Shuru
Apke Nagar Ki App…
Dausa ke rk joshi hospital me safai bilkul hi nam matra h. Rk joshi ke leb office me badtamiji se bat karte h
Memory Loss
Dausa ke rk joshi hospital me safai bilkul hi nam matra h. Rk joshi ke leb office me badtamiji se bat karte h
More news from Dausa and nearby areas
- लालसोट में भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन: 14 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में लालसोट। गौड़ सनाढ्य ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में गुरुवार को 14 जोड़े विधि-विधान के साथ विवाह बंधन में बंधे। कार्यक्रम श्री अशोक शर्मा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में हुआ, जहां समाज सेवा और परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिला। सम्मेलन में विधायक रामविलास मीणा सहित कई गणमान्य अतिथियों ने शिरकत कर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। आयोजन समिति द्वारा प्रत्येक जोड़े को आभूषणों के साथ घरेलू उपयोग का सामान भी भेंट किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन जरूरतमंद परिवारों को राहत देने के साथ समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे।5
- जयपुर से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जहां नारी सशक्तिकरण का एक खतरनाक रूप देखने को मिला। एक युवती ने बीच सड़क पर युवक की बाइक को हेलमेट और पत्थरों से बुरी तरह तोड़ दिया। घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोगों के बीच इस पर बहस छिड़ गई है कि क्या यह सशक्तिकरण है या आक्रामकता की हद? इस घटना के पीछे की वजह क्या थी, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन इस तरह की घटनाएं समाज में कानून व्यवस्था और व्यवहारिक संतुलन पर सवाल जरूर खड़े करती हैं। 👉 क्या यह गुस्से का विस्फोट था या कानून को हाथ में लेने की कोशिश? 👉 क्या इस तरह का व्यवहार सही है? वीडियो को अंत तक देखें और अपनी राय जरूर दें।1
- Post by Kishan Lal jangid1
- पुर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बड़ा बयान मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम, मंत्री अपने बेटों को दूर रखें, अच्छे संस्कार दो, नहीं तो बिगड़ जाएंगे1
- जयपुर में 'स्कूटी वाली दीदी' का हाई-वोल्टेज ड्रामा! 🚨😱 राजधानी जयपुर का बाइस गोदाम इलाका उस समय अखाड़ा बन गया जब एक मामूली टक्कर के बाद युवती का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। 📍 क्या है पूरा मामला? स्कूटी की बाइक से हल्की सी टच क्या हुई, युवती ने बीच सड़क पर ही 'इंसाफ' करना शुरू कर दिया। हेलमेट और पत्थरों से युवक की बाइक को तब तक तोड़ा जब तक उसका मन नहीं भरा। 🚧 पुलिस भी रही बेबस! भीड़ और पुलिस के सामने युवती चिल्लाती रही— "हाथ लगाकर दिखाओ, तुम कुछ नहीं कर सकते मेरा!" कानून और मर्यादा को ताक पर रखकर सरेआम की गई इस तोड़फोड़ ने सड़क पर चलने वाले हर इंसान को हैरान कर दिया है। 🔥 सवाल जनता से: क्या महिला सुरक्षा के कानूनों का इस्तेमाल इस तरह की 'गुंडागर्दी' के लिए किया जाना सही है? क्या छोटी सी बात पर किसी की प्रॉपर्टी को नुकसान पहुँचाना जायज है? अपनी राय कमेंट्स में ज़रूर बताएं! 👇 Trending Hashtags: #DeshTak #JaipurNews #JaipurDiaries #RoadRage #ViralVideo #JaipurCity #BaisGodam #RajasthanNews #PublicDrama #SocialMediaViral #Justice #CrimeNews #ScootyWaliDidi #ViralPost #TrendingNow #LawAndOrder #PinkCity1
- Post by Rakesh Kumar Swami1
- दौसा। कुण्डल तहसील मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। बुधवार के बाद गुरुवार को भी अस्पताल आयुष चिकित्सक के भरोसे ही चलता नजर आया, जिससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अस्पताल में नियमित चिकित्सकों की अनुपस्थिति के चलते गुरुवार को भी सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। मरीज इलाज के लिए इंतजार करते रहे और कई को बिना उपचार लौटना पड़ा। बाद में आयुष चिकित्सक के पहुंचने पर ही उपचार शुरू हो सका। जानकारी के अनुसार, यहां स्वीकृत चार चिकित्सकों में से एक महिला चिकित्सक डॉ. ज्योति मीना को 14 जनवरी से अजीतगढ़ में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है, जबकि शेष तीन चिकित्सक—डॉ. रोशन जाजोरिया, डॉ. शुभम खंडेलवाल और डॉ. हरिओम मीना—उच्च अध्ययन (पीजी) के लिए रिलीव किए जा चुके हैं। ऐसे में अस्पताल पूरी तरह डॉक्टर विहीन बना हुआ है। आदेश हुए बेअसर सूत्रों के अनुसार, उच्चाधिकारियों द्वारा CHC में चिकित्सक लगाने के निर्देश भी जारी किए गए थे, लेकिन ये आदेश जमीनी स्तर पर लागू नहीं हो पाए। हालात यह हैं कि आदेश होने के बावजूद अस्पताल में नियमित चिकित्सक की व्यवस्था नहीं हो सकी, जिससे प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। नर्सिंग ऑफिसर पर बढ़ा बोझ डॉक्टरों की कमी के चलते आयुष चिकित्सक को ही मरीजों को देखना और दवाइयां लिखने की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है। यह स्थिति नियमों के अनुरूप है या नहीं, इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। फार्मासिस्ट के अभाव में हेल्पर के भरोसे दवा वितरण पिछले करीब दो वर्षों से फार्मासिस्ट का पद खाली होने के कारण दवाओं का वितरण भी नियमित फार्मासिस्ट के बजाय नर्सिंग ऑफिसर और डीडीसी हेल्पर के भरोसे किया जा रहा है। इससे मरीजों को दवाइयों के सही उपयोग की जानकारी नहीं मिल पा रही। अन्य पद भी खाली अस्पताल में एलएचवी (LHV) का पद पिछले तीन वर्षों से और एएनएम (ANM) का पद पिछले दो वर्षों से रिक्त है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। मरीजों की सुरक्षा पर सवाल लगातार दो दिन से डॉक्टरों की अनुपस्थिति और वैकल्पिक व्यवस्थाओं के सहारे चल रही स्वास्थ्य सेवाओं ने मरीजों की सुरक्षा और इलाज की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।4
- जैसलमेर में तेज रफ्तार वैन ने सड़क किनारे चल रही 3 बहनों को टक्कर मार दी। कार और दीवार के बीच फंसने से एक युवती की मौके पर ही मौत हो गई। दो बहनें सड़क पर गिरने से घायल हो गईं। जब घायलों को जवाहिर हॉस्पिटल लेकर गए तो वहां स्ट्रेचर नहीं मिला। ऐसे में एक घायल को उसका साथी गोद में उठाकर हॉस्पिटल के अंदर लेकर गया। जैसलमेर अस्पताल का यह दृश्य बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है, जहाँ एक साथी आर्टिस्ट अपनी बेसुध साथी को कंधों पर उठाकर इलाज के लिए भटकने को मजबूर है। यह राज्य सरकार की विफल नीतियों और राज्य की ध्वस्त होती स्वास्थ्य व्यस्था का आईना है। जैसलमेर बस अग्निकांड के दौरान भी मरीजों को सैकड़ों किलोमीटर दूर जोधपुर ले जाना पड़ा था, क्या उस घटना से भी सरकार ने कोई सबक नहीं लिया1
- Post by Kishan Lal jangid1