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गुरुवार सुबह गिरिडीह-डुमरी रोड पर कठवारा के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। इस घटना से भड़के आक्रोशित ग्रामीणों ने दोपहर 1 बजे से करीब दो घंटे तक गिरिडीह-डुमरी मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। इस नाकेबंदी के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। ग्रामीण, इस दौरान मृतक के परिजनों के लिए उचित मुआवजे और हादसे के लिए जिम्मेदार दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे।
Shivani Seth
गुरुवार सुबह गिरिडीह-डुमरी रोड पर कठवारा के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। इस घटना से भड़के आक्रोशित ग्रामीणों ने दोपहर 1 बजे से करीब दो घंटे तक गिरिडीह-डुमरी मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। इस नाकेबंदी के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। ग्रामीण, इस दौरान मृतक के परिजनों के लिए उचित मुआवजे और हादसे के लिए जिम्मेदार दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे।
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- गुरुवार सुबह गिरिडीह-डुमरी रोड पर कठवारा के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। इस घटना से भड़के आक्रोशित ग्रामीणों ने दोपहर 1 बजे से करीब दो घंटे तक गिरिडीह-डुमरी मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। इस नाकेबंदी के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। ग्रामीण, इस दौरान मृतक के परिजनों के लिए उचित मुआवजे और हादसे के लिए जिम्मेदार दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे।1
- गिरिडीह जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत हुसैनी चौक, गरगडीहा में शुक्रवार को मोहर्रम के अवसर पर हुसैनी अखाड़ा शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस आयोजन में आसपास के कई गांवों से ताजिए और अखाड़ा दल शामिल हुए, जिन्होंने आपसी भाईचारे, एकता और अमन-चैन का संदेश दिया। अखाड़े में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण उपस्थित रहे। पूरा कार्यक्रम पारंपरिक करतबों और अनुशासित जुलूस के बीच शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किया गया। इस दौरान हीरोडीह थाना की पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरे समय मुस्तैद रही। पुलिस पदाधिकारी और जवान लगातार क्षेत्र में निगरानी करते रहे, जिससे कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रशासन की सतर्कता और स्थानीय लोगों के आपसी सहयोग व सद्भाव ने कार्यक्रम को सफल बनाया। मोहर्रम के इस आयोजन ने एक बार फिर क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और आपसी एकता की मिसाल पेश की।1
- गिरिडीह के डुमरी प्रखंड में हजरत इमाम हसन-हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाने वाला मोहर्रम का पर्व शुक्रवार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपने धार्मिक स्थलों पर पर्व की परंपराओं का निर्वहन किया और इमाम हसन-हुसैन के बलिदान को याद किया। प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में अखाड़ा कमेटियों द्वारा आकर्षक तजिया और अखाड़ा जुलूस निकाले गए, जिसमें समिति के सदस्यों ने पारंपरिक कला का प्रदर्शन किया। डुमरी चौक में अखाड़ा जुलूस के दौरान युवकों ने अपने कौशल का भी प्रदर्शन किया। त्याग और बलिदान के इस पर्व में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। सभी सार्वजनिक स्थानों, चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थलों पर दंडाधिकारियों के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अनुमंडल कार्यालय में एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया था, जहाँ प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी घंटे-दर-घंटे क्षेत्र की स्थिति की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज रहे थे। प्रभारी एसडीओ संतोष गुप्ता, एसडीपीओ आबिद खान, सीओ शशिभूषण वर्मा, पुलिस इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रसाद, डुमरी थाना प्रभारी श्रीकांत कुमार और निमियाघाट थाना प्रभारी सुमन कुमार अपने दलबल के साथ क्षेत्र में भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेते रहे। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य विभाग भी मोहर्रम को लेकर अलर्ट मोड पर था। समाचार लिखे जाने तक कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिससे डुमरी में मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।4
- एक गांव में नल-जल योजना से संबंधित सोलर पैनल और पानी की टंकी की मशीन खराब हो गई है, जिसके कारण गांव में पानी की आपूर्ति पूरी तरह से बंद हो गई है। ग्रामीणों ने इस समस्या को सुलझाने के लिए स्थानीय मिस्त्री से मशीन ठीक कराने की कोशिश की, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल पाई। अब ग्रामीणों ने अधिकारियों से अनुरोध किया है कि जल्द से जल्द एक तकनीकी टीम भेजी जाए ताकि खराब मशीन की मरम्मत की जा सके और गांव में नियमित रूप से पानी की आपूर्ति फिर से शुरू हो सके।2
- शाहपुर थाना के पुलिसकर्मियों पर भारत भूषण तिवारी की गोली मारकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने शाहपुर के निवासी भारत भूषण तिवारी को गोली मारी। भारत भूषण तिवारी को 'भोजपुर लाल' और एक क्रांतिकारी के रूप में वर्णित किया गया है, जो लगातार गरीबों और बाढ़ पीड़ितों के हक के लिए संघर्षरत थे। वह विशेष रूप से विलौटी गांव में बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों के मुद्दे को उठा रहे थे और सरकार से उनके नुकसान के लिए मुआवजे की मांग कर रहे थे। बताया गया है कि वह भोजपुर, बिहार के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में गरीब लोगों को उनका अधिकार दिलाने के लिए सक्रिय थे।1
- धनबाद जिले के गोबिंदपुर प्रखंड में, पूर्वी टुंडी सहित विभिन्न क्षेत्रों में मोहर्रम पर्व शांतिपूर्ण ढंग से मनाया गया। इस दौरान, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन विभिन्न अखाड़ों में मुस्तैद रहा।1
- कांको से शक्ति चौक तक एक बड़े जमीन के खेल को लेकर चेतावनी दी गई है। सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर 'फणि' कौन है, जिसने सड़कों पर घूम-घूम कर महुआ शराब बेचकर कथित तौर पर अकूत संपत्ति जमा कर ली है। इस पूरे मामले में अगले भाग में एक बड़े खुलासे का वादा किया गया है।1
- गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड अंतर्गत खिजूरी पंचायत के नीमाडीह गांव में सनातनी परंपराओं और बड़ों के प्रति सम्मान का एक मनमोहक दृश्य देखने को मिला। गांव के प्रतिष्ठित व्यक्ति पांडु यादव और उनकी धर्मपत्नी तिलकी देवी के सकुशल चारधाम यात्रा से लौटने की खुशी में उनके बेटों और भतीजों ने एक भव्य धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया, जिसका शुभारंभ शुक्रवार को 51 कलशों की एक विशाल यात्रा के साथ हुआ। गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ निकाली गई इस पावन यात्रा में गजब का अनुशासन और सनातन संस्कृति की छटा बिखरी हुई थी। पुरुष वर्ग पीले और नारंगी पीतांबर रंग के कुर्ते-पायजामे में कतारबद्ध होकर चल रहा था, वहीं मातृशक्ति और युवतियां पारंपरिक लाल व चुनरी प्रिंट की साड़ियों में सज-धजकर, सिर पर नारियल और आम के पत्तों से सजे मंगल मिट्टी के कलश लेकर आगे बढ़ रही थीं। यात्रा के दौरान लाउडस्पीकर पर बज रहे भक्ति गीतों और श्रद्धालुओं द्वारा लगाए जा रहे 'जय श्री राम' व 'वंदे मातरम' के गगनभेदी जयघोष से पूरा नीमाडीह गांव और आसपास का इलाका भक्तिमय हो उठा। गांव की परिक्रमा करते हुए यह भव्य कलश यात्रा खोटो नदी के तट पर पहुँची, जहाँ पुरोहितों की उपस्थिति में वेदोच्चार के बीच गंगा माता और जल देवता का विधिवत पूजन-अर्चन संपन्न किया गया। इसके बाद, परिवार की बुजुर्ग महिलाओं ने पारंपरिक सोहर और वैवाहिक गीतों के बीच कलशों में पवित्र जल भरा। जल भरने के उपरांत, यह पावन कलश यात्रा पुनः जयकारों के साथ नीमाडीह गांव स्थित यज्ञ स्थल कपिल यादव के निवास स्थान पर वापस पहुँची, जहाँ मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापित कर आगे के पूजा अनुष्ठान को प्रारंभ किया गया। इस भव्य धार्मिक उत्सव और पारिवारिक मिलन के मौके पर कपिल यादव के 110 वर्षीय दादा जी बासो महतो, नंदलाल यादव, आसी यादव, असर्फी यादव, नकुल यादव, अशोक यादव, उपेंद्र यादव, राजू यादव और निशिकांत पांडेय सहित समाज के बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, सगे-संबंधी और दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ग्रामीणों ने पांडु यादव और तिलकी देवी का चारधाम यात्रा से लौटने पर गर्मजोशी से स्वागत किया। गांव में इस भव्य आयोजन को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।2