1931 के मूल राष्ट्रीय जनगणना पर आधारित जाति जनगणना 2027 करवाना जनहित में नितांत आवश्यक है.... जाति जनगणना 2027: सामाजिक न्याय और पारदर्शी शासन की ओर एक आवश्यक कदम भारत जैसे विविधतापूर्ण राष्ट्र में सामाजिक और आर्थिक समानता सुनिश्चित करना सदैव से एक बड़ी चुनौती रही है। वर्तमान में देश के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में 'जाति जनगणना' का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान के राष्ट्रीय संयोजक अनिल कुमार प्रजापति द्वारा उठाई गई मांग इस दिशा में एक गंभीर विमर्श की आवश्यकता को रेखांकित करती है। 1931 के आंकड़ों की प्रासंगिकता और 2027 का लक्ष्य भारत में अंतिम व्यापक जातीय जनगणना 1931 में हुई थी, जिसमें 4,147 जातीय समूहों को चिन्हित किया गया था। वर्तमान मांग के अनुसार, यह आवश्यक है कि: * मूल संदर्भ: 1931 की जनगणना को आधार मानकर आधुनिक भारत की वास्तविक सामाजिक स्थिति का आकलन किया जाए। * उपजातियों की गणना: केवल मुख्य जातियों ही नहीं, बल्कि उनके भीतर मौजूद तमाम उपजातियों की भी विस्तृत गणना की जाए ताकि हाशिए पर खड़े अंतिम व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुँच सके। * समय सीमा: इस पूरी प्रक्रिया को 2027 तक पूर्ण कर लिया जाए, ताकि विकास की योजनाओं को नए सिरे से परिभाषित किया जा सके। संख्यात्मक आरक्षण और हिस्सेदारी का निर्धारण इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 'संख्यात्मक आरक्षण' (Proportional Representation) को लागू करना है। जब तक हमारे पास सटीक डेटा नहीं होगा, तब तक 'जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी' का सिद्धांत केवल एक नारा बनकर रह जाएगा। * सटीक डेटा: जातियों की वर्तमान जनसंख्या के अनुसार आरक्षण और संसाधनों का बंटवारा होने से पारदर्शिता आएगी। * समान वितरण: इससे पिछड़ों और अति-पिछड़ों के भीतर भी उन वर्गों को लाभ मिल सकेगा जो अब तक मुख्यधारा से कटे हुए हैं। वैमनस्यता और निजी स्वार्थ पर अंकुश अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान का तर्क है कि वर्तमान में जाति आधारित डेटा के अभाव में कई स्वयंभू नेता और 'लीडर' अपने निजी स्वार्थ के लिए जातियों के बीच गुटबाजी पैदा कर रहे हैं। > "जब आंकड़ों के माध्यम से प्रत्येक जाति और उपजाति की स्थिति स्पष्ट होगी, तो भ्रम और वैमनस्य फैलाने वाली नीतियों पर स्वतः अंकुश लग जाएगा।" > सटीक आंकड़ों के आने से राजनीतिक ब्लैकमेलिंग खत्म होगी और नीतियां केवल ठोस तथ्यों के आधार पर बनेंगी, न कि चुनावी तुष्टीकरण के आधार पर।
1931 के मूल राष्ट्रीय जनगणना पर आधारित जाति जनगणना 2027 करवाना जनहित में नितांत आवश्यक है.... जाति जनगणना 2027: सामाजिक न्याय और पारदर्शी शासन की ओर एक आवश्यक कदम भारत जैसे विविधतापूर्ण राष्ट्र में सामाजिक और आर्थिक समानता सुनिश्चित करना सदैव से एक बड़ी चुनौती रही है। वर्तमान में देश के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में 'जाति जनगणना' का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान के राष्ट्रीय संयोजक अनिल कुमार प्रजापति द्वारा उठाई गई मांग इस दिशा में एक गंभीर विमर्श की आवश्यकता को रेखांकित करती है। 1931 के आंकड़ों की प्रासंगिकता और 2027 का लक्ष्य भारत में अंतिम व्यापक जातीय जनगणना 1931 में हुई थी, जिसमें 4,147 जातीय समूहों को चिन्हित किया गया था। वर्तमान मांग के अनुसार, यह आवश्यक है कि: * मूल संदर्भ: 1931 की जनगणना को आधार मानकर आधुनिक भारत की वास्तविक सामाजिक स्थिति का आकलन किया जाए। * उपजातियों की गणना: केवल मुख्य जातियों ही नहीं, बल्कि उनके भीतर मौजूद तमाम उपजातियों की भी विस्तृत गणना की जाए ताकि हाशिए पर खड़े अंतिम व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुँच सके। * समय सीमा: इस पूरी प्रक्रिया को 2027 तक पूर्ण कर लिया जाए, ताकि विकास की योजनाओं को नए सिरे से परिभाषित किया जा सके। संख्यात्मक आरक्षण और हिस्सेदारी का निर्धारण इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 'संख्यात्मक आरक्षण' (Proportional Representation) को लागू करना है। जब तक हमारे पास सटीक डेटा नहीं होगा, तब तक 'जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी' का सिद्धांत केवल एक नारा बनकर रह जाएगा। * सटीक डेटा: जातियों की वर्तमान जनसंख्या के अनुसार आरक्षण और संसाधनों का बंटवारा होने से पारदर्शिता आएगी। * समान वितरण: इससे पिछड़ों और अति-पिछड़ों के भीतर भी उन वर्गों को लाभ मिल सकेगा जो अब तक मुख्यधारा से कटे हुए हैं। वैमनस्यता और निजी स्वार्थ पर अंकुश अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान का तर्क है कि वर्तमान में जाति आधारित डेटा के अभाव में कई स्वयंभू नेता और 'लीडर' अपने निजी स्वार्थ के लिए जातियों के बीच गुटबाजी पैदा कर रहे हैं। > "जब आंकड़ों के माध्यम से प्रत्येक जाति और उपजाति की स्थिति स्पष्ट होगी, तो भ्रम और वैमनस्य फैलाने वाली नीतियों पर स्वतः अंकुश लग जाएगा।" > सटीक आंकड़ों के आने से राजनीतिक ब्लैकमेलिंग खत्म होगी और नीतियां केवल ठोस तथ्यों के आधार पर बनेंगी, न कि चुनावी तुष्टीकरण के आधार पर।
- महुली पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए लूट से सम्बन्धित 01 अभियुक्त को घटना के 24 घंटे के अन्दर किया गया गिरफ्तार* *लूट के मामले का सफल अनावरण करते हुए 01 अदद अवैध तमंचा .12 बोर, 01 अदद जिंदा कारतूस .12 बोर, लूट का 01 अदद काला बैग (मय 01 अदद बाट माप मशीन, मोबाईल चार्जर व 02 अदद फर्म की रसीद) किया गया बरामद* पुलिस अधीक्षक जनपद संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीना* के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक *श्री सुशील कुमार सिंह* के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी धनघटा *श्री अभयनाथ मिश्र* के निकट पर्यवेक्षण में जनपद संतकबीरनगर में अपराध एवं अपराधियो के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थानाध्यक्ष महुली *श्री दुर्गेश कुमार पाण्डेय* के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए आज दिनाँक 30.03.2026 को लूट की घटना का सफल अनावरण करते हुए लूट में संलिप्त 01 अभियुक्त गुलशन गौतम पुत्र कन्हैया लाल निवासी भगौतीपुर थाना महुली जनपद संतकबीरनगर को अगया उर्फ सिदाही मोड़ से गिरफ्तार किया गया । *घटना का संक्षिप्त विवरणः-* वादी श्री दानिश पुत्र अजीजुल्लाह ग्राम रजनौली थाना महुली जनपद संतकबीरनगर द्वारा आज दिनाँक 30.03.2026 को थाना महुली पर प्रार्थना पत्र दिया गया कि मैं धनघटा क्षेत्र में एक मुर्गीफार्म में काम करता हूँ, आज दिनाँक 30.03.2026 को सुबह के समय मै ग्राम भगौतीपुर स्थित मुर्गीफार्म से मुर्गी लोड कराने के बाद बाईक से घर जा रहा था कि भगौतीपुर पुलिया पर पहुँचते ही अज्ञात व्यक्ति द्वारा मेरी बाईक रोककर मेरी कनपटी पर कट्टा सटा दिया और मेरा बैग जिसमें बाट माप व चार्ज कापी रखा हुआ था लेकर भाग गया । प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना महुली पर मु0अ0सं0 110/26 धारा 309(4) बीएनएस का अभियोग पंजीकृत किया गया था । *गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर अभियोग उपरोक्त में धारा 317(2) बीएनएस व धारा 3/25 आर्म्स एक्ट की बढोत्तरी की गयी ।* *गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पताः-* गुलशन गौतम पुत्र कन्हैया लाल निवासी भगौतीपुर थाना महुली जनपद संतकबीरनगर । *बरामदगी का विवरणः-* 01 अदद अवैध तमंचा .12 बोर । अदद जिंदा कारतूस .12 बोर । लूट का 01 अदद काला बैग (मय 01 अदद बाट माप मशीन, मोबाईल चार्जर व 02 अदद फर्म की रसीद) । *पूछताछ विवरणः-* गिरफ्तार किये गये अभियुक्त से पूछताछ किया गया तो बताया कि मैं पिछले कई दिनो से इनके आने जाने की रेकी कर रहा था, आज सुबह मे भगौतीपुर पुलिया के पास मैं पैसे की लालच में अवैध असलहा सटाकर मुर्गी फार्म के सुपरवाईजर का बैग छीनकर भाग गया था । *गिरफ्तार करने वाले अधिकारी/कर्मचारीगणः-* उ0नि0 श्री नागेन्द्र कुमार सिंह, उ0नि0 श्री अजीत कुमार सिंह, हे0का0 नुरुद्दीन खान, का0 सुनील कुमार सिंह, का0 राजमंगल यादव, का0 अरविन्द यादव ।1
- चारों धर्म की ग्रंथो में वह एक परमेश्वर कौन है जिसने सृष्टि को बनाया है ऋग्वेद, कुरान, गुरु ग्रंथ साहिब, पवित्र बाइबल आई इन चारों धर्मो के ग्रंथों में जानते हैं वह पूर्ण परमेश्वर कौन है1
- यह क्षेत्र खदरा के नाम से जाना जाता है। खदरा ,ग्राम पंचायत भगवानपुर गांव लटपुरवा के अंतर्गत आता है । (ग्राम पंचायत भगवानपुर ब्लॉक बघौली तहसील खलीलाबाद जनपद संत कबीर नगर उत्तर प्रदेश)! जैसा कि स्पषज़्झंजजदिखाई दे रहा है यह रास्ता गांव से निकलकर पूरा और पश्चिम की तरफ जाता है इस रास्ते के ऊपर मिट्टी डालकर इंटरलॉकिंग करवाना बहुत जरूरी है रास्ते मुखर चुके हैं इसके वजह से यातायात प्रभावित होता है आता शासन प्रशासन को क्षेत्र अति शीघ्र सम्मान में लेना चाहिए और रास्ते का नवीनीकरण करना चाहिए।1
- (ब्यूरो संतकबीरनगर) ग्राम स्वराज्य धनघटा। पुलिस अधीक्षक जनपद संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र के निकट पर्यवेक्षण में जनपद संतकबीरनगर में अपराध एवं अपराधियो के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए आज दिनाँक 30.03.2026 को लूट की घटना का सफल अनावरण करते हुए लूट में संलिप्त 01 अभियुक्त गुलशन गौतम पुत्र कन्हैया लाल निवासी भगौतीपुर थाना महुली जनपद संतकबीरनगर को अगया उर्फ सिदाही मोड़ से गिरफ्तार किया गया । घटना का संक्षिप्त विवरणवादी दानिश पुत्र अजीजुल्लाह ग्राम रजनौली थाना महुली जनपद संतकबीरनगर द्वारा आज दिनाँक 30.03.2026 को थाना महुली पर प्रार्थना पत्र दिया गया कि मैं धनघटा क्षेत्र में एक मुर्गीफार्म में काम करता हूँ, आज दिनाँक 30.03.2026 को सुबह के समय मै ग्राम भगौतीपुर स्थित मुर्गीफार्म से मुर्गी लोड कराने के बाद बाईक से घर जा रहा था कि भगौतीपुर पुलिया पर पहुँचते ही अज्ञात व्यक्ति द्वारा मेरी बाईक रोककर मेरी कनपटी पर कट्टा सटा दिया और मेरा बैग जिसमें बाट माप व चार्ज कापी रखा हुआ था लेकर भाग गया । प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना महुली पर मु0अ0सं0 110/26 धारा 309(4) बीएनएस का अभियोग पंजीकृत किया गया था । गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर अभियोग उपरोक्त में धारा 317(2) बीएनएस व धारा 3/25 आर्म्स एक्ट की बढोत्तरी की गयी4
- संतकबीरनगर । पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना द्वारा सोमवार को महिला थाना का वार्षिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान थाने की साफ-सफाई, बैरकों की स्थिति तथा शौचालयों की व्यवस्था का जायजा लिया गया, जिसमें गंदगी पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान थाना परिसर, कार्यालय, हवालात, मिशन शक्ति केन्द्र, महिला हेल्प डेस्क एवं साइबर हेल्प डेस्क के अभिलेखों और अभिलेखागार की गहन जांच की गई। मिशन शक्ति केन्द्र और महिला हेल्प डेस्क पर महिला संबंधी प्रकरणों की समीक्षा करते हुए फरियादियों की समस्याओं का सहानुभूतिपूर्वक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही महिला कर्मियों को क्षेत्र में जाकर महिलाओं को हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देने के लिए कहा गया। पुलिस अधीक्षक ने एफआईआर रजिस्टर, विवेचना अभिलेख, मालखाना रजिस्टर तथा लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए सभी प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल अपराधों से जुड़े मामलों में विशेष संवेदनशीलता बरतने तथा निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों से शस्त्रों के रखरखाव एवं संचालन का अभ्यास भी कराया गया। उन्होंने पुलिस बल को जनता के प्रति शालीन व्यवहार, त्वरित कार्रवाई और निष्पक्ष पुलिसिंग अपनाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद अमित कुमार, महिला थानाध्यक्ष पूनम मौर्या तथा पीआरओ पी.के. गुप्ता सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- भदाह चौराहा, 30 मार्च 2026। गायत्री एकेडमी एवं जगदीश प्रसाद उपाध्याय इंटरमीडिएट कॉलेज, भदाह चौराहा के विद्यालय परिसर में सोमवार को परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में विद्यालय के संरक्षक राजेश उपाध्याय एवं प्रबंधक करन उपाध्याय की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्य अतिथियों ने मेधावी विद्यार्थियों को मेडल व पुरस्कार प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा अन्य छात्रों को कड़ी मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री राम शिव चौधरी, सूर्यवंश चौधरी, पप्पू प्रधान (गंगौली), रामस्वरूप चौधरी (बरहटा), अनीश चौधरी (बारीगांव) एवं विजय श्रीवास्तव (बखारिया) उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान संरक्षक राजेश उपाध्याय ने अपने सम्बोधन में कहा कि “शिक्षा ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। छात्र-छात्राओं को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करना चाहिए। आज के मेधावी छात्र आने वाले कल का उज्ज्वल भविष्य हैं। विद्यालय परिवार का प्रयास है कि हर विद्यार्थी को बेहतर शिक्षा और मार्गदर्शन मिले।” उन्होंने अभिभावकों एवं शिक्षकों के योगदान की भी सराहना की। कक्षा 9 के टॉपर्स: संतोषी, पूजा, सृष्टि, प्रिया, शिवा यादव, क्रांति कक्षा 11 के टॉपर्स: तितिक्षा उपाध्याय, सलोनी आर्या, उदय कुमार, यासमीन, शिवांगी राय, विनीता कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया तथा छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।1
- उन्नाव में एक डॉक्टर ने ऐसा प्लास्टर चढ़ाया है जो लोगो के लिए हैरानी का विषय बना हुआ है1
- कबीर परमेश्वर निर्माण दिवस पर कबीर परमेश्वर की लीला कबीर परमेश्वर सतलोक गमन कबीर परमेश्वर मगहर से सतलोक गमन धन्य तेरी मगर लीला जय हो बंदी छोड़ कबीर1