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सहारनपुर व्यूरो सहारनपुर मैं संप्रदायिक नारे लिखने के आरोप में पुलिस ने दो लड़कियों को गिरफ्तार किया है

4 hrs ago
user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
द कहर न्यूज़ एजेंसी
Journalist Saharanpur, Uttar Pradesh•
4 hrs ago

सहारनपुर व्यूरो सहारनपुर मैं संप्रदायिक नारे लिखने के आरोप में पुलिस ने दो लड़कियों को गिरफ्तार किया है

More news from Saharanpur and nearby areas
  • 1. डॉ. सिद्धार्थ भट्टाचार्य का पलटवार – "जाहिलपन की भी हद होती है" 2. हिन्दू महासभा के महामंत्री ने मौलाना सलीम की अभद्र टिप्पणी पर कड़ा जवाब दिया 3. योगी जी की अम्मी व गौमांस टिप्पणी पर महासभा का तीखा बयान 4. "जाहिलपन की पराकाष्ठा" – डॉ. भट्टाचार्य का बयान सुर्खियों में क्या आप चाहेंगे कि मैं इन्हें और ज्यादा टीवी एंकर स्टाइल में पैकेज कर दूँ, ताकि ऑन-एयर तुरंत इस्तेमाल हो सकें?
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    1. डॉ. सिद्धार्थ भट्टाचार्य का पलटवार – "जाहिलपन की भी हद होती है"  
2. हिन्दू महासभा के महामंत्री ने मौलाना सलीम की अभद्र टिप्पणी पर कड़ा जवाब दिया  
3. योगी जी की अम्मी व गौमांस टिप्पणी पर महासभा का तीखा बयान  
4. "जाहिलपन की पराकाष्ठा" – डॉ. भट्टाचार्य का बयान सुर्खियों में  
क्या आप चाहेंगे कि मैं इन्हें और ज्यादा टीवी एंकर स्टाइल में पैकेज कर दूँ, ताकि ऑन-एयर तुरंत इस्तेमाल हो सकें?
    user_SHIVANSHU
    SHIVANSHU
    Interior designer Deoband, Saharanpur•
    54 min ago
  • अधिकारी यहां के आगे और चले जाते हैं देखकर लेकिन सतीश राणा जी है जो उचाना में रहते हैं इनको इनकी हाथ में है इसलिए सड़क नहीं बन सकती है इसे बनता नहीं है सड़क कितने दिन हो गया 10 सालों से ऐसे हैं इस पर कार्यवाही क्यों नहीं की जाती कार्यवाही करिए इसमें
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    अधिकारी यहां के आगे और चले जाते हैं देखकर लेकिन सतीश राणा जी है जो उचाना में रहते हैं इनको इनकी हाथ में है इसलिए सड़क नहीं बन सकती है इसे बनता नहीं है सड़क कितने दिन हो गया 10 सालों से ऐसे हैं इस पर कार्यवाही क्यों नहीं की जाती कार्यवाही करिए इसमें
    user_Rajnath Singh
    Rajnath Singh
    Salesperson इंद्री, करनाल, हरियाणा•
    2 hrs ago
  • मुजफ्फरनगर | चरथावल-मुजफ्फरनगर मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो बारातियों की मौत हो गई, जबकि छह युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा चरथावल-मुज़फ्फरनगर मार्ग पर स्थित संजीवनी अस्पताल व CNG पंप के पास उस समय हुआ, जब मेरठ से बारात में शामिल होकर लौट रहे युवकों की एक्सयूवी कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। कार में कुल आठ युवक सवार थे। हादसे में बेहड़ा अस्सा निवासी विकास पुत्र मेघराज और चरथावल के कानूनगोयान मोहल्ला निवासी रोहित की मौके पर ही मौत हो गई। विकास बिजली विभाग में मीटर रीडर के पद पर कार्यरत था और उसके परिवार में दो छोटी बेटियां हैं। घटना की सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में मातम छा गया। हादसे में मोनू, अमित, प्रिंस, विपुल, रोहित और सोनू गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही चरथावल पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को कार से निकालकर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने विकास और रोहित को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। सीओ सदर डॉ. रवि शंकर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार, चालक को नींद आना या सड़क की स्थिति हादसे की संभावित वजह मानी जा रही है।
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    मुजफ्फरनगर | चरथावल-मुजफ्फरनगर मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो बारातियों की मौत हो गई, जबकि छह युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा चरथावल-मुज़फ्फरनगर मार्ग पर स्थित संजीवनी अस्पताल व CNG पंप के पास उस समय हुआ, जब मेरठ से बारात में शामिल होकर लौट रहे युवकों की एक्सयूवी कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े पेड़ से जा टकराई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। कार में कुल आठ युवक सवार थे। हादसे में बेहड़ा अस्सा निवासी विकास पुत्र मेघराज और चरथावल के कानूनगोयान मोहल्ला निवासी रोहित की मौके पर ही मौत हो गई। विकास बिजली विभाग में मीटर रीडर के पद पर कार्यरत था और उसके परिवार में दो छोटी बेटियां हैं। घटना की सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में मातम छा गया।
हादसे में मोनू, अमित, प्रिंस, विपुल, रोहित और सोनू गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही चरथावल पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को कार से निकालकर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने विकास और रोहित को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
सीओ सदर डॉ. रवि शंकर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार, चालक को नींद आना या सड़क की स्थिति हादसे की संभावित वजह मानी जा रही है।
    user_Aslam Tyagi
    Aslam Tyagi
    Local News Reporter मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    10 min ago
  • Post by Dpk Chauhan
    1
    Post by Dpk Chauhan
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    19 min ago
  • मुजफ्फरनगर: चरथावल थाना क्षेत्र में देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मेरठ से शादी समारोह से लौट रही एक एक्सयूवी कार (HR 26 CJ 6336) सीएनजी पंप के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए। सूचना मिलते ही चरथावल पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान दो घायलों ने दम तोड़ दिया, जबकि बाकी छह का इलाज जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार का एक्सल खराब होने और तेज गति में वाहन मोड़ने के कारण चालक नियंत्रण खो बैठा, जिससे कार पेड़ से टकरा गई। क्षेत्राधिकारी सदर डॉ. रविशंकर ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया और चिकित्सकों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें, तेज गति से वाहन न चलाएं और सीट बेल्ट व हेलमेट का प्रयोग अवश्य करें। 🚨🚗
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    मुजफ्फरनगर: चरथावल थाना क्षेत्र में देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मेरठ से शादी समारोह से लौट रही एक एक्सयूवी कार (HR 26 CJ 6336) सीएनजी पंप के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए।
सूचना मिलते ही चरथावल पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान दो घायलों ने दम तोड़ दिया, जबकि बाकी छह का इलाज जारी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार का एक्सल खराब होने और तेज गति में वाहन मोड़ने के कारण चालक नियंत्रण खो बैठा, जिससे कार पेड़ से टकरा गई। क्षेत्राधिकारी सदर डॉ. रविशंकर ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया और चिकित्सकों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें, तेज गति से वाहन न चलाएं और सीट बेल्ट व हेलमेट का प्रयोग अवश्य करें। 🚨🚗
    user_Shafeek Rajput Jila sangathan
    Shafeek Rajput Jila sangathan
    मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • शीर्षक: धर्म की राजधानी हरिद्वार में संतों की रसोई पर संकट! गीता कुटीर का अन्नक्षेत्र गैस सिलेंडर के अभाव में बंद होने की कगार पर उपशीर्षक: तीन–चार दशकों से हजारों तपस्वी संतों को मिल रहा भोजन प्रसाद, अब गैस सिलेंडर न मिलने से खड़ी हुई बड़ी धार्मिक चुनौती हरिद्वार। (स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़) धर्म की राजधानी कही जाने वाली तीर्थ नगरी हरिद्वार में जहां गंगा तट पर हजारों तपस्वी संत एकांत में रहकर भगवान का भजन, जप, तप और ध्यान करते हैं, वहीं इन संतों के भोजन की व्यवस्था करने वाला प्रसिद्ध गीता कुटीर तपोवन का अन्नक्षेत्र आज एक गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है। गंगा किनारे झोपड़ियों में रहकर तपस्या करने वाले संतों के लिए वर्षों से जीवनरेखा बना यह अन्नक्षेत्र अब गैस सिलेंडर की कमी के कारण बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हजारों तपस्वी संतों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो सकता है। गंगा तट के तपस्वियों का सहारा बना गीता कुटीर हरिद्वार को भगवान का द्वार कहा जाता है। इसी कारण इस तीर्थ नगरी में देशभर से आए हजारों संत गंगा किनारे साधना करते हैं। ये संत न तो दुनिया की दौड़ में शामिल हैं और न ही सांसारिक सुख-सुविधाओं की चाह रखते हैं। उनका एकमात्र लक्ष्य भगवान का भजन, जप और ध्यान है। ऐसे तपस्वी संतों की सेवा के उद्देश्य से स्वामी गीतानंद जी महाराज ने तपोवन स्थित गीता कुटीर में अन्नक्षेत्र की शुरुआत की थी। उनकी भावना थी कि हरिद्वार में कोई संत भूखा न रहे और भजन में लीन साधुओं को भोजन की चिंता न करनी पड़े। चार दशक से एक दिन भी बंद नहीं हुआ अन्नक्षेत्र बताया जाता है कि पिछले लगभग तीन से चार दशकों से गीता कुटीर का अन्नक्षेत्र बिना रुके चल रहा है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों ही नहीं बल्कि हजारों संत भोजन प्रसाद ग्रहण करते हैं। इतिहास में ऐसा एक भी दिन नहीं आया जब यहां अन्नक्षेत्र बंद हुआ हो या किसी संत को भोजन न मिला हो। कोरोना काल में भी संतों तक पहुंचाया गया भोजन कोरोना महामारी के कठिन समय में जब पूरा देश बंद था, तब भी गीता कुटीर ने सेवा की परंपरा को नहीं रोका। उस समय गंगा किनारे रहने वाले संतों तक स्वयं जाकर भोजन पहुंचाया जाता था। तपोवन मार्ग पर वाहन के माध्यम से भोजन पैक कर संतों की झोपड़ियों तक वितरण किया गया ताकि उन्हें भजन छोड़कर भोजन की तलाश में भटकना न पड़े। इसी सेवा भाव के कारण आज हजारों संतों का गीता कुटीर पर अटूट विश्वास है। अब गैस सिलेंडर पर अटक गया संतों का भोजन गीता कुटीर के प्रबंधक शिवदास के अनुसार अन्नक्षेत्र चलाने के लिए प्रतिदिन लगभग 10 गैस सिलेंडरों की आवश्यकता पड़ती है। ये सिलेंडर दो गैस एजेंसियों से आते थे, लेकिन अचानक अब एजेंसियों ने गैस आपूर्ति रोक दी है। जब उनसे कारण पूछा गया तो एजेंसी की ओर से कहा गया कि “सरकार या प्रशासन की ओर से आपके लिए कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है, इसलिए गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराए जा सकते।” अधिकारियों से गुहार, लेकिन समाधान नहीं इस गंभीर स्थिति को देखते हुए गीता कुटीर प्रबंधन ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और जिला पूर्ति अधिकारी से संपर्क किया। अधिकारियों ने मौखिक रूप से आश्वासन तो दिया कि व्यवस्था कर दी जाएगी, लेकिन अब तक जमीन पर कोई समाधान सामने नहीं आया है। प्रबंधन का कहना है कि वर्तमान गैस स्टॉक खत्म होने के बाद एक-दो दिन में अन्नक्षेत्र बंद होने की नौबत आ सकती है। संतों में चिंता और आक्रोश जब इस विषय की जानकारी संतों को दी गई तो उनमें चिंता के साथ-साथ नाराजगी भी देखने को मिली। कुछ संतों का कहना है कि “यह सब राजनीतिक कारणों से हो रहा है।” वहीं कुछ संतों ने आस्था के भाव से कहा— “भगवान पहले संतों को भोजन कराते हैं, उसके बाद स्वयं ग्रहण करते हैं। आज तक ऐसा नहीं हुआ कि गीता कुटीर में संतों को भोजन न मिला हो।” जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर बैठाने की चेतावनी गीता कुटीर प्रबंधन का कहना है कि यदि गैस सिलेंडर की व्यवस्था नहीं हुई तो वे मजबूर होकर संतों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर बैठने को मजबूर होंगे। प्रबंधन का कहना है— “जब संत भोजन के लिए हमारे द्वार पर बैठ जाएंगे तो हम उन्हें जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर छोड़ देंगे, ताकि अधिकारी स्वयं इन संतों के भोजन की व्यवस्था कर सकें।” हरिद्वार की मर्यादा पर खड़ा बड़ा सवाल तीर्थ नगरी हरिद्वार की पहचान संतों और साधुओं से है। गंगा किनारे तपस्या करने वाले ये संत ही इस नगरी की आध्यात्मिक शक्ति हैं। ऐसे में यदि संतों के भोजन पर संकट खड़ा होता है तो यह केवल एक आश्रम की समस्या नहीं बल्कि हरिद्वार की धार्मिक मर्यादा और पवित्रता पर प्रश्नचिन्ह है। अब प्रशासन की परीक्षा अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन, पूर्ति विभाग और सरकार इस संकट का समाधान करेंगे? क्या गैस सिलेंडर की व्यवस्था कर संतों की रसोई को बचाया जाएगा, या फिर तपस्वी संत भोजन के अभाव में कठिनाई झेलने को मजबूर होंगे? आने वाले दो दिन इस प्रश्न का उत्तर तय करेंगे। (स्वतंत्र पत्रकार — रामेश्वर गौड़)
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    शीर्षक:
धर्म की राजधानी हरिद्वार में संतों की रसोई पर संकट! गीता कुटीर का अन्नक्षेत्र गैस सिलेंडर के अभाव में बंद होने की कगार पर
उपशीर्षक:
तीन–चार दशकों से हजारों तपस्वी संतों को मिल रहा भोजन प्रसाद, अब गैस सिलेंडर न मिलने से खड़ी हुई बड़ी धार्मिक चुनौती
हरिद्वार। (स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़)
धर्म की राजधानी कही जाने वाली तीर्थ नगरी हरिद्वार में जहां गंगा तट पर हजारों तपस्वी संत एकांत में रहकर भगवान का भजन, जप, तप और ध्यान करते हैं, वहीं इन संतों के भोजन की व्यवस्था करने वाला प्रसिद्ध गीता कुटीर तपोवन का अन्नक्षेत्र आज एक गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है।
गंगा किनारे झोपड़ियों में रहकर तपस्या करने वाले संतों के लिए वर्षों से जीवनरेखा बना यह अन्नक्षेत्र अब गैस सिलेंडर की कमी के कारण बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हजारों तपस्वी संतों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो सकता है।
गंगा तट के तपस्वियों का सहारा बना गीता कुटीर
हरिद्वार को भगवान का द्वार कहा जाता है। इसी कारण इस तीर्थ नगरी में देशभर से आए हजारों संत गंगा किनारे साधना करते हैं।
ये संत न तो दुनिया की दौड़ में शामिल हैं और न ही सांसारिक सुख-सुविधाओं की चाह रखते हैं। उनका एकमात्र लक्ष्य भगवान का भजन, जप और ध्यान है।
ऐसे तपस्वी संतों की सेवा के उद्देश्य से स्वामी गीतानंद जी महाराज ने तपोवन स्थित गीता कुटीर में अन्नक्षेत्र की शुरुआत की थी। उनकी भावना थी कि हरिद्वार में कोई संत भूखा न रहे और भजन में लीन साधुओं को भोजन की चिंता न करनी पड़े।
चार दशक से एक दिन भी बंद नहीं हुआ अन्नक्षेत्र
बताया जाता है कि पिछले लगभग तीन से चार दशकों से गीता कुटीर का अन्नक्षेत्र बिना रुके चल रहा है।
यहां प्रतिदिन सैकड़ों ही नहीं बल्कि हजारों संत भोजन प्रसाद ग्रहण करते हैं।
इतिहास में ऐसा एक भी दिन नहीं आया जब यहां अन्नक्षेत्र बंद हुआ हो या किसी संत को भोजन न मिला हो।
कोरोना काल में भी संतों तक पहुंचाया गया भोजन
कोरोना महामारी के कठिन समय में जब पूरा देश बंद था, तब भी गीता कुटीर ने सेवा की परंपरा को नहीं रोका।
उस समय गंगा किनारे रहने वाले संतों तक स्वयं जाकर भोजन पहुंचाया जाता था।
तपोवन मार्ग पर वाहन के माध्यम से भोजन पैक कर संतों की झोपड़ियों तक वितरण किया गया ताकि उन्हें भजन छोड़कर भोजन की तलाश में भटकना न पड़े।
इसी सेवा भाव के कारण आज हजारों संतों का गीता कुटीर पर अटूट विश्वास है।
अब गैस सिलेंडर पर अटक गया संतों का भोजन
गीता कुटीर के प्रबंधक शिवदास के अनुसार अन्नक्षेत्र चलाने के लिए प्रतिदिन लगभग 10 गैस सिलेंडरों की आवश्यकता पड़ती है।
ये सिलेंडर दो गैस एजेंसियों से आते थे, लेकिन अचानक अब एजेंसियों ने गैस आपूर्ति रोक दी है।
जब उनसे कारण पूछा गया तो एजेंसी की ओर से कहा गया कि
“सरकार या प्रशासन की ओर से आपके लिए कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है, इसलिए गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराए जा सकते।”
अधिकारियों से गुहार, लेकिन समाधान नहीं
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए गीता कुटीर प्रबंधन ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और जिला पूर्ति अधिकारी से संपर्क किया।
अधिकारियों ने मौखिक रूप से आश्वासन तो दिया कि व्यवस्था कर दी जाएगी, लेकिन अब तक जमीन पर कोई समाधान सामने नहीं आया है।
प्रबंधन का कहना है कि वर्तमान गैस स्टॉक खत्म होने के बाद एक-दो दिन में अन्नक्षेत्र बंद होने की नौबत आ सकती है।
संतों में चिंता और आक्रोश
जब इस विषय की जानकारी संतों को दी गई तो उनमें चिंता के साथ-साथ नाराजगी भी देखने को मिली।
कुछ संतों का कहना है कि
“यह सब राजनीतिक कारणों से हो रहा है।”
वहीं कुछ संतों ने आस्था के भाव से कहा—
“भगवान पहले संतों को भोजन कराते हैं, उसके बाद स्वयं ग्रहण करते हैं। आज तक ऐसा नहीं हुआ कि गीता कुटीर में संतों को भोजन न मिला हो।”
जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर बैठाने की चेतावनी
गीता कुटीर प्रबंधन का कहना है कि यदि गैस सिलेंडर की व्यवस्था नहीं हुई तो वे मजबूर होकर संतों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर बैठने को मजबूर होंगे।
प्रबंधन का कहना है—
“जब संत भोजन के लिए हमारे द्वार पर बैठ जाएंगे तो हम उन्हें जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर छोड़ देंगे, ताकि अधिकारी स्वयं इन संतों के भोजन की व्यवस्था कर सकें।”
हरिद्वार की मर्यादा पर खड़ा बड़ा सवाल
तीर्थ नगरी हरिद्वार की पहचान संतों और साधुओं से है।
गंगा किनारे तपस्या करने वाले ये संत ही इस नगरी की आध्यात्मिक शक्ति हैं।
ऐसे में यदि संतों के भोजन पर संकट खड़ा होता है तो यह केवल एक आश्रम की समस्या नहीं बल्कि हरिद्वार की धार्मिक मर्यादा और पवित्रता पर प्रश्नचिन्ह है।
अब प्रशासन की परीक्षा
अब सवाल यह है कि
क्या जिला प्रशासन, पूर्ति विभाग और सरकार इस संकट का समाधान करेंगे?
क्या गैस सिलेंडर की व्यवस्था कर संतों की रसोई को बचाया जाएगा,
या फिर तपस्वी संत भोजन के अभाव में कठिनाई झेलने को मजबूर होंगे?
आने वाले दो दिन इस प्रश्न का उत्तर तय करेंगे।
(स्वतंत्र पत्रकार — रामेश्वर गौड़)
    user_रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    1 hr ago
  • मुजफ्फरनगर। थाना चरथावल क्षेत्र के गांव लुहारी में एक हिरण के छोटे बच्चे का रेस्क्यू किया गया। जानकारी के अनुसार यह हिरण का बच्चा अपने झुंड से बिछड़ गया था और गांव के पास भटकता हुआ दिखाई दिया। स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर पशु प्रेमी सन्नी पंजाबी मौके पर पहुंचे और हिरण के बच्चे को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया। बताया जा रहा है कि यह बच्चा काफी छोटा है और संभवतः अपने झुंड से अलग हो गया था। सन्नी पंजाबी ने बताया कि फिलहाल वह हिरण के बच्चे की देखभाल करेंगे। जब यह थोड़ा बड़ा और मजबूत हो जाएगा, तब इसे सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ दिया जाएगा, ताकि यह अपने प्राकृतिक वातावरण में रह सके।
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    मुजफ्फरनगर। थाना चरथावल क्षेत्र के गांव लुहारी में एक हिरण के छोटे बच्चे का रेस्क्यू किया गया। जानकारी के अनुसार यह हिरण का बच्चा अपने झुंड से बिछड़ गया था और गांव के पास भटकता हुआ दिखाई दिया।
स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर पशु प्रेमी सन्नी पंजाबी मौके पर पहुंचे और हिरण के बच्चे को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया। बताया जा रहा है कि यह बच्चा काफी छोटा है और संभवतः अपने झुंड से अलग हो गया था।
सन्नी पंजाबी ने बताया कि फिलहाल वह हिरण के बच्चे की देखभाल करेंगे। जब यह थोड़ा बड़ा और मजबूत हो जाएगा, तब इसे सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ दिया जाएगा, ताकि यह अपने प्राकृतिक वातावरण में रह सके।
    user_Aslam Tyagi
    Aslam Tyagi
    Local News Reporter मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    57 min ago
  • एक होन्डा सिटी कार नं0- यूपी 11 डीए 2014 जिसमें 06 व्यक्ति सवार थे शामली में एक वैवाहिक कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिये नानौता, सहारनपुर से आये थे। ये लोग वैवाहिक कार्यक्रम में सम्मिलित होकर घूमने के लिये थानाभवन- चरथावल मार्ग पर निकले थे रास्ते में थानाक्षेत्र चरथावल के अंतर्गत ग्राम ज्ञानमाजरा के पास इनकी कार अनियंत्रित होकर एक पेड से टकरा गयी तथा दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। दुर्घटना में कार में सवार सभी 06 लोग घायल हो गये। सूचना पर थाना चरथावल पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची तथा सभी घायलों को तत्काल सीएचसी चरथावल भिजवाया गया जहां उपचार के दौरान 1. बादल पुत्र लक्ष्मण 2. नितिन पुत्र अनिल निवासीगण नानौता, सहारनपुर को चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित कर दिया । दुर्घटना में घायल अन्य 1. आशु पुत्र अनील 2. सुमन पुत्र नामालूम 3. कपिल पुत्र सोमपाल निवासगण नानौता, सहारनपुर 4. इरशाल पुत्र सतपाल निवासी जगाधरी, हरियाणा अभी उपचाराधीन हैं। क्षेत्राधिकारी सदर डॉ0 रविशंकर द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तथा अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों से वार्ता कर घायलों की स्थिति की जानकारी ली गयी। *प्रकरण के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी सदर डॉ0 रविशंकर की बाइट-*
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    एक होन्डा सिटी कार नं0- यूपी 11 डीए 2014 जिसमें 06 व्यक्ति सवार थे शामली में एक वैवाहिक कार्यक्रम में सम्मिलित होने  के लिये नानौता, सहारनपुर से आये थे। ये लोग वैवाहिक कार्यक्रम में सम्मिलित होकर घूमने के लिये थानाभवन- चरथावल मार्ग पर निकले थे रास्ते में थानाक्षेत्र चरथावल के अंतर्गत ग्राम ज्ञानमाजरा के पास इनकी कार अनियंत्रित होकर एक पेड से टकरा गयी तथा दुर्घटनाग्रस्त  हो गयी। दुर्घटना में कार में सवार सभी 06 लोग घायल हो गये। सूचना पर थाना चरथावल पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची तथा सभी घायलों को तत्काल सीएचसी चरथावल भिजवाया गया जहां उपचार के दौरान 1. बादल पुत्र लक्ष्मण 2. नितिन पुत्र अनिल निवासीगण नानौता, सहारनपुर को चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित कर दिया । दुर्घटना में घायल अन्य 1. आशु पुत्र अनील 2. सुमन पुत्र नामालूम 3. कपिल पुत्र सोमपाल निवासगण नानौता, सहारनपुर 4. इरशाल पुत्र सतपाल निवासी जगाधरी, हरियाणा अभी उपचाराधीन हैं। क्षेत्राधिकारी सदर डॉ0 रविशंकर द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तथा अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों से वार्ता कर घायलों की स्थिति की जानकारी ली गयी। 
*प्रकरण के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी सदर डॉ0 रविशंकर की बाइट-*
    user_Khulasha news
    Khulasha news
    मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • एक होन्डा सिटी कार नं0- यूपी 11 डीए 2014 जिसमें 06 व्यक्ति सवार थे शामली में एक वैवाहिक कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिये नानौता, सहारनपुर से आये थे। ये लोग वैवाहिक कार्यक्रम में सम्मिलित होकर घूमने के लिये थानाभवन- चरथावल मार्ग पर निकले थे रास्ते में थानाक्षेत्र चरथावल के अंतर्गत ग्राम ज्ञानमाजरा के पास इनकी कार अनियंत्रित होकर एक पेड से टकरा गयी तथा दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। दुर्घटना में कार में सवार सभी 06 लोग घायल हो गये। सूचना पर थाना चरथावल पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची तथा सभी घायलों को तत्काल सीएचसी चरथावल भिजवाया गया जहां उपचार के दौरान 1. बादल पुत्र लक्ष्मण 2. नितिन पुत्र अनिल निवासीगण नानौता, सहारनपुर को चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित कर दिया । दुर्घटना में घायल अन्य 1. आशु पुत्र अनील 2. सुमन पुत्र नामालूम 3. कपिल पुत्र सोमपाल निवासगण नानौता, सहारनपुर 4. इरशाल पुत्र सतपाल निवासी जगाधरी, हरियाणा अभी उपचाराधीन हैं। क्षेत्राधिकारी सदर डॉ0 रविशंकर द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तथा अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों से वार्ता कर घायलों की स्थिति की जानकारी ली गयी। प्रकरण के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी सदर डॉ0 रविशंकर की बाइट-
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    एक होन्डा सिटी कार नं0- यूपी 11 डीए 2014 जिसमें 06 व्यक्ति सवार थे शामली में एक वैवाहिक कार्यक्रम में सम्मिलित होने  के लिये नानौता, सहारनपुर से आये थे। ये लोग वैवाहिक कार्यक्रम में सम्मिलित होकर घूमने के लिये थानाभवन- चरथावल मार्ग पर निकले थे रास्ते में थानाक्षेत्र चरथावल के अंतर्गत ग्राम ज्ञानमाजरा के पास इनकी कार अनियंत्रित होकर एक पेड से टकरा गयी तथा दुर्घटनाग्रस्त  हो गयी। दुर्घटना में कार में सवार सभी 06 लोग घायल हो गये। सूचना पर थाना चरथावल पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची तथा सभी घायलों को तत्काल सीएचसी चरथावल भिजवाया गया जहां उपचार के दौरान 1. बादल पुत्र लक्ष्मण 2. नितिन पुत्र अनिल निवासीगण नानौता, सहारनपुर को चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित कर दिया । दुर्घटना में घायल अन्य 1. आशु पुत्र अनील 2. सुमन पुत्र नामालूम 3. कपिल पुत्र सोमपाल निवासगण नानौता, सहारनपुर 4. इरशाल पुत्र सतपाल निवासी जगाधरी, हरियाणा अभी उपचाराधीन हैं। क्षेत्राधिकारी सदर डॉ0 रविशंकर द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तथा अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों से वार्ता कर घायलों की स्थिति की जानकारी ली गयी। 
प्रकरण के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी सदर डॉ0 रविशंकर की बाइट-
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    Khindnews
    मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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