Shuru
Apke Nagar Ki App…
मध्यप्रदेश विधानसभा में यूसीसी (UCC) अध्यादेश पेश कर दिया गया है। इस विषय पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इससे मुस्लिम महिलाओं को हलाला जैसी परेशानियों से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब 'एक देश-एक विधान-एक प्रधान' की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार की तैयारी इसी मानसून सत्र में यूसीसी को कानून बनाने की है, जिसके लिए मुख्यमंत्री ने विपक्ष से प्रदेशहित में सहयोग करने की अपील की है। इसके अतिरिक्त, मध्यप्रदेश पुलिस की दक्षता बढ़ाने पर भी सरकार का विशेष जोर है। इसी के तहत सरकार ने 8 साल बाद सब-इंस्पेक्टर भर्ती को मंजूरी प्रदान की है।
रोहित कुमार पाठक
मध्यप्रदेश विधानसभा में यूसीसी (UCC) अध्यादेश पेश कर दिया गया है। इस विषय पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इससे मुस्लिम महिलाओं को हलाला जैसी परेशानियों से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब 'एक देश-एक विधान-एक प्रधान' की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार की तैयारी इसी मानसून सत्र में यूसीसी को कानून बनाने की है, जिसके लिए मुख्यमंत्री ने विपक्ष से प्रदेशहित में सहयोग करने की अपील की है। इसके अतिरिक्त, मध्यप्रदेश पुलिस की दक्षता बढ़ाने पर भी सरकार का विशेष जोर है। इसी के तहत सरकार ने 8 साल बाद सब-इंस्पेक्टर भर्ती को मंजूरी प्रदान की है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मैहर जिले के अमरपाटन में आज रामनगर रोड चौराहे पर संदीपनी विद्यालय के सामने समस्त छात्र-छात्राओं और नवयुवकों द्वारा सोनम वांगचुक को अपना समर्थन देते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया गया। करीब दो घंटे तक चले इस जोरदार प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार आर डी साकेत को अपना ज्ञापन सौंपा। इस पूरे प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में छात्र-छात्राओं सहित स्थानीय नवयुवक मौजूद रहे।1
- मध्यप्रदेश विधानसभा में यूसीसी (UCC) अध्यादेश पेश कर दिया गया है। इस विषय पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इससे मुस्लिम महिलाओं को हलाला जैसी परेशानियों से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब 'एक देश-एक विधान-एक प्रधान' की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार की तैयारी इसी मानसून सत्र में यूसीसी को कानून बनाने की है, जिसके लिए मुख्यमंत्री ने विपक्ष से प्रदेशहित में सहयोग करने की अपील की है। इसके अतिरिक्त, मध्यप्रदेश पुलिस की दक्षता बढ़ाने पर भी सरकार का विशेष जोर है। इसी के तहत सरकार ने 8 साल बाद सब-इंस्पेक्टर भर्ती को मंजूरी प्रदान की है।2
- सतना जिले के मझगवां में कांग्रेस नेता आशुतोष द्विवेदी अपने समर्थकों के साथ SDM कार्यालय पहुंचे हैं।1
- सतना जिले के रामपुर तहसील में कलेक्टर की जनसुनवाई में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। जनसुनवाई खत्म होने के बाद जब कलेक्टर वहां से निकलने लगे, तो मौजूद भारी भीड़ ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। मौके पर रामपुर थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी ने पुलिस बल के साथ खुद मोर्चा संभाला और काफी मशक्कत के बाद भीड़ को नियंत्रित किया। इसके बाद पूरी भीड़ अपनी-अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए कलेक्टर के पास पहुंच गई। कलेक्टर ने लोगों को आश्वस्त किया कि यह जनसुनवाई समय-समय पर आयोजित की जाएगी और सभी की समस्याओं का उचित समय पर निराकरण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक ही दिन में क्षेत्र के सभी लोगों की समस्याओं का समाधान संभव नहीं है। इसके साथ ही कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि यदि कोई वैधानिक कारण नहीं मिला और लोगों की समस्याएं लंबित रहीं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। भीड़ के भारी आक्रोश को देखते हुए कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की और जनता को शांति बनाए रखने की नसीहत दी। उन्होंने लोगों से बात करते हुए कहा कि वे उनकी समस्याओं को सुनने के लिए ही वहां आए हैं, और यदि जनता अशांति फैलाएगी तो यहां कौन आएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समस्याओं का निराकरण करना प्रशासन का दायित्व है और वे इसे पूरा करेंगे। इसके बाद कलेक्टर अपनी गाड़ी में बैठकर सतना के लिए रवाना हो गए।1
- सतना जिले के मैहर में कोटेदार पर कार्यवाही किए जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। क्षेत्र में लगातार इस बात को लेकर संशय बना हुआ है कि क्या कोटेदार के खिलाफ कोई कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को ओबीसी महासभा के बैनर तले हजारों की संख्या में छात्रों, किसानों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने विधानसभा का घेराव करने के लिए कूच किया। प्रदर्शनकारी प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण को पूर्ण रूप से लागू करने और सरकारी भर्तियों में 13% पदों पर लगाए गए होल्ड को तत्काल समाप्त करने की मांग कर रहे थे। विधानसभा की ओर बढ़ रहे इन प्रदर्शनकारियों को जब पुलिस ने रंगमहल चौराहे पर भारी बैरिकेडिंग करके रोका, तो दोनों पक्षों के बीच तीखा संघर्ष देखने को मिला। इस दौरान उग्र प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स पर चढ़कर अपना कड़ा विरोध जताया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन (वज्र वाहन) का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस की इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए हैं, इसके बावजूद कार्यकर्ताओं का हौसला कम नहीं हुआ और वे वहीं सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं और प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया और बसों में भरकर थाने ले गई। हिरासत में लिए गए लोगों में ओबीसी महासभा राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य धर्मेंद्र कुशवाहा, राकेश लोधी, लोकेंद्र गुर्जर, सीबी कुशवाहा, डॉ. बृजेंद्र यादव, रूपेश यादव और ओबीसी महासभा युवा मोर्चा के सतना जिला अध्यक्ष दीपनारायण कुशवाहा (राजा सतना) सहित कई क्रांतिकारी साथी शामिल रहे। ओबीसी महासभा के इस आंदोलन को विपक्षी दलों का भी भारी समर्थन मिला। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघर, कांग्रेस विधायक सचिन यादव और समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। नेताओं ने सरकार को सख्त चेतावनी दी कि यदि ओबीसी वर्ग के अधिकारों की अनदेखी बंद नहीं की गई, तो यह आंदोलन सड़क से लेकर सदन तक और भी उग्र रूप धारण करेगा। वहीं, ओबीसी महासभा के नेताओं ने भी दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार का यह दमनकारी रवैया उनके संघर्ष को रोक नहीं सकता और जब तक उन्हें संवैधानिक 27% अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक यह लड़ाई लगातार जारी रहेगी।1
- मध्य प्रदेश में अमरपाटन के पड़हा के पास विजयंत ट्रेवल्स की रीवा-नागपुर बस को पीछे से एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। इस हादसे में कई लोग घायल हो गए हैं। घटना के बाद अमरपाटन पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सभी घायल यात्रियों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया है।2