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गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सागर की ऐतिहासिक लाखा बंजारा झील पर एक विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान महापौर संगीता सुशील तिवारी ने निगमायुक्त राजकुमार खत्री और जिला पंचायत सीईओ विवेक के वी के साथ मिलकर चकरा घाट सहित कई प्रमुख घाटों की साफ-सफाई की। इस पहल के माध्यम से आमजन को स्वच्छता और जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। अभियान के दौरान, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने नागरिकों से अपील की कि वे जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण करना, स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाने का संदेश देना है।
Sonu prajapati journalist Pres
गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सागर की ऐतिहासिक लाखा बंजारा झील पर एक विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान महापौर संगीता सुशील तिवारी ने निगमायुक्त राजकुमार खत्री और जिला पंचायत सीईओ विवेक के वी के साथ मिलकर चकरा घाट सहित कई प्रमुख घाटों की साफ-सफाई की। इस पहल के माध्यम से आमजन को स्वच्छता और जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। अभियान के दौरान, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने नागरिकों से अपील की कि वे जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण करना, स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाने का संदेश देना है।
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- रीवा में हुई एक दुर्घटना को लेकर आज जैन समाज सड़कों पर उतर आया है। यह घटना साध्वियों के साथ हुई थी, जिसकी प्रत्यक्षदर्शी आर्यिका श्री १०५ सौम्यमति माताजी ने पूरी घटना का विवरण बताया है। उनके अनुसार, साध्वियों के त्याग, तपस्या और किसी से भी बैर भाव न होने के बावजूद, एक्सीडेंट के दोषी पर प्रशासन का रवैया सोचने पर मजबूर कर रहा है। इसी प्रशासनिक दृष्टिकोण के कारण आज संपूर्ण जैन समाज ने सड़कों पर आकर विरोध प्रदर्शन किया है। समाज का यह कदम, घटना की प्रत्यक्षदर्शी आर्यिका श्री १०५ सौम्यमति माताजी द्वारा बताए गए घटनाक्रम पर आधारित है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि समुदाय दोषी के प्रति बरते जा रहे प्रशासनिक रवैये से संतुष्ट नहीं है।1
- गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सागर की ऐतिहासिक लाखा बंजारा झील पर एक विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान महापौर संगीता सुशील तिवारी ने निगमायुक्त राजकुमार खत्री और जिला पंचायत सीईओ विवेक के वी के साथ मिलकर चकरा घाट सहित कई प्रमुख घाटों की साफ-सफाई की। इस पहल के माध्यम से आमजन को स्वच्छता और जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। अभियान के दौरान, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने नागरिकों से अपील की कि वे जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण करना, स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाने का संदेश देना है।1
- मध्य प्रदेश के गढ़ाकोटा में एक अज्ञात महिला चोर गिरोह सक्रिय हो गया है, जहाँ हाल ही में सोने-चांदी की एक दुकान में पायल चोरी की घटना सामने आई है। इस मामले में, तीन महिलाएं दुकान में पायल देख रही थीं। इनमें से एक महिला ने दूसरी महिला को हटाते हुए आगे जगह बनाई। इसके बाद, दूसरी महिला ने पायल के पैकेट को पहले छिपाया, और फिर तीसरी महिला ने उसे उठाकर अपने थैले में रख लिया। लोगों को इन अज्ञात महिला चोरों से विशेष रूप से सावधान रहने की चेतावनी दी गई है।1
- गाडरवारा स्थित राठी वेयरहाउस खरीदी केंद्र में हुई गुणवत्ता जांच में कुल 1785 क्विंटल गेहूं फेल हो गया है। इस परिणाम के बाद खरीदी प्रक्रिया में अनियमितताओं की बात सामने आई है, जिसको लेकर स्थानीय लोगों और संबंधित पक्षों द्वारा इन अनियमितताओं की गहन जांच की मांग की जा रही है।1
- नरसिंहपुर जिले के नर्मदा तट पर स्थित सुप्रसिद्ध बरमान घाट पर, जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर प्रशासन विशेष रूप से मुस्तैद है और इसी कारण बरमान घाट पर सुरक्षा व्यवस्था को और भी पुख्ता किया गया है। इन उपायों के तहत, गहरे पानी में फ्लोटिंग बॉल भी लगाए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।1
- सागर जिले की उल्दन बांध परियोजना से प्रभावित किसानों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। सोमवार दोपहर करीब 1 बजे मुआवजे की मांग को लेकर दो किसान बंडा ब्लॉक के ग्राम किरोला में एक हाईटेंशन टावर पर चढ़ गए। किसानों ने आत्मदाह की चेतावनी दी है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, उल्दन बांध परियोजना में किसानों की जमीन और घर चले गए थे, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला है। किसानों का आरोप है कि वे लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि शासन और प्रशासन द्वारा उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस अमला मौके पर पहुंच गया और किसानों को समझाने का प्रयास कर रहा है। मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई है, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे कोई बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे।1
- नरसिंहपुर में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सिंगरी नदी को पुनर्जीवित करने के लिए जनभागीदारी से श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल इस अभियान में शामिल हुए, जहां अखंड निराहार परम पूज्य दादा गुरु भी उपस्थित थे। मंत्री श्री पटेल ने सिंगरी नदी में स्वयं श्रमदान कर लोगों को इस नेक कार्य के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वयंसेवी संगठनों और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए श्रमदान किया। सभी ने मिलकर सिंगरी नदी को स्वच्छ, सुंदर और पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से कार्य किया।1
- रीवा में पूज्य आर्यिका माताजी के साथ कार दुर्घटना से हुई समाधि को लेकर लोगों में भारी आक्रोश पनप रहा है। दुर्घटना के वीडियो क्लिप को देखकर यह घटना स्पष्ट रूप से हत्या जैसी प्रतीत हो रही है। इसी आक्रोश के चलते, समस्त भारत देश के अहिंसक समाजों द्वारा 25 मई को मौन जुलूस निकालकर देश एवं राज्य के शासन प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया था। इसी क्रम में, सागर जिले के गौरझामर पुलिस थाना प्रांगण में बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और युवा एकत्रित हुए। उन्होंने रीवा घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की और साधु-साध्वियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'साधु सुरक्षा अधिनियम' बनाने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि घटना स्थल से प्राप्त फुटेज और साक्ष्य पुलिस एवं कोर्ट की निगरानी में सुरक्षित रखे जाएं, तथा घटना की निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि दोषी द्वारा घटना को षड्यंत्र के तहत अंजाम दिया गया था, तो उसे फांसी की सजा सुनाई जाए। इस कठोर दंड की मांग का उद्देश्य यह है कि संपूर्ण संत समाज की विहार व्यवस्था के दौरान घटने वाली घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों पर रोकथाम लग सके। नगर के बड़ा जैन मंदिर से महावीर जिनालय तक, विभिन्न मंदिरों से आए सैकड़ों लोगों का हुजूम 'संत सुरक्षा अभियान' का हिस्सा बनकर इस मौन जुलूस में सम्मिलित हुआ।4