पटना जिले के मोकामा प्रखंड स्थित मरांची गाँव में जलजमाव की गंभीर समस्या से लोग जूझ रहे हैं। गाँव की लाइफलाइन मानी जाने वाली मुख्य सड़क पर करीब 100 मीटर तक पानी जमा हो चुका है। यह समस्या सिर्फ बारिश के कारण नहीं है, बल्कि एक स्थायी रूप ले चुकी है और बारिश आते ही हालात और भी बदतर हो जाते हैं। इस सड़क से दो पंचायतों के हजारों ग्रामीणों और सैकड़ों स्कूली बच्चों की दैनिक आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो रही है। सड़क पर पानी भरा होने के कारण लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो गया है, वहीं दोपहिया वाहनों के फिसलने का खतरा लगातार बना रहता है। सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना स्कूली बच्चों को करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या वर्षों से बनी हुई है, लेकिन आज तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है। इस बदहाली से परेशान होकर अब जनता सवाल उठा रही है कि आखिर मरांची की इस मुख्य सड़क को जलजमाव से कब मुक्ति मिलेगी। ग्रामीण पूछ रहे हैं कि क्या संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान करेंगे या फिर हर बरसात में लोगों को इसी परेशानी के साए में जीना पड़ेगा।
पटना जिले के मोकामा प्रखंड स्थित मरांची गाँव में जलजमाव की गंभीर समस्या से लोग जूझ रहे हैं। गाँव की लाइफलाइन मानी जाने वाली मुख्य सड़क पर करीब 100 मीटर तक पानी जमा हो चुका है। यह समस्या सिर्फ बारिश के कारण नहीं है, बल्कि एक स्थायी रूप ले चुकी है और बारिश आते ही हालात और भी बदतर हो जाते हैं। इस सड़क से दो पंचायतों के हजारों ग्रामीणों और सैकड़ों स्कूली बच्चों की दैनिक आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो रही है। सड़क पर पानी भरा होने के कारण लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो गया है, वहीं दोपहिया वाहनों के फिसलने का खतरा लगातार बना रहता है। सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना स्कूली बच्चों को करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या वर्षों से बनी हुई है, लेकिन आज तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है। इस बदहाली से परेशान होकर अब जनता सवाल उठा रही है कि आखिर मरांची की इस मुख्य सड़क को जलजमाव से कब मुक्ति मिलेगी। ग्रामीण पूछ रहे हैं कि क्या संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान करेंगे या फिर हर बरसात में लोगों को इसी परेशानी के साए में जीना पड़ेगा।
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ हुए व्यवहार, पुलिस कार्रवाई, राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने और पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर सियासत तेज हो गई है। इन घटनाओं को लेकर कांग्रेस पार्टी केंद्र और राज्य सरकारों पर हमलावर है और लगातार सवाल उठा रही है। इन्हीं मुद्दों पर कांग्रेस का पक्ष, आगे की रणनीति और सरकार से मांगों को लेकर पटना जिला कांग्रेस कमिटी (ग्रामीण-2) के अध्यक्ष सरदार गुरजीत सिंह से चर्चा की गई है। इसमें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर पार्टी का रुख साफ किया जा रहा है।1
- गंगा में डूबने से दो बालकों की मौत हो गई है, जिसके बाद मोकामा में SDRF की स्थायी तैनाती की मांग एक बार फिर से उठ गई है। पिछले तीन वर्षों के भीतर गंगा में डूबने से 50 से अधिक मौतों का दावा किया गया है, जिसके आधार पर मोकामा में SDRF की स्थायी मौजूदगी सुनिश्चित करने की मांग को बार-बार दोहराया जा रहा है।1
- शेखपुरा के जिला पदाधिकारी श्री शेखर आनंद की अध्यक्षता में 24 जुलाई 2026 को उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में 'सबका सम्मान, जीवन आसान' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई में जिले के दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों ने अपनी समस्याओं को जिला पदाधिकारी के समक्ष रखा, जहां कुल 41 आवेदन प्राप्त हुए। जनसुनवाई में सड़क दुर्घटना में मृत्यु पर मुआवजा, जमीन परिमार्जन, बिजली बिल सुधार, पेयजल आपूर्ति, जमीन मापी, प्राथमिकी दर्ज कराने, मारपीट, रास्ता बनवाने, मृत्यु प्रमाण पत्र, बिजली तार हटवाने, केस उठाने की धमकी, नाली सफाई, शौच जाने के दौरान छेड़खानी, जमाबंदी सुधार, सिंचाई के लिए बोरिंग तार लगवाने, पइन सफाई, राशन कार्ड और रसीद कटवाने से संबंधित मामले आए। इसके अलावा घाटकोसुम्भा उच्च विद्यालय की ढह गई बाउंड्री वॉल की जांच कराने और वृंदावन पहाड़ को विरासत की सूची में शामिल करने की मांग भी रखी गई। जिला पदाधिकारी ने प्रत्येक फरियादी को अपने पास बुलाकर उनकी बातें सुनीं और मौके पर ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को निष्पक्ष जांच व त्वरित निष्पादन के आदेश दिए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवेदनों का निष्पादन निर्धारित समयसीमा के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि लोगों को कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। इस अवसर पर जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सह जिला जनता दरबार प्रभारी श्री धर्मेंद्र कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।3
- सोनम वांगचुक ने 28 दिनों के लंबे समय बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है। इस दौरान जेपी नड्डा ने खुद पहुंचकर उन्हें जूस पिलाया और उनका अनशन तुड़वाया।1
- अपना खुद का बुटीक शुरू करके अब लहंगा, गाउन, क्रॉप टॉप, शरारा और गरारा जैसे परिधान खुद बनाए जा सकते हैं। फैब्रिक और बिजनेस से जुड़े इस काम के जरिए सूरत से अपना बुटीक व्यापार शुरू करने को लेकर जोर दिया जा रहा है।1
- बिहार के बेगूसराय में समाहरणालय के पास छात्र आंदोलन के दौरान उपद्रव करने वाले 30 व्यक्तियों की फोटो पुलिस ने जारी की है। एसपी मनीष ने गुरुवार की देर रात 10:00 बजे प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए इस कार्रवाई की जानकारी दी। एसपी ने बताया कि आंदोलन के दौरान उपद्रवी तत्वों द्वारा पुलिस पर हमला किया गया और सरकारी संपत्ति को क्षतिग्रस्त किया गया। इसके साथ ही उपद्रवियों ने आम लोगों और मीडिया कर्मियों पर भी लाठी व पत्थरों से हमला किया। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि इन उपद्रवियों की पहचान करने में पुलिस की मदद करें।1
- पेपर लीक और छात्र आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी रात को खुद एक वीडियो बनाया है। देश में जारी छात्र आंदोलन और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर उठे सवालों के बीच यह देखा जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने इस विषय पर क्या कहा है।1
- बाढ़ के अचुआरा हॉल्ट के पास स्थित अभ्यंग योग वाटिका में योग, पंचकर्म, मर्म चिकित्सा और प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार का दावा किया जा रहा है। इस केंद्र पर कमर दर्द, गर्दन दर्द, सर्वाइकल, साइटिका, गठिया, लकवा, मोटापा, मधुमेह, ब्लड प्रेशर, तनाव और अनिद्रा जैसी समस्याओं के लिए प्राकृतिक चिकित्सा और योग पर आधारित उपचार की जानकारी दी जा रही है। केंद्र के संचालकों का कहना है कि नियमित योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को अपनाकर लोग अपने स्वास्थ्य में सुधार ला सकते हैं। वहीं यह सलाह भी दी गई है कि किसी भी गंभीर बीमारी के उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है।1