सागर शहर के शुक्रवारी वार्ड में सामुदायिक भवन के निर्माण को लेकर एक गहरा विवाद सामने आया है, जहाँ अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। बीते मंगलवार को एक परिवार ने जनसुनवाई में शिकायत की थी कि निजी भूमि पर सामुदायिक भवन का निर्माण किया जा रहा है और वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि द्वारा इस संबंध में दबाव बनाया जा रहा है। इस मामले के सामने आने के बाद, पार्षद प्रतिनिधि बबलू कमानी ने इन आरोपों को निराधार बताया है। कमानी का कहना है कि संबंधित स्थान पर कोई नया निर्माण नहीं हो रहा है, बल्कि पहले से मौजूद सामुदायिक भवन के विस्तार और द्वितीय खंड के निर्माण के लिए विधायक निधि से राशि स्वीकृत कराई गई है। उन्होंने दावा किया कि यह भवन वर्षों से सरकारी उपयोग में है और वार्डवासी बिना किसी शुल्क के इसका उपयोग करते आ रहे हैं, जिसकी सुविधाओं में कमी के कारण अब विस्तार का प्रयास किया जा रहा है। कमानी ने आरोप लगाया कि जिस प्लॉट को निजी बताया जा रहा है, उसकी वैधानिक स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनके अनुसार, यह भूमि विजय कुमार नामक व्यक्ति को दान स्वरूप मिली थी, जिसने बाद में अनीस खान और फिर चंपाबाई से सौदेबाजी कर पैसे लिए, जबकि किसी के पास वैध रजिस्ट्री या कानूनी दस्तावेज नहीं हैं; पूरा मामला केवल स्टांप और इकरारनामे तक सीमित रहा है। कमानी ने यह भी बताया कि अनीस खान ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए भूमि पर कोई निर्माण नहीं कराया था, क्योंकि वहाँ वर्षों से होलिका दहन होता आ रहा है, लेकिन बाद में इसी भूमि को दोबारा बेचने का प्रयास किया गया। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि उनका उस प्लॉट से कोई व्यक्तिगत लेना-देना नहीं है और उन्हें राजनीतिक रूप से बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। वहीं, शिकायतकर्ता परिवार लगातार निजी भूमि पर कब्जा करने और दबाव बनाने के आरोप दोहरा रहा है। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते इस विवाद के कारण अब क्षेत्र में उच्च स्तरीय जांच की मांग उठने लगी है। स्थानीय लोगों ने नगर विधायक शैलेन्द्र जैन से भी इस मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने की अपील की है।
सागर शहर के शुक्रवारी वार्ड में सामुदायिक भवन के निर्माण को लेकर एक गहरा विवाद सामने आया है, जहाँ अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। बीते मंगलवार को एक परिवार ने जनसुनवाई में शिकायत की थी कि निजी भूमि पर सामुदायिक भवन का निर्माण किया जा रहा है और वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि द्वारा इस संबंध में दबाव बनाया जा रहा है। इस मामले के सामने आने के बाद, पार्षद प्रतिनिधि बबलू कमानी ने इन आरोपों को निराधार बताया है। कमानी का कहना है कि संबंधित स्थान पर कोई नया निर्माण नहीं हो रहा है, बल्कि पहले से मौजूद सामुदायिक भवन के विस्तार और द्वितीय खंड के निर्माण के लिए विधायक निधि से राशि स्वीकृत कराई गई है। उन्होंने दावा किया कि यह भवन वर्षों से सरकारी उपयोग में है और वार्डवासी बिना किसी शुल्क के इसका उपयोग करते आ रहे हैं, जिसकी सुविधाओं में कमी के कारण अब विस्तार का प्रयास किया जा रहा है। कमानी ने आरोप लगाया कि जिस प्लॉट को निजी बताया जा रहा है, उसकी वैधानिक स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनके अनुसार, यह भूमि विजय कुमार नामक व्यक्ति को दान स्वरूप मिली थी, जिसने बाद में अनीस खान और फिर चंपाबाई से सौदेबाजी कर पैसे लिए, जबकि किसी के पास वैध रजिस्ट्री या कानूनी दस्तावेज नहीं हैं; पूरा मामला केवल स्टांप और इकरारनामे तक सीमित रहा है। कमानी ने यह भी बताया कि अनीस खान ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए भूमि पर कोई निर्माण नहीं कराया था, क्योंकि वहाँ वर्षों से होलिका दहन होता आ रहा है, लेकिन बाद में इसी भूमि को दोबारा बेचने का प्रयास किया गया। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि उनका उस प्लॉट से कोई व्यक्तिगत लेना-देना नहीं है और उन्हें राजनीतिक रूप से बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। वहीं, शिकायतकर्ता परिवार लगातार निजी भूमि पर कब्जा करने और दबाव बनाने के आरोप दोहरा रहा है। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते इस विवाद के कारण अब क्षेत्र में उच्च स्तरीय जांच की मांग उठने लगी है। स्थानीय लोगों ने नगर विधायक शैलेन्द्र जैन से भी इस मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने की अपील की है।
- सागर जिले की उल्दन बांध परियोजना से प्रभावित किसानों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। सोमवार दोपहर करीब 1 बजे मुआवजे की मांग को लेकर दो किसान बंडा ब्लॉक के ग्राम किरोला में एक हाईटेंशन टावर पर चढ़ गए। किसानों ने आत्मदाह की चेतावनी दी है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, उल्दन बांध परियोजना में किसानों की जमीन और घर चले गए थे, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला है। किसानों का आरोप है कि वे लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि शासन और प्रशासन द्वारा उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस अमला मौके पर पहुंच गया और किसानों को समझाने का प्रयास कर रहा है। मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई है, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे कोई बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे।1
- सागर केंट पुलिस ने जिला बदर आदेश का उल्लंघन कर क्षेत्र में घूम रहे एक आरोपी फरहान उर्फ बिहारी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सागर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत की गई, जिसमें उन्होंने थाना प्रभारियों को असामाजिक तत्वों, क्षेत्र की शांति भंग करने वाले व्यक्तियों और जिला बदर आरोपियों पर लगातार नज़र रखने तथा उनके खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया था। इन निर्देशों के अनुपालन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक सागर के निर्देशन में केंट थाना स्तर पर एक टीम गठित की गई थी, जो केंट क्षेत्रांतर्गत ऐसे तत्वों पर सतत निगाह रख रही थी। 25 मई, 2026 को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी फरहान उर्फ बिहारी (उम्र 24 वर्ष), जो साविर मकरानी का पुत्र और सागर के केंट थाना क्षेत्र के 12 मोहाल का निवासी है, जिला बदर आदेश का उल्लंघन कर 12 मोहाल सदर बाजार केंट में घूम रहा है। जिला दण्डाधिकारी सागर ने 13 नवंबर, 2025 को इस आरोपी के लिए 08 महीने की अवधि का जिला बदर आदेश जारी किया था। सूचना मिलते ही, थाना प्रभारी केंट रोहित डोंगरे ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अपने स्टाफ के साथ मौके पर दबिश दी और आरोपी फरहान उर्फ बिहारी को वहीं से गिरफ्तार कर लिया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी केंट रोहित डोंगरे के साथ सउनि कैलाश उईके, आर. भानु प्रताप चौधरी, आनंद, सृजन तिवारी, विशाल रावत, दिनेश तिवारी और प्रआरक्षक भवानीशंकर ब्यास का सराहनीय योगदान रहा।2
- मध्य प्रदेश के गढ़ाकोटा में एक अज्ञात महिला चोर गिरोह सक्रिय हो गया है, जहाँ हाल ही में सोने-चांदी की एक दुकान में पायल चोरी की घटना सामने आई है। इस मामले में, तीन महिलाएं दुकान में पायल देख रही थीं। इनमें से एक महिला ने दूसरी महिला को हटाते हुए आगे जगह बनाई। इसके बाद, दूसरी महिला ने पायल के पैकेट को पहले छिपाया, और फिर तीसरी महिला ने उसे उठाकर अपने थैले में रख लिया। लोगों को इन अज्ञात महिला चोरों से विशेष रूप से सावधान रहने की चेतावनी दी गई है।1
- पथरिया नगर के वार्ड क्रमांक 4 में पार्षद शोभा रानी हल्ले साहू ने गर्मी और दूषित पेयजल की गंभीर समस्या को देखते हुए एक सराहनीय पहल की है। वार्डवासियों को बीमारियों और संक्रमण से बचाने के उद्देश्य से, उनके परिवार द्वारा प्रतिदिन निजी खर्च पर स्वच्छ पेयजल के टैंकरों का वितरण किया जा रहा है। पार्षद पुत्र राजू साहू ने बताया कि नगर की पाइपलाइन से गंदा और दूषित पानी आ रहा है जो पीने योग्य नहीं है, इसी कारण लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन लगभग चार टैंकर शुद्ध पेयजल वार्ड में पहुँचाया जा रहा है।1
- रीवा में हुई एक दुर्घटना को लेकर आज जैन समाज सड़कों पर उतर आया है। यह घटना साध्वियों के साथ हुई थी, जिसकी प्रत्यक्षदर्शी आर्यिका श्री १०५ सौम्यमति माताजी ने पूरी घटना का विवरण बताया है। उनके अनुसार, साध्वियों के त्याग, तपस्या और किसी से भी बैर भाव न होने के बावजूद, एक्सीडेंट के दोषी पर प्रशासन का रवैया सोचने पर मजबूर कर रहा है। इसी प्रशासनिक दृष्टिकोण के कारण आज संपूर्ण जैन समाज ने सड़कों पर आकर विरोध प्रदर्शन किया है। समाज का यह कदम, घटना की प्रत्यक्षदर्शी आर्यिका श्री १०५ सौम्यमति माताजी द्वारा बताए गए घटनाक्रम पर आधारित है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि समुदाय दोषी के प्रति बरते जा रहे प्रशासनिक रवैये से संतुष्ट नहीं है।1
- गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सागर की ऐतिहासिक लाखा बंजारा झील पर एक विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान महापौर संगीता सुशील तिवारी ने निगमायुक्त राजकुमार खत्री और जिला पंचायत सीईओ विवेक के वी के साथ मिलकर चकरा घाट सहित कई प्रमुख घाटों की साफ-सफाई की। इस पहल के माध्यम से आमजन को स्वच्छता और जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। अभियान के दौरान, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने नागरिकों से अपील की कि वे जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण करना, स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाने का संदेश देना है।1
- सागर जिले के बंडा विकासखंड के किरोला गांव में सोमवार को तीन किसान हाईटेंशन लाइन के एक टावर पर चढ़ गए, जहाँ वे काफी देर तक बैठे रहे। यह घटना उल्दन बांध परियोजना से उपजे असंतोष का परिणाम है, जिसके तहत किरोला गांव डूब क्षेत्र में आ गया है। शासन द्वारा प्रभावितों को मुआवजा दिया जा चुका है, लेकिन कुछ लोगों का आरोप है कि उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला है, इसी बात से नाराज़ होकर इन युवकों ने यह कदम उठाया। टावर पर चढ़े युवकों का कहना है कि शासन और प्रशासन उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो वे कोई बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और युवकों को नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास कर रहे हैं। रात करीब आठ बजे तक युवक खंभे से नीचे नहीं उतरे थे और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। टावर पर चढ़े युवकों की पहचान ब्रजेश यादव, रवि अहिरवार और संजय पटेल के रूप में हुई है।4
- सागर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में रविवार देर रात भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं ने अवैध शराब से भरे एक पिकअप वाहन को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। बताया गया है कि इस वाहन में भारी मात्रा में शराब बिना किसी वैध दस्तावेज के ले जाई जा रही थी। संगठन के पदाधिकारियों को क्षेत्र में अवैध शराब परिवहन की सूचना मिली थी, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने निगरानी शुरू की और संदिग्ध पिकअप वाहन को रोकने में सफल रहे। मौके पर ही पुलिस को बुलाया गया और वाहन को शाहपुर थाने ले जाया गया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि वाहन चालक के पास शराब परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। वहीं, इस मामले में शराब ठेकेदार द्वारा भी स्पष्ट जानकारी देने से बचा जा रहा है। घटना के बाद से क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच में जुटी है, जिसमें वाहन में भरी शराब, उसके स्रोत और परिवहन संबंधी सभी दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। इस कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है।1