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🚨 ब्रेकिंग "इराक में, हशद अल-शाबी बल एंटी-एयरक्राफ्ट फ़ायर का इस्तेमाल करके अमेरिका के A-10 थंडरबोल्ट II लड़ाकू विमान को गिराने की कोशिश कर रहे हैं।" 🚨 ब्रेकिंग "इराक में, हशद अल-शाबी बल एंटी-एयरक्राफ्ट फ़ायर का इस्तेमाल करके अमेरिका के A-10 थंडरबोल्ट II लड़ाकू विमान को गिराने की कोशिश कर रहे हैं।"
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🚨 ब्रेकिंग "इराक में, हशद अल-शाबी बल एंटी-एयरक्राफ्ट फ़ायर का इस्तेमाल करके अमेरिका के A-10 थंडरबोल्ट II लड़ाकू विमान को गिराने की कोशिश कर रहे हैं।" 🚨 ब्रेकिंग "इराक में, हशद अल-शाबी बल एंटी-एयरक्राफ्ट फ़ायर का इस्तेमाल करके अमेरिका के A-10 थंडरबोल्ट II लड़ाकू विमान को गिराने की कोशिश कर रहे हैं।"
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- कानपुर बर्रा मे में दुर्गा अष्टमी पर निकली जावरा यात्रा जिसमे बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल वही जवारा के दौरान बर्रा चौकी पुलिस रही तैनात चैत्र नवरात्रि की अष्टमी पर जावरा यात्रा निकाली गई यह यात्रा प्रतिवर्ष की भांति आयोजित की गई जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए यात्रा के दौरान महिलाएं, पुरुष और बच्चे भक्ति गीतों और 'जय माता दी' के जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे थे पूरे रास्ते में स्थानीय लोगों ने यात्रा का स्वागत किया जिससे माहौल भक्तिमय हो गया1
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- यूपी के जिला बस्ती में तेल से जुड़ी कवरेज कर रहे पत्रकार वैदिक द्विवेदी से कर्मी तरुण सिंह द्वारा बदसलूकी/मारपीट की गई। जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया घटना की निंदा करती है और पुलिस प्रशासन से आरोपी के विरूद्ध कठोर कार्यवाही1
- स्वरूप नगर संदिग्ध परिस्थितियों में मोतीझील में मिला शव। झील में तैरता हुआ मिला शव,मॉर्निंग वॉक करने आए लोगों ने देखा। झील में शव दिखने से मॉर्निंग वॉकर्स में मचा हड़कंप। पुलिस को दी गई सूचना,मौके पर पहुंची पुलिस। पुलिस शव को झील से निकालने का कर रही प्रयास। मामला स्वरूप नगर थाना क्षेत्र के कारगिल पार्क का।1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- महादलित महिला के शव को श्मशान में नहीं मिली जगह, “भाईचारे” के दावों पर खड़े हुए सवाल नारे बड़े-बड़े, लेकिन ज़मीन पर जातिवाद कायम—परिजन घंटों भटकते रहे एक ओर समाज में “सब बराबर हैं” और “भाईचारा” जैसे बड़े-बड़े नारे गूंजते हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयान कर रही है। ताजा मामला एक महादलित महिला के अंतिम संस्कार से जुड़ा है, जहां उसके परिजनों को श्मशान घाट में जगह तक नहीं दी गई। बताया जा रहा है कि महिला के निधन के बाद जब परिवार अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचा, तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने जाति का हवाला देते हुए उन्हें रोक दिया। “भाईचारा” शायद वहीं खत्म हो गया, जहां इंसान की पहचान उसकी जाति से शुरू होती है। परिजन घंटों तक शव को लेकर भटकते रहे, लेकिन कहीं भी उन्हें अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं मिली। अंततः उन्हें मजबूरी में गांव के बाहर ही अंतिम संस्कार करना पड़ा—शायद यही है “समानता” का असली रूप। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने की कोशिश की। अधिकारियों ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जैसा कि अक्सर ऐसे मामलों में होता है। जब मंचों पर “हिंदू-हिंदू भाई-भाई” के नारे लगाए जाते हैं, तब शायद यह बताना भूल जाते हैं कि यह भाईचारा किस-किस के लिए है। क्योंकि जमीन पर तो हालात यह हैं कि मरने के बाद भी इंसान को उसकी जाति से आज़ादी नहीं मिलती। यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि समाज के आईने में दिखती सच्चाई है—जहां शब्दों में एकता है, लेकिन व्यवहार में गहरी खाई अब भी मौजूद है। #justice #equality #humanity #stopdiscrimination #dalitrights1
- मध्य इज़राइल के काफ़र क़ासिम शहर पर मलबा गिरा1