलिस की कार्रवाई ने विवाद बढ़ा दिया है, जहाँ देर रात कथित तौर पर गेट तोड़कर गिरफ्तारियाँ की गईं। पुलिस की इस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- विश्व संगीत दिवस की पूर्व संध्या पर मैथिल परशुराम सेना, मधुबनी के तत्वावधान में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मिथिला के कई प्रतिष्ठित कलाकारों को कला एवं संगीत के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को संगीत और संस्कृति के रंग में सराबोर कर दिया। समारोह के मुख्य अतिथि बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग के पदाधिकारी नीतीश कुमार ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि मैथिल परशुराम सेना मिथिला का ऐसा पहला संगठन है, जिसने मैथिली भाषा और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कलाकारों को सम्मानित करके एक अनुकरणीय कार्य किया है। नीतीश कुमार ने जोर दिया कि इस तरह की पहल से मैथिली भाषा और लोक संस्कृति को नई ऊर्जा मिलेगी।1
- प्रशांत किशोर ने भारत तिवारी के लिए न्याय की मांग करते हुए एक सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि यदि 15 दिनों के भीतर इस मामले में न्याय नहीं मिला, तो उनके समर्थक सम्राट चौधरी के आवास का घेराव करेंगे। किशोर ने इस बात पर भी जोर दिया कि कोई भी पुलिसकर्मी बिना पटना से आदेश मिले गोली नहीं चला सकता। इसलिए, उन्होंने इस घटना की गहन जांच की आवश्यकता पर बल दिया है।1
- बिहार के दरभंगा से सामने आए एक वायरल वीडियो ने एक कथित 'जनप्रतिनिधि' के दोहरे चरित्र को उजागर कर दिया है। इस घटना ने समाज के एक 'उभरते नेता' की असलियत जनता के सामने ला दी है, जिसके बाद उनकी सोच और व्यवहार पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। न्यूज़18 के वरिष्ठ पत्रकार विपिन कुमार जी ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो को साझा करते हुए अपने 'भ्रम टूटने' की बात कही है। पत्रकार विपिन जी के अनुसार, ये 'नेताजी' जनता के बीच अक्सर खुद को जिंदादिल, हंसमुख और मिलनसार दिखाते थे। वे एससी-एसटी से जुड़े मामलों में आक्रामक रहते थे और दलित-वंचितों के हक की बातें सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक करते थे। पत्रकार का यह भी कहना है कि 'नेताजी' जब भी उनसे मिलते थे तो बेहद सम्मान देते थे। हालाँकि, वायरल वीडियो में उनका 'असली रूप' सामने आने के बाद पत्रकार का भ्रम हमेशा-हमेशा के लिए टूट गया। वायरल वीडियो में 'नेताजी' को सड़क पर खड़े होकर 'रौब झाड़ते' हुए देखा जा सकता है, जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग अब उनसे तीखे सवाल पूछ रहे हैं कि कैमरे के सामने खुद को 'मसीहा' दिखाने वाले नेता बंद कमरों में या विवादों के वक्त इतने आक्रामक और संकीर्ण कैसे हो जाते हैं। जनता यह पूछ रही है कि क्या इसी सोच के दम पर वे समाज का नेतृत्व करेंगे, जिससे एक जिम्मेदार 'जनप्रतिनिधि' की भाषा और व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के अवसर पर बाबूबरही विधानसभा में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। डॉ. मुखर्जी का जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और स्वाभिमान के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने के साथ-साथ राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए पूर्णतः समर्पित रहा था। इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता रणधीर खन्ना ने बताया कि भारत की अखंडता के लिए डॉ. मुखर्जी द्वारा दिया गया सर्वोच्च बलिदान राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट निष्ठा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का एक अमर प्रतीक है।3