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जिलाधिकारी, सुपौल श्री सावन कुमार, भा०प्र०से० द्वारा जिले के सभी एलपीजी गैस उपभोक्ताओं से अपील जिलाधिकारी, सुपौल श्री सावन कुमार, भा०प्र०से० द्वारा जिले के सभी एलपीजी गैस उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि जिले में एलपीजी गैस की किसी प्रकार की कमी नहीं है। अतः सभी उपभोक्ता किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें ल

2 hrs ago
user_Kunal kumar
Kunal kumar
Sb news भारत संपादक सुपौल, सुपौल, बिहार•
2 hrs ago

जिलाधिकारी, सुपौल श्री सावन कुमार, भा०प्र०से० द्वारा जिले के सभी एलपीजी गैस उपभोक्ताओं से अपील जिलाधिकारी, सुपौल श्री सावन कुमार, भा०प्र०से० द्वारा जिले के सभी एलपीजी गैस उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि जिले में एलपीजी गैस की किसी प्रकार की कमी नहीं है। अतः सभी उपभोक्ता किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें ल

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  • सुपौल में समृद्धि यात्रा के दौरान सांख्यिकी स्वयंसेवकों ने अपने भविष्य को लेकर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री को आवेदन सौंपकर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की मांग की है। स्वयंसेवकों का कहना है कि योजना एवं विकास विभाग के नियंत्रणाधीन अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा आयोजित दक्षता परीक्षा में उत्तीर्ण घोषित किए जाने के बाद उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं में कार्य करने का अवसर दिया गया था। आवेदन में बताया गया कि सरकार द्वारा संचालित कई महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे आर्थिक गणना, जन्म-मृत्यु निबंधन, फसल क्षेत्र सर्वेक्षण, छठी आर्थिक गणना तथा फसल कटनी प्रयोग जैसे कार्यों में मान्यता प्राप्त सांख्यिकी स्वयंसेवकों की सेवाएं ली गईं। स्वयंसेवकों ने कहा कि उन्होंने दो से तीन वर्षों तक पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया और सरकार की योजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन कार्यों के बदले सरकार की ओर से उन्हें पारिश्रमिक का भी भुगतान किया गया। हालांकि स्वयंसेवकों का आरोप है कि इतने वर्षों तक सेवा देने के बावजूद सरकार द्वारा उनका पैनल बिना किसी स्पष्ट कारण के रद्द कर दिया गया है। इस निर्णय से सभी मान्यता प्राप्त सांख्यिकी स्वयंसेवकों के सामने भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि पैनल रद्द होने से उनका भविष्य अंधकारमय दिखाई देने लगा है और कई स्वयंसेवकों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। सांख्यिकी स्वयंसेवकों ने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि वे इस मामले में संवेदनशीलता के साथ पहल करें और उनके भविष्य के संबंध में सहानुभूतिपूर्वक विचार करें। उनका मानना है कि राज्य सरकार हमेशा जनहित और युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर रही है, इसलिए उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस समस्या का समाधान निकालते हुए सांख्यिकी स्वयंसेवकों के हित में उचित निर्णय
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    सुपौल में समृद्धि यात्रा के दौरान सांख्यिकी स्वयंसेवकों ने अपने भविष्य को लेकर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री को आवेदन सौंपकर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की मांग की है। स्वयंसेवकों का कहना है कि योजना एवं विकास विभाग के नियंत्रणाधीन अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा आयोजित दक्षता परीक्षा में उत्तीर्ण घोषित किए जाने के बाद उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं में कार्य करने का अवसर दिया गया था।
आवेदन में बताया गया कि सरकार द्वारा संचालित कई महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे आर्थिक गणना, जन्म-मृत्यु निबंधन, फसल क्षेत्र सर्वेक्षण, छठी आर्थिक गणना तथा फसल कटनी प्रयोग जैसे कार्यों में मान्यता प्राप्त सांख्यिकी स्वयंसेवकों की सेवाएं ली गईं। स्वयंसेवकों ने कहा कि उन्होंने दो से तीन वर्षों तक पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया और सरकार की योजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन कार्यों के बदले सरकार की ओर से उन्हें पारिश्रमिक का भी भुगतान किया गया।
हालांकि स्वयंसेवकों का आरोप है कि इतने वर्षों तक सेवा देने के बावजूद सरकार द्वारा उनका पैनल बिना किसी स्पष्ट कारण के रद्द कर दिया गया है। इस निर्णय से सभी मान्यता प्राप्त सांख्यिकी स्वयंसेवकों के सामने भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि पैनल रद्द होने से उनका भविष्य अंधकारमय दिखाई देने लगा है और कई स्वयंसेवकों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
सांख्यिकी स्वयंसेवकों ने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि वे इस मामले में संवेदनशीलता के साथ पहल करें और उनके भविष्य के संबंध में सहानुभूतिपूर्वक विचार करें। उनका मानना है कि राज्य सरकार हमेशा जनहित और युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर रही है, इसलिए उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस समस्या का समाधान निकालते हुए सांख्यिकी स्वयंसेवकों के हित में उचित निर्णय
    user_Kunal kumar
    Kunal kumar
    Sb news भारत संपादक सुपौल, सुपौल, बिहार•
    1 hr ago
  • Post by Supaul Media ( Dev Raj )
    1
    Post by Supaul Media ( Dev Raj )
    user_Supaul Media ( Dev Raj )
    Supaul Media ( Dev Raj )
    निर्मली, सुपौल, बिहार•
    4 hrs ago
  • सहरसा (नौहट्टा)। बिहार के सुशासन में क्या कोई व्यक्ति दो अलग-अलग तारीखों पर मर सकता है सुनने में यह किसी फिल्मी पटकथा जैसा लगता है, लेकिन सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड कार्यालय ने इस नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है। खड़का तेलवा वार्ड नंबर-9 निवासी नारायण साह पिछले एक महीने से प्रखंड मुख्यालय की चौखट घिस रहे हैं, लेकिन सिस्टम की सुस्ती और 'मुकदर्शक' बने अधिकारियों के कारण उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। ​क्या है पूरा मामला आइए बिस्तार से आपको बताते हैँ ​मामला जमीन हड़पने की नीयत से पिता के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने से जुड़ा है। पीड़ित नारायण साह के मुताबिक, उनके पिता सतयुग साह का निधन 31 अक्टूबर 2009 को हुआ था। नियमतः प्रखंड कार्यालय द्वारा 26 जून 2020 को इसका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया, जो आज भी सरकारी पोर्टल पर दर्ज है। ​आरोप है कि मृतक के दूसरे पुत्र प्रमोद साह ने जमीन के दाखिल-खारिज और अन्य लाभों के लिए सरकारी तंत्र के साथ सांठगांठ की। उन्होंने पिता की मृत्यु तिथि बदलकर 31 दिसंबर 2010 करवाई और 8 सितंबर 2025 को एक नया मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करवा लिया। ​सिस्टम की कार्यप्रणाली पर खड़े होते बड़े सवाल ​इस फर्जीवाड़े ने प्रखंड कार्यालय की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है: ​जब 2020 में प्रमाणपत्र जारी हो चुका था, तो दोबारा उसी व्यक्ति का डेटाबेस अपडेट कैसे हुआ? ​क्या पंचायत सेवक और प्रखंड स्तर पर दस्तावेजों की कोई स्क्रूटनी (जांच) नहीं होती? ​क्या सरकारी वेबसाइट का डेटा महज एक औपचारिकता बनकर रह गया है? ​"मामला मेरे संज्ञान में है। इसकी जांच की जा रही है कि कौन सी तिथि सही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।" प्रिया भारती, बीडीओ, नौहट्टा ​जांच के नाम पर 'समय का खेल' ​हैरानी की बात यह है कि जो सच डिजिटल रिकॉर्ड में पहले से मौजूद है, उसे परखने में प्रशासन को महीनों लग रहे हैं। एक तरफ पीड़ित न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है, वहीं दूसरी तरफ फर्जी कागजातों के आधार पर सरकारी प्रक्रियाओं को प्रभावित किया जा रहा है। ​अब सवाल यह उठता है कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में भी 'कागजी जादूगरी' करने वाले दोषियों और इसमें संलिप्त अधिकारियों पर गाज कब गिरेगी? क्या नारायण साह को न्याय मिलेगा या फाइलें इसी तरह धूल फांकती रहेंगी?
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    सहरसा (नौहट्टा)। बिहार के सुशासन में क्या कोई व्यक्ति दो अलग-अलग तारीखों पर मर सकता है  सुनने में यह किसी फिल्मी पटकथा जैसा लगता है, लेकिन सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड कार्यालय ने इस नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है। खड़का तेलवा वार्ड नंबर-9 निवासी नारायण साह पिछले एक महीने से प्रखंड मुख्यालय की चौखट घिस रहे हैं, लेकिन सिस्टम की सुस्ती और 'मुकदर्शक' बने अधिकारियों के कारण उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। ​क्या है पूरा मामला आइए बिस्तार से आपको बताते हैँ 
​मामला जमीन हड़पने की नीयत से पिता के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने से जुड़ा है। पीड़ित नारायण साह के मुताबिक, उनके पिता सतयुग साह का निधन 31 अक्टूबर 2009 को हुआ था। नियमतः प्रखंड कार्यालय द्वारा 26 जून 2020 को इसका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया, जो आज भी सरकारी पोर्टल पर दर्ज है।
​आरोप है कि मृतक के दूसरे पुत्र प्रमोद साह ने जमीन के दाखिल-खारिज और अन्य लाभों के लिए सरकारी तंत्र के साथ सांठगांठ की। उन्होंने पिता की मृत्यु तिथि बदलकर 31 दिसंबर 2010 करवाई और 8 सितंबर 2025 को एक नया मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करवा लिया।
​सिस्टम की कार्यप्रणाली पर खड़े होते बड़े सवाल
​इस फर्जीवाड़े ने प्रखंड कार्यालय की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है:
​जब 2020 में प्रमाणपत्र जारी हो चुका था, तो दोबारा उसी व्यक्ति का डेटाबेस अपडेट कैसे हुआ?
​क्या पंचायत सेवक और प्रखंड स्तर पर दस्तावेजों की कोई स्क्रूटनी (जांच) नहीं होती?
​क्या सरकारी वेबसाइट का डेटा महज एक औपचारिकता बनकर रह गया है?
​"मामला मेरे संज्ञान में है। इसकी जांच की जा रही है कि कौन सी तिथि सही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।"
प्रिया भारती, बीडीओ, नौहट्टा
​जांच के नाम पर 'समय का खेल'
​हैरानी की बात यह है कि जो सच डिजिटल रिकॉर्ड में पहले से मौजूद है, उसे परखने में प्रशासन को महीनों लग रहे हैं। एक तरफ पीड़ित न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है, वहीं दूसरी तरफ फर्जी कागजातों के आधार पर सरकारी प्रक्रियाओं को प्रभावित किया जा रहा है।
​अब सवाल यह उठता है कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में भी 'कागजी जादूगरी' करने वाले दोषियों और इसमें संलिप्त अधिकारियों पर गाज कब गिरेगी? क्या नारायण साह को न्याय मिलेगा या फाइलें इसी तरह धूल फांकती रहेंगी?
    user_पत्रकार सरफराज खान
    पत्रकार सरफराज खान
    Court reporter नौहट्टा, सहरसा, बिहार•
    21 hrs ago
  • Post by KAMALDEV RT
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    Post by KAMALDEV RT
    user_KAMALDEV RT
    KAMALDEV RT
    Social worker फुलपरास, मधुबनी, बिहार•
    39 min ago
  • sarak bahut tuta hai
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    sarak bahut tuta hai
    user_Jayal kumar
    Jayal kumar
    सरायगढ़ भपतियाही, सुपौल, बिहार•
    7 hrs ago
  • मधेपुर प्रखंड में मारपीट का घटना सामने आया है एक युवक का हालत गंभीर अस्पताल में भर्ती
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    मधेपुर प्रखंड में मारपीट का घटना सामने आया है एक युवक का हालत गंभीर अस्पताल में भर्ती
    user_न्यूज़ फुल देव जी मधेपुर मधुबनी
    न्यूज़ फुल देव जी मधेपुर मधुबनी
    पत्रकार मधेपुर, मधुबनी, बिहार•
    16 hrs ago
  • मधेपुरा में 25 फरवरी 2026 की रात मधेपुरा थाना और भर्राही थाना क्षेत्र में हुई दो सनसनीखेज घटनाओं का पुलिस ने सफलतापूर्वक उद्भेदन कर लिया है। पुलिस अधीक्षक मधेपुरा के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर मधेपुरा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी, जो लगातार इन मामलों की जांच और छापेमारी में जुटी थी। 10 मार्च 2026 की रात करीब 1:15 बजे पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि भर्राही थाना क्षेत्र के महेशुआ से बरमोत्तर जाने वाली कच्ची सड़क पर कुछ अपराधी किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। विशेष टीम ने तत्काल छापेमारी की और पांच अपराधियों को हथियार एवं लूटे गए सामान के साथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अपराधी की पहचान विकास कुमार, उम्र 22 वर्ष, निवासी – हनुमान नगर चौरा, वार्ड-17, थाना भर्राही मनखुश कुमार, उम्र 22 वर्ष, निवासी – विशनपुर, वार्ड-07, थाना कुमारखंड गुलशन कुमार, उम्र 20 वर्ष, निवासी – तुलसीबाड़ी, वार्ड-07, थाना मधेपुरा सत्यम कुमार, उम्र 17 वर्ष, निवासी – चन्दनपुर, वार्ड-08, थाना मधेपुरा मो. इश्तियाक, उम्र 33 वर्ष, निवासी – पोखरिया टोला, वार्ड-08, थाना श्रीनगर के रूप में की गयी है। इनके पास से 2 देसी कट्टा,3 जिंदा गोली,2 मोटरसाइकिल,7 मोबाइल फोन,₹5,500 लूटा हुआ नगद,वारदातों में प्रयुक्त अन्य सामान बरामद की गयी है। पूछताछ में अपराधियों ने बताया कि अजय कुमार ने मधेपुरा कॉलेज चौक स्थित किराना दुकानदार की दो दिन तक रेकी की थी। 24 फरवरी को तय योजना के अनुसार पाँच अपराधी दो मोटरसाइकिलों पर दुकान पहुंचे और सिगरेट–गुटखा मांगने के बहाने लूट की कोशिश की। विरोध करने पर विकास कुमार ने दुकानदार के मुंह पर गोली मार दी। इसके बाद सभी आरोपी वहाँ से फरार हो गए। इसके साथ ही अपराधियों ने स्वीकार किया कि गोलीकांड के बाद वे सभी बिरैली बाजार पहुंचे और वहाँ पूर्व निर्धारित योजना के तहत तेजनारायण गुप्ता के घर में पिछले हिस्से से घुसकर उन्हें और उनकी पत्नी को हथियार के बल पर बंधक बना लिया था। इसके बाद घर से नकदी और जेवरात लूटकर फरार हो गए। रायभीड़ चौक के पास सभी ने लूटे गए सामान की आपस में बाँटकर अपने-अपने ठिकानों का रुख किया।
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    मधेपुरा में 25 फरवरी 2026 की रात मधेपुरा थाना और भर्राही थाना क्षेत्र में हुई दो सनसनीखेज घटनाओं का पुलिस ने सफलतापूर्वक उद्भेदन कर लिया है। पुलिस अधीक्षक मधेपुरा के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर मधेपुरा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी, जो लगातार इन मामलों की जांच और छापेमारी में जुटी थी।
10 मार्च 2026 की रात करीब 1:15 बजे पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि भर्राही थाना क्षेत्र के महेशुआ से बरमोत्तर जाने वाली कच्ची सड़क पर कुछ अपराधी किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। विशेष टीम ने तत्काल छापेमारी की और पांच अपराधियों को हथियार एवं लूटे गए सामान के साथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अपराधी की पहचान विकास कुमार, उम्र 22 वर्ष, निवासी – हनुमान नगर चौरा, वार्ड-17, थाना भर्राही
मनखुश कुमार, उम्र 22 वर्ष, निवासी – विशनपुर, वार्ड-07, थाना कुमारखंड
गुलशन कुमार, उम्र 20 वर्ष, निवासी – तुलसीबाड़ी, वार्ड-07, थाना मधेपुरा
सत्यम कुमार, उम्र 17 वर्ष, निवासी – चन्दनपुर, वार्ड-08, थाना मधेपुरा
मो. इश्तियाक, उम्र 33 वर्ष, निवासी – पोखरिया टोला, वार्ड-08, थाना श्रीनगर के रूप में की गयी है। इनके पास से 2 देसी कट्टा,3 जिंदा गोली,2 मोटरसाइकिल,7 मोबाइल फोन,₹5,500 लूटा हुआ नगद,वारदातों में प्रयुक्त अन्य सामान बरामद की गयी है। पूछताछ में अपराधियों ने बताया कि अजय कुमार ने मधेपुरा कॉलेज चौक स्थित किराना दुकानदार की दो दिन तक रेकी की थी। 24 फरवरी को तय योजना के अनुसार पाँच अपराधी दो मोटरसाइकिलों पर दुकान पहुंचे और सिगरेट–गुटखा मांगने के बहाने लूट की कोशिश की। विरोध करने पर विकास कुमार ने दुकानदार के मुंह पर गोली मार दी। इसके बाद सभी आरोपी वहाँ से फरार हो गए। इसके साथ ही
अपराधियों ने स्वीकार किया कि गोलीकांड के बाद वे सभी बिरैली बाजार पहुंचे और वहाँ पूर्व निर्धारित योजना के तहत तेजनारायण गुप्ता के घर में पिछले हिस्से से घुसकर उन्हें और उनकी पत्नी को हथियार के बल पर बंधक बना लिया था। इसके बाद घर से नकदी और जेवरात लूटकर फरार हो गए। रायभीड़ चौक के पास सभी ने लूटे गए सामान की आपस में बाँटकर अपने-अपने ठिकानों का रुख किया।
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    22 hrs ago
  • जिलाधिकारी, सुपौल श्री सावन कुमार, भा०प्र०से० द्वारा जिले के सभी एलपीजी गैस उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि जिले में एलपीजी गैस की किसी प्रकार की कमी नहीं है। अतः सभी उपभोक्ता किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें ल
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    जिलाधिकारी, सुपौल श्री सावन कुमार, भा०प्र०से० द्वारा जिले के सभी एलपीजी गैस उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि जिले में एलपीजी गैस की किसी प्रकार की कमी नहीं है। अतः सभी उपभोक्ता किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें ल
    user_Kunal kumar
    Kunal kumar
    Sb news भारत संपादक सुपौल, सुपौल, बिहार•
    2 hrs ago
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