Shuru
Apke Nagar Ki App…
मंगलवार की शाम तारापुर के शहीद चौक स्थित थाना परिसर के समीप चिप मेडिकल के सामने एक ट्रैक्टर और टोटो के बीच टक्कर हो गई। इस घटना में टोटो चालक बाल-बाल बच गया, जबकि टोटो को नुकसान पहुँचा है। दरअसल, एक टोटो सड़क किनारे खड़ी थी, तभी तारापुर से असरगंज की ओर जा रहे एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर की आवाज सुनते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई और कुछ देर के लिए सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद डायल 112 की टीम मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को अपने कब्जे में लेकर तारापुर थाना पहुँचाया। प्रारंभिक जाँच में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगा रही है।
SUMIT KUMAR
मंगलवार की शाम तारापुर के शहीद चौक स्थित थाना परिसर के समीप चिप मेडिकल के सामने एक ट्रैक्टर और टोटो के बीच टक्कर हो गई। इस घटना में टोटो चालक बाल-बाल बच गया, जबकि टोटो को नुकसान पहुँचा है। दरअसल, एक टोटो सड़क किनारे खड़ी थी, तभी तारापुर से असरगंज की ओर जा रहे एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर की आवाज सुनते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई और कुछ देर के लिए सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद डायल 112 की टीम मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को अपने कब्जे में लेकर तारापुर थाना पहुँचाया। प्रारंभिक जाँच में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगा रही है।
More news from बिहार and nearby areas
- नरेंद्र मोदी जी द्वारा की गई 12 वर्षों की सेवा से जनता और कार्यकर्ता बेहद गदगद और उत्साहित हैं। यह प्रतिक्रिया सम्राट चौधरी के क्षेत्र में देखी गई, जहाँ लोग मोदी जी की सेवाओं को लेकर अपनी खुशी और संतोष व्यक्त कर रहे हैं। इस अवसर पर कई लोगों ने अपनी भावनाएं साझा कीं, जिसके बारे में जानने के लिए उत्सुकता बनी हुई है।1
- मुंगेर के ट्रैफिक डीएसपी प्रभात रंजन के ट्रांसफर की खबर से आम जनता में भारी मायूसी छा गई है, जहाँ हर गली से बस एक ही आवाज़ उठ रही है कि 'सर को मत भेजिए!' प्रभात रंजन सर को बिहार के उन ईमानदार अफसरों में गिना जाता है जिन पर लोग गालियाँ नहीं बल्कि फूल बरसाते हैं। उनमें न तो कोई एटीट्यूड है और न ही इस बात का जरा सा भी घमंड कि वे एक बड़े पुलिस अफसर हैं, उन्होंने वर्दी में भी अपनी इंसानियत जिंदा रखी है। उन्होंने डंडे के बजाय दिल से शहर को संभाला है, युवाओं को सही रास्ता दिखाया और गरीबों के दर्द को समझा है। मुंगेर का हर बच्चा-बूढ़ा उनके यहीं रह जाने के लिए दुआ कर रहा है। बिहार पुलिस को भी प्रभात रंजन जैसे अफसरों पर गर्व है, जिन्हें मुंगेर का असली हीरा और एक सच्चा #RealHero बताया जा रहा है, और जनता उनके ट्रांसफर को रोकने की मार्मिक अपील कर रही है।1
- सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद में 5 करोड़ 93 लाख 70 हजार रुपये की लागत से 60 हाई मास्ट लाइट लगाने की योजना को "घोटाले की मिसाल" बताया जा रहा है। आरोप है कि डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी एक भी लाइट नहीं जली है, फिर भी कार्यपालक पदाधिकारी कंपनी पर मेहरबान बने हुए हैं। इसे विकास के नाम पर सरकारी राशि की "लूट की छूट" करार दिया जा रहा है और योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने 25 मार्च 2025 को इस योजना का कार्य आदेश जारी किया था। टेंडर की शर्तों के मुताबिक, एजेंसी को 30 दिनों के भीतर काम पूरा करना था, अन्यथा वर्क ऑर्डर रद्द हो जाना चाहिए था। हालांकि, कई महीने बीत जाने के बाद भी नगर क्षेत्र में एक भी हाई मास्ट लाइट पूरी तरह चालू नहीं हो सकी है। कई जगहों पर हाई मास्ट के खंभे जमीन पर पड़े हैं, तो कुछ जगहों पर खंभे तो खड़े हैं लेकिन उनमें लाइटें नहीं लगी हैं। आरोप है कि एजेंसी को अग्रिम रूप से 1.5 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान भी कर दिया गया, जिसके बाद उसने काम अधूरा छोड़ दिया। इसके बावजूद अब तक एजेंसी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय ग्रामीण सुरेंद्र यादव सहित कई लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई। इस मामले पर, सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राम विलास दास ने अब एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।1
- यह संघर्षभरी कहानी हर किसी के लिए प्रेरणा है, जहाँ एक व्यक्ति के पैर नहीं होने के बावजूद उनके हौसलों की उड़ान थमी नहीं है। वे ई-रिक्शा चलाकर कड़ी मेहनत और आत्मसम्मान के साथ अपना जीविकोपार्जन कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि ज़िंदगी में चाहे कितनी भी मुश्किलें क्यों न हों, यदि इरादे मजबूत हों तो कोई भी मंजिल दूर नहीं।1
- बांका के बेलहर विधानसभा क्षेत्र के विधायक मनोज यादव ने बुधवार को बेलहर प्रखंड स्थित हनुमाना डैम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डैम को एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार स्तर पर तेज की गई पहलों का जायजा लिया। विधायक यादव ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से विस्तृत चर्चा की है। सरकार ने मामले की गंभीरता को समझते हुए पर्यटन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं, ताकि हनुमाना डैम को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल किया जा सके। मनोज यादव के अनुसार, हनुमाना डैम का विकास बांका जिले के प्रसिद्ध ओढ़नी डैम की तर्ज पर किया जाएगा। प्रस्तावित योजना में पर्यटकों के लिए नौका विहार, बैठने की व्यवस्था, सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ मनोरंजन सुविधाओं का भी लाभ उठा सकेंगे। विधायक ने यह भी कहा कि हनुमाना डैम में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इसके विकसित होने से न केवल क्षेत्र की पहचान बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से होटल, खान-पान, परिवहन और अन्य छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने इस परियोजना को क्षेत्र के समग्र विकास और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्राथमिकता देने की बात कही। निरीक्षण के समय मुखिया रामानंद पंडित, जदयू नेता दिवाकर पंडित, कृष्ण कुमार गोयल, संजीव भगत, मुकेश साह, राधेश्याम यादव, कैलाश यादव, परमानंद यादव, दिनेश सिंह, संजय झा सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।1
- भारतीय रेलवे को देश की जीवनरेखा कहा जाता है, जिस पर हर दिन करोड़ों लोग अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए निर्भर रहते हैं। हालाँकि, हाल ही में सामने आई तस्वीरों ने रेलवे की एक कड़वी हकीकत कैमरे में कैद कर ली है, जो दर्शाती है कि यात्रियों को किस तरह की गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन दृश्यों से स्पष्ट है कि ट्रेनों में यात्रियों के लिए सीट मिलना तो दूर, उन्हें खड़े होने तक की जगह नहीं मिल पा रही है।1
- सहरसा जिले के पतरघट प्रखंड निवासी राजू महतो के 22 वर्षीय पुत्र राजा कुमार की पुणे में एक पोखर में डूबने से दुखद मृत्यु हो गई है। राजा कुमार अपने परिवार के एकमात्र पुत्र थे, जिनकी तीन बहनें हैं। मिली जानकारी के अनुसार, वह लगभग एक माह पहले मजदूरी करने के उद्देश्य से पुणे गए थे। बताया जा रहा है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना तब घटी जब राजा पानी लेने के लिए एक पोखर के पास पहुँचे। उसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए, जिससे डूबने के कारण उनकी जान चली गई। इस घटना की सूचना मिलते ही राजा के परिवार में कोहराम मच गया, और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। राजा कुमार के असामयिक निधन से पूरे गाँव में शोक की लहर दौड़ गई है। भारी संख्या में ग्रामीणों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने तथा परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।1
- एक दुखद घटना में, एक 18 वर्षीय युवक की सल्फास का सेवन करने के बाद मौत हो गई है। इस खबर के सामने आने के बाद से मृतक के परिजनों में गहरा कोहराम मच गया है।1