कंबल के बदले मोबाइल: महराजगंज पुलिस ने तोड़ी 80 लाख की साइबर फैक्ट्री, 5 शातिर गिरफ्तार महराजगंज। SP शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में महराजगंज पुलिस को साइबर क्राइम के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। साइबर क्राइम थाना और श्यामदेउरवा थाने की संयुक्त टीम ने अंतर्राज्यीय साइबर गैंग के 5 शातिर सदस्यों को परतावल नहर पटरी से गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। क्या है पूरा मामला? ADG गोरखपुर जोन अशोक मुथा जैन और DIG एस. चनप्पा के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत 15 अप्रैल 2026 को ये कार्रवाई हुई। प्रभारी निरीक्षक सजनू यादव और SO अभिषेक सिंह के नेतृत्व में टीम ने छापा मारकर गैंग को दबोचा। कैसे चलता था अपराध? पूछताछ में खुलासा हुआ कि सरकार द्वारा IMEI ब्लॉक किए जाने के बाद गैंग ने नया तरीका निकाला। ये लोग गांव-गांव फेरी लगाकर कंबल-बर्तन के बदले पुराने मोबाइल इकट्ठा करते थे। फिर इन मोबाइलों को कोलकाता में एक साथी को बेच देते थे। वहां से ये फोन साइबर अपराधियों तक पहुंचते थे, जो मदरबोर्ड की IMEI से OTP फ्रॉड, फिशिंग और फर्जी कॉलिंग करते थे। कौन-कौन गिरफ्तार? 1. विकेश कुमार, 25 वर्ष, लक्ष्मीपुर नया टोला, पूर्वी चंपारण 2. रमाकांत साहनी, 40 वर्ष, रोशनपुर सपहा, पूर्वी चंपारण 3. बृजबिहारी, 37 वर्ष, अजगरवा, मोतिहारी 4. मुन्ना कुमार, 23 वर्ष, लक्ष्मीपुर नया टोला, पूर्वी चंपारण - सरगना 5. रामदरश, 35 वर्ष, रोशनपुर सपहा, पूर्वी चंपारण सभी बिहार के रहने वाले हैं और 05.04.2026 से परतावल में डेरा डाले थे। क्या-क्या बरामद हुआ? - 318 एंड्रॉयड मोबाइल - कीमत करीब ₹80 लाख - 110 मोबाइल मदरबोर्ड - कीमत ₹1.10 लाख - 05 मोटरसाइकिल, 55 फर्जी बिल, ₹5700 नकद पुलिस का बयान SP शक्ति मोहन अवस्थी ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि साइबर गैंग पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। IMEI और डेटा का तकनीकी विश्लेषण कराया जा रहा है। हवाला कनेक्शन की भी जांच चल रही है। जनता से अपील है कि पुराने मोबाइल सिर्फ अधिकृत दुकानों पर ही बेचें। टीम में शामिल: चौकी प्रभारी अमित कुमार सिंह, उ0नि0 अक्षय कुमार सिंह, उ0नि0 अमित यादव, हे0कां0 प्रफुल्ल यादव, कां0 उमेश यादव, कां0 संतोष शर्मा, कां0 प्रमोद यादव।
कंबल के बदले मोबाइल: महराजगंज पुलिस ने तोड़ी 80 लाख की साइबर फैक्ट्री, 5 शातिर गिरफ्तार महराजगंज। SP शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में महराजगंज पुलिस को साइबर क्राइम के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। साइबर क्राइम थाना और श्यामदेउरवा थाने की संयुक्त टीम ने अंतर्राज्यीय साइबर गैंग के 5 शातिर सदस्यों को परतावल नहर पटरी से गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। क्या है पूरा मामला? ADG गोरखपुर जोन अशोक मुथा जैन और DIG एस. चनप्पा के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत 15 अप्रैल 2026 को ये कार्रवाई हुई। प्रभारी निरीक्षक सजनू यादव और SO अभिषेक सिंह के नेतृत्व में टीम ने छापा मारकर गैंग को दबोचा। कैसे चलता था अपराध? पूछताछ में खुलासा
हुआ कि सरकार द्वारा IMEI ब्लॉक किए जाने के बाद गैंग ने नया तरीका निकाला। ये लोग गांव-गांव फेरी लगाकर कंबल-बर्तन के बदले पुराने मोबाइल इकट्ठा करते थे। फिर इन मोबाइलों को कोलकाता में एक साथी को बेच देते थे। वहां से ये फोन साइबर अपराधियों तक पहुंचते थे, जो मदरबोर्ड की IMEI से OTP फ्रॉड, फिशिंग और फर्जी कॉलिंग करते थे। कौन-कौन गिरफ्तार? 1. विकेश कुमार, 25 वर्ष, लक्ष्मीपुर नया टोला, पूर्वी चंपारण 2. रमाकांत साहनी, 40 वर्ष, रोशनपुर सपहा, पूर्वी चंपारण 3. बृजबिहारी, 37 वर्ष, अजगरवा, मोतिहारी 4. मुन्ना कुमार, 23 वर्ष, लक्ष्मीपुर नया टोला, पूर्वी चंपारण - सरगना 5. रामदरश, 35 वर्ष, रोशनपुर सपहा, पूर्वी चंपारण सभी बिहार के रहने वाले
हैं और 05.04.2026 से परतावल में डेरा डाले थे। क्या-क्या बरामद हुआ? - 318 एंड्रॉयड मोबाइल - कीमत करीब ₹80 लाख - 110 मोबाइल मदरबोर्ड - कीमत ₹1.10 लाख - 05 मोटरसाइकिल, 55 फर्जी बिल, ₹5700 नकद पुलिस का बयान SP शक्ति मोहन अवस्थी ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि साइबर गैंग पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। IMEI और डेटा का तकनीकी विश्लेषण कराया जा रहा है। हवाला कनेक्शन की भी जांच चल रही है। जनता से अपील है कि पुराने मोबाइल सिर्फ अधिकृत दुकानों पर ही बेचें। टीम में शामिल: चौकी प्रभारी अमित कुमार सिंह, उ0नि0 अक्षय कुमार सिंह, उ0नि0 अमित यादव, हे0कां0 प्रफुल्ल यादव, कां0 उमेश यादव, कां0 संतोष शर्मा, कां0 प्रमोद यादव।
- कंबल के बदले मोबाइल: महराजगंज पुलिस ने तोड़ी 80 लाख की साइबर फैक्ट्री, 5 शातिर गिरफ्तार महराजगंज। SP शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में महराजगंज पुलिस को साइबर क्राइम के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। साइबर क्राइम थाना और श्यामदेउरवा थाने की संयुक्त टीम ने अंतर्राज्यीय साइबर गैंग के 5 शातिर सदस्यों को परतावल नहर पटरी से गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। क्या है पूरा मामला? ADG गोरखपुर जोन अशोक मुथा जैन और DIG एस. चनप्पा के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत 15 अप्रैल 2026 को ये कार्रवाई हुई। प्रभारी निरीक्षक सजनू यादव और SO अभिषेक सिंह के नेतृत्व में टीम ने छापा मारकर गैंग को दबोचा। कैसे चलता था अपराध? पूछताछ में खुलासा हुआ कि सरकार द्वारा IMEI ब्लॉक किए जाने के बाद गैंग ने नया तरीका निकाला। ये लोग गांव-गांव फेरी लगाकर कंबल-बर्तन के बदले पुराने मोबाइल इकट्ठा करते थे। फिर इन मोबाइलों को कोलकाता में एक साथी को बेच देते थे। वहां से ये फोन साइबर अपराधियों तक पहुंचते थे, जो मदरबोर्ड की IMEI से OTP फ्रॉड, फिशिंग और फर्जी कॉलिंग करते थे। कौन-कौन गिरफ्तार? 1. विकेश कुमार, 25 वर्ष, लक्ष्मीपुर नया टोला, पूर्वी चंपारण 2. रमाकांत साहनी, 40 वर्ष, रोशनपुर सपहा, पूर्वी चंपारण 3. बृजबिहारी, 37 वर्ष, अजगरवा, मोतिहारी 4. मुन्ना कुमार, 23 वर्ष, लक्ष्मीपुर नया टोला, पूर्वी चंपारण - सरगना 5. रामदरश, 35 वर्ष, रोशनपुर सपहा, पूर्वी चंपारण सभी बिहार के रहने वाले हैं और 05.04.2026 से परतावल में डेरा डाले थे। क्या-क्या बरामद हुआ? - 318 एंड्रॉयड मोबाइल - कीमत करीब ₹80 लाख - 110 मोबाइल मदरबोर्ड - कीमत ₹1.10 लाख - 05 मोटरसाइकिल, 55 फर्जी बिल, ₹5700 नकद पुलिस का बयान SP शक्ति मोहन अवस्थी ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि साइबर गैंग पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। IMEI और डेटा का तकनीकी विश्लेषण कराया जा रहा है। हवाला कनेक्शन की भी जांच चल रही है। जनता से अपील है कि पुराने मोबाइल सिर्फ अधिकृत दुकानों पर ही बेचें। टीम में शामिल: चौकी प्रभारी अमित कुमार सिंह, उ0नि0 अक्षय कुमार सिंह, उ0नि0 अमित यादव, हे0कां0 प्रफुल्ल यादव, कां0 उमेश यादव, कां0 संतोष शर्मा, कां0 प्रमोद यादव।3
- Post by धर्मेन्द्र कसौधन1
- महराजगंज पुलिस का बड़ा एक्शन,देशव्यापी साइबर नेटवर्क ध्वस्त , पुलिस अधीक्षक महराजगंज शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशानुसार साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली, थाना साइबर क्राइम व थाना श्यामदेउरवां की संयुक्त पुलिस टीम ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय साइबर गैंग के 05 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया, अभियुक्तों के कब्जे से 318 एंड्रॉइड मोबाइल फोन (लगभग ₹80 लाख कीमत), 110 मोबाइल मदरबोर्ड, 05 मोबाइल फोन, 05 मोटरसाइकिल तथा नकदी व फर्जी बिल/पर्चियां बरामद हुई हैं,गिरफ्तारी व बरामदगी के संबंध में पुलिस अधीक्षक महराजगंज द्वारा दी गई जानकारी1
- बड़ी खबर: गोरखपुर-नौतनवा रूट की ट्रेनें 10 दिन तक रद्द! 🚆 30 अप्रैल से 9 मई तक छपरा-नौतनवा इंटरसिटी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें निरस्त कर दी गई हैं। गोरखपुर जंक्शन पर चल रहे पुनर्विकास कार्य के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जानिए कौन-कौन सी ट्रेनें प्रभावित हैं और क्या हैं विकल्प! . || Nautanwa News || Intercity express Nautanwa || Train cancelled . #Gorakhpur #Nautanwa #IndianRailways #TrainCancel #maharajganjnews1
- महराजगंज जिले के नौतनवा में #पुलिस के खिलाफ #अधिवक्ताओं का हल्ला बोल, नौतनवा में उग्र प्रदर्शन #bjp1
- Maharajganj Uttar Pradesh me kammal bechane wale mobile lekar kammal dete the aaj un logo ki giraftari hue hai1
- Post by भगवन्त यादव1
- ठूठीबारी बॉर्डर रोड पर NHAI पुल में '4 सूत सरिया' का खेल, घटिया निर्माण से बड़े हादसे का खतरा - सुत्र महराजगंज। मिली जानकारी के अनुसार भारत-नेपाल बॉर्डर को जोड़ने वाली ठूठीबारी रोड पर NHAI द्वारा बनवाए जा रहे पुलों के निर्माण में गंभीर अनियमितता का आरोप सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल निर्माण में मानक से कमजोर '4 सूत' का सरिया इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि इस मार्ग पर हेवी लोड ट्रक और भारी वाहनों का निरंतर आवागमन होता है। क्या है पूरा मामला? स्थानीय जागरूक नागरिकों ने आरोप लगाया है कि एटलस कंपनी द्वारा बनवाए जा रहे पुलों में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। लोगों का कहना है आज हम अपने घर की मजबूती के लिए भी 4 सूत सरिया का इस्तेमाल नहीं करते, क्योंकि ऊपर मंजिल बनानी होती है। फिर ये तो नेशनल हाईवे का पुल है जहां दिन-रात ओवरलोड ट्रक चलेंगे। ग्रामीणों का दावा है कि ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे पुलों में भी 6 सूत और 8 सूत का सरिया लगाया जाता है। ऐसे में बॉर्डर रोड जैसे अहम मार्ग पर 4 सूत सरिया का प्रयोग भविष्य में बड़ी दुर्घटना को दावत दे सकता है। पुराने हादसे की याद दिलाई लोगों ने कुछ साल पहले ओडवालिया के चितरी पुल हादसे का जिक्र किया, जहां पुल टूटने से दूल्हा-दुल्हन समेत कई लोगों की जान चली गई थी। लोगों को डर है कि घटिया निर्माण से फिर कोई बड़ा हादसा न हो जाए। प्रशासन से मांग स्थानीय लोगों ने कहा कि इस मार्ग से जनप्रतिनिधि, अधिकारी और पत्रकार रोज गुजरते हैं, लेकिन किसी का ध्यान इस घटिया निर्माण पर नहीं जा रहा। मांग की गई है कि NHAI और जिला प्रशासन तत्काल निर्माण की गुणवत्ता जांच कराए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो जन-धन की बड़ी हानि हो सकती है और बदनामी सरकार की होगी। कंपनी का पक्ष फिलहाल निर्माण कर रही कंपनी या NHAI की तरफ से इस आरोप पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।1