logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

बधाई हो बिहार की जनता… आपने इन्हें अपने भविष्य की चाबी सौंपी है!!🤣🤣 #nitishkumar #jdu

5 hrs ago
user_बात बिहार की सपोर्टर अरवल
बात बिहार की सपोर्टर अरवल
Voice of people कलेर, अरवल, बिहार•
5 hrs ago

बधाई हो बिहार की जनता… आपने इन्हें अपने भविष्य की चाबी सौंपी है!!🤣🤣 #nitishkumar #jdu

More news from बिहार and nearby areas
  • Post by बात बिहार की सपोर्टर अरवल
    1
    Post by बात बिहार की सपोर्टर अरवल
    user_बात बिहार की सपोर्टर अरवल
    बात बिहार की सपोर्टर अरवल
    Voice of people कलेर, अरवल, बिहार•
    5 hrs ago
  • हसपुरा पुलिस अंग्रेजी शराब के दो धंधेबाज को गिरफ्तार किया
    1
    हसपुरा पुलिस अंग्रेजी शराब के दो धंधेबाज को गिरफ्तार किया
    user_Prem Singh
    Prem Singh
    पत्रकारीता का कार्य बिगत 18 वर्षो से हासपुरा, औरंगाबाद, बिहार•
    12 hrs ago
  • बजट सत्र के दौरान बिहार विधानसभा में गृह बजट के समर्थन में अपने विचार रखते हुए बक्सर सदर विधायक व पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा ने बिहार पुलिस की प्रतिबद्ध कार्यशैली, सुदृढ़ होती कानून-व्यवस्था, आधुनिक संसाधनों से सशक्त तंत्र और टेक्नोलॉजी आधारित नवाचारों से विकसित होती पुलिसिंग पर अपने विचार साझा किए। स्पष्ट कहा — पुलिस केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि सेवा का संकल्प है। सशक्त और संवेदनशील पुलिस ही जनता के विश्वास की सबसे बड़ी गारंटी होती है। इस अवसर के लिए विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेम कुमार जी, माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी तथा माननीय गृहमंत्री सह उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी का ह आभार व्यक्त किया।
    1
    बजट सत्र के दौरान बिहार विधानसभा में गृह बजट के समर्थन में अपने विचार रखते हुए बक्सर सदर विधायक व पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा ने  
बिहार पुलिस की प्रतिबद्ध कार्यशैली, सुदृढ़ होती कानून-व्यवस्था, आधुनिक संसाधनों से सशक्त तंत्र और टेक्नोलॉजी आधारित नवाचारों से विकसित होती पुलिसिंग पर अपने विचार साझा किए।
स्पष्ट कहा — पुलिस केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि सेवा का संकल्प है।
सशक्त और संवेदनशील पुलिस ही जनता के विश्वास की सबसे बड़ी गारंटी होती है।
इस अवसर के लिए विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेम कुमार जी, माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी तथा माननीय गृहमंत्री सह उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी  का ह आभार व्यक्त किया।
    user_पी.के.मिश्रा( पत्रकार)
    पी.के.मिश्रा( पत्रकार)
    बिक्रमगंज, रोहतास, बिहार•
    5 hrs ago
  • आज जिला प्रशासन के घोर लापरवाही के वजह से जाम से पूरे अरवल जिला वासी परेशान है एग्जाम चल रहा है जाम के वजह से एग्जाम छूट जाता इस जाम को लेकर जिला पदाधिकारी महोदय को अरवल जिला खनन पदाधिकारी को आदेश देकर सभी अरवल बालू घाट को यह सूचना दें कि सुबह 6:00 से शाम 6:00 बजे तक नो एंट्री रहेगी उसे लोगों को आवागमन छात्राओं को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा इस पर जिला प्रशासन ध्यान दें
    1
    आज जिला प्रशासन के घोर लापरवाही के वजह से जाम से पूरे अरवल जिला वासी परेशान है एग्जाम चल रहा है जाम के वजह से एग्जाम छूट जाता इस जाम को लेकर जिला पदाधिकारी महोदय को अरवल जिला  खनन पदाधिकारी  को आदेश देकर सभी अरवल बालू घाट को यह सूचना दें कि सुबह 6:00 से शाम 6:00 बजे तक नो एंट्री रहेगी उसे लोगों को आवागमन छात्राओं को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा इस पर जिला प्रशासन ध्यान दें
    user_Satveer Singh
    Satveer Singh
    Journalist अरवल, अरवल, बिहार•
    7 hrs ago
  • Sant Gadge Baba Bhajan | दिल को छू लेने वाला भक्ति गीत 🙏 Sant Gadge Baba Song | आत्मा को शांति देने वाला भजन Heart Touching Sant Gadge Baba Bhajan | सुनते ही मन शांत हो जाएगा
    1
    Sant Gadge Baba Bhajan | दिल को छू लेने वाला भक्ति गीत 🙏
Sant Gadge Baba Song | आत्मा को शांति देने वाला भजन
Heart Touching Sant Gadge Baba Bhajan | सुनते ही मन शांत हो जाएगा
    user_Kanchankumar Biharwala
    Kanchankumar Biharwala
    Media and information sciences faculty सोनभद्र बंशी सूर्यपुर, अरवल, बिहार•
    16 hrs ago
  • आज मेरे प्रिय मित्र अनुज का तिलकोत्सव था मैं उसमें शामिल होकर सभी परिवारजनों से मुलाकात कर आशीर्वाद प्राप्त किया। #happymarriage
    1
    आज मेरे प्रिय मित्र अनुज का तिलकोत्सव था मैं उसमें शामिल होकर सभी  परिवारजनों से मुलाकात कर आशीर्वाद प्राप्त किया। #happymarriage
    user_Golu Kumar Soni
    Golu Kumar Soni
    Artist करपी, अरवल, बिहार•
    23 hrs ago
  • अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस " के अवसर पर भोजपुरी भाषा के संवैधानिक मान्यता के लिए " भोजपुरी संयुक्त संघर्ष मोर्चा " द्वारा जिलाधिकारी भोजपुर के समक्ष एक दिवसीय धरना जय प्रकाश नारायण प्रतिमा स्थल पर दिया गया। प्रकाशनार्थ ... आरा: आज दिनांक 21 फरवरी 2026 को " अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस " के अवसर पर भोजपुरी भाषा के संवैधानिक मान्यता के लिए " भोजपुरी संयुक्त संघर्ष मोर्चा " द्वारा जिलाधिकारी भोजपुर के समक्ष एक दिवसीय धरना जय प्रकाश नारायण प्रतिमा स्थल पर दिया गया। धरना का शुभारंभ भोजपुरी के शेक्सपीयर भिखारी ठाकुर और लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। भोजपुरी भाषा के लिए महत्वपूर्ण इस धरना की अध्यक्षता भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान, आरा के संस्थापक अध्यक्ष पत्रकार नरेन्द्र सिंह और संचालन भोजपुरी शोध एवं विकास ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ रंगकर्मी कृष्ण यादव " कृष्णेन्दु " ने किया। धरना को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान के बिहार प्रदेश अध्यक्ष डॉ कुमार शीलभद्र ने " अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस " की उत्पति को विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने कहा कि भोजपुरी भाषा को समृद्ध करने के लिए रचनात्मक और आंदोलनात्मक, दोनों तरह से काम करना होगा। भोजपुरिया सेना के अध्यक्ष प्रभात सिंह ने कहा कि भोजपुरी भाषा को लेकर भोजपुरिया समाज में नकारात्मक माहौल है। कॉन्वेंट विद्यालय में कोई कार्यक्रम आयोजित होता है तो अभिभावक बहुत ही ज्यादा विरोध करते हैं। सम्पूर्ण क्रांति आन्दोलन के सामाजिक कार्यकर्ता अशोक मानव ने कहा कि भोजपुरी भाषा के पुरखों को याद करना भी एक आन्दोलन ही है। हाल ही में हमारे बीच से भोजपुरी भाषा के बेहतरीन कवि पवन श्रीवास्तव का निधन हुआ है, हमें उनके याद में भी कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए। लगातार कार्यक्रम होने से आन्दोलन को बल मिलता है। भोजपुरिया जन मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा के तर्ज पर बिहार विधानसभा में भी भोजपुरी भाषा के साथ अन्य क्षेत्रीय भाषा को भी मान्यता मिलना चाहिए। बिहार में भोजपुरी अकादमी बन्द पड़ी है, इसे जल्द ही सुचारू रूप से चालू किया जाना चाहिए। इसके लिए हमलोगों को बिहार सरकार को ज्ञापन देना चाहिए। चर्चित नाट्य संस्था नवोदय संघ के अध्यक्ष, वरिष्ठ रंगकर्मी डी. राजन ने कहा कि भोजपुरी भाषा का आन्दोलन अपने घर से शुरू करना होगा। आरा जंक्शन पर भोजपुरी भाषा में गाड़ियों सम्बन्धी उद्घोषणा होना चाहिए। हमलोगोंं को इसके लिए भी आरा रेलवे स्टेशन पर धरना - प्रदर्शन करना चाहिए। आन्दोलन में प्रतिबद्धता होगी तभी हमें सफ़लता मिलेगी। भोजपुरी भाषा के स्वाभाविक कवि जन्मेजय ओझा " मंज़र " ने कहा कि आप जहां कहीं भी दो भोजपुरिया मिले अपने मातृभाषा भोजपुरी में ही बात करें। भोजपुरी भाषा बहुत ही समृद्ध और मारक क्षमता वाला माध्यम है। कवि दूधेश्वर नाथ मिश्र ने कहा कि भोजपुरी भाषा के विकास के लिए पढ़ाई, लिखाई, गायन, वादन और कविताई आदि का लगातार आयोजन होते रहना चाहिए। स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा, भोजपुर के सहायक अध्यापक डॉ निलम्बुज सरोज ने कहा कि किसी भी भाषा को संवैधानिक मान्यता देने के लिए कोई निर्धारित मापदण्ड नहीं है। भोजपुरी भाषा की संवैधानिक मान्यता के लिए राजनीतिक पहल कमज़ोर है। हम लोगों को अपने जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाना चाहिए। चर्चित गीतकार / लेखक कुमार अजय सिंह ने कहा कि अपने मातृभाषा भोजपुरी को लेकर भोजपुरिया समाज में हीनभावना व्याप्त है। जबकि भोजपुरी भाषा ने अंतराष्ट्रीय भाषा का स्वरूप ले लिया है। इसे भारत में संवैधानिक मान्यता मिलना ही चाहिए। भोजपुर जिले के चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता, सामाजिक संस्था यथार्थ के सचिव भास्कर मिश्र ने कहा कि भोजपुरी भाषा की संवैधानिक मान्यता के लिए सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक और राजनीतिक आन्दोलन साथ - साथ होना चाहिए। भोजपुरी भाषा के संवैधानिक मान्यता के लिए संसद भवन और भोजपुरिया सांसद लोग का घेराव करना होगा। कायस्थ क्रांतिकारी विचार मंच के अध्यक्ष, सामाजिक कार्यकर्ता मणिभूषण श्रीवास्तव ने कहा कि भोजपुरी भाषा के लिए बेहतरीन लिपि को भी तैयार करना होगा। पहले की भोजपुरी कैथी लिपि में लिखी जाती थी। कैथी लिपि मर रही है, उसे भी पुनजीर्वित करना पड़ेगा। कैथी लिपि भोजपुरी भाषा की अपनी लिपि है। चर्चित गायक धनी पाण्डेय ने कहा कि भोजपुरी भाषा को लिखना - पढ़ना भी जरूरी है। हमलोग इस धरना में भोजपुरी भाषा में बोल रहे हैं, लेकिन समाचार आयेगा किसी अन्य भाषा में। भोजपुरी भाषा का अपना अख़बार होना चाहिए। शिक्षाविद विजय कुमार राय ने कहा कि भोजपुरी भाषा के शेक्सपीयर भिखारी ठाकुर को भारत रत्न पुरस्कार मिलना चाहिए। अलग भोजपुरांचल राज्य की स्थापना होनी चाहिए, जहां का राज्य भाषा भोजपुरी होगी। अध्यक्षीय भाषण में पत्रकार नरेन्द्र सिंह ने कहा कि भोजपुरी भाषा जन संख्या, साहित्य, संस्कृति और राजनीति में अन्य किसी भी भाषा से समृद्ध है। भोजपुरिया क्षेत्र के जनप्रतिनिधि लोग को पिछले आन्दोलन का विश्लेषण करते हुए आगे भोजपुरी भाषा को संवैधानिक मान्यता मिलने तक मुकम्मल आन्दोलन करते रहना चाहिए। लेकिन हमें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। इस धरना में अधिवक्ता इंद्रदेव पाण्डेय, अधिवक्ता सतेन्द्र प्रेमजीवन, राम रतन राम, भिखारी ठाकुर के नाच मण्डली के जोकर रघु पासवान, अशोक पासवान, रामानन्द पासवान, राजीव रंजन मिश्र, राजू शुक्ला, वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल प्रतीक्षा, समाजसेवी कृष्ण प्रताप सिंह, चर्चित ड्रम वादक राम सुख राय, जेडीयू नेता मृत्युंजय भारद्वाज, अभय कुमार पाण्डेय, पंकज कुमार सिंह, कुमार विजय, आशुतोष कुमार पाण्डेय, संजय दुबे, प्रशान्त कुमार मिश्रा, राहुल कुमार, आरा नगर रामलीला समिति के सचिव शम्भू नाथ प्रसाद, पत्रकार सोनू सिंह, पत्रकार विष्णु पाठक, पत्रकार संजय श्रीवास्तव के साथ भोजपुर जिले के सैकड़ों साहित्यकार, पत्रकार, रंगकर्मी, नाटककार, चित्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और गायक - वादक उपस्थित थे। धरना में शामिल साहित्यकारों, कलाकारों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रति स्वामी विक्रमादित्य जी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। अपने आठ सूत्री मांगों के साथ एक ज्ञापन और मांग - पत्र जिलाधिकारी भोजपुर के प्रतिनिधि को सौंपा गया।
    1
    अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस " के अवसर पर भोजपुरी भाषा के संवैधानिक मान्यता के लिए " भोजपुरी संयुक्त संघर्ष मोर्चा " द्वारा जिलाधिकारी भोजपुर के समक्ष एक दिवसीय धरना जय प्रकाश नारायण प्रतिमा स्थल पर दिया गया।
प्रकाशनार्थ ...
आरा: आज दिनांक 21 फरवरी 2026 को " अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस " के अवसर पर भोजपुरी भाषा के संवैधानिक मान्यता के लिए " भोजपुरी संयुक्त संघर्ष मोर्चा " द्वारा जिलाधिकारी भोजपुर के समक्ष एक दिवसीय धरना जय प्रकाश नारायण प्रतिमा स्थल पर दिया गया।
धरना का शुभारंभ भोजपुरी के शेक्सपीयर भिखारी ठाकुर और लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ।
भोजपुरी भाषा के लिए महत्वपूर्ण इस धरना की अध्यक्षता भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान, आरा के संस्थापक अध्यक्ष पत्रकार नरेन्द्र सिंह और संचालन भोजपुरी शोध एवं विकास ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ रंगकर्मी कृष्ण यादव " कृष्णेन्दु " ने किया।
धरना को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान के बिहार प्रदेश अध्यक्ष डॉ कुमार शीलभद्र ने " अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस " की उत्पति को विस्तार पूर्वक बताया।
उन्होंने कहा कि भोजपुरी भाषा को समृद्ध करने के लिए रचनात्मक और आंदोलनात्मक, दोनों तरह से काम करना होगा।
भोजपुरिया सेना के अध्यक्ष प्रभात सिंह ने कहा कि भोजपुरी भाषा को लेकर भोजपुरिया समाज में नकारात्मक माहौल है। कॉन्वेंट विद्यालय में कोई कार्यक्रम आयोजित होता है तो अभिभावक बहुत ही ज्यादा विरोध करते हैं।
सम्पूर्ण क्रांति आन्दोलन के सामाजिक कार्यकर्ता अशोक मानव ने कहा कि भोजपुरी भाषा के पुरखों को याद करना भी एक आन्दोलन ही है। हाल ही में हमारे बीच से भोजपुरी भाषा के बेहतरीन कवि पवन श्रीवास्तव का निधन हुआ है, हमें उनके याद में भी कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए। लगातार कार्यक्रम होने से आन्दोलन को बल मिलता है।
भोजपुरिया जन मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा के तर्ज पर बिहार विधानसभा में भी भोजपुरी भाषा के साथ अन्य क्षेत्रीय भाषा को भी मान्यता मिलना चाहिए। बिहार में भोजपुरी अकादमी बन्द पड़ी है, इसे जल्द ही सुचारू रूप से चालू किया जाना चाहिए। इसके लिए हमलोगों को बिहार सरकार को ज्ञापन देना चाहिए।
चर्चित नाट्य संस्था नवोदय संघ के अध्यक्ष, वरिष्ठ रंगकर्मी डी. राजन ने कहा कि भोजपुरी भाषा का आन्दोलन अपने घर से शुरू करना होगा। आरा जंक्शन पर भोजपुरी भाषा में गाड़ियों सम्बन्धी उद्घोषणा होना चाहिए। हमलोगोंं को इसके लिए भी आरा रेलवे स्टेशन पर धरना - प्रदर्शन करना चाहिए। आन्दोलन में प्रतिबद्धता होगी तभी हमें सफ़लता मिलेगी।
भोजपुरी भाषा के स्वाभाविक कवि जन्मेजय ओझा " मंज़र " ने कहा कि आप जहां कहीं भी दो भोजपुरिया मिले अपने मातृभाषा भोजपुरी में ही बात करें। भोजपुरी भाषा बहुत ही समृद्ध और मारक क्षमता वाला माध्यम है।
कवि दूधेश्वर नाथ मिश्र ने कहा कि भोजपुरी भाषा के विकास के लिए पढ़ाई, लिखाई, गायन, वादन और कविताई आदि का लगातार आयोजन होते रहना चाहिए।
स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा, भोजपुर के सहायक अध्यापक डॉ निलम्बुज सरोज ने कहा कि किसी भी भाषा को संवैधानिक मान्यता देने के लिए कोई निर्धारित मापदण्ड नहीं है। भोजपुरी भाषा की संवैधानिक मान्यता के लिए राजनीतिक पहल कमज़ोर है। हम लोगों को अपने जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाना चाहिए।
चर्चित गीतकार / लेखक कुमार अजय सिंह ने कहा कि अपने मातृभाषा भोजपुरी को लेकर भोजपुरिया समाज में हीनभावना व्याप्त है। जबकि भोजपुरी भाषा ने अंतराष्ट्रीय भाषा का स्वरूप ले लिया है। इसे भारत में संवैधानिक मान्यता मिलना ही चाहिए।
भोजपुर जिले के चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता, सामाजिक संस्था यथार्थ के सचिव भास्कर मिश्र ने कहा कि भोजपुरी भाषा की संवैधानिक मान्यता के लिए सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक और राजनीतिक आन्दोलन साथ - साथ होना चाहिए। भोजपुरी भाषा के संवैधानिक मान्यता के लिए संसद भवन और भोजपुरिया सांसद लोग का घेराव करना होगा।
कायस्थ क्रांतिकारी विचार मंच के अध्यक्ष, सामाजिक कार्यकर्ता मणिभूषण श्रीवास्तव ने कहा कि भोजपुरी भाषा के लिए बेहतरीन लिपि को भी तैयार करना होगा। पहले की भोजपुरी कैथी लिपि में लिखी जाती थी। कैथी लिपि मर रही है, उसे भी पुनजीर्वित करना पड़ेगा। कैथी लिपि भोजपुरी भाषा की अपनी लिपि है।
चर्चित गायक धनी पाण्डेय ने कहा कि भोजपुरी भाषा को लिखना - पढ़ना भी जरूरी है। हमलोग इस धरना में भोजपुरी भाषा में बोल रहे हैं, लेकिन समाचार आयेगा किसी अन्य भाषा में। भोजपुरी भाषा का अपना अख़बार होना चाहिए।
शिक्षाविद विजय कुमार राय ने कहा कि भोजपुरी भाषा के शेक्सपीयर भिखारी ठाकुर को भारत रत्न पुरस्कार मिलना चाहिए। अलग भोजपुरांचल राज्य की स्थापना होनी चाहिए, जहां का राज्य भाषा भोजपुरी होगी।
अध्यक्षीय भाषण में पत्रकार नरेन्द्र सिंह ने कहा कि भोजपुरी भाषा जन संख्या, साहित्य, संस्कृति और राजनीति में अन्य किसी भी भाषा से समृद्ध है। भोजपुरिया क्षेत्र के जनप्रतिनिधि लोग को पिछले आन्दोलन का विश्लेषण करते हुए आगे भोजपुरी भाषा को संवैधानिक मान्यता मिलने तक मुकम्मल आन्दोलन करते रहना चाहिए। लेकिन हमें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है।
इस धरना में अधिवक्ता इंद्रदेव पाण्डेय, अधिवक्ता सतेन्द्र प्रेमजीवन, राम रतन राम, भिखारी ठाकुर के नाच मण्डली के जोकर रघु पासवान, अशोक पासवान, रामानन्द पासवान, राजीव रंजन मिश्र, राजू शुक्ला, वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल प्रतीक्षा, समाजसेवी कृष्ण प्रताप सिंह, चर्चित ड्रम वादक राम सुख राय, जेडीयू नेता मृत्युंजय भारद्वाज, अभय कुमार पाण्डेय, पंकज कुमार सिंह, कुमार विजय, आशुतोष कुमार पाण्डेय, संजय दुबे, प्रशान्त कुमार मिश्रा, राहुल कुमार, आरा नगर रामलीला समिति के सचिव शम्भू नाथ प्रसाद, पत्रकार सोनू सिंह, पत्रकार विष्णु पाठक, पत्रकार संजय श्रीवास्तव के साथ भोजपुर जिले के सैकड़ों साहित्यकार, पत्रकार, रंगकर्मी, नाटककार, चित्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और गायक - वादक उपस्थित थे।
धरना में शामिल साहित्यकारों, कलाकारों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रति स्वामी विक्रमादित्य जी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
अपने आठ सूत्री मांगों के साथ एक ज्ञापन और मांग - पत्र जिलाधिकारी भोजपुर के प्रतिनिधि को सौंपा गया।
    user_News 91 Bhojpur
    News 91 Bhojpur
    Court reporter गरहनी, भोजपुर, बिहार•
    3 hrs ago
  • रोहतास जिले के कुल 58 केंद्र पर शांतिपूर्ण कदाचर मैट्रिक का परीक्षा चल रहा है वही 47000 छात्र- छात्राओं का परीक्षा मे भाग लिया गया। 5 से अधिक छात्र कदाचार के आरोप में निष्कासित किए गए हैं। जबकि एक फर्जी छात्र पकड़ा गया है उन्हें भी निष्कासित कर अगली कार्रवाई जा रही है । सुरक्षा बल की पूरी तरह से तैनाती की गई है बता दे कि आज की परीक्षा शांतिपूर्ण बिताने को लेकर पूरी तरह से प्रशासन तैनात है वही डिईओ मदन राय तथा जिला प्रशासन पूरी तरह से तैनात दिखाई दे रहे है लोगों को कहीं ना कहीं आम शिक्षक और साथ ही साथ बच्चों को सही सलामत अपने केंद्र पर पहुंचने के लिए भी पूरी व्यवस्था की गई है बता दे की हर कॉलेज और हर केंद्र पर मजिस्ट्रेट की भी तैनाती किया गया है।
    3
    रोहतास जिले के कुल 58 केंद्र पर शांतिपूर्ण कदाचर मैट्रिक का परीक्षा चल रहा है वही 47000  छात्र- छात्राओं का परीक्षा मे भाग लिया गया। 
5 से अधिक छात्र कदाचार के आरोप में निष्कासित किए गए हैं। जबकि एक फर्जी छात्र पकड़ा गया है उन्हें भी निष्कासित कर  अगली कार्रवाई जा रही है ।
सुरक्षा बल की पूरी तरह से तैनाती की गई है बता दे कि आज  की परीक्षा शांतिपूर्ण बिताने को लेकर पूरी तरह से प्रशासन तैनात है वही डिईओ मदन राय तथा जिला प्रशासन पूरी तरह से तैनात दिखाई दे रहे है लोगों को कहीं ना कहीं आम शिक्षक और साथ ही साथ बच्चों को सही सलामत अपने केंद्र पर पहुंचने के लिए भी पूरी व्यवस्था की गई है बता दे की हर कॉलेज और हर केंद्र पर मजिस्ट्रेट की भी तैनाती किया गया है।
    user_पी.के.मिश्रा( पत्रकार)
    पी.के.मिश्रा( पत्रकार)
    बिक्रमगंज, रोहतास, बिहार•
    6 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.