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बहरागोड़ा: स्वर्णरेखा नदी तट पर बम डिफ्यूज करने की तैयारी पूरी, उच्चाधिकारियों के निर्देश का इंतजार बहरागोड़ा प्रखंड के पानीपोड़ा गांव में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब स्वर्णरेखा नदी के तट पर सेना की एक विशेष टीम बम निस्तारण (Bomb Disposal) के लिए पहुँची. प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेना के विशेषज्ञों द्वारा क्षेत्र में मिले पुराने जीवित बमों को नियंत्रित विस्फोट के जरिए नष्ट करने की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई थी. सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए टीम ने धमाके के लिए आवश्यक सभी तकनीकी प्रक्रियाएं और गड्ढे खोदने जैसे सुरक्षा घेरे तैयार कर लिए थे, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का नुकसान न हो.हालांकि, मंगलवार को होने वाला यह सुनियोजित विस्फोट अंतिम समय पर टाल दिया गया. बताया जा रहा है कि सेना की टीम पूरी तरह तैयार थी, लेकिन संबंधित विभाग और उच्चाधिकारियों की ओर से विस्फोट की अंतिम अनुमति (Clearance) नहीं मिल पाने के कारण इस अभियान को फिलहाल स्थगित करना पड़ा.

2 hrs ago
user_Kanai Ram Hembram
Kanai Ram Hembram
Journalist,ETV (Bharat) घाटशिला, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड•
2 hrs ago
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बहरागोड़ा: स्वर्णरेखा नदी तट पर बम डिफ्यूज करने की तैयारी पूरी, उच्चाधिकारियों के निर्देश का इंतजार बहरागोड़ा प्रखंड के पानीपोड़ा गांव में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब स्वर्णरेखा नदी के तट पर सेना की एक विशेष टीम बम निस्तारण (Bomb Disposal) के लिए पहुँची. प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेना के विशेषज्ञों द्वारा क्षेत्र में मिले पुराने जीवित बमों को नियंत्रित विस्फोट के जरिए नष्ट करने की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई थी. सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए टीम ने धमाके के लिए आवश्यक सभी तकनीकी प्रक्रियाएं और गड्ढे खोदने जैसे सुरक्षा घेरे तैयार कर लिए थे, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का नुकसान न हो.हालांकि, मंगलवार को होने वाला यह सुनियोजित विस्फोट अंतिम समय पर टाल दिया गया. बताया जा रहा है कि सेना की टीम पूरी तरह तैयार थी, लेकिन संबंधित विभाग और उच्चाधिकारियों की ओर से विस्फोट की अंतिम अनुमति (Clearance) नहीं मिल पाने के कारण इस अभियान को फिलहाल स्थगित करना पड़ा.

More news from झारखंड and nearby areas
  • सरायकेला : सरायकेला जिला मुख्यालय में सोमवार को विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल ने जिलाध्यक्ष डॉ. जे एन दास के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। कार्यकताओं ने लेंसकार्ट मुद्दा, लव जिहाद, भूम ि जिहाद, जबरन धर्म परिवर्तन और महिलाओं के विश्व सरायकेला खरसाव विकृत जेहादी मानसिकता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शोषण के मुद्दों पर चिंता जताते हुए राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। डॉ. जे एन दास ने कहा कि देश मे ं ऐसी घटनाए ं बढ़ रही हैं और इन पर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी ह ै ताकि कानून का डर बना रहे। भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रितिका मुखी ने महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का शोषण बर्दाश्त नही ं होगा और प्रशासन को ठोस कदम उठान े चाहिए। प्रदर्शन मे ं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए और नारेबाजी कर मांगें रखीं। इस दौरान प्रांतीय धमार्चार्य सह प्रमुख भगवान सिंह, जिलामंत्री उमाकांत महतो, विभाग संगठन मंत्री मिथिलेश महतो, प्रखंड उपाध्यक्ष धनंजय स्वर्णकार, गौरक्षा प्रमुख बिट्टू सतपति, प्रचार प्रसार प्रमुख नीतीश सिंह, भाजपा महिला मोर्चा से अनीषा सिन्हा, सुनीता मिश्रा, दुलारी झा आद ि मौजूद रहे। संगठन ने जल्द
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    सरायकेला : सरायकेला जिला मुख्यालय में सोमवार को विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल ने जिलाध्यक्ष डॉ. जे एन दास के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। कार्यकताओं ने लेंसकार्ट मुद्दा, लव जिहाद, भूम ि जिहाद, जबरन धर्म परिवर्तन और महिलाओं के
विश्व
सरायकेला खरसाव विकृत जेहादी मानसिकता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
शोषण के मुद्दों पर चिंता जताते हुए राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। डॉ. जे एन दास ने कहा कि देश मे ं ऐसी घटनाए ं बढ़ रही हैं और इन पर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी ह ै ताकि कानून का डर बना रहे। भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रितिका मुखी ने महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का शोषण बर्दाश्त नही ं होगा और प्रशासन को ठोस कदम उठान े चाहिए।
प्रदर्शन मे ं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए और नारेबाजी कर मांगें रखीं। इस दौरान प्रांतीय धमार्चार्य सह प्रमुख भगवान सिंह, जिलामंत्री उमाकांत महतो, विभाग संगठन मंत्री मिथिलेश महतो, प्रखंड उपाध्यक्ष धनंजय स्वर्णकार, गौरक्षा प्रमुख बिट्टू सतपति, प्रचार प्रसार प्रमुख नीतीश सिंह, भाजपा महिला मोर्चा से अनीषा सिन्हा, सुनीता मिश्रा, दुलारी झा आद ि मौजूद रहे। संगठन ने जल्द
    user_DALMA NEWS live
    DALMA NEWS live
    आदित्यपुर (गमहरिया), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    8 hrs ago
  • 20 अप्रैल को बोकारो थर्मस पावर प्लांट बीटीपीएस परिसर स्थित फायर स्टेशन में सीआईएसएफ यूनिट द्वारा फायर सर्विस वीक 2026 के समापन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सीआईएसएफ यूनिट बीटीपीएस के सभी रैंक के अधिकारियों एवं जवानों की उपस्थिति रही। समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में सीजीएम एवं एचओपी श्री सुनील कुमार अजरिया उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना तथा समाज के विभिन्न वर्गों विशेष कर विद्यार्थियों को सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना रहा। सीआईएसएफ द्वारा पूर्व में भी क्षेत्र के कई विद्यालयों में जाकर आग से बचाव एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया था। इसी क्रम में आयोजित ड्राइंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी कला के माध्यम से सुरक्षा संदेश प्रस्तुत किए। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री सुशील कुमार अजरिया ने अग्नि सुरक्षा के महत्व पर बोल दिया। उन्होंने हाल ही में हुए स्कॉर्पियो और मालगाड़ी की बीच दुर्घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसी घटनाएं सुरक्षा के प्रति लापरवाही का परिणाम है। साथ ही उन्होंने ओवरब्रिज निर्माण में हो रहे देरी को लेकर साजिश के आशंका जताई और कहा कि इससे आम जनता की भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समारोह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। CISF द्वारा इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता की सुदृढ़ करने का प्रयास सराहनीय बताया गया।
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    20 अप्रैल को बोकारो थर्मस पावर प्लांट बीटीपीएस परिसर स्थित फायर स्टेशन में सीआईएसएफ यूनिट द्वारा फायर सर्विस वीक 2026 के समापन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सीआईएसएफ यूनिट बीटीपीएस के सभी रैंक के अधिकारियों एवं जवानों की उपस्थिति रही। समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में सीजीएम एवं एचओपी श्री सुनील कुमार अजरिया उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना तथा समाज के विभिन्न वर्गों विशेष कर विद्यार्थियों को सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना रहा। सीआईएसएफ  द्वारा पूर्व में भी क्षेत्र के कई विद्यालयों में जाकर आग से बचाव एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया था। इसी क्रम में आयोजित ड्राइंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी कला के माध्यम से सुरक्षा संदेश प्रस्तुत किए।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री सुशील कुमार अजरिया ने अग्नि सुरक्षा के महत्व पर बोल दिया। उन्होंने हाल ही में हुए स्कॉर्पियो और मालगाड़ी की बीच दुर्घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसी घटनाएं सुरक्षा के प्रति लापरवाही का परिणाम है। साथ ही उन्होंने ओवरब्रिज निर्माण में हो रहे देरी को लेकर साजिश के आशंका जताई और कहा कि इससे आम जनता की भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
समारोह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। CISF द्वारा इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता की सुदृढ़ करने का प्रयास सराहनीय बताया गया।
    user_NUNU RAM MAHATO
    NUNU RAM MAHATO
    Local News Reporter गोविंदपुर (राजनगर), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    10 hrs ago
  • सरायकेला - सरायकेला जिले में इन दिनों सूरज के तेवर बेहद तीखे बने हुए हैं। मंगलवार को तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाने के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दिन भर की चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं (लू) ने लोगों का घर से निकलना बेहाल कर दिया है। स्थिति यह है कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और थोड़ी ही दूरी तय करने पर गला सूखने जैसी समस्या सामने आ रही है। गर्मी के इस प्रकोप के बीच शहर के चौक-चौराहों पर शीतल पेयों के ठेले सज गए हैं। लोग गर्मी से निजात पाने के लिए प्राकृतिक और पारंपरिक पेयों का सहारा ले रहे हैं। बाजार में आम शरबत, नींबू पानी, सत्तू शरबत, गन्ने का जूस और बेल के शरबत की मांग में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि इस साल बिक्री में 50% से अधिक का उछाल आया है। दिलचस्प बात यह है कि ब्रांडेड कोल्ड ड्रिंक्स की तुलना में पारंपरिक पेयों की पकड़ बाजार में काफी मजबूत हुई है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग अब सत्तू, गन्ने और बेल के शरबत को प्राथमिकता दे रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, ये पेय न केवल शरीर को ठंडा रखते हैं, बल्कि डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से बचाने में भी बेहद कारगर साबित होते हैं। मौसम विभाग और स्थानीय विशेषज्ञों की मानें तो फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है, जिससे शीतल पेयों की मांग का यह ग्राफ लगातार ऊपर रहने के आसार हैं।
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    सरायकेला - सरायकेला जिले में इन दिनों सूरज के तेवर बेहद तीखे बने हुए हैं। मंगलवार को तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाने के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दिन भर की चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं (लू) ने लोगों का घर से निकलना बेहाल कर दिया है। स्थिति यह है कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और थोड़ी ही दूरी तय करने पर गला सूखने जैसी समस्या सामने आ रही है।
गर्मी के इस प्रकोप के बीच शहर के चौक-चौराहों पर शीतल पेयों के ठेले सज गए हैं। लोग गर्मी से निजात पाने के लिए प्राकृतिक और पारंपरिक पेयों का सहारा ले रहे हैं। बाजार में आम शरबत, नींबू पानी, सत्तू शरबत, गन्ने का जूस और बेल के शरबत की मांग में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि इस साल बिक्री में 50% से अधिक का उछाल आया है।
दिलचस्प बात यह है कि ब्रांडेड कोल्ड ड्रिंक्स की तुलना में पारंपरिक पेयों की पकड़ बाजार में काफी मजबूत हुई है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग अब सत्तू, गन्ने और बेल के शरबत को प्राथमिकता दे रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, ये पेय न केवल शरीर को ठंडा रखते हैं, बल्कि डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से बचाने में भी बेहद कारगर साबित होते हैं।
मौसम विभाग और स्थानीय विशेषज्ञों की मानें तो फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है, जिससे शीतल पेयों की मांग का यह ग्राफ लगातार ऊपर रहने के आसार हैं।
    user_JAGDISH SAO - स्थानीय रिपोर्टर
    JAGDISH SAO - स्थानीय रिपोर्टर
    Advertising Photographer सरायकेला, सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    33 min ago
  • Post by Ravi Gupta
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    Post by Ravi Gupta
    user_Ravi Gupta
    Ravi Gupta
    सरायकेला, सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    3 hrs ago
  • Seraikella | chandil : एनएच-33 पर गिराए गए बालू से दुर्घटना का खतरा, प्रशासन मौन... बिष्णु पद महापात्र 📲 9934893057 (wa) सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाना क्षेत्र में एनएच-33 पर थाना से मात्र 100 मीटर दूरी पर सड़क पर बालू जमा होने से दुर्घटना का खतरा उत्पन्न हो गया है। आशंका है कि किसी वाहन द्वारा बालू गिराकर फरार हो गया। घंटों तक स्थिति जस की तस रहने से प्रशासन और एनएचएआई की लापरवाही सामने आई है। स्थानीय लोगों ने तत्काल बालू हटाने एवं मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। RoadSafety | IllegalMining | Negligence
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    Seraikella | chandil : एनएच-33 पर गिराए गए बालू से दुर्घटना का खतरा, प्रशासन मौन...
बिष्णु पद महापात्र 📲 9934893057 (wa)
सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाना क्षेत्र में एनएच-33 पर थाना से मात्र 100 मीटर दूरी पर सड़क पर बालू जमा होने से दुर्घटना का खतरा उत्पन्न हो गया है। आशंका है कि किसी वाहन द्वारा बालू गिराकर फरार हो गया। घंटों तक स्थिति जस की तस रहने से प्रशासन और एनएचएआई की लापरवाही सामने आई है। स्थानीय लोगों ने तत्काल बालू हटाने एवं मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
RoadSafety 
| IllegalMining
| Negligence
    user_Bishnu mahapatra
    Bishnu mahapatra
    चांडिल, सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    11 hrs ago
  • Seraikella | chandil : एनएच-33 पर गिराए गए बालू से दुर्घटना का खतरा, प्रशासन मौन... बिष्णु पद महापात्र 📲 9934893057 (wa) सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाना क्षेत्र में एनएच-33 पर थाना से मात्र 100 मीटर दूरी पर सड़क पर बालू जमा होने से दुर्घटना का खतरा उत्पन्न हो गया है। आशंका है कि किसी वाहन द्वारा बालू गिराकर फरार हो गया। घंटों तक स्थिति जस की तस रहने से प्रशासन और एनएचएआई की लापरवाही सामने आई है। स्थानीय लोगों ने तत्काल बालू हटाने एवं मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। #RoadSafety #IllegalMining #Negligence
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    Seraikella | chandil : एनएच-33 पर गिराए गए बालू से दुर्घटना का खतरा, प्रशासन मौन...
बिष्णु पद महापात्र 📲 9934893057 (wa)
सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाना क्षेत्र में एनएच-33 पर थाना से मात्र 100 मीटर दूरी पर सड़क पर बालू जमा होने से दुर्घटना का खतरा उत्पन्न हो गया है। आशंका है कि किसी वाहन द्वारा बालू गिराकर फरार हो गया। घंटों तक स्थिति जस की तस रहने से प्रशासन और एनएचएआई की लापरवाही सामने आई है। स्थानीय लोगों ने तत्काल बालू हटाने एवं मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
#RoadSafety 
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    user_Awaz Now Darpan
    Awaz Now Darpan
    चांडिल, सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    11 hrs ago
  • Seraikella | Chandil : एनएच-33 पर गिराए गए बालू से दुर्घटना का खतरा, प्रशासन मौन... बिष्णु पद महापात्र 📲 9934893057 (wa) सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाना क्षेत्र में एनएच-33 पर थाना से मात्र 100 मीटर दूरी पर सड़क के बीच बालू जमा होने से दुर्घटना का खतरा उत्पन्न हो गया है। आशंका है कि किसी वाहन द्वारा बालू गिराकर फरार हो गया। घंटों तक स्थिति जस की तस रहने से प्रशासन और एनएचएआई की लापरवाही सामने आई है। स्थानीय लोगों ने तत्काल बालू हटाने एवं मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। RoadSafety | IllegalMining | Negligence
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    Seraikella | Chandil : एनएच-33 पर गिराए गए बालू से दुर्घटना का खतरा, प्रशासन मौन...
बिष्णु पद महापात्र 📲 9934893057 (wa)
सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाना क्षेत्र में एनएच-33 पर थाना से मात्र 100 मीटर दूरी पर सड़क के बीच बालू जमा होने से दुर्घटना का खतरा उत्पन्न हो गया है। आशंका है कि किसी वाहन द्वारा बालू गिराकर फरार हो गया। घंटों तक स्थिति जस की तस रहने से प्रशासन और एनएचएआई की लापरवाही सामने आई है। स्थानीय लोगों ने तत्काल बालू हटाने एवं मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
RoadSafety 
| IllegalMining
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    user_Suryoday Samvaad
    Suryoday Samvaad
    Local News Reporter चांडिल, सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    12 hrs ago
  • *ओलचिकि के 100 साल पर ज्ञान की नई रोशनी: 340 अभ्यर्थियों की भागीदारी, संताली भाषा के प्रति बढ़ता समर्पण* सरायकेला/घाटशिला, 19 अप्रैल 2026: आज दिनांक 19/04/2026 को पंजीकृत संस्था सत्य नारायण सोशियो इकोनॉमिक एंड रिसर्च सेंटर की ओर से घाटशिला कॉलेज में एसएनएम ट्रॉफी संताली टैलेंट सर्च क्वेस्ट परीक्षा का सफल एवं प्रेरणादायक आयोजन किया गया। इस परीक्षा केंद्र पर कुल 189 अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जबकि चांडिल और घाटशिला के दोनों केंद्रों को मिलाकर कुल 340 अभ्यर्थी शामिल हुए। इस प्रतियोगिता में झारखंड के साथ-साथ उड़ीसा और पश्चिम बंगाल से भी अभ्यर्थियों की भागीदारी रही, जो संताली भाषा और ओलचिकि लिपि के प्रति बढ़ती जागरूकता और समर्पण को दर्शाता है। खास बात यह रही कि छोटे-छोटे बच्चों से लेकर युवा और उम्रदराज लोग तक इस परीक्षा में शामिल हुए—जो यह साबित करता है कि अपनी मातृभाषा के प्रति लगाव हर पीढ़ी में जीवित है। घाटशिला परीक्षा केंद्र में पंडित रघुनाथ मुर्मु मॉडल स्कूल पुनासीबाद के छोटे-छोटे बालक एवं बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। इन बच्चों की सहभागिता ने यह स्पष्ट कर दिया कि आने वाली पीढ़ी अपनी भाषा और लिपि को लेकर पूरी तरह जागरूक और प्रतिबद्ध है। संस्था प्रमुख सत्यनारायण मुर्मू ने बताया कि यह संताली टैलेंट सर्च परीक्षा रघुनाथ मुर्मू द्वारा आविष्कृत ओलचिकि लिपि के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रारंभ की गई है। उन्होंने बताया कि तीन वर्ष पूर्व इस पहल की शुरुआत महज 10 अभ्यर्थियों से हुई थी, जो बढ़कर आज 340 तक पहुंच गई है—यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि और समाज की जागरूकता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य संताली भाषा-साहित्य के विकास के साथ-साथ ओलचिकि लिपि को जन-जन तक पहुंचाना और समाज को अपनी भाषा, संस्कृति, रीति-रिवाज एवं पारंपरिक व्यवस्था के प्रति जागरूक करना है। इस परीक्षा के माध्यम से चयनित 50 अभ्यर्थियों को रघुनाथ मुर्मू जयंती के अवसर पर चांडिल में आयोजित समारोह में सम्मानित किया जाएगा। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को लैपटॉप, द्वितीय को टैबलेट तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को स्मार्टफोन देकर पुरस्कृत किया जाएगा। घाटशिला कॉलेज के केंद्राधीक्षक डॉ. रजनी कांत मांडी ने बताया कि अभ्यर्थियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पुरुष और महिलाएं दोनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस अवसर पर झारखंड सरकार से यह मांग भी उठाई गई कि पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन द्वारा सदन में उठाए गए 30,000 शिक्षक बहाली के प्रस्ताव को शीघ्र लागू किया जाए तथा “बंगाल मॉडल” को भी धरातल पर उतारा जाए, ताकि संताली सहित आदिवासी भाषाओं को शिक्षा व्यवस्था में उचित स्थान मिल सके। साथ ही झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में प्रश्न पत्र केवल देवनागरी में ही नहीं, बल्कि संताली भाषा और ओलचिकि लिपि में भी उपलब्ध कराने की मांग की गई। यह मांग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि संताली भाषा भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल है, फिर भी व्यवहारिक स्तर पर इसकी अनदेखी चिंता का विषय बनी हुई है। परीक्षा संचालन में भुजंग टुडू, पितांबर हांसदा, सुधीर चंद्र मुर्मु, हाराधन हांसदा, सत्य रंजन सोरेन, शंकर मुर्मू, डॉ० चरण हासदा, मनोहर हसदा, अनिमा टुडू, दिनेश सोरेन, नरेन हसदा, विभूति मार्डी, सुंदर हसदा, हरेंद्र टुडू, लखन मांझी, सीताराम मांझी,सोनाराम मांझी,सहित अन्य सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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    *ओलचिकि के 100 साल पर ज्ञान की नई रोशनी: 340 अभ्यर्थियों की भागीदारी, संताली भाषा के प्रति बढ़ता समर्पण*
सरायकेला/घाटशिला, 19 अप्रैल 2026:
आज दिनांक 19/04/2026 को पंजीकृत संस्था सत्य नारायण सोशियो इकोनॉमिक एंड रिसर्च सेंटर की ओर से घाटशिला कॉलेज में एसएनएम ट्रॉफी संताली टैलेंट सर्च क्वेस्ट परीक्षा का सफल एवं प्रेरणादायक आयोजन किया गया। इस परीक्षा केंद्र पर कुल 189 अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जबकि चांडिल और घाटशिला के दोनों केंद्रों को मिलाकर कुल 340 अभ्यर्थी शामिल हुए।
इस प्रतियोगिता में झारखंड के साथ-साथ उड़ीसा और पश्चिम बंगाल से भी अभ्यर्थियों की भागीदारी रही, जो संताली भाषा और ओलचिकि लिपि के प्रति बढ़ती जागरूकता और समर्पण को दर्शाता है। खास बात यह रही कि छोटे-छोटे बच्चों से लेकर युवा और उम्रदराज लोग तक इस परीक्षा में शामिल हुए—जो यह साबित करता है कि अपनी मातृभाषा के प्रति लगाव हर पीढ़ी में जीवित है।
घाटशिला परीक्षा केंद्र में पंडित रघुनाथ मुर्मु मॉडल स्कूल पुनासीबाद के छोटे-छोटे बालक एवं बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। इन बच्चों की सहभागिता ने यह स्पष्ट कर दिया कि आने वाली पीढ़ी अपनी भाषा और लिपि को लेकर पूरी तरह जागरूक और प्रतिबद्ध है।
संस्था प्रमुख सत्यनारायण मुर्मू ने बताया कि यह संताली टैलेंट सर्च परीक्षा रघुनाथ मुर्मू द्वारा आविष्कृत ओलचिकि लिपि के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रारंभ की गई है। उन्होंने बताया कि तीन वर्ष पूर्व इस पहल की शुरुआत महज 10 अभ्यर्थियों से हुई थी, जो बढ़कर आज 340 तक पहुंच गई है—यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि और समाज की जागरूकता का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य संताली भाषा-साहित्य के विकास के साथ-साथ ओलचिकि लिपि को जन-जन तक पहुंचाना और समाज को अपनी भाषा, संस्कृति, रीति-रिवाज एवं पारंपरिक व्यवस्था के प्रति जागरूक करना है।
इस परीक्षा के माध्यम से चयनित 50 अभ्यर्थियों को रघुनाथ मुर्मू जयंती के अवसर पर चांडिल में आयोजित समारोह में सम्मानित किया जाएगा। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को लैपटॉप, द्वितीय को टैबलेट तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को स्मार्टफोन देकर पुरस्कृत किया जाएगा।
घाटशिला कॉलेज के केंद्राधीक्षक डॉ. रजनी कांत मांडी ने बताया कि अभ्यर्थियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पुरुष और महिलाएं दोनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
इस अवसर पर झारखंड सरकार से यह मांग भी उठाई गई कि पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन द्वारा सदन में उठाए गए 30,000 शिक्षक बहाली के प्रस्ताव को शीघ्र लागू किया जाए तथा “बंगाल मॉडल” को भी धरातल पर उतारा जाए, ताकि संताली सहित आदिवासी भाषाओं को शिक्षा व्यवस्था में उचित स्थान मिल सके।
साथ ही झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में प्रश्न पत्र केवल देवनागरी में ही नहीं, बल्कि संताली भाषा और ओलचिकि लिपि में भी उपलब्ध कराने की मांग की गई। यह मांग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि संताली भाषा भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल है, फिर भी व्यवहारिक स्तर पर इसकी अनदेखी चिंता का विषय बनी हुई है।
परीक्षा संचालन में भुजंग टुडू, पितांबर हांसदा, सुधीर चंद्र मुर्मु, हाराधन हांसदा, सत्य रंजन सोरेन, शंकर मुर्मू, डॉ० चरण हासदा, मनोहर हसदा, अनिमा टुडू, दिनेश सोरेन, नरेन हसदा, विभूति मार्डी, सुंदर हसदा, हरेंद्र टुडू, लखन मांझी, सीताराम मांझी,सोनाराम मांझी,सहित अन्य सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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    DALMA NEWS live
    आदित्यपुर (गमहरिया), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    9 hrs ago
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