आंदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सोमवार को आशा कार्यकर्ताओं ने वेतन कटौती और पिछले 11 माह से मानदेय भुगतान न होने के विरोध में जमकर हड़ताल और धरना प्रदर्शन किया। केंद्र परिसर में एकजुट हुईं आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया। आशा कार्यकर्ता चंद्रावती देवी के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को सामने रखा, जिसमें बताया गया कि वे लंबे समय से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। मानदेय के भुगतान में देरी और कटौती के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके परिवारों का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है। कार्यकर्ताओं के अनुसार, बलगम, डिलीवरी, पोलियो और फाइलेरिया सहित विभिन्न कार्यों के लिए उन्हें 11 महीने से मानदेय नहीं मिला है, और जो एक महीने का भुगतान हुआ भी, उसमें भी कटौती की गई है, जिससे उनमें अत्यधिक नाराजगी है। सभी आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार से तत्काल मार्च तक का बकाया मानदेय भुगतान करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि उनकी यह मांग पूरी नहीं होती है, तो वे कार्य का बहिष्कार करेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मार्च तक का मानदेय भुगतान होने पर ही वे अपनी हड़ताल समाप्त करेंगी। इस प्रदर्शन में चंद्रावती देवी, मालती देवी, माधुरी देवी, वीणा देवी, यशोदा देवी, सुनीता देवी, संगीता देवी, मंजु देवी, सीमा देवी, गायत्री देवी, अनिता देवी, शोशीला देवी, शैलेश देवी, बबिता देवी, चार्वती देवी, माधुरी देवी, अनिता देवी, मीना देवी, रिकी देवी, संगीता देवी, हुसनाबानो, रिकी देवी, यशोदा देवी, सुनीता देवी, राजकुमारी देवी सहित कई अन्य आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
आंदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सोमवार को आशा कार्यकर्ताओं ने वेतन कटौती और पिछले 11 माह से मानदेय भुगतान न होने के विरोध में जमकर हड़ताल और धरना प्रदर्शन किया। केंद्र परिसर में एकजुट हुईं आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया। आशा कार्यकर्ता चंद्रावती देवी के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को सामने रखा, जिसमें बताया गया कि वे लंबे समय से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। मानदेय के भुगतान में देरी और कटौती के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके परिवारों का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है। कार्यकर्ताओं के अनुसार, बलगम, डिलीवरी, पोलियो और फाइलेरिया सहित विभिन्न कार्यों के लिए उन्हें 11 महीने से मानदेय नहीं मिला है, और जो एक महीने का भुगतान हुआ भी, उसमें भी कटौती की गई है, जिससे उनमें अत्यधिक नाराजगी है। सभी आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार से तत्काल मार्च तक का बकाया मानदेय भुगतान करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि उनकी यह मांग पूरी नहीं होती है, तो वे कार्य का बहिष्कार करेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मार्च तक का मानदेय भुगतान होने पर ही वे अपनी हड़ताल समाप्त करेंगी। इस प्रदर्शन में चंद्रावती देवी, मालती देवी, माधुरी देवी, वीणा देवी, यशोदा देवी, सुनीता देवी, संगीता देवी, मंजु देवी, सीमा देवी, गायत्री देवी, अनिता देवी, शोशीला देवी, शैलेश देवी, बबिता देवी, चार्वती देवी, माधुरी देवी, अनिता देवी, मीना देवी, रिकी देवी, संगीता देवी, हुसनाबानो, रिकी देवी, यशोदा देवी, सुनीता देवी, राजकुमारी देवी सहित कई अन्य आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
- आंदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आशा कार्यकर्ताओं ने सोमवार दोपहर 1 बजे मानदेय कटौती और पिछले 11 माह से भुगतान न होने के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। चंद्रावती देवी के नेतृत्व में दर्जनों आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर यह प्रदर्शन किया, जिसमें मालती देवी, माधुरी देवी, वीणा देवी, यशोदा देवी, सुनीता देवी, संगीता देवी और मंजु देवी सहित कई अन्य कार्यकर्ता शामिल थीं।1
- सीवान जिले के आंदर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की आशा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को 11 माह से मानदेय भुगतान न होने और वेतन कटौती के विरोध में हड़ताल और धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र परिसर में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की। इस प्रदर्शन का नेतृत्व आशा कार्यकर्ता चंद्रावती देवी ने किया, जिसमें दर्जनों अन्य कार्यकर्ता शामिल थीं। आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे लंबे समय से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ बलगम, डिलीवरी, पोलियो और फाइलेरिया सहित विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें 11 महीने से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, जिसके कारण उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है और परिवार के भरण-पोषण में भारी परेशानियां आ रही हैं। उनका यह भी आरोप है कि जब एक महीने का मानदेय आया भी, तो उसमें कटौती कर दी गई, जिससे सभी कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार से तत्काल मार्च तक का बकाया मानदेय भुगतान करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनकी यह मांग पूरी नहीं होती और मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता है, तो सभी आशा कार्यकर्ता अनिश्चितकाल के लिए कार्य का बहिष्कार करेंगी और हड़ताल तब तक नहीं तोड़ेंगी जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती। प्रदर्शन के दौरान चंद्रावती देवी, मालती देवी, माधुरी देवी, वीणा देवी, यशोदा देवी, सुनीता देवी, संगीता देवी, मंजु देवी, सीमा देवी, गायत्री देवी, अनिता देवी, शोशीला देवी, शैलेश देवी, बबिता देवी, चार्वती देवी, मीना देवी, रिकी देवी, हुसनाबानो, राजकुमारी देवी सहित कई अन्य आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।1
- सीवान जिले के रघुनाथपुर प्रखंड मुख्यालय में स्थित संविधान लेखक डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के छत का जर्जर सेलिंग रविवार सुबह भड़भड़ाकर गिर गया, जिससे महापुरुष की प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने से बाल-बाल बच गई। बताते चलें कि बीते कुछ महीने पहले ही बाबा साहब की पुरानी प्रतिमा के आगे एक विशाल और नई प्रतिमा स्थापित की गई है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुरानी प्रतिमा को यहां से हटाकर किसी अन्य स्थान पर लगाया जाए।1
- बलिया के सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम एवं पोस्ट काजीपुर निवासी जैनुद्दीन कुरैशी ने अपनी भूमि की पैमाइश कराने और न्याय दिलाने की मांग को लेकर उच्च अधिकारियों और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है। कुरैशी का कहना है कि वह ग्राम काजीपुर स्थित गाटा संख्या 27/40 की भूमि पर निर्माण कार्य शुरू करना चाहते हैं, जिसके लिए उन्होंने लाखों रुपये का निर्माण सामग्री भी मौके पर मंगाकर रखा है। हालाँकि, विपक्षी जब्बाद अली ने आरोप लगाया कि जैनुद्दीन अपने हिस्से से अधिक भूमि पर निर्माण करवा रहे हैं, जिससे उनका निर्माण कार्य रुक गया है। पीड़ित जैनुद्दीन कुरैशी का आरोप है कि उन्होंने कई बार सिकंदरपुर तहसील पहुंचकर लेखपाल जनार्दन वर्मा से भूमि की पैमाइश कराने का अनुरोध किया, लेकिन उन्हें कानूनगो के पास भेज दिया गया। वहीं, कानूनगो कार्यालय से भी उन्हें फिर से लेखपाल के पास जाने को कहा गया, जिसके चलते वह लगातार तहसील के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इस संबंध में, लेखपाल जनार्दन वर्मा ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम पहले भी मौके पर गई थी, लेकिन उस समय दोनों पक्ष उपस्थित नहीं थे। उन्होंने आश्वासन दिया कि राजस्व टीम जल्द ही दोबारा मौके पर जाएगी और दोनों पक्षों की मौजूदगी में पैमाइश कराकर उचित मौका मुआयना किया जाएगा। कानूनगो तारकेश्वर सिंह ने भी मामले को संज्ञान में होने की बात कही और बताया कि राजस्व विभाग की टीम शीघ्र ही मौके पर पहुंचकर मौका मुआयना करेगी और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जैनुद्दीन कुरैशी ने अपनी भूमि की निष्पक्ष पैमाइश कराकर उन्हें उनके हिस्से की जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि वह बिना किसी विवाद के अपना निर्माण कार्य शुरू कर सकें।1
- सिकंदरपुर के उसुरी गांव निवासी आर्मी मैन हैप्पी यादव से एक खास बातचीत की गई है। इस दौरान महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई, हालांकि बातचीत का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।1
- गोपालगंज में जिला प्रशासन द्वारा निर्वाचन ईवीएम बेयर हाउस का निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण प्रक्रिया के दौरान सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।1
- बलिया में बदमाशों के हौसले लगातार बुलंद होते दिख रहे हैं, जहाँ एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका अनुपमा सिंह के साथ चेन स्नैचिंग की वारदात हुई। पुलिस के अनुसार, यह घटना 6 जुलाई 2026 को सुबह करीब 7:30 बजे हुई, जब शिक्षिका अपनी कक्षा में पहुंचीं। तभी 2 अज्ञात बदमाश विद्यालय परिसर में घुस आए और उनके गले से चेन तथा मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। CO रसड़ा रजनीश कुमार ने बताया है कि पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है, और इस घटना का जल्द ही खुलासा किया जाएगा। इस वारदात के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।1
- आंदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सोमवार को आशा कार्यकर्ताओं ने वेतन कटौती और पिछले 11 माह से मानदेय भुगतान न होने के विरोध में जमकर हड़ताल और धरना प्रदर्शन किया। केंद्र परिसर में एकजुट हुईं आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया। आशा कार्यकर्ता चंद्रावती देवी के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को सामने रखा, जिसमें बताया गया कि वे लंबे समय से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। मानदेय के भुगतान में देरी और कटौती के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके परिवारों का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है। कार्यकर्ताओं के अनुसार, बलगम, डिलीवरी, पोलियो और फाइलेरिया सहित विभिन्न कार्यों के लिए उन्हें 11 महीने से मानदेय नहीं मिला है, और जो एक महीने का भुगतान हुआ भी, उसमें भी कटौती की गई है, जिससे उनमें अत्यधिक नाराजगी है। सभी आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार से तत्काल मार्च तक का बकाया मानदेय भुगतान करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि उनकी यह मांग पूरी नहीं होती है, तो वे कार्य का बहिष्कार करेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मार्च तक का मानदेय भुगतान होने पर ही वे अपनी हड़ताल समाप्त करेंगी। इस प्रदर्शन में चंद्रावती देवी, मालती देवी, माधुरी देवी, वीणा देवी, यशोदा देवी, सुनीता देवी, संगीता देवी, मंजु देवी, सीमा देवी, गायत्री देवी, अनिता देवी, शोशीला देवी, शैलेश देवी, बबिता देवी, चार्वती देवी, माधुरी देवी, अनिता देवी, मीना देवी, रिकी देवी, संगीता देवी, हुसनाबानो, रिकी देवी, यशोदा देवी, सुनीता देवी, राजकुमारी देवी सहित कई अन्य आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।1