रीवा में पूज्य आर्यिका माताजी के साथ कार दुर्घटना से हुई समाधि को लेकर लोगों में भारी आक्रोश पनप रहा है। दुर्घटना के वीडियो क्लिप को देखकर यह घटना स्पष्ट रूप से हत्या जैसी प्रतीत हो रही है। इसी आक्रोश के चलते, समस्त भारत देश के अहिंसक समाजों द्वारा 25 मई को मौन जुलूस निकालकर देश एवं राज्य के शासन प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया था। इसी क्रम में, सागर जिले के गौरझामर पुलिस थाना प्रांगण में बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और युवा एकत्रित हुए। उन्होंने रीवा घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की और साधु-साध्वियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'साधु सुरक्षा अधिनियम' बनाने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि घटना स्थल से प्राप्त फुटेज और साक्ष्य पुलिस एवं कोर्ट की निगरानी में सुरक्षित रखे जाएं, तथा घटना की निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि दोषी द्वारा घटना को षड्यंत्र के तहत अंजाम दिया गया था, तो उसे फांसी की सजा सुनाई जाए। इस कठोर दंड की मांग का उद्देश्य यह है कि संपूर्ण संत समाज की विहार व्यवस्था के दौरान घटने वाली घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों पर रोकथाम लग सके। नगर के बड़ा जैन मंदिर से महावीर जिनालय तक, विभिन्न मंदिरों से आए सैकड़ों लोगों का हुजूम 'संत सुरक्षा अभियान' का हिस्सा बनकर इस मौन जुलूस में सम्मिलित हुआ।
रीवा में पूज्य आर्यिका माताजी के साथ कार दुर्घटना से हुई समाधि को लेकर लोगों में भारी आक्रोश पनप रहा है। दुर्घटना के वीडियो क्लिप को देखकर यह घटना स्पष्ट रूप से हत्या जैसी प्रतीत हो रही है। इसी आक्रोश के चलते, समस्त भारत देश के अहिंसक समाजों द्वारा 25 मई को मौन जुलूस निकालकर देश एवं राज्य के शासन
प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया था। इसी क्रम में, सागर जिले के गौरझामर पुलिस थाना प्रांगण में बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और युवा एकत्रित हुए। उन्होंने रीवा घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की और साधु-साध्वियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'साधु सुरक्षा अधिनियम' बनाने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की
कि घटना स्थल से प्राप्त फुटेज और साक्ष्य पुलिस एवं कोर्ट की निगरानी में सुरक्षित रखे जाएं, तथा घटना की निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि दोषी द्वारा घटना को षड्यंत्र के तहत अंजाम दिया गया था, तो उसे फांसी की सजा
सुनाई जाए। इस कठोर दंड की मांग का उद्देश्य यह है कि संपूर्ण संत समाज की विहार व्यवस्था के दौरान घटने वाली घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों पर रोकथाम लग सके। नगर के बड़ा जैन मंदिर से महावीर जिनालय तक, विभिन्न मंदिरों से आए सैकड़ों लोगों का हुजूम 'संत सुरक्षा अभियान' का हिस्सा बनकर इस मौन जुलूस में सम्मिलित हुआ।
- रीवा में पूज्य आर्यिका माताजी के साथ कार दुर्घटना से हुई समाधि को लेकर लोगों में भारी आक्रोश पनप रहा है। दुर्घटना के वीडियो क्लिप को देखकर यह घटना स्पष्ट रूप से हत्या जैसी प्रतीत हो रही है। इसी आक्रोश के चलते, समस्त भारत देश के अहिंसक समाजों द्वारा 25 मई को मौन जुलूस निकालकर देश एवं राज्य के शासन प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया था। इसी क्रम में, सागर जिले के गौरझामर पुलिस थाना प्रांगण में बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और युवा एकत्रित हुए। उन्होंने रीवा घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की और साधु-साध्वियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'साधु सुरक्षा अधिनियम' बनाने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि घटना स्थल से प्राप्त फुटेज और साक्ष्य पुलिस एवं कोर्ट की निगरानी में सुरक्षित रखे जाएं, तथा घटना की निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि दोषी द्वारा घटना को षड्यंत्र के तहत अंजाम दिया गया था, तो उसे फांसी की सजा सुनाई जाए। इस कठोर दंड की मांग का उद्देश्य यह है कि संपूर्ण संत समाज की विहार व्यवस्था के दौरान घटने वाली घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों पर रोकथाम लग सके। नगर के बड़ा जैन मंदिर से महावीर जिनालय तक, विभिन्न मंदिरों से आए सैकड़ों लोगों का हुजूम 'संत सुरक्षा अभियान' का हिस्सा बनकर इस मौन जुलूस में सम्मिलित हुआ।4
- सिंगरौली महोत्सव 2026 में भारी जनसैलाब उमड़ा, जहाँ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपनी महत्वपूर्ण योजनाओं का विजन प्रस्तुत किया। यह आयोजन राज्य के भविष्य और विकास को लेकर मुख्यमंत्री के दूरदर्शी दृष्टिकोण को दर्शाता है।1
- नरसिंहपुर के बरमान में नदी में डूब रहे एक युवक को नाविकों ने बहादुरी से बचाया। अपनी जान जोखिम में डालकर उन्होंने युवक को मौत के मुँह से बाहर निकाला, जिसका वीडियो सामने आया है।1
- Post by Sourabh Kumar nath1
- सागर की सड़कों पर जैन समाज के लोग उतर आए, जिन्होंने एक मौन जुलूस निकाला। इस जुलूस के माध्यम से समाज के सदस्यों ने सड़कों पर यात्रा कर रहे मुनि और आर्यिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। बताया गया कि यह पूरा मौन जुलूस अत्यंत अनुशासित रहा।1
- सागर शहर के शुक्रवारी वार्ड में सामुदायिक भवन के निर्माण को लेकर एक गहरा विवाद सामने आया है, जहाँ अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। बीते मंगलवार को एक परिवार ने जनसुनवाई में शिकायत की थी कि निजी भूमि पर सामुदायिक भवन का निर्माण किया जा रहा है और वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि द्वारा इस संबंध में दबाव बनाया जा रहा है। इस मामले के सामने आने के बाद, पार्षद प्रतिनिधि बबलू कमानी ने इन आरोपों को निराधार बताया है। कमानी का कहना है कि संबंधित स्थान पर कोई नया निर्माण नहीं हो रहा है, बल्कि पहले से मौजूद सामुदायिक भवन के विस्तार और द्वितीय खंड के निर्माण के लिए विधायक निधि से राशि स्वीकृत कराई गई है। उन्होंने दावा किया कि यह भवन वर्षों से सरकारी उपयोग में है और वार्डवासी बिना किसी शुल्क के इसका उपयोग करते आ रहे हैं, जिसकी सुविधाओं में कमी के कारण अब विस्तार का प्रयास किया जा रहा है। कमानी ने आरोप लगाया कि जिस प्लॉट को निजी बताया जा रहा है, उसकी वैधानिक स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनके अनुसार, यह भूमि विजय कुमार नामक व्यक्ति को दान स्वरूप मिली थी, जिसने बाद में अनीस खान और फिर चंपाबाई से सौदेबाजी कर पैसे लिए, जबकि किसी के पास वैध रजिस्ट्री या कानूनी दस्तावेज नहीं हैं; पूरा मामला केवल स्टांप और इकरारनामे तक सीमित रहा है। कमानी ने यह भी बताया कि अनीस खान ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए भूमि पर कोई निर्माण नहीं कराया था, क्योंकि वहाँ वर्षों से होलिका दहन होता आ रहा है, लेकिन बाद में इसी भूमि को दोबारा बेचने का प्रयास किया गया। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि उनका उस प्लॉट से कोई व्यक्तिगत लेना-देना नहीं है और उन्हें राजनीतिक रूप से बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। वहीं, शिकायतकर्ता परिवार लगातार निजी भूमि पर कब्जा करने और दबाव बनाने के आरोप दोहरा रहा है। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते इस विवाद के कारण अब क्षेत्र में उच्च स्तरीय जांच की मांग उठने लगी है। स्थानीय लोगों ने नगर विधायक शैलेन्द्र जैन से भी इस मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने की अपील की है।1
- पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देशानुसार नरसिंहपुर जिले में अवैध गतिविधियों पर पूर्णतः अंकुश लगाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत अवैध कार्यों में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, नरसिंहपुर पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति किसी वन्य प्राणी के अवशेष रखे हुए है और उन्हें बेचने की फिराक में घूम रहा है। इस सूचना पर विशेष टीम का गठन किया गया और घेराबंदी करते हुए परमलाल पिता गुरुशरण ठाकुर (उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम बिछुआ कला) नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से वन्य प्राणी सांभर के 5 सींग जब्त किए गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, इस संबंध में वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही की गई है, जिसे पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है।1
- आज शाम विदिशा की सड़कों पर बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं और पुरुष हाथों में कैंडल लेकर मौन जुलूस के साथ गांधी जी की प्रतिमा के समक्ष पहुंचे। यह मार्च रीवा में बीते दिनों हुए एक एक्सीडेंट में सत्य अहिंसा के पुजारी जैन साध्वियों के हताहत होने के विरोध में आयोजित किया गया था, जिससे समाजजन आहत हैं। इस कैंडल मार्च के माध्यम से समाज ने रीवा की घटना के लिए न्याय की मांग की है और संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की है। इसी क्रम में, यह भी बताया गया कि कल पूरे भारत देश में अधिकांश जगहों पर पुनः मौन जुलूस निकाले जाएंगे, जिसमें संतों की सुरक्षा की मांग उठाई जाएगी।1