कानपुर देहात के मूसानगर क्षेत्र के रोहनिया गाँव में एक जर्जर और झुका हुआ बिजली पोल ग्रामीणों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पोल लंबे समय से क्षतिग्रस्त स्थिति में है और कभी भी गिर सकता है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामवासियों का कहना है कि उन्होंने संबंधित विभाग से कई बार शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बरसात और तेज हवाओं के दौरान यह स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल है कि यदि समय रहते पोल नहीं बदला गया तो किसी भी दिन जान-माल का नुकसान हो सकता है। जिले में पहले भी बिजली व्यवस्था और फॉल्ट की समस्याओं को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं, बावजूद इसके मूसानगर क्षेत्र में बिजली विभाग के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। बिजली पोल की इस समस्या के अलावा, रोहनिया गाँव गंभीर पेयजल संकट से भी जूझ रहा है, जहाँ पीने के पानी के लिए ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, गाँव की सड़कें भी बदहाल हैं, और कई मार्ग आज तक नहीं बन पाए हैं, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। इन सभी समस्याओं से त्रस्त ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से तत्काल जर्जर पोल को बदलने, पेयजल समस्या का समाधान करने और गाँव की सड़कों का निर्माण कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि यदि किसी हादसे में जान-माल का नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
कानपुर देहात के मूसानगर क्षेत्र के रोहनिया गाँव में एक जर्जर और झुका हुआ बिजली पोल ग्रामीणों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पोल लंबे समय से क्षतिग्रस्त स्थिति में है और कभी भी गिर सकता है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामवासियों का कहना है कि उन्होंने संबंधित विभाग से कई बार शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बरसात और तेज हवाओं के दौरान यह स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल है कि यदि समय रहते पोल नहीं बदला गया तो किसी भी दिन जान-माल का नुकसान हो सकता है। जिले में पहले भी बिजली व्यवस्था और फॉल्ट की समस्याओं को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं, बावजूद इसके मूसानगर क्षेत्र में बिजली विभाग के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। बिजली पोल की इस समस्या के अलावा, रोहनिया गाँव गंभीर पेयजल संकट से भी जूझ रहा है, जहाँ पीने के पानी के लिए ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, गाँव की सड़कें भी बदहाल हैं, और कई मार्ग आज तक नहीं बन पाए हैं, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। इन सभी समस्याओं से त्रस्त ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से तत्काल जर्जर पोल को बदलने, पेयजल समस्या का समाधान करने और गाँव की सड़कों का निर्माण कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि यदि किसी हादसे में जान-माल का नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
- कस्बा रुरा के कमलानगर निवासी मनोरंजन शाह ने बिहार में बीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) के पद पर अपना चयन सुनिश्चित किया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर चेयरमैन रामजी गुप्ता, मनोरंजन शाह के आवास पहुँचे। उन्होंने मनोरंजन शाह और उनके माता-पिता को फूल माला, शॉल पहनाकर तथा प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।1
- गजनेर थाना परिसर में 'रील का बुखार' चढ़ गया है, जिसके चलते वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- अंतर्राष्ट्रीय विश्व योग दिवस के अवसर पर, 21 जून 2026 को कानपुर देहात के संदलपुर स्थित राज पैलेस गेस्ट हाउस में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सकुशल किसान फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा पारंपरिक प्राकृतिक पेय "पना" का शुभारंभ किया गया, जिसका मुख्य संदेश योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक जीवनशैली को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर, आयुर्वेदाचार्य और आयुर्वेद विशेषज्ञ पंडित मनमोहन मिश्रा ने योग और आयुर्वेद के महत्व पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि पारंपरिक भारतीय पेय पदार्थ स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं और विशेष रूप से देसी कच्चे आम से पारंपरिक विधि से तैयार "पना" को भारतीय घरेलू धरोहर बताते हुए इसे पुनः प्रत्येक घर तक पहुँचाने का आह्वान किया। पंडित मिश्रा ने ज़ोर दिया कि आधुनिक पेय पदार्थों की बजाय ऐसे प्राकृतिक और पारंपरिक पेयों को अपनाने से बेहतर स्वास्थ्य और भारतीय परंपरा दोनों को संरक्षित किया जा सकता है। यह "पना" स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित कच्चे आम और पुदीने से पारंपरिक विधि का उपयोग करके तैयार किया गया है। इस पहल का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना, महिला स्वयं सहायता समूहों को रोज़गार के अवसर प्रदान करना और प्राकृतिक एवं रसायन-मुक्त खाद्य उत्पादों को बढ़ावा देना है। सकुशल किसान फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने घोषणा की कि यह उत्पाद जल्द ही मात्र ₹10 प्रति पैक की किफायती कीमत पर बाज़ार में उपलब्ध होगा। इसे सभी प्रमुख किराना स्टोरों, रिटेल आउटलेट्स और सरकारी कैंटीनों के माध्यम से आम जनता तक पहुँचाने की योजना है, ताकि हर व्यक्ति कम लागत में एक स्वास्थ्यवर्धक और पारंपरिक पेय का लाभ उठा सके। कार्यक्रम का समापन उपस्थित अतिथियों, किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों, योग साधकों और सभी सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ। साथ ही, स्थानीय कृषि उत्पादों पर आधारित ऐसे और भी उत्पाद विकसित करने का संकल्प दोहराया गया, जो कंपनी के "समृद्ध किसान – समृद्ध भारत" के दृष्टिकोण को दर्शाता है।4
- जालौन के कदौरा थाना क्षेत्र के हरचंदपुर रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान जमकर बवाल हुआ। नायब तहसीलदार, लेखपाल और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ नगर पंचायत की टीम अवैध अतिक्रमण हटवाने पहुंची थी, तभी अतिक्रमणकारियों ने उन पर पत्थरबाजी कर हमला कर दिया। इस बवाल में नगर पंचायत के तीन कर्मचारी पत्थरबाजी से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अतिक्रमणकारियों द्वारा की गई पत्थरबाजी से बुलडोजर के शीशे भी टूट गए। बवाल की सूचना मिलते ही एसडीएम और सीओ तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचने पर मारपीट करने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद, एसडीएम और सीओ ने अपनी मौजूदगी में अवैध अतिक्रमण हटवाया।4
- जालौन के कदौरा थाना क्षेत्र के हरचंदपुर रोड पर अवैध अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान जमकर बवाल हुआ। अतिक्रमणकारियों ने नगर पंचायत की टीम पर पत्थरबाजी कर हमला कर दिया, जिसमें नगर पंचायत के तीन कर्मचारी घायल हो गए। पत्थरबाजी से बुलडोजर के शीशे भी टूट गए। घायल कर्मचारियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह अभियान नायब तहसीलदार, लेखपाल और पुलिस की एक संयुक्त टीम द्वारा चलाया जा रहा था। बवाल की सूचना मिलते ही एसडीएम और सीओ तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचने पर मारपीट करने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। एसडीएम और सीओ ने अपनी मौजूदगी में अवैध अतिक्रमण को हटवाया।5
- जालौन जिले के कालपी कोतवाली नगर क्षेत्र में देशी शराब के एक ठेके के पास दो युवकों के बीच जमकर मारपीट हुई। ठेला खड़ा करने को लेकर शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते बढ़ गया, जिसके बाद दोनों पक्षों में सड़क पर ही हाथापाई होने लगी। इस घटना से आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मारपीट की यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।1