Shuru
Apke Nagar Ki App…
गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में छात्रनेता सतीश प्रजापति और सुरक्षा कर्मियों के बीच तीखी बहस हो गई। छात्रनेता सतीश प्रजापति विश्वविद्यालय परिसर के अंदर मीडिया को बयान देने के लिए सुरक्षाकर्मियों से अनुमति की मांग कर रहे थे। इसी परमिशन की मांग को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ जो तीखी बहस में तब्दील हो गया।
Nihal
गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में छात्रनेता सतीश प्रजापति और सुरक्षा कर्मियों के बीच तीखी बहस हो गई। छात्रनेता सतीश प्रजापति विश्वविद्यालय परिसर के अंदर मीडिया को बयान देने के लिए सुरक्षाकर्मियों से अनुमति की मांग कर रहे थे। इसी परमिशन की मांग को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ जो तीखी बहस में तब्दील हो गया।
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित एम्स (AIIMS) अस्पताल को लेकर एक युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वीडियो में युवती दावा कर रही है कि सड़क दुर्घटना में घायल अपने भाई को वह इलाज के लिए एम्स अस्पताल लेकर आई थी, लेकिन यहाँ लाने के बाद भी उन्हें कई घंटों तक कोई डॉक्टर नहीं मिला। युवती का आरोप है कि वह पिछले 9 घंटे से लगातार डॉक्टर का इंतजार कर रही है, लेकिन उसके घायल भाई को देखने के लिए कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुआ। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद अब यह गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर इस पूरे मामले का सच क्या है।1
- गोरखपुर में अरविंद उपेंद्र शुक्ला जेल से रिहा हो गए हैं। जेल से बाहर आते ही उनका भव्य स्वागत किया गया। इस रिहाई के बाद से एसपी कार्यकर्ताओं में भारी खुशी देखी जा रही है।1
- गोरखपुर के सहजनवां में राष्ट्रवादी पार्टी और माननीय अखिलेश सिंह के पक्ष में जोरदार नारेबाजी की गई है। इस दौरान उत्साहपूर्वक 'राष्ट्रवादी पार्टी जिंदाबाद' और 'माननीय अखिलेश सिंह जिंदाबाद जिंदाबाद' के नारे लगाते हुए उनके प्रति गहरी निष्ठा और समर्थन व्यक्त किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश शासन के मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत संतकबीरनगर के मेहंदावल थाना परिसर में 'बहू–बेटी सम्मेलन' कार्यक्रम के ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण गुरुवार को शुरू हुआ। पुलिस विभाग और यूनिसेफ के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्राधिकारी मेहंदावल सर्व दवन सिंह और थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने किया। अधिकारियों ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और सामाजिक भागीदारी को आवश्यक बताया। यह प्रशिक्षण पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन, पुलिस महानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र संजीव त्यागी, जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में आयोजित किया गया। इसमें मेहंदावल, बेलहरकलां और सांथा विकास खंडों के पुलिस, बाल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और स्वयंसेवी संस्थाओं के 30 नामित प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षकों को तैयार करना है ताकि वे ग्राम स्तर पर सुगमकर्ताओं को प्रशिक्षित कर सकें, जिसके बाद 15 से 35 वर्ष की महिलाओं को सुरक्षा, लैंगिक समानता, घरेलू हिंसा और साइबर अपराध जैसे विषयों पर जागरूक किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को व्यावहारिक तरीकों जैसे समूह चर्चा, रोल प्ले और केस स्टडी के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया। यूनिसेफ के मंडलीय बाल संरक्षण सलाहकार राजेश कुमार सैनी ने अभियान के उद्देश्य और कार्ययोजना पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर सुश्री स्वीटी मंडल, श्रीमती मोनिका शुक्ला, श्रीमती सुमन मिश्रा, श्री राजेश कुमार सिंह और श्री प्रमोद त्रिपाठी ने विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया। अंत में सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में 'बहू-बेटी सम्मेलन' के गुणवत्तापूर्ण संचालन का संकल्प लिया।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और राज्य के राजनीतिक हलकों में यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या ब्राह्मण समाज भाजपा से नाराज चल रहा है। समाजवादी पार्टी और भाजपा के इर्द-गिर्द घूमती इस सियासी चर्चा ने राज्य के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर कफन ओढ़कर प्रदर्शन किया है। इस विरोध प्रदर्शन के जरिए कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की पुरजोर मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने न्यूनतम वेतन ₹69,000 करने और डीए (DA) एरियर का भुगतान करने की भी मांग उठाई है। अपनी इन प्रमुख मांगों को मनवाने के लिए कर्मचारियों ने कफन ओढ़कर आक्रोश व्यक्त किया।1
- गोरखपुर में अंडे की एक दुकान पर मामूली बात को लेकर हुआ विवाद अचानक बेहद हिंसक हो गया। इस विवाद के बाद लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया गया।1