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उमरिया जिले के पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल की बिक्री की सीमा तय कर दिए जाने से जिले भर में गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। इस निर्णय के कारण लोगों को आवश्यक ईंधन की उपलब्धता में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पत्रकार आशीष कुमार दुबे
उमरिया जिले के पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल की बिक्री की सीमा तय कर दिए जाने से जिले भर में गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। इस निर्णय के कारण लोगों को आवश्यक ईंधन की उपलब्धता में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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- नरसिंहपुर में भीम आर्मी ने पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अधिनियम की धाराएं लगाने की मांग की गई है। यह मामला यातायात विभाग द्वारा एक ब्लैक फिल्म लगी गाड़ी पर की गई कार्यवाही से जुड़ा है। ज्ञापन के अनुसार, गाड़ी मालिक ने कार्यवाही के दौरान अभद्र शब्दों का प्रयोग किया था। भीम आर्मी ने आरोपी को आदतन अपराधी बताते हुए उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है।1
- उमरिया जिले के पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल की बिक्री की सीमा तय कर दिए जाने से जिले भर में गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। इस निर्णय के कारण लोगों को आवश्यक ईंधन की उपलब्धता में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।1
- नरसिंहपुर जिले के साईखेड़ा में साईखेड़ा से बारछी होते हुए नर्मदापुरम जाने वाले आम रास्ते को कथित तौर पर कुछ लोगों द्वारा तार फेंसिंग कर बंद कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। बुधवार को 4-5 गांवों के ग्रामीण अपने सरपंचों के साथ साईखेड़ा तहसील कार्यालय और पुलिस थाना साईखेड़ा पहुंचे और समस्या के समाधान के लिए ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने जानकारी दी कि कुछ समय पहले इसी सरकारी रास्ते पर हुए अतिक्रमण को तहसील प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई से हटाया गया था, जिसके बाद आवागमन सुचारु हो गया था। हालांकि, कुछ दिनों बाद फिर से सरकारी भूमि पर तार फेंसिंग लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया है। इस कारण ग्रामीणों को साईखेड़ा और आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में प्रशासन से तुरंत कार्रवाई कर रास्ते को दोबारा खुलवाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एक-दो दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।1
- किसान डीजल को लेकर भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। वर्षों से किसान बैरल और कुप्पी में डीजल ढोकर खेती करते आ रहे थे, लेकिन अब नया आदेश आने के बाद उन्हें इस तरह डीजल नहीं दिया जा रहा है। खरीफ बुवाई के मौसम के चलते किसान दिन-रात अपने ट्रैक्टरों से खेतों की बखरनी में लगे हुए हैं, जिसके कारण कई बार खेत में या रास्ते में ही डीजल खत्म हो जाता है। इस नई व्यवस्था से किसान अपनी खेती का काम ठीक से नहीं कर पा रहे हैं। किसानों ने मांग की है कि पुरानी व्यवस्था को फिर से बहाल किया जाए, अन्यथा वे खेत छोड़कर सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा थाना अंतर्गत ग्राम बम्हनी में मकान निर्माण कार्य को लेकर हुए विवाद में एक भतीजे ने अपने चाचा की हथौड़ी मारकर हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गाडरवारा एसडीओपी ने इस मामले में बयान दिया है। पुलिस ने घटना से संबंधित अन्य जानकारी एकत्रित कर मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- गोटेगांव में मंगलवार को भगतराम चौराहे पर एक बार फिर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। इस जाम के कारण वाहन चालक और आम नागरिक काफी देर तक फंसे रहे, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंगलवार को हमेशा भारी भीड़ के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। स्थानीय निवासियों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि यातायात प्रभावित होने के बावजूद मौके पर कोई प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था देखने को नहीं मिली। भगतराम चौराहा लगातार इस समस्या का केंद्र बना हुआ है।1
- नरसिंहपुर में पुलिस ने काली फिल्म के इस्तेमाल को लेकर दबंगई दिखाने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी की जानकारी स्वयं पुलिस ने दी है।1
- शहर के बजरंग वार्ड में सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम उठाया गया है। वार्ड पार्षद अस्सु नेमा ने स्थानीय निवासियों की सुरक्षा और लगातार बढ़ती दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से वार्ड के मुख्य मार्गों से जुड़ने वाले रास्तों पर गति अवरोधक (स्पीड ब्रेकर) लगवाने की पहल की है। वार्ड निवासियों द्वारा लगातार यह शिकायत की जा रही थी कि मुख्य मार्ग से गलियों में प्रवेश करने वाले वाहन चालक बहुत तेज रफ्तार में वाहन चलाते थे। इस लापरवाही के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए सड़क पार करना जानलेवा साबित हो रहा था, जिससे वार्डवासी आए दिन होने वाली छोटी-बड़ी दुर्घटनाओं के कारण भय के साये में जीने को मजबूर थे। जनभावनाओं का सम्मान करते हुए पार्षद अस्सु नेमा ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने वार्ड के संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहां स्पीड ब्रेकर लगवाने का कार्य शुरू करवाया। इस पहल पर बात करते हुए पार्षद अस्सु नेमा ने कहा कि वार्ड के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है और तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाना आवश्यक था ताकि वार्ड में एक सुरक्षित वातावरण बनाया जा सके। वार्ड के निवासियों ने पार्षद की इस जनहितकारी पहल का खुले दिल से स्वागत किया है और कहा है कि अब वाहन चालकों की गति स्वतः नियंत्रित होगी, जिससे दुर्घटनाओं में भारी कमी आएगी। वार्डवासियों ने इस कार्य की सराहना करते हुए इसे एक लंबे समय से लंबित मांग की पूर्ति बताया, जो न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करती है बल्कि पार्षद द्वारा अपनी जिम्मेदारी का भी बखूबी निर्वहन दर्शाती है।1