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जालौन के कदौरा थाना क्षेत्र के हरचंदपुर रोड पर अवैध अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान जमकर बवाल हुआ। अतिक्रमणकारियों ने नगर पंचायत की टीम पर पत्थरबाजी कर हमला कर दिया, जिसमें नगर पंचायत के तीन कर्मचारी घायल हो गए। पत्थरबाजी से बुलडोजर के शीशे भी टूट गए। घायल कर्मचारियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह अभियान नायब तहसीलदार, लेखपाल और पुलिस की एक संयुक्त टीम द्वारा चलाया जा रहा था। बवाल की सूचना मिलते ही एसडीएम और सीओ तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचने पर मारपीट करने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। एसडीएम और सीओ ने अपनी मौजूदगी में अवैध अतिक्रमण को हटवाया।
Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
जालौन के कदौरा थाना क्षेत्र के हरचंदपुर रोड पर अवैध अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान जमकर बवाल हुआ। अतिक्रमणकारियों ने नगर पंचायत की टीम पर पत्थरबाजी कर हमला कर दिया, जिसमें नगर पंचायत के तीन कर्मचारी घायल हो गए। पत्थरबाजी से बुलडोजर के शीशे भी टूट गए। घायल कर्मचारियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह अभियान नायब तहसीलदार, लेखपाल और पुलिस की एक संयुक्त टीम द्वारा चलाया जा रहा था। बवाल की सूचना मिलते ही एसडीएम और सीओ तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचने पर मारपीट करने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। एसडीएम और सीओ ने अपनी मौजूदगी में अवैध अतिक्रमण को हटवाया।
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- जालौन के कदौरा थाना क्षेत्र के हरचंदपुर रोड पर अवैध अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान जमकर बवाल हुआ। अतिक्रमणकारियों ने नगर पंचायत की टीम पर पत्थरबाजी कर हमला कर दिया, जिसमें नगर पंचायत के तीन कर्मचारी घायल हो गए। पत्थरबाजी से बुलडोजर के शीशे भी टूट गए। घायल कर्मचारियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह अभियान नायब तहसीलदार, लेखपाल और पुलिस की एक संयुक्त टीम द्वारा चलाया जा रहा था। बवाल की सूचना मिलते ही एसडीएम और सीओ तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचने पर मारपीट करने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। एसडीएम और सीओ ने अपनी मौजूदगी में अवैध अतिक्रमण को हटवाया।5
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में चोरों ने एक सूने घर में लाखों की चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। यह घटना रामपुरा थाना क्षेत्र के पचोखरा गांव की है, जहाँ चोरों ने घर में रखे लाखों के सोने-चांदी के जेवरात और नगदी लेकर फरार हो गए। चोरी की सूचना मिलते ही घर मालिक और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने मामले की जाँच पड़ताल शुरू कर दी है और अब चोरों की तलाश में जुट गई है।1
- वक्ताओं ने कहा है कि डबल इंजन सरकार का कार्यक्षेत्र केवल विकास परियोजनाओं को गति देना नहीं है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में भी सक्रिय है। उनके अनुसार, सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएँ गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्गों तक पहुँच रही हैं, जिससे प्रदेश और देश के समग्र विकास को एक नई दिशा मिली है। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र और प्रदेश सरकार के समन्वित प्रयासों के कारण बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिनसे करोड़ों लोगों के जीवन स्तर में महत्वपूर्ण सुधार आया है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल विकास परियोजनाएँ बनाना नहीं है, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाकर उसे आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। इसी सोच के साथ सरकार 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र पर काम कर रही है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने सरकार की जनहितकारी योजनाओं और विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रयासों से समाज के सभी वर्गों को समान अवसर मिल रहे हैं और विकास का लाभ वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है, जिससे डबल इंजन सरकार हर वर्ग को विकास यात्रा से जोड़ रही है।1
- उरई कोतवाली क्षेत्र से ड्राइवर संतोष, जिनकी उम्र लगभग 50 वर्ष बताई जा रही है, के साथ कथित रूप से मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद, पीड़ित पक्ष ने थाना कोतवाली उरई में शिकायत दर्ज कराई है और न्याय की मांग की है। मामले में अब तक संतोषजनक कार्रवाई न होने के कारण कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित को शीघ्र न्याय नहीं मिला और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे हड़ताल करने को मजबूर होंगे। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके। पुलिस प्रशासन की ओर से बताया गया है कि मामले की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।1
- यह पोस्ट उन विभिन्न समूहों पर तीखा सवाल उठाता है और उनकी कड़ी निंदा करता है जिन्होंने अतीत में राम और राम मंदिर का विरोध किया। इसमें विशेष रूप से 'कार सेवकों को गोलियों से भूनने वालों' और 'राम के अस्तित्व को ही नकारने वालों' को निशाना बनाया गया है। आलोचना 'कांग्रेस के उन लोगों' तक भी जाती है जिन्होंने 'जीवन भर विपक्ष में बैठकर सुप्रीम कोर्ट तक मुकदमा लड़ा', और लालू यादव पर जिन्होंने 'आडवाणी जी के रथ को बिहार में रोक कर जेल भेज दिया था'। लेखक राम मंदिर का विरोध करने वालों को तंज कसते हुए कहता है कि राम मंदिर निर्माण का निमंत्रण न मिलने पर वे 'शादी में आए फूफा की तरह मुंह फुला लेते हैं'। इसके विपरीत, पोस्ट में 'माननीय कल्याण सिंह, तत्कालीन मुख्यमंत्री' के बलिदान की प्रशंसा की गई है, जिन्होंने बाबरी मस्जिद के विध्वंस पर 'नैतिकता के आधार पर नहीं बल्कि आस्था के आधार पर' अपना मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था, और उन्हें 'सच्चा राम भक्त' बताया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि जब रामलला स्थापित हो गए हैं, तब विरोधियों को 'बाल रूप रामलला' को थोड़ी देर के लिए अकेला छोड़ देना चाहिए, क्योंकि बच्चे अपनी इच्छा से कहीं भी आते-जाते हैं। यह दृढ़ता से कहा गया है कि यह 'राम का फैसला है', और सवाल उठाया गया है कि अहंकारी और अज्ञानी लोग इसे 'इंसान की अदालत में' क्यों ले जाते हैं। पोस्ट उन लोगों को भी कड़ी फटकार लगाता है जो 'मोदी को महमूद गजनवी' बताते हैं। इसमें दावा किया गया है कि 'पिछले कई वर्षों में नालंदा से लेकर अयोध्या तक और अयोध्या से लेकर किष्किंधा तक राम के अस्तित्व के साथ खिलवाड़ करने वाले' अब 'अपने अस्तित्व को तरस रहे हैं', और कुछ तो 'भरी जवानी में ही निपट गए हैं'। 'कार सेवकों पर गोली चलाने वालों' से कहा गया है कि वे राम के अस्तित्व को नहीं समझ सकते, और चेतावनी दी गई है कि राम के अस्तित्व और नाम के साथ खिलवाड़ करना उनका दुर्भाग्य है, जिसके लिए राम शायद उन्हें कभी माफ न कर सकें। पोस्ट का समापन 'बोलो मेरे प्रभु राम, जय जय राम सियापति राम जय जय राम', 'जय श्री राधे हरे कृष्णा' और 'हर हर महादेव' के जयघोष के साथ होता है, और यह सवाल किया जाता है कि रामलला के अस्तित्व पर ही हमेशा क्यों प्रश्नचिह्न लगाया जाता है, क्योंकि 'ब्रह्मा, विष्णु, शंकर भी आ जाएं तो रामद्रोही को बचा नहीं पाएंगे'।1
- जालौन जिले के कालपी कोतवाली नगर क्षेत्र में एक देशी शराब के ठेके के पास दो युवकों के बीच जमकर मारपीट हुई। यह विवाद ठेला खड़ा करने को लेकर शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते काफी बढ़ गया। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों में सड़क पर ही हाथापाई शुरू हो गई, जिससे वहाँ मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मारपीट की यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।1
- जालौन के गोहन थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुरा गांव में देर रात अज्ञात हमलावरों ने ट्यूबवेल पर सो रहे एक 75 वर्षीय वृद्ध किसान गिरिजाशंकर तिवारी की बेरहमी से हत्या कर दी। हमलावरों ने उनके सिर और चेहरे पर कई वार किए, जिससे किसान की मौके पर ही मौत हो गई। बुधवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई और दहशत व शोक का माहौल छा गया। जानकारी के अनुसार, पृथ्वीपुरा निवासी गिरिजाशंकर तिवारी पिछले कई वर्षों से रात में अपने खेत पर बने ट्यूबवेल पर ही सोते थे। मंगलवार रात भी वह रोज की तरह वहीं सो रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर लकड़ी के खंभों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। मृतक अपने पीछे एक पुत्र राकेश तिवारी और एक विवाहित पुत्री छोड़ गए हैं। फिलहाल, हत्या के पीछे का मकसद स्पष्ट नहीं हो पाया है। सूचना मिलने पर गोहन थाना पुलिस के साथ उच्चाधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और बारीकी से जांच-पड़ताल की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि ट्यूबवेल पर एक शव मिलने की सूचना मिली थी, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले में तहरीर प्राप्त होते ही मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।6
- देश में परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, जहाँ पेपर लीक होने के कारण छात्रों की सालों की मेहनत खराब होने के बाद भी दोबारा परीक्षा आयोजित की जा सकती है और प्रश्नपत्र विमान से भी भेजे जा सकते हैं। इस दौरान छात्रों को अपनी मेहनत फिर से लगानी पड़ती है, जिससे उनकी वर्षों की तैयारी पर पानी फिर जाता है। लेकिन, इसी व्यवस्था में छात्रों को परीक्षा केंद्र में मात्र दो मिनट की देरी होने पर प्रवेश नहीं दिया जाता, जो एक बड़ा विरोधाभास पैदा करता है। इस कठोरता का खामियाजा छात्रों और उनके अभिभावकों को भुगतना पड़ता है। हाल ही में, एक बेटी के पिता को इसी कारण से रोते-बिलखते देखा गया, जो व्यवस्था की इस अमानवीय नीति से बेहद परेशान और दुखी थे।1