Shuru
Apke Nagar Ki App…
नवादा जिले के रजौली में शिव परिवार के सदस्यों ने वृक्षारोपण कार्यक्रम के लिए एक रैली का आयोजन किया। इस रैली में शिव परिवार की महिलाओं ने हिस्सा लिया और लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की। रैली के दौरान सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और समाज में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया।
Prafull Kumar Suman
नवादा जिले के रजौली में शिव परिवार के सदस्यों ने वृक्षारोपण कार्यक्रम के लिए एक रैली का आयोजन किया। इस रैली में शिव परिवार की महिलाओं ने हिस्सा लिया और लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की। रैली के दौरान सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और समाज में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया।
More news from बिहार and nearby areas
- नवादा जिले के हिसुआ प्रखंड क्षेत्र के मंझवे, तुंगी, चक, धरमपुर, उमराव बीघा समेत कई गांवों में सोमवार को दोपहर में झमाझम बारिश हुई। इस बारिश ने गर्मी से हलकान लोगों को राहत प्रदान की। बारिश का लुत्फ उठाते नन्हे बच्चे अली और आफिया की तस्वीर ने बारिश की खुशी को और बढ़ा दिया। हालांकि, यह बारिश सिर्फ 10 मिनट तक ही हुई, लेकिन इस छोटे से समय में ही मौसम सुहाना हो गया और गर्मी से परेशान लोगों को काफी राहत मिली।1
- नवादा जिले के रजौली क्षेत्र अंतर्गत स्थित अंबेडकर आवासीय विद्यालय में बच्चों को कीड़ा नुमा खाना दिया जा रहा है। रजौली के इस अंबेडकर आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को खाने में कीड़े युक्त भोजन ही परोसा जाता है।1
- बिहार के एक युवक को पकरीबरावां की रसकदम मिठाई के कारण हवालात जाना पड़ा है। इस मामले में युवक को अबू धाबी एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- कोडरमा में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि एक पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों की ओर AK-47 से गोली चलाता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यदि यह दावा सही है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था और पुलिस मैनुअल के लिए गंभीर चिंता का विषय है। तेजस्वी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और प्रदर्शनकारियों पर इस प्रकार की कार्रवाई स्वीकार्य नहीं हो सकती। तेजस्वी यादव ने अपने बयान में सवाल उठाया कि यदि ऐसी घटनाओं पर रोक नहीं लगी तो भविष्य में वकीलों, डॉक्टरों, शिक्षकों, न्यायाधीशों, छात्रों, युवाओं, महिलाओं और किसानों के आंदोलनों के दौरान भी क्या इसी प्रकार बल प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा तत्काल निलंबन की मांग की। साथ ही उन्होंने गृह विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। हालांकि, इस मामले में पुलिस या राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया और घटना की पुष्टि का इंतजार है। वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में घटना की वास्तविक परिस्थितियां जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।1