भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मध्य प्रदेश आदिवासी कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी और जिला अध्यक्षों ने भाग लिया, जहाँ संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावी रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक में आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों और प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसमें पेसा कानून, केन-बेतवा लिंक परियोजना जैसे प्रमुख मसले और आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार के मामलों पर खास ध्यान दिया गया। एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत, 30 जून को सिंगरौली में अदाणी समूह के प्रोजेक्ट के विरोध में एक बड़ा आंदोलन करने का फैसला किया गया। कांग्रेस ने इस दौरान भाजपा पर आदिवासियों की पहचान मिटाने का भी गंभीर आरोप लगाया, जिसके जवाब में जनजागरण कार्यक्रम आयोजित करने की रणनीति पर भी सहमति बनी। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, सीडब्ल्यूसी सदस्य कमलेश्वर पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम और विधायक विक्रांत भूरिया ने इस अवसर पर अपनी प्रतिक्रियाएँ भी दीं।
भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मध्य प्रदेश आदिवासी कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी और जिला अध्यक्षों ने भाग लिया, जहाँ संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावी रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक में आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों और प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसमें पेसा कानून, केन-बेतवा लिंक परियोजना जैसे प्रमुख मसले और आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार के मामलों पर खास ध्यान दिया गया। एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत, 30 जून को सिंगरौली में अदाणी समूह के प्रोजेक्ट के विरोध में एक बड़ा आंदोलन करने का फैसला किया गया। कांग्रेस ने इस दौरान भाजपा पर आदिवासियों की पहचान मिटाने का भी गंभीर आरोप लगाया, जिसके जवाब में जनजागरण कार्यक्रम आयोजित करने की रणनीति पर भी सहमति बनी। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, सीडब्ल्यूसी सदस्य कमलेश्वर पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम और विधायक विक्रांत भूरिया ने इस अवसर पर अपनी प्रतिक्रियाएँ भी दीं।
- भोपाल में रत्नवाला द्वारा वूमेन एस्ट्रोलॉजिकल कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया है।4
- भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मध्य प्रदेश आदिवासी कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी और जिला अध्यक्षों ने भाग लिया, जहाँ संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावी रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक में आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों और प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसमें पेसा कानून, केन-बेतवा लिंक परियोजना जैसे प्रमुख मसले और आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार के मामलों पर खास ध्यान दिया गया। एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत, 30 जून को सिंगरौली में अदाणी समूह के प्रोजेक्ट के विरोध में एक बड़ा आंदोलन करने का फैसला किया गया। कांग्रेस ने इस दौरान भाजपा पर आदिवासियों की पहचान मिटाने का भी गंभीर आरोप लगाया, जिसके जवाब में जनजागरण कार्यक्रम आयोजित करने की रणनीति पर भी सहमति बनी। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, सीडब्ल्यूसी सदस्य कमलेश्वर पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम और विधायक विक्रांत भूरिया ने इस अवसर पर अपनी प्रतिक्रियाएँ भी दीं।1
- देश में व्याप्त वीआईपी कल्चर और नेताओं को मिलने वाली विशेष सुविधाओं के संबंध में धीरेन्द्र शास्त्री ने एक अहम सवाल उठाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि आम जनता पर नियम-कानून लागू होते हैं, तो नेताओं के चार्टर और उनकी अन्य विशेष व्यवस्थाओं पर भी गंभीरता से विचार होना चाहिए। धीरेन्द्र शास्त्री का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- भोपाल के बाबे अली क्रिकेट स्टेडियम में आज खेल प्रेमियों के लिए दो बड़े क्रिकेट आयोजनों का संगम होने जा रहा है। शाम 7:00 बजे से आईपीएल का फाइनल मैच आरसीबी और गुजरात टाइटंस के बीच खेला जाएगा, जिसे स्टेडियम में बड़ी स्क्रीन पर दिखाया जाएगा। इसी के साथ, इसी मैदान पर सिंधी प्रीमियर लीग (SPL) नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट सीजन 9 के दो सेमीफाइनल और एक मेगा फाइनल मुकाबले भी आज ही होंगे। स्टेडियम को भव्य स्वागत के लिए पूरी तरह से सजाया गया है, जिसमें विशेष रूप से महिलाओं के बैठने के लिए प्रबंध किए गए हैं। सिंधी प्रीमियर लीग सीजन 9 की विजेता टीम को ₹1,51,000 और एक चमचमाती ट्रॉफी से सम्मानित किया जाएगा, जबकि उपविजेता टीम को ₹51,000 और ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, आतिशबाजी, संगीत और नृत्य का भी आयोजन किया जाएगा। भोपाल के लोकप्रिय सांसद आलोक शर्मा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मंच पर मौजूद रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर शाहजहानाबाद थाने के पुलिसकर्मी स्टेडियम परिसर में उपस्थित रहेंगे। आयोजकों ने बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की संभावना जताई है और सभी को सपरिवार बाबे अली क्रिकेट स्टेडियम गोलघर पर आमंत्रित किया है ताकि वे सिंधी प्रीमियर लीग के साथ-साथ आईपीएल फाइनल का भी आनंद ले सकें। सिंधी समाज का यह भव्य खेल आयोजन पिछले 9 वर्षों से लगातार हो रहा है, जिसका आयोजन सिंधु सेना भोपाल के अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिनिधि श्री राकेश कुकरेजा जी के कर कमलों से होता है।1
- राजधानी में 120 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से आंधी-तूफान आया, जिसके कारण शहर की बिजली गुल हो गई और चारों ओर अंधेरा छा गया।1
- भोपाल में गहोई वैश्य समाज पंचायत के चुनावों का आयोजन किया जा रहा है।4
- एक रूह कंपाने वाली वारदात में, एक रिश्तेदार ने एकतरफा प्यार के चलते हैवानियत की हदें पार करते हुए डेढ़ साल के मासूम बच्चे को आठ बार सड़क पर पटका, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपी चाचा बच्चे को टॉफी दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया था। यह दिल दहला देने वाली करतूत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस के अनुसार, यह सिरफिरा व्यक्ति शादी का प्रस्ताव ठुकराए जाने से नाराज़ था। घटना के बाद, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के साथ मुठभेड़ की और उसके पैर में गोली मारकर उसे दबोच लिया।2