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शहडोल जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और भंडारण के खिलाफ पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त टीम ने अवैध रेत भंडारण की सूचना मिलने पर डोगरी टोला, कामता कोलुहा और गलगता में दबिश दी, जहां भारी मात्रा में अवैध रूप से भंडारित रेत पाई गई। खनिज विभाग द्वारा इस भारी मात्रा में भंडारित रेत को तत्काल जब्त कर लिया गया है और इसके खिलाफ विधि संगत कार्रवाई की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने में जैतपुर थाना प्रभारी, जैतपुर पुलिस टीम और खनिज विभाग की टीम की महत्वपूर्ण व सराहनीय भूमिका रही है।
Angad Tiwari
शहडोल जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और भंडारण के खिलाफ पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त टीम ने अवैध रेत भंडारण की सूचना मिलने पर डोगरी टोला, कामता कोलुहा और गलगता में दबिश दी, जहां भारी मात्रा में अवैध रूप से भंडारित रेत पाई गई। खनिज विभाग द्वारा इस भारी मात्रा में भंडारित रेत को तत्काल जब्त कर लिया गया है और इसके खिलाफ विधि संगत कार्रवाई की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने में जैतपुर थाना प्रभारी, जैतपुर पुलिस टीम और खनिज विभाग की टीम की महत्वपूर्ण व सराहनीय भूमिका रही है।
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- उमरिया के चंदिया से महज 10 किलोमीटर दूर ग्राम कोयलारी के तेंदुवा गांव में विकास के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। यहां आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंचने वाला मार्ग इस कदर जर्जर हो चुका है कि बरसात के दिनों में यह सड़क कम और दलदल ज्यादा नजर आता है। प्रशासन के विकास के तमाम दावों के बीच इस बदहाल रास्ते ने सरकारी दावों को कीचड़ में धकेल दिया है। इस आंगनबाड़ी केंद्र में करीब 65 नौनिहाल दर्ज हैं, जिन्हें हर दिन इसी दलदल भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। बारिश होते ही पूरे मार्ग में भारी कीचड़ और जलभराव हो जाता है, जिससे रास्ते पर पैर रखना तक मुश्किल हो जाता है। ऐसे खतरनाक हालातों में इन मासूम बच्चों के फिसलने और चोटिल होने का डर हर पल बना रहता है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की संवेदनाएं अब तक इस बदहाल रास्ते तक नहीं पहुंच पाई हैं। इस स्थिति ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां सरकार बच्चों के बेहतर भविष्य, शिक्षा और पोषण को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि इन बच्चों को अपनी बुनियादी शिक्षा और पोषण के लिए हर दिन दलदल से जंग लड़नी पड़ रही है। ऐसे में यह बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी कभी इस बदहाल रास्ते पर आकर इन नौनिहालों का दर्द समझेंगे, या फिर विकास का यह दावा केवल कागजों और बैठकों तक ही सिमट कर रह जाएगा?1
- अनूपपुर कलेक्ट्रेट के नर्मदा सभागार में कलेक्टर हर्षल पंचोली ने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति का जायजा लेते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्क मैनेजमेंट पोर्टल पर प्रत्येक कार्य की अद्यतन जानकारी नियमित रूप से दर्ज की जाए। इस समीक्षा बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग, पीआईयू, ब्रिज कॉर्पोरेशन, स्कूल शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम, नगरीय निकाय, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य विभागों के विकास कार्यों की गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री पंचोली ने कहा कि सभी शासकीय विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी कि शासकीय कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी पूरी गंभीरता से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी सहित विभिन्न निर्माण विभागों के कार्यपालन यंत्री, नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पोर्टल पर दर्ज की जाने वाली सभी जानकारियां तथ्यात्मक, अद्यतन और पूर्ण होनी चाहिए ताकि कार्यों की प्रभावी निगरानी और उनका समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।1
- मध्यप्रदेश विधानसभा में यूसीसी (UCC) अध्यादेश पेश कर दिया गया है। इस विषय पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इससे मुस्लिम महिलाओं को हलाला जैसी परेशानियों से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब 'एक देश-एक विधान-एक प्रधान' की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार की तैयारी इसी मानसून सत्र में यूसीसी को कानून बनाने की है, जिसके लिए मुख्यमंत्री ने विपक्ष से प्रदेशहित में सहयोग करने की अपील की है। इसके अतिरिक्त, मध्यप्रदेश पुलिस की दक्षता बढ़ाने पर भी सरकार का विशेष जोर है। इसी के तहत सरकार ने 8 साल बाद सब-इंस्पेक्टर भर्ती को मंजूरी प्रदान की है।2
- मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत डिण्डौरी जिले के विभिन्न विद्यालयों, ग्रामों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके तहत जिला मुख्यालय डिण्डौरी में उत्कृष्ट विद्यालय ग्राउंड एवं अवंती बाई चौक से कलेक्ट्रेट तिराहा तक छात्र-छात्राओं द्वारा एक विशाल मानव श्रृंखला बनाकर "नशामुक्त भारत" का संदेश दिया गया। इस दौरान मानव श्रृंखला बनाने के साथ ही नशामुक्ति की सामूहिक शपथ भी दिलाई गई, वहीं वाहन रैली, जागरूकता पोस्टर और पम्पलेट वितरण के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। इस विशेष अभियान के अंतर्गत जिलेभर में आयोजित कुल 19 जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 15,000 नागरिकों तक नशामुक्ति का संदेश पहुँचाया गया। इन कार्यक्रमों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी, डीएसपी, थाना प्रभारियों समेत पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों, शिक्षा विभाग, माई भारत (NGO), नशा मुक्ति केंद्र, सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। अंत में, जिला पुलिस डिण्डौरी ने सभी नागरिकों से नशे से दूर रहकर स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की।3
- अनूपपुर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी ने कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में आयोजित समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत सितंबर माह तक सभी शासकीय संस्थाओं और विद्यालयों में व्यापक स्तर पर पौधारोपण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ निर्धारित लक्ष्य के अनुसार अपने-अपने कार्यालयों, शासकीय संस्थाओं और स्कूलों में पौधारोपण सुनिश्चित करने को कहा है। इस अभियान के तहत उच्च शिक्षा विभाग के महाविद्यालयों, स्कूल शिक्षा व जनजातीय कार्य विभाग के विद्यालयों, आश्रमों, छात्रावासों, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों और उद्यानिकी विभाग में पौधारोपण किया जाएगा, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं का सहयोग लिया जाएगा। बैठक के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित कर रुचिपूर्वक और गुणवत्तापूर्ण तरीके से शिकायतों का निराकरण करें। उन्होंने नॉन-अटेंडेड और लंबित शिकायतों के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान देने को कहा। इसके साथ ही, समग्र 2.0 अभियान की समीक्षा करते हुए उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए जा रहे समग्र आईडी कार्डों की प्रगति का जायजा लिया और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर शिविरों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभियान के सुचारू संचालन के लिए किसी भी समस्या के आने पर जिला श्रम अधिकारी से समन्वय कर उसका तत्काल निराकरण करने को भी कहा है।1
- "जल ही जीवन है" का नारा बुलंद करते हुए जल संग्रहण के लिए स्मार्ट सिटी फंड से करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा दिए गए हैं। पूरे शहर में काबिल इंजीनियरों द्वारा जल संग्रहण के नाम पर छोटी-बड़ी जल संरचनाएं बनवा दी गई हैं, जिसमें भारी-भरकम बजट का इस्तेमाल किया गया है।1
- संसद के सामने आंसू गैस छोड़ना बंद करने की सीधी मांग सरकार से की गई है। सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा गया है कि वह अपने अयोग्य शिक्षा मंत्री को पद से हटाए और देश के युवाओं की बात सुने।1