Shuru
Apke Nagar Ki App…
हरियाणा ने एक अच्छा नेतृत्व खो दिया है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष महोदया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे इस पद पर एक महत्वपूर्ण नेतृत्व की कमी महसूस की जा रही है।
प्रतापhttps://www.facebook.com
हरियाणा ने एक अच्छा नेतृत्व खो दिया है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष महोदया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे इस पद पर एक महत्वपूर्ण नेतृत्व की कमी महसूस की जा रही है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- हरियाणा ने एक अच्छा नेतृत्व खो दिया है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष महोदया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे इस पद पर एक महत्वपूर्ण नेतृत्व की कमी महसूस की जा रही है।1
- 'जहर मुक्त 'बड़ीसादड़ी संघर्ष समिति' के आह्वान पर बड़ीसादड़ी में पूर्ण बंद सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह बंद हिन्दुस्तान जिंक के 'जेरोफिक्स अपशिष्ट पदार्थ' से जुड़े मामले के विरोध में किया गया था। इस सफल बंद के दौरान, मेडिकल स्टोर जैसी आवश्यक सेवाएं भी ठप रहीं।1
- भीलवाड़ा जिले में भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 'विकास, विश्वास और जनकल्याण' अभियान के तहत कई धार्मिक और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए। जिला मुख्यालय पर स्थित टंकी के बालाजी मंदिर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने देव दर्शन करते हुए विशेष पूजा-अर्चना की और सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के दीर्घायु होने और राष्ट्र की समृद्धि के लिए कामना की गई। पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार की पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के अपने संकल्प को भी दोहराया।1
- भीलवाड़ा के हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर में महामंडलेश्वर स्वामी श्री हंसराम जी उदासीन महाराज के सान्निध्य में आयोजित श्रीशिव महापुराण कथा महोत्सव के तीसरे दिन, 10 जून को, प्रखर वक्ता डॉ. स्वामी निर्मल दास जी महाराज ने 'नारद मोह' और 'कुबेर चरित्र' के प्रसंगों का विस्तृत वर्णन किया। सनातन सेवा समिति द्वारा आयोजित इस महोत्सव में स्वामी जी ने अपनी ओजस्वी वाणी में कहा कि भगवान की भक्ति मनुष्य को अहंकार, मोह और अज्ञान से मुक्त कर आत्मकल्याण का मार्ग प्रदान करती है, तथा अहंकार का त्याग और प्रभु की शरण ही जीवन का सच्चा मार्ग है। डॉ. स्वामी निर्मल दास जी महाराज ने नारद मोह प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि देवर्षि नारद ने कठोर तपस्या से कामदेव को पराजित किया, जिससे उनके मन में सूक्ष्म अहंकार उत्पन्न हो गया। भगवान विष्णु ने अपनी माया का विस्तार कर नारद जी को मोह के बंधन में बांधा, और जब उन्हें अपनी भूल का ज्ञान हुआ, तो उनका अभिमान समाप्त हो गया और उन्होंने प्रभु की शरण ग्रहण की। स्वामी जी ने इस प्रसंग से यह शिक्षा दी कि ज्ञान, तप, पद और सामर्थ्य का अभिमान भी आध्यात्मिक पतन का कारण बन सकता है, और ईश्वर अपने भक्तों को विनम्रता सिखाकर सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कुबेर के पूर्व चरित्र का भी वर्णन किया, जिसमें कुबेर ने पूर्व जन्म में भगवान शिव की अनन्य भक्ति और कठोर तपस्या की थी, जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें धन का अधिपति और देवताओं का कोषाध्यक्ष बनाया। स्वामी जी ने कहा कि कुबेर की महानता उनके वैभव में नहीं, बल्कि उनकी शिवभक्ति में निहित है, और सच्ची श्रद्धा तथा तप से साधारण व्यक्ति भी असाधारण उपलब्धियां प्राप्त कर सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धन और वैभव तभी सार्थक हैं जब उनका उपयोग धर्म, सेवा और लोककल्याण के लिए किया जाए। पूज्य डॉ. स्वामी निर्मल दास जी महाराज ने मानव जीवन को अत्यंत दुर्लभ बताते हुए समय मिलने पर सत्संग, तीर्थयात्रा, जप एवं तप अवश्य करने का आग्रह किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को “ॐ हरये नमः” एवं “ॐ महेश्वराय नमः” मंत्रों के जप का महत्व समझाया और पार्थिव शिवलिंग पूजन की महिमा का वर्णन किया, जिसके द्वारा धन, भूमि, वस्त्र तथा सुयोग्य एवं बुद्धिमान संतान की प्राप्ति के लिए श्रद्धा एवं विधिपूर्वक भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। महाभारत का प्रसंग सुनाते हुए स्वामी जी ने अर्जुन द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को चुनने और दुर्योधन द्वारा विशाल सेना को चुनने का उदाहरण दिया, यह दर्शाते हुए कि भगवान साथ हों तो सभी प्रकार की संपदाएं स्वतः प्राप्त हो जाती हैं। उन्होंने शिवपुराण को केवल कर्मकांड न मानते हुए इसे भगवान शिव की उपासना, पूजन-विधि और जीवन को धर्ममय बनाने का मार्ग बताया, तथा गुरु दीक्षा एवं शास्त्रोक्त विधि से ही शिवलिंग पूजा का पूर्ण लाभ मिलने पर जोर दिया, क्योंकि आध्यात्मिक मार्ग में गुरु का मार्गदर्शन अत्यंत आवश्यक है। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने 'ब्रह्मा मुरारी सुरार्चित लिंगम्...' सहित विभिन्न स्तुतियों एवं भजनों का सामूहिक गान किया, जिससे पूरा पंडाल शिवमय वातावरण में सराबोर हो गया। भजन 'पकड़ लो बाँह रघुराई, नहीं तो डूब जाएँगे...' ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया और वे भक्ति रस में डूबकर नृत्य करते हुए झूम उठे, जिससे सभागार 'ॐ नमः शिवाय' और 'जयभोले' के जयघोष से गूंज उठा। कथा के उपरांत बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने आरती में सहभागिता कर भगवान शिव का पूजन-अर्चन किया और प्रसाद ग्रहण किया। इससे पूर्व प्रातः कालीन श्री विष्णु यज्ञ में कैलाश चंद्र, कन्हैया मोरयानी, हरीश -निशा आडवाणी, राजा - वर्षा टिक्यानी, रमेश मून्दडा एवं हनुमान प्रसाद अग्रवाल सहित कई श्रद्धालुओं ने आहुतियां अर्पित कर विश्वशांति एवं जन कल्याण की कामना की तथा महादेव का रुद्राभिषेक किया। आश्रम के संत मायाराम जी और संत गोविन्दराम जी ने बताया कि प्रतिदिन सायंकाल काशी की तर्ज पर भव्य गंगा आरती, दुर्गा सप्तशती पाठ एवं अखंड रामधुन का आयोजन हो रहा है, और उन्होंने सभी धर्म प्रेमी श्रद्धालुओं से पुरषोत्तम मास में चल रहे इन धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेकर पुण्य अर्जित करने का आग्रह किया है।4
- रेलमगरा पुलिस ने मदारा गांव में भेड़ चरा रहे एक वृद्ध से सोने की रामनामी लूटने के मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से लूटी गई सोने की रामनामी बरामद कर ली है और वारदात में इस्तेमाल की गई मारुति वैगनआर कार को भी जब्त कर लिया है। यह घटना 3 जून को मदारा निवासी माधुलाल पुत्र देवा गाड़री के साथ तब हुई, जब वे गांव के पास भेड़ चरा रहे थे। एक कार उनके पास रुकी, जिसमें से एक व्यक्ति ने पानी मांगा। तभी कार से दो अन्य बदमाश भी उतर गए और माधुलाल की एक तोला वजनी सोने की रामनामी छीनकर कार में सवार होकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक हेमन्त कालरा के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र पारिक और वृत्ताधिकारी नाथद्वारा शिप्रा राजावत के सुपरविजन में थानाधिकारी प्रवीणसिंह जुगतावत के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर भीलवाड़ा, अजमेर, जयपुर और सीकर सहित विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर आरोपियों की तलाश की। जांच के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर लूटी गई सोने की रामनामी बरामद हुई और वारदात में प्रयुक्त मारुति वैगनआर कार भी जब्त की गई। पुलिस आरोपियों से अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है। पुलिस ने इस मामले में बनेटी बनाल नागपुर की ढाणी, कोटपूतली निवासी कैलाश उर्फ तित्तरनाथ सपेरा; भोपियों की भागल नाथों की ढाणी, सीकर निवासी रणधीरनाथ पुत्र श्यामनाथ सपेरा; और सरूड़, कोटपुतली-बहरोड़ निवासी राजवीरनाथ पुत्र श्रवणनाथ सपेरा को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी प्रवीणसिंह जुगतावत, एएसआई बद्रीलाल, कांस्टेबल राजूलाल, हेड कांस्टेबल राकेश मीणा (विशेष योगदान) और कांस्टेबल चेतराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।3
- हेलो चित्तौड़गढ़ न्यूज़ के संपादक पंडित मुकेश कुमार ने लाइव आकर शुरू पब्लिक ऐप से कमाई के पूरे गणित को समझाया और इससे जुड़े कई राज बताए। अपने इस वीडियो के अंत में, उन्होंने चित्तौड़गढ़ के पुलिस अधीक्षक (SP) और जिला मजिस्ट्रेट (DM) से एक बार फिर गुहार लगाई।1
- दिल्ली में हुए होटल अग्निकांड में अपनी जान जोखिम में डालकर गद्दे-रजाई बिछाकर कई लोगों की जान बचाने वाले व्यक्ति को ₹1 लाख से सम्मानित किया गया है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि संकट के समय किया गया निस्वार्थ सहयोग कभी व्यर्थ नहीं जाता, और इसलिए किसी भी आपदा या हादसे में व्यक्ति को अपनी क्षमतानुसार तन, मन और धन से सहयोग अवश्य करना चाहिए। इंसानियत की एक अनूठी मिसाल पेश करते हुए, जिन्होंने लोगों की जान बचाई, वे अब स्वयं अपील कर रहे हैं कि उनका नुकसान पूरा हो चुका है और उन्हें किसी अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता नहीं है। इसके बजाय, वे चाहते हैं कि यदि सहायता देनी ही है तो उस 'झारखंड की बेटी' के परिवार को दी जाए, जो इसी होटल में झाड़ू-पोछा का काम करती थी और इस दुखद हादसे में अपनी जान गंवा बैठी। यह कृत्य सच्ची मानवता का प्रतीक है, जहाँ व्यक्ति अपने हिस्से का सम्मान और सहयोग भी किसी जरूरतमंद के नाम कर देता है।1
- चित्तौड़गढ़ के बड़ीसादड़ी में कथित जेरोफिक्स औद्योगिक अपशिष्ट डंपिंग मामले को लेकर जनआंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। प्रशासन और सरकार स्तर पर जहां जांच और समाधान के प्रयास जारी हैं, वहीं आंदोलनकारी संगठनों ने संघर्ष को निर्णायक चरण में ले जाने की घोषणा की है। इसी क्रम में सोमवार को बड़ीसादड़ी बंद का व्यापक असर दिखा, जहां बाजार पूरी तरह बंद रहे और नगर में सन्नाटा पसरा रहा। मामले की गंभीरता के चलते बड़ीसादड़ी एवं डूंगला अभिभाषक संघ ने राज्यपाल के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निर्णय लिया है कि वे दोषी व्यक्तियों या संस्थाओं की ओर से कोई मुकदमा नहीं लड़ेंगे। उधर, जिला कलक्टर की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें सहकारिता मंत्री गौतम दक, पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी, क्षेत्रीय प्रतिनिधिमंडल, हिंदुस्तान जिंक के अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में प्रकाश चौधरी ने दोषियों पर कार्रवाई और क्षेत्र के जलाशयों की वैज्ञानिक जांच की मांग उठाई, जिस पर सहकारिता मंत्री गौतम दक ने निष्पक्ष जांच व दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस बैठक में अपशिष्ट सामग्री हटाने के लिए 15 दिन का समय मांगे जाने की जानकारी भी सामने आई। सांसद सी.पी. जोशी ने भी प्रदूषण नियंत्रण तंत्र की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि अनुमति प्रक्रिया में कोई अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, आंदोलनकारियों का कहना है कि अब तक केवल लगभग 10 प्रतिशत अपशिष्ट सामग्री ही हटाई गई है। इसे लेकर आंदोलन का एक धड़ा आमरण अनशन पर बैठने का निर्णय कर चुका है, जिसके तहत डॉ. विमल कुमार नागौरी, हेमंत बागड़, विनोद रांका और जगदीश धाकड़ ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है। इस पूरे प्रकरण का सबसे महत्वपूर्ण पहलू राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) के निरीक्षण प्रतिवेदन में कथित "अवैध डंपिंग" का उल्लेख और दूसरी ओर रेलवे एम्बैंकमेंट निर्माण के लिए जेरोफिक्स के नियंत्रित उपयोग की वैधानिक अनुमति का जारी होना है, जो एक बड़ा विरोधाभास प्रस्तुत करता है। फिलहाल बड़ीसादड़ी का यह जेरोफिक्स विवाद पर्यावरण संरक्षण, औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन और प्रशासनिक जवाबदेही का एक अहम मुद्दा बन चुका है। अब सबकी निगाहें संयुक्त विभागीय जांच, वैज्ञानिक परीक्षण रिपोर्ट और सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के चिकारड़ा क्षेत्र में मानवता और जीव दया का एक प्रेरणादायक उदाहरण उस समय सामने आया, जब जंगली श्वानों के हमले में गंभीर रूप से घायल एक नीलगाय के शावक को नया जीवन मिला। चिकारड़ा क्षेत्र में एक कुएं के पास जंगली श्वानों ने नीलगाय के शावक पर हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया था। शावक की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण पुष्कर गुर्जर, राजू सुथार, कैलाश गुर्जर, जसू गुर्जर, विक्रम नायक और अन्य लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने साहस दिखाते हुए श्वानों को भगाया और घायल शावक को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद उसे प्राथमिक सहायता दी गई। इसी दौरान, भाटोली गुजरान में पदस्थापित पशुधन निरीक्षक बलराम चौधरी अपने सहयोगी ललित मीणा और विजय चौधरी के साथ एक अन्य कार्य से गुजर रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने अपना कार्यक्रम स्थगित किया और तत्काल मौके पर पहुंचकर घायल शावक का निःशुल्क उपचार किया। पशुधन निरीक्षकों ने जोर देकर कहा कि बेजुबान जीवों की सेवा करना उनका नैतिक दायित्व है और वे ऐसी किसी भी स्थिति में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। सूचना मिलने पर, मंगलवाड़ से वन विभाग की एक टीम प्रेमलता लोहार के नेतृत्व में घटना स्थल पर पहुंची। उन्होंने घायल शावक को अपने संरक्षण में लिया और उसके आगे के उपचार तथा सुरक्षित देखभाल की व्यवस्था की। इस दौरान, वन विभाग के अधिकारियों ने यह भी बताया कि पूरे जिले में केवल एक रेस्क्यू वाहन होने के कारण कई बार उन्हें समय पर पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर अतिरिक्त रेस्क्यू वाहनों की आवश्यकता पर बल दिया। घायल शावक को सुरक्षित उपचार केंद्र तक पहुंचाने में ग्रामीणों ने भी अनुकरणीय सहयोग दिया। गांव के लोगों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर दवाइयों और अन्य आवश्यक चिकित्सा सामग्री की व्यवस्था की, साथ ही टेम्पो का किराया वहन कर शावक को सुरक्षित मंगलवाड़ पहुंचाया। ग्रामीण प्रकाश सुथार ने बताया कि पूरे गांव ने मिलकर जीव दया और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया है। ग्रामीणों की सजगता, पशुधन निरीक्षकों की संवेदनशीलता और वन विभाग की मुस्तैदी के कारण ही एक बेजुबान वन्यजीव की जान बच सकी। इस सराहनीय कार्य के लिए ग्रामीणों ने सभी सहयोगकर्ताओं और विभागीय अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए उनके प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।3