एक करोड़ के ज्वेलरी बैग चोरी मामले में आरोपी पर ₹5 हजार का इनाम घोषित सीतापुर। थाना सीतापुर क्षेत्र में एक करोड़ रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात से भरे ज्वेलरी बैग की चोरी के मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपी की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) ने आरोपी की गिरफ्तारी या उसकी गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले व्यक्ति को ₹5,000 का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस के अनुसार, थाना सीतापुर में अपराध क्रमांक 296/2026, धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज है। प्रार्थी अरुण देव सोनी, निवासी सीतापुर, हाई स्कूल के पास स्थित श्री काशी विश्वनाथ ज्वेलर्स के संचालक हैं। उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 26 जुलाई 2026 की सुबह करीब 11:30 बजे वे अपनी स्कूटी के सामने ज्वेलरी से भरा बैग रखकर दुकान का शटर खोल रहे थे। इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति बैग लेकर फरार हो गया। बैग में लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण रखे हुए थे। घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है। इसके बाद पुलिस रेगुलेशन के पैरा 80-ए के तहत डीआईजी एवं एसएसपी ने इनाम की घोषणा की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जो व्यक्ति आरोपी के संबंध में ऐसी जानकारी देगा जिससे उसकी गिरफ्तारी संभव हो सके, अथवा आरोपी को गिरफ्तार कराएगा या स्वयं गिरफ्तार करेगा, उसे ₹5,000 का पुरस्कार दिया जाएगा। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा पुरस्कार वितरण का अंतिम निर्णय पुलिस अधीक्षक सरगुजा द्वारा लिया जाएगा। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि मामले से संबंधित कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक या पुलिस कंट्रोल रूम से तत्काल संपर्क करें, ताकि आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके। फोटो पीड़ित परिवार की ओर से जारी जहां उठाईगीरी में शामिल लोगों का पता बताने पर उनकी ओर से दो लाख रुपए का नगद ईनाम की घोषणा की गई है।
एक करोड़ के ज्वेलरी बैग चोरी मामले में आरोपी पर ₹5 हजार का इनाम घोषित सीतापुर। थाना सीतापुर क्षेत्र में एक करोड़ रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात से भरे ज्वेलरी बैग की चोरी के मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपी की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) ने आरोपी की गिरफ्तारी या उसकी गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले व्यक्ति को ₹5,000 का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस के अनुसार, थाना सीतापुर में अपराध क्रमांक 296/2026, धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज है। प्रार्थी अरुण देव सोनी, निवासी सीतापुर, हाई स्कूल के पास स्थित श्री काशी विश्वनाथ ज्वेलर्स के संचालक हैं। उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 26 जुलाई 2026 की सुबह करीब 11:30 बजे वे अपनी स्कूटी के सामने ज्वेलरी से भरा बैग रखकर दुकान का शटर खोल रहे थे। इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति बैग लेकर फरार हो गया। बैग में लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण रखे हुए थे। घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है। इसके बाद पुलिस रेगुलेशन के पैरा 80-ए के तहत डीआईजी एवं एसएसपी ने इनाम की घोषणा की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जो व्यक्ति आरोपी के संबंध में ऐसी जानकारी देगा जिससे उसकी गिरफ्तारी संभव हो सके, अथवा आरोपी को गिरफ्तार कराएगा या स्वयं गिरफ्तार करेगा, उसे ₹5,000 का पुरस्कार दिया जाएगा। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा पुरस्कार वितरण का अंतिम निर्णय पुलिस अधीक्षक सरगुजा द्वारा लिया जाएगा। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि मामले से संबंधित कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक या पुलिस कंट्रोल रूम से तत्काल संपर्क करें, ताकि आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके। फोटो पीड़ित परिवार की ओर से जारी जहां उठाईगीरी में शामिल लोगों का पता बताने पर उनकी ओर से दो लाख रुपए का नगद ईनाम की घोषणा की गई है।
- सिक्किम के 50वें राज्यत्व समारोह में PM मोदी का संबोधन, विकास और 'विकसित भारत 2047' पर जोर 🇮🇳 सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में भाग लेते हुए राज्य की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक विरासत और विकास यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प में सिक्किम की महत्वपूर्ण भूमिका है। पर्यटन, कनेक्टिविटी और आधारभूत संरचना को नई गति देने वाली विकास परियोजनाओं पर भी जोर दिया गया। 🌿 सिक्किम की गौरवशाली यात्रा को नमन, विकास के नए अध्याय की ओर एक और मजबूत कदम। #PMModi #Sikkim #Statehood50 #ViksitBharat2047 #Gangtok #Development #NewIndia #भारत #NarendraModi #PradeshKhabarNetwork1
- बच्चों पर मोबाइल फोन का गलत असर पड़ रहा है इस लिये अपने बच्चों को सावधान रखना चाहिए बच्चों को मोबाइल नही देना ओके1
- अधूरी पुलिया बनी आफत: उफनती नदी में जान हथेली पर रखकर स्कूल पहुंच रहे मासूम, जिम्मेदारों की लापरवाही कब लेगी किसी की जान? *निर्माण कार्य में सुस्ती से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, ठेकेदार और अधिकारियों पर गंभीर सवाल* *बरसात में पितनी नदी बनी मौत का रास्ता, रोजाना जोखिम उठाने को मजबूर स्कूली बच्चे और ग्रामीण* कोरबा। जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उतरदा और रामपुर के बीच बहने वाली पितनी नदी पर निर्माणाधीन पुल की धीमी रफ्तार अब आम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी है। बरसात के मौसम में नदी उफान पर है, लेकिन पुल निर्माण अधूरा छोड़ दिए जाने से स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीणों को हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है। हालात इतने भयावह हैं कि तेज बहाव के बीच बच्चों का स्कूल जाना किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल का निर्माण महीनों पहले शुरू हुआ था, लेकिन कार्य की गति इतनी धीमी रही कि बरसात आने से पहले इसे पूरा नहीं किया जा सका। अब आधा-अधूरा पुल ग्रामीणों के किसी काम का नहीं है। दूसरी ओर नदी पूरे उफान पर है और मजबूरी में लोगों को तेज बहाव के बीच नदी पार करनी पड़ रही है। सबसे अधिक चिंता उन मासूम बच्चों की है, जो शिक्षा हासिल करने के लिए हर सुबह मौत से मुकाबला कर स्कूल पहुंचते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई बार छोटे-छोटे बच्चे एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नदी पार करते देखे गए। कई बच्चों के कंधों पर स्कूल बैग और पैरों के नीचे फिसलन भरे पत्थर—ऐसा दृश्य देखकर हर किसी की सांसें थम जाती हैं। जरा सी चूक किसी परिवार की खुशियां छीन सकती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और निर्माण एजेंसी अब भी गहरी नींद में दिखाई दे रहे हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही ने पूरे क्षेत्र को संकट में डाल दिया है। यदि कार्य समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाता तो आज लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार नहीं करनी पड़ती। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार की सुस्त कार्यशैली पर किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा अब आम जनता भुगत रही है। हर दिन बना रहता है हादसे का डर बरसात के दौरान पितनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नदी पार करना बेहद खतरनाक हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पानी का बहाव अचानक तेज हो जाता है, जिससे बच्चों और महिलाओं को संभालना मुश्किल हो जाता है। गांव के लोग एक-दूसरे का सहारा लेकर नदी पार करते हैं, लेकिन यह व्यवस्था कब तक चलेगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से नाराजगी ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस समस्या की जानकारी संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि कागजों में विकास कार्य तेजी से पूरे होने का दावा किया जाता है, जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। अधूरी पुलिया आज पूरे क्षेत्र के लिए आफत बन चुकी है। शिक्षा पर भी पड़ रहा असर माता-पिता का कहना है कि बरसात के दिनों में बच्चों को स्कूल भेजना मजबूरी बन गया है। कई अभिभावक डर के कारण बच्चों को घर पर ही रोक लेते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा के अधिकार की बात करने वाला प्रशासन पहले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। ग्रामीणों की चेतावनी ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल निर्माण कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा कराया जाए। साथ ही निर्माण में हुई देरी की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी और कोई बड़ा हादसा हो गया, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की होगी। *बड़ा सवाल...* *क्या प्रशासन किसी मासूम की जान जाने का इंतजार कर रहा है?* क्या अधूरी पुलिया की कीमत ग्रामीणों की जिंदगी से चुकाई जाएगी? क्या जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सिर्फ फाइलों तक सीमित है? पितनी नदी पर अधूरी पुलिया आज सिर्फ एक अधूरा निर्माण कार्य नहीं, बल्कि व्यवस्था की लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन समय रहते चेतता है या फिर किसी बड़े हादसे के बाद केवल जांच और कार्रवाई का आश्वासन ही मिलता है।2
- राष्ट्रीय कमेटी के निर्देश से गोगपा का सर्वे टीम पहुंचा मदननगर सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत मदननगर में 24जुलाई को कोल माइंस भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रभावित किसानों ओर पुलिस बल के आमने सामने भिडंत हुआ था जिसमें कई लोग को घायल हुए थे जिसकी मुआयना लेने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय कमेटी के निर्देश से मौका जांच करने पहुंचा।1
- त्योहार से पहले सरकार सख्त, चीनी की जमाखोरी पर लगेगी रोक अब एक जगह 4 हजार क्विंटल से ज्यादा चीनी रखने पर कार्रवाई, हर सप्ताह देना होगा स्टॉक का ब्योरा1
- *बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने वाला आरोपी साहिल एक्का झारसुगुड़ा से गिरफ्तार* 🚨 *अभियान ‘संवेदना’ : 14 वर्षीय गुम नाबालिग बालिका सकुशल दस्तयाब* 🚨 *पॉक्सो एक्ट सहित अपहरण की धाराओं में कार्रवाई, आरोपी न्यायिक रिमांड पर भेजा गया* 🚨 *चक्रधरनगर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से परिजनों को मिली राहत* *रायगढ़, 1 अगस्त* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में संचालित 'अभियान संवेदना' के तहत चक्रधरनगर पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। थाना क्षेत्र से लापता हुई 14 वर्षीय नाबालिग बालिका को पुलिस ने ओडिशा से सकुशल दस्तयाब कर उसके परिजनों के सुपुर्द किया है। वहीं, बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने वाले आरोपी साहिल एक्का को झारसुगुड़ा से गिरफ्तार कर अपहरण एवं पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। जानकारी के अनुसार 31 मई 2026 को महिला ने थाना चक्रधरनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री 30 मई 2026 की दोपहर करीब 3 बजे मेडिकल स्टोर से दवा लेने जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा रिश्तेदारों एवं आसपास काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। शिकायत के आधार पर थाना चक्रधरनगर में अपराध क्रमांक 282/2026 के तहत धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने लगातार तकनीकी साक्ष्य एवं मुखबिर सूचना के आधार पर तलाश जारी रखे हुए थी कि 11 जून को नाबालिग बालिका को ट्रांसपोटनगर जूटमिल के पास सकुशल बरामद कर लिया। बालिका का कथन महिला पुलिस अधिकारी उप निरीक्षक वीणा साहू एवं माननीय न्यायालय के समक्ष दर्ज कराया गया तथा बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के माध्यम से उसकी काउंसलिंग भी कराई गई। जांच में यह सामने आया कि आरोपी साहिल एक्का ने बालिका को उसके अभिभावकों की सहमति एवं जानकारी के बिना अपने साथ रखा था। तथ्यों के आधार पर प्रकरण में धारा 18 पॉक्सो एक्ट भी जोड़ी गई। हालांकि बालिका ने उसके साथ दुष्कर्म जैसी घटना से इंकार की । विवेचना के दौरान आरोपी के झारसुगुड़ा (ओडिशा) में होने की सूचना मिलने पर 30 जुलाई 2026 को चक्रधरनगर पुलिस, झारसुगुड़ा पहुंची, जहां आरोपी को बाजार, रेल्वे स्टेशन पर तालाश किया गया, तभी जानकारी मिला कि आरोपी साहिल एक्का झारसुगुडा स्टेशन के आसपास घूमता रहता है । पुलिस टीम ने स्टेशन पर घात लगाकर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी साहिल एक्का पिता स्वर्गीय सुनील एक्का, उम्र 23 वर्ष, निवासी रामभांठा जवाहर नगर, थाना सिटी कोतवाली, जिला रायगढ़ के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। गुम नाबालिग बालिका की सकुशल बरामदगी एवं आरोपी की गिरफ्तारी में उप निरीक्षक दिनेश मिंज, प्रधान आरक्षक संजय तिवारी एवं आरक्षक दिलीप भानू की विशेष भूमिका रही। रायगढ़ पुलिस द्वारा 'अभियान संवेदना' के तहत गुमशुदा बच्चों की तलाश एवं उनके विरुद्ध अपराध करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी है। 👉🏻 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* *"रायगढ़ पुलिस के लिए प्रत्येक गुमशुदा बालक-बालिका की सुरक्षित वापसी सर्वोच्च प्राथमिकता है। 'अभियान संवेदना' के माध्यम से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ उन्हें बहला-फुसलाकर ले जाने वाले आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।"*2