नगरीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायतों की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित* *धार, 31 जुलाई 2026।* सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री दिनेश श्रीवास्तव दने बताया कि नगरीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायतों की फोटोयुक्त अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। यह जानकारी ने दी। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई 2026 की स्थिति में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के अनुसार प्रदेश में कुल 5 करोड़ 67 लाख 21 हजार 353 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 2 करोड़ 91 लाख 9 हजार 422 पुरुष, 2 करोड़ 76 लाख 10 हजार 389 महिला तथा 1 हजार 542 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं। अंतिम मतदाता सूची के अनुसार नगरीय क्षेत्रों में कुल 1 करोड़ 60 लाख 50 हजार 984 मतदाता हैं। इनमें 81 लाख 75 हजार 766 पुरुष, 78 लाख 74 हजार 281 महिला एवं 937 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 4 करोड़ 6 लाख 70 हजार 369 मतदाता हैं। इनमें 2 करोड़ 9 लाख 33 हजार 656 पुरुष, 1 करोड़ 97 लाख 36 हजार 108 महिला तथा 605 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची आगामी नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन की प्रक्रिया में उपयोग की जाएगी। मतदाता सूची का अवलोकन संबंधित कार्यालयों एवं राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर किया जा सकता है।
नगरीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायतों की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित* *धार, 31 जुलाई 2026।* सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री दिनेश श्रीवास्तव दने बताया कि नगरीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायतों की फोटोयुक्त अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। यह जानकारी ने दी। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई 2026 की स्थिति में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के अनुसार प्रदेश में कुल 5 करोड़ 67 लाख 21 हजार 353 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 2 करोड़ 91 लाख 9 हजार 422 पुरुष, 2 करोड़ 76 लाख 10 हजार 389 महिला तथा 1 हजार 542 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं। अंतिम मतदाता सूची के अनुसार नगरीय क्षेत्रों में कुल 1 करोड़ 60 लाख 50 हजार 984 मतदाता हैं। इनमें 81 लाख 75 हजार 766 पुरुष, 78 लाख 74 हजार 281 महिला एवं 937 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 4 करोड़ 6 लाख 70 हजार 369 मतदाता हैं। इनमें 2 करोड़ 9 लाख 33 हजार 656 पुरुष, 1 करोड़ 97 लाख 36 हजार 108 महिला तथा 605 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची आगामी नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन की प्रक्रिया में उपयोग की जाएगी। मतदाता सूची का अवलोकन संबंधित कार्यालयों एवं राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर किया जा सकता है।
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- नंबर प्लेट की जगह बजरंग दल हिंदू परिषद लिखा हुआ है यह गुंडागर्दी की मिसाल है इंदौर मध्य प्रदेश में उसके ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होना चाहिए1
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- VIRAL VIDEO की निकली अलग कहानी! जिसे पति बताया गया, वह निकला पूर्व मालिक... पीड़िता ने किया बड़ा खुलासा इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में महिला से मारपीट के वायरल वीडियो मामले में नया मोड़ सामने आया है। पीड़ित महिला ने दावा किया है कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति उसका पति नहीं, बल्कि उसका पूर्व मालिक है। महिला का आरोप है कि वह लंबे समय से उसे परेशान करता था, मारपीट करता था और बदनाम करने की धमकी देता था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले ने सोशल मीडिया पर वायरल दावों की सत्यता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।1
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- बारिश के बीच जलती चिता का वीडियो वायरल, व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल एक तरफ विकास और जन-कल्याणकारी योजनाओं के बड़े-बड़े दावे हैं, तो दूसरी तरफ जमीन पर बदहाली की यह झकझोर देने वाली तस्वीर। मध्य प्रदेश के धार जिले से सामने आई एक घटना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है, जहां तेज बारिश के बीच एक मासूम के अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों को तिरपाल का सहारा लेना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शासन और स्थानीय प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना शुक्रवार की है, जहां धार जिले के दसई स्थित अनाज मंडी परिसर में आदिवासी समाज के एक बालक की सर्पदंश से मौत हो गई थी। इसके बाद जब परिजन और समाज के लोग बालक का अंतिम संस्कार करने पहुंचे, तभी अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। श्मशान घाट पर पक्के शेड और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परिजनों को जलती चिता को भीगने से बचाने के लिए खुद हाथों में तिरपाल तानकर खड़े रहना पड़ा। किसी ग्रामीण ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। एक तरफ सरकार द्वारा आदिवासियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए करोड़ों रुपये की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाने का दावा किया जाता है। वहीं दूसरी तरफ, धरातल पर सामने आ रही ऐसी तस्वीरें यह बयां करती हैं कि आज भी इस वर्ग तक बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही हैं। समाज के एक व्यक्ति के अनुसार, क्षेत्र में आदिवासी समाज के लिए श्मशान घाट की समुचित व्यवस्था नहीं है और स्थानीय सरपंच द्वारा इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में ऐसे स्थानों पर शेड उपलब्ध होने चाहिए ताकि शोक संतप्त परिजनों को परेशानी का सामना न करना पडे इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार स्थलों पर स्थायी शेड और आवश्यक व्यवस्थाएं होना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी परिवार को दुख की इस घड़ी में ऐसी लाचारी का सामना न करना पड़े। अब देखना यह होगा कि इस वीडियो के संज्ञान में आने के बाद स्थानीय प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या दसई में जल्द ही एक सर्वसुविधायुक्त श्मशान घाट का निर्माण हो पाएगा3