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उत्तर प्रदेश के पीलीभीत मेडिकल कॉलेज के CT स्कैन रूम में आज एक दिलदहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां पैरामेडिकल छात्रा कशिश पटेल की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात को अंजाम देने वाला मृतका का ही क्लासमेट सागर है, जो कॉलेज आते वक्त अपने बैग में चाकू छिपाकर लेकर आया था। इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे की वजह को लेकर कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्र में तरह-तरह की बातें की जा रही हैं। फिलहाल दोनों के बीच कथित अफेयर को लेकर हत्या किए जाने की चर्चाएं गर्म हैं।

6 hrs ago
user_Yogesh jangar
Yogesh jangar
Voice of people गुरुग्राम, गुरुग्राम, हरियाणा•
6 hrs ago

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत मेडिकल कॉलेज के CT स्कैन रूम में आज एक दिलदहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां पैरामेडिकल छात्रा कशिश पटेल की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात को अंजाम देने वाला मृतका का ही क्लासमेट सागर है, जो कॉलेज आते वक्त अपने बैग में चाकू छिपाकर लेकर आया था। इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे की वजह को लेकर कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्र में तरह-तरह की बातें की जा रही हैं। फिलहाल दोनों के बीच कथित अफेयर को लेकर हत्या किए जाने की चर्चाएं गर्म हैं।

More news from दिल्ली and nearby areas
  • दिल्ली के साउथ दिल्ली स्थित महरौली क्षेत्र में लोगों से अपनी गाड़ी और अपने पैसे पर अपनी मर्जी चलाने का आह्वान करते हुए जबरदस्ती थोपे जा रहे E20 पेट्रोल का विरोध करने को कहा गया है। इस E20 पेट्रोल को जबरन थोपे जाने के कारण गाड़ियों को नुकसान पहुंच रहा है। पेट्रोल पर अपनी पसंद (चॉइस) पाने और इसे सस्ता करवाने के लिए लोगों से चुप न बैठने की अपील की गई है। इसके लिए जनता से प्रधानमंत्री के नाम एक पेटिशन पर हस्ताक्षर करने को कहा गया है, जिसे अरविंद केजरीवाल लोगों की आवाज बनाकर सीधे प्रधानमंत्री (PM) तक पहुंचाएंगे।
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    दिल्ली के साउथ दिल्ली स्थित महरौली क्षेत्र में लोगों से अपनी गाड़ी और अपने पैसे पर अपनी मर्जी चलाने का आह्वान करते हुए जबरदस्ती थोपे जा रहे E20 पेट्रोल का विरोध करने को कहा गया है। इस E20 पेट्रोल को जबरन थोपे जाने के कारण गाड़ियों को नुकसान पहुंच रहा है। पेट्रोल पर अपनी पसंद (चॉइस) पाने और इसे सस्ता करवाने के लिए लोगों से चुप न बैठने की अपील की गई है। इसके लिए जनता से प्रधानमंत्री के नाम एक पेटिशन पर हस्ताक्षर करने को कहा गया है, जिसे अरविंद केजरीवाल लोगों की आवाज बनाकर सीधे प्रधानमंत्री (PM) तक पहुंचाएंगे।
    user_Kishanveer Rajput
    Kishanveer Rajput
    Auto parts store महरौली, दक्षिण दिल्ली, दिल्ली•
    5 hrs ago
  • आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में चार साल के लंबे अंतराल के बाद कोविड-19 के नए मामले सामने आए हैं, जिसके चलते संक्रमण से दो लोगों की मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। सामने आए चार नए मामलों में से तीन लोग घर पर ही आइसोलेट होकर इलाज ले रहे हैं, जबकि एक व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर बात यह है कि इन मरीजों ने कोरोना की वैक्सीन भी लगवाई थी, लेकिन इसके बावजूद उनकी मौत हो गई। मृतकों में पहला मामला 28 जून का है, जहां तबियत बिगड़ने के बाद 60 वर्षीय एक मरीज को तिरुपति के SVIMS से वेल्लोर के CMC में शिफ्ट किया गया था, जहां वे कोरोना वायरस के लिए पॉजिटिव पाए गए। वहीं, दूसरी मौत 43 वर्षीय मरीज की हुई है, जिनके स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता के तौर पर विभिन्न क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन और संपर्कों की पहचान का काम शुरू कर दिया है। एक मरीज ने बताया कि उनकी छाती के सीटी स्कैन से कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों का मानना है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के चलते ये मामले बढ़ सकते हैं, जिसके कारण मृतकों के सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजा गया है। आंध्र प्रदेश में कोविड-19 से होने वाली यह पहली मौत 2022 में हुई थी, और पिछले कुछ महीनों से मामले अपेक्षाकृत कम रहने के बाद अब एक बार फिर इसे लेकर चिंता बढ़ गई है।
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    आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में चार साल के लंबे अंतराल के बाद कोविड-19 के नए मामले सामने आए हैं, जिसके चलते संक्रमण से दो लोगों की मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। सामने आए चार नए मामलों में से तीन लोग घर पर ही आइसोलेट होकर इलाज ले रहे हैं, जबकि एक व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर बात यह है कि इन मरीजों ने कोरोना की वैक्सीन भी लगवाई थी, लेकिन इसके बावजूद उनकी मौत हो गई।

मृतकों में पहला मामला 28 जून का है, जहां तबियत बिगड़ने के बाद 60 वर्षीय एक मरीज को तिरुपति के SVIMS से वेल्लोर के CMC में शिफ्ट किया गया था, जहां वे कोरोना वायरस के लिए पॉजिटिव पाए गए। वहीं, दूसरी मौत 43 वर्षीय मरीज की हुई है, जिनके स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता के तौर पर विभिन्न क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन और संपर्कों की पहचान का काम शुरू कर दिया है। एक मरीज ने बताया कि उनकी छाती के सीटी स्कैन से कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों का मानना है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के चलते ये मामले बढ़ सकते हैं, जिसके कारण मृतकों के सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजा गया है। आंध्र प्रदेश में कोविड-19 से होने वाली यह पहली मौत 2022 में हुई थी, और पिछले कुछ महीनों से मामले अपेक्षाकृत कम रहने के बाद अब एक बार फिर इसे लेकर चिंता बढ़ गई है।
    user_Vipin Singh
    Vipin Singh
    Delhi Cantonment, New Delhi•
    6 hrs ago
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्लोवाकिया दौरे के दौरान स्लोवाक नेशनल काउंसिल के चेयरमैन रिचर्ड राशि को बिहार का पारंपरिक ठेकुआ तोहफे में दिया है. इसके बाद स्लोवाक नेता ने इस खास उपहार का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया, जो अब काफी तेजी से वायरल हो रहा है. रिचर्ड राशि ने वीडियो में खूबसूरती से सजे लकड़ी के डिब्बे को खोलते हुए इस उपहार को सामान्य कूटनीतिक तोहफों से बिल्कुल अलग और बेहद खास बताया है. वीडियो में रिचर्ड राशि डिब्बा खोलने के बाद ठेकुआ की बनावट की तारीफ करते नजर आ रहे हैं. उन्होंने इसे चखने के बाद इसकी जमकर सराहना की और कहा कि इसे देखकर ही इसके स्वाद का अंदाजा लगाया जा सकता है. रिचर्ड राशि ने बताया कि यह मिठाई गहरा सांस्कृतिक महत्व रखती है और यह उन्हें स्लोवाकिया की पारंपरिक मिठाइयों की याद दिलाती है. उनके अनुसार, भोजन सिर्फ स्वाद का माध्यम नहीं बल्कि संस्कृतियों को जोड़ने का एक बेहद प्रभावी जरिया है, और कूटनीति सिर्फ औपचारिक बैठकों या राजनीतिक चर्चाओं तक ही सीमित नहीं होती. दरअसल, ठेकुआ बिहार का एक पारंपरिक व्यंजन है जो मुख्य रूप से छठ पूजा जैसे धार्मिक पर्व से जुड़ा हुआ है. गेहूं के आटे, गुड़ या चीनी और घी से डीप-फ्राय करके तैयार किया जाने वाला यह पकवान अपने खास स्वाद, कुरकुरे टेक्सचर और सुंदर डिजाइन के लिए जाना जाता है. जून में हुए इस दौरे के दौरान जहां पीएम मोदी ने स्लोवाक नेता को यह पारंपरिक ठेकुआ भेंट किया, वहीं बदले में रिचर्ड राशि ने भी भारतीय प्रधानमंत्री को हिंदी में लिखे स्लोवाक स्पा वेफर्स उपहार स्वरूप दिए.
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्लोवाकिया दौरे के दौरान स्लोवाक नेशनल काउंसिल के चेयरमैन रिचर्ड राशि को बिहार का पारंपरिक ठेकुआ तोहफे में दिया है. इसके बाद स्लोवाक नेता ने इस खास उपहार का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया, जो अब काफी तेजी से वायरल हो रहा है. रिचर्ड राशि ने वीडियो में खूबसूरती से सजे लकड़ी के डिब्बे को खोलते हुए इस उपहार को सामान्य कूटनीतिक तोहफों से बिल्कुल अलग और बेहद खास बताया है.

वीडियो में रिचर्ड राशि डिब्बा खोलने के बाद ठेकुआ की बनावट की तारीफ करते नजर आ रहे हैं. उन्होंने इसे चखने के बाद इसकी जमकर सराहना की और कहा कि इसे देखकर ही इसके स्वाद का अंदाजा लगाया जा सकता है. रिचर्ड राशि ने बताया कि यह मिठाई गहरा सांस्कृतिक महत्व रखती है और यह उन्हें स्लोवाकिया की पारंपरिक मिठाइयों की याद दिलाती है. उनके अनुसार, भोजन सिर्फ स्वाद का माध्यम नहीं बल्कि संस्कृतियों को जोड़ने का एक बेहद प्रभावी जरिया है, और कूटनीति सिर्फ औपचारिक बैठकों या राजनीतिक चर्चाओं तक ही सीमित नहीं होती.

दरअसल, ठेकुआ बिहार का एक पारंपरिक व्यंजन है जो मुख्य रूप से छठ पूजा जैसे धार्मिक पर्व से जुड़ा हुआ है. गेहूं के आटे, गुड़ या चीनी और घी से डीप-फ्राय करके तैयार किया जाने वाला यह पकवान अपने खास स्वाद, कुरकुरे टेक्सचर और सुंदर डिजाइन के लिए जाना जाता है. जून में हुए इस दौरे के दौरान जहां पीएम मोदी ने स्लोवाक नेता को यह पारंपरिक ठेकुआ भेंट किया, वहीं बदले में रिचर्ड राशि ने भी भारतीय प्रधानमंत्री को हिंदी में लिखे स्लोवाक स्पा वेफर्स उपहार स्वरूप दिए.
    user_Rekha Panchal
    Rekha Panchal
    Delhi Cantonment, New Delhi•
    6 hrs ago
  • ओमान के तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर हुए घातक मिसाइल हमले में एक भारतीय नाविक की मौत के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इस घटना के बाद विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई दिल्ली में ईरानी मिशन के उप प्रमुख मोहम्मद जवाद हुसैनी समेत अन्य राजनयिकों को तलब कर अपनी गंभीर चिंताएं दर्ज कराई हैं और उनसे इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है। यह मामला तब सामने आया जब होर्मुज में ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजर रहे यूएई के झंडे वाले दो तेल टैंकरों पर IRGC ने घातक मिसाइल से हमला किया। इस हमले में चालक दल के एक भारतीय सदस्य की जान चली गई, जबकि भारतीय नागरिकों समेत छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। भारत सरकार ने इस जानलेवा हमले को लेकर ईरान के समक्ष कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। विदेश मंत्रालय में हुई इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक के बाद ईरानी मिशन के उप प्रमुख मोहम्मद जवाद हुसैनी और अन्य राजनयिक बिना कोई सार्वजनिक बयान दिए वहां से रवाना हो गए। इस मुलाकात और भारत की कड़ी आपत्ति को लेकर ईरानी दूतावास की तरफ से भी अभी तक कोई आधिकारिक या सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भारत सरकार ने यह कूटनीतिक कदम खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते गंभीर भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों पर मंडराते खतरों के बीच उठाया है। वैश्विक एनर्जी पारगमन के लिए बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस जलमार्ग में व्यापारिक जहाजों पर हो रहे इन हमलों ने भारत सहित कई देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि इससे समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा को सीधा खतरा पैदा हो गया है।
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    ओमान के तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर हुए घातक मिसाइल हमले में एक भारतीय नाविक की मौत के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इस घटना के बाद विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई दिल्ली में ईरानी मिशन के उप प्रमुख मोहम्मद जवाद हुसैनी समेत अन्य राजनयिकों को तलब कर अपनी गंभीर चिंताएं दर्ज कराई हैं और उनसे इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है।

यह मामला तब सामने आया जब होर्मुज में ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजर रहे यूएई के झंडे वाले दो तेल टैंकरों पर IRGC ने घातक मिसाइल से हमला किया। इस हमले में चालक दल के एक भारतीय सदस्य की जान चली गई, जबकि भारतीय नागरिकों समेत छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। भारत सरकार ने इस जानलेवा हमले को लेकर ईरान के समक्ष कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

विदेश मंत्रालय में हुई इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक के बाद ईरानी मिशन के उप प्रमुख मोहम्मद जवाद हुसैनी और अन्य राजनयिक बिना कोई सार्वजनिक बयान दिए वहां से रवाना हो गए। इस मुलाकात और भारत की कड़ी आपत्ति को लेकर ईरानी दूतावास की तरफ से भी अभी तक कोई आधिकारिक या सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

भारत सरकार ने यह कूटनीतिक कदम खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते गंभीर भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों पर मंडराते खतरों के बीच उठाया है। वैश्विक एनर्जी पारगमन के लिए बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस जलमार्ग में व्यापारिक जहाजों पर हो रहे इन हमलों ने भारत सहित कई देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि इससे समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा को सीधा खतरा पैदा हो गया है।
    user_Sunita Jain
    Sunita Jain
    Engineer वसंत विहार, नई दिल्ली, दिल्ली•
    11 hrs ago
  • ग्रेटर नोएडा के अल्फा-1 सेक्टर में असामाजिक तत्वों द्वारा गुड मॉर्निंग ग्रुप की बैठने वाली बेंच तोड़े जाने की घटना से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। इस घटना को ग्रेटर नोएडा में कानून को खुली चुनौती और गुड मॉर्निंग ग्रुप पर हमला या उन्हें डराने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का साफ कहना है कि वे ऐसी हरकतों से डरने वाले नहीं हैं और क्षेत्र में गंदगी, मलबा, नशेड़ियों की गतिविधियों तथा अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर लगातार अपनी आवाज़ उठाते रहेंगे। लोगों ने इस मामले में संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
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    ग्रेटर नोएडा के अल्फा-1 सेक्टर में असामाजिक तत्वों द्वारा गुड मॉर्निंग ग्रुप की बैठने वाली बेंच तोड़े जाने की घटना से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। इस घटना को ग्रेटर नोएडा में कानून को खुली चुनौती और गुड मॉर्निंग ग्रुप पर हमला या उन्हें डराने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

स्थानीय नागरिकों का साफ कहना है कि वे ऐसी हरकतों से डरने वाले नहीं हैं और क्षेत्र में गंदगी, मलबा, नशेड़ियों की गतिविधियों तथा अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर लगातार अपनी आवाज़ उठाते रहेंगे। लोगों ने इस मामले में संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
    user_S BHARAT
    S BHARAT
    Local News Reporter द्वारका, दक्षिण पश्चिम दिल्ली, दिल्ली•
    12 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश और नेपाल बॉर्डर पर SSB ने अमेरिकी नागरिक जॉर्डन ब्राउन को पकड़ा है। वह दो दिन पहले उत्तर प्रदेश के रास्ते नेपाल बॉर्डर में घुसने की कोशिश कर रहा था, जिसके बाद सुरक्षा बल ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान इस व्यक्ति ने बताया कि वह पहले थाईलैंड गया था, जहां उसका पासपोर्ट खो गया था। इसके बाद वह श्रीलंका गया और वहां से जलमार्ग के जरिए भारत में आया था। वह नवंबर 2025 से बिना पासपोर्ट के गोवा में रह रहा था और अब नेपाल में घुसने की फिराक में था।
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    उत्तर प्रदेश और नेपाल बॉर्डर पर SSB ने अमेरिकी नागरिक जॉर्डन ब्राउन को पकड़ा है। वह दो दिन पहले उत्तर प्रदेश के रास्ते नेपाल बॉर्डर में घुसने की कोशिश कर रहा था, जिसके बाद सुरक्षा बल ने उसे पकड़ लिया।

पूछताछ के दौरान इस व्यक्ति ने बताया कि वह पहले थाईलैंड गया था, जहां उसका पासपोर्ट खो गया था। इसके बाद वह श्रीलंका गया और वहां से जलमार्ग के जरिए भारत में आया था। वह नवंबर 2025 से बिना पासपोर्ट के गोवा में रह रहा था और अब नेपाल में घुसने की फिराक में था।
    user_Yogesh jangar
    Yogesh jangar
    Voice of people गुरुग्राम, गुरुग्राम, हरियाणा•
    6 hrs ago
  • दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक जी पिछले 16 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। अगर सोनम वांगचुक चाहें तो हर महीने करोड़ों रुपये कमा सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद वे अपनी जान दांव पर लगाए हुए हैं। आखिरकार वे किसके लिए अपनी जान इस तरह दांव पर लगा रहे हैं, यह सवाल बना हुआ है।
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    दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक जी पिछले 16 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। अगर सोनम वांगचुक चाहें तो हर महीने करोड़ों रुपये कमा सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद वे अपनी जान दांव पर लगाए हुए हैं। आखिरकार वे किसके लिए अपनी जान इस तरह दांव पर लगा रहे हैं, यह सवाल बना हुआ है।
    user_Kishanveer Rajput
    Kishanveer Rajput
    Auto parts store महरौली, दक्षिण दिल्ली, दिल्ली•
    9 hrs ago
  • सरकारी स्कूलों को लेकर सामने आई नीति आयोग की एक नई रिपोर्ट ने देशभर का ध्यान खींचा है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 सालों में भारत में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद हुए हैं और इनमें पढ़ने वाले बच्चों की संख्या में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस अवधि के दौरान देशभर में करीब 94,000 सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं, जिसका अर्थ है कि औसतन हर दिन 25 सरकारी स्कूलों पर ताला लगा है। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2014-15 में देश में 11.07 लाख सरकारी स्कूल थे, जो 2024-25 में घटकर 10.13 लाख रह गए। इसी दौरान सरकारी सहायता प्राप्त (Government Aided) स्कूलों की संख्या भी 83 हजार से घटकर 79 हजार हो गई है। इसके विपरीत, निजी स्कूलों की संख्या 2.88 लाख से बढ़कर 3.39 लाख पहुंच गई है। नीति आयोग के अनुसार, दो या उससे ज्यादा स्कूलों को मिलाकर एक स्कूल बना देना, घटता जन्म दर और बड़ी कक्षाओं तक छात्रों को स्कूल में बनाए रखने की चुनौतियां इस बड़े बदलाव की प्रमुख वजहें हैं। रिपोर्ट में छात्रों के नामांकन और ड्रॉपआउट को लेकर भी चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। पिछले दशक में स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की कुल संख्या में कमी आई है, जहां साल 2014-15 में कुल नामांकन 26.95 करोड़ था, वह 2024-25 में घटकर 24.69 करोड़ रह गया है। इस दौरान करीब 2.26 करोड़ छात्रों का नामांकन कम हुआ है। हालांकि, प्राथमिक स्तर (पहली से पांचवीं कक्षा) पर स्कूल छोड़ने की दर केवल 0.3 प्रतिशत है, लेकिन छठी से आठवीं में यह बढ़कर 3.5 प्रतिशत और नौवीं-दसवीं तक पहुंचते-पहुंचते 11.5 प्रतिशत हो जाती है। इसके अलावा, आठवीं से नौवीं कक्षा में जाने वाले छात्रों की दर भी 2014-15 के 91.58 प्रतिशत से घटकर 2024-25 में 86.6 प्रतिशत रह गई है। इस मामले में पुडुचेरी और केरल में यह दर जहां सबसे बेहतर 99.6 प्रतिशत दर्ज की गई है, वहीं बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में यह काफी कम रही है।
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    सरकारी स्कूलों को लेकर सामने आई नीति आयोग की एक नई रिपोर्ट ने देशभर का ध्यान खींचा है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 सालों में भारत में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद हुए हैं और इनमें पढ़ने वाले बच्चों की संख्या में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस अवधि के दौरान देशभर में करीब 94,000 सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं, जिसका अर्थ है कि औसतन हर दिन 25 सरकारी स्कूलों पर ताला लगा है।

आंकड़ों के मुताबिक, साल 2014-15 में देश में 11.07 लाख सरकारी स्कूल थे, जो 2024-25 में घटकर 10.13 लाख रह गए। इसी दौरान सरकारी सहायता प्राप्त (Government Aided) स्कूलों की संख्या भी 83 हजार से घटकर 79 हजार हो गई है। इसके विपरीत, निजी स्कूलों की संख्या 2.88 लाख से बढ़कर 3.39 लाख पहुंच गई है। नीति आयोग के अनुसार, दो या उससे ज्यादा स्कूलों को मिलाकर एक स्कूल बना देना, घटता जन्म दर और बड़ी कक्षाओं तक छात्रों को स्कूल में बनाए रखने की चुनौतियां इस बड़े बदलाव की प्रमुख वजहें हैं।

रिपोर्ट में छात्रों के नामांकन और ड्रॉपआउट को लेकर भी चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। पिछले दशक में स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की कुल संख्या में कमी आई है, जहां साल 2014-15 में कुल नामांकन 26.95 करोड़ था, वह 2024-25 में घटकर 24.69 करोड़ रह गया है। इस दौरान करीब 2.26 करोड़ छात्रों का नामांकन कम हुआ है। हालांकि, प्राथमिक स्तर (पहली से पांचवीं कक्षा) पर स्कूल छोड़ने की दर केवल 0.3 प्रतिशत है, लेकिन छठी से आठवीं में यह बढ़कर 3.5 प्रतिशत और नौवीं-दसवीं तक पहुंचते-पहुंचते 11.5 प्रतिशत हो जाती है।

इसके अलावा, आठवीं से नौवीं कक्षा में जाने वाले छात्रों की दर भी 2014-15 के 91.58 प्रतिशत से घटकर 2024-25 में 86.6 प्रतिशत रह गई है। इस मामले में पुडुचेरी और केरल में यह दर जहां सबसे बेहतर 99.6 प्रतिशत दर्ज की गई है, वहीं बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में यह काफी कम रही है।
    user_Rekha Panchal
    Rekha Panchal
    Delhi Cantonment, New Delhi•
    11 hrs ago
  • बेंगलुरु में एक महिला के घर डिलीवरी देने आए फ्लिपकार्ट डिलीवरी बॉय ने पहले जबरदस्ती उसके घर का वॉशरूम इस्तेमाल किया और फिर वहां से निकलते वक्त महिला को अपना प्राइवेट पार्ट दिखाया। इस शर्मनाक हरकत से महिला बुरी तरह डिस्टर्ब हो गई। दरअसल, महिला को पहले से ही कुछ ठीक नहीं लग रहा था, इसलिए वह कैमरा ऑन करके फ्लिपकार्ट बॉय का इंतजार ही कर रही थी। इसी बीच उसने यह घटिया हरकत कर दी। जब महिला सवाल करते हुए उसके पीछे भागी, तो वह मुंह छिपाकर भाग खड़ा हुआ। महिला ने रोते हुए इस पूरी घटना का वीडियो बनाया। इस घटना ने महिला को उसके बचपन का ट्रामा याद दिला दिया, जिसे याद करके वह रो पड़ी। बेंगलुरु में अकेली रहने वाली पीड़ित महिला ने प्रण लिया कि वह इस डिलीवरी बॉय के खिलाफ पुलिस में जाएगी और उसे नहीं छोड़ेगी। उसने बताया कि वह किसी को इस तरह अपने घर में घुसने नहीं देती, लेकिन डिलीवरी बॉय की इमरजेंसी समझकर उसने उसे अंदर आने दिया था। महिला की इस पीड़ा को देखकर इंटरनेट पर भी लोगों ने आवाज उठाई और फ्लिपकार्ट के साथ पुलिस को भी टैग किया, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी डिलीवरी बॉय को गिरफ्तार कर लिया है।
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    बेंगलुरु में एक महिला के घर डिलीवरी देने आए फ्लिपकार्ट डिलीवरी बॉय ने पहले जबरदस्ती उसके घर का वॉशरूम इस्तेमाल किया और फिर वहां से निकलते वक्त महिला को अपना प्राइवेट पार्ट दिखाया। इस शर्मनाक हरकत से महिला बुरी तरह डिस्टर्ब हो गई। दरअसल, महिला को पहले से ही कुछ ठीक नहीं लग रहा था, इसलिए वह कैमरा ऑन करके फ्लिपकार्ट बॉय का इंतजार ही कर रही थी। इसी बीच उसने यह घटिया हरकत कर दी। जब महिला सवाल करते हुए उसके पीछे भागी, तो वह मुंह छिपाकर भाग खड़ा हुआ। महिला ने रोते हुए इस पूरी घटना का वीडियो बनाया।

इस घटना ने महिला को उसके बचपन का ट्रामा याद दिला दिया, जिसे याद करके वह रो पड़ी। बेंगलुरु में अकेली रहने वाली पीड़ित महिला ने प्रण लिया कि वह इस डिलीवरी बॉय के खिलाफ पुलिस में जाएगी और उसे नहीं छोड़ेगी। उसने बताया कि वह किसी को इस तरह अपने घर में घुसने नहीं देती, लेकिन डिलीवरी बॉय की इमरजेंसी समझकर उसने उसे अंदर आने दिया था। महिला की इस पीड़ा को देखकर इंटरनेट पर भी लोगों ने आवाज उठाई और फ्लिपकार्ट के साथ पुलिस को भी टैग किया, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी डिलीवरी बॉय को गिरफ्तार कर लिया है।
    user_राजेश तलवार
    राजेश तलवार
    Delhi Cantonment, New Delhi•
    13 hrs ago
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