कोटा, राजस्थान में मंगलवार को सीएडी सभागार में संभागीय आयुक्त श्री अनिल कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में विवाद एवं शिकायत निवारण तंत्र के अंतर्गत एक संभागीय स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों के औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और उद्योगों से संबंधित विभिन्न समस्याओं तथा सुझावों को प्रस्तुत किया। औद्योगिक संगठनों द्वारा प्रमुख रूप से जीएसटी, मंडी शुल्क, औद्योगिक क्षेत्र के विकास, विद्युत आपूर्ति, सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं से संबंधित मांगें रखी गईं। संभागीय आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप कोटा संभाग के सभी जिलों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और उद्योगों से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि औद्योगिक विकास में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। श्री अग्रवाल ने यह भी निर्देशित किया कि निवेश व रोजगार को प्रोत्साहन देने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। अधिकारियों ने बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक में अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ममता तिवारी और जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक हरिमोहन शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कोटा, राजस्थान में मंगलवार को सीएडी सभागार में संभागीय आयुक्त श्री अनिल कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में विवाद एवं शिकायत निवारण तंत्र के अंतर्गत एक संभागीय स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों के औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और उद्योगों से संबंधित विभिन्न समस्याओं तथा सुझावों को प्रस्तुत किया। औद्योगिक संगठनों द्वारा प्रमुख रूप से जीएसटी, मंडी शुल्क, औद्योगिक क्षेत्र
के विकास, विद्युत आपूर्ति, सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं से संबंधित मांगें रखी गईं। संभागीय आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप कोटा संभाग के सभी जिलों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और उद्योगों से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि औद्योगिक विकास में किसी
प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। श्री अग्रवाल ने यह भी निर्देशित किया कि निवेश व रोजगार को प्रोत्साहन देने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। अधिकारियों ने बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक में अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ममता तिवारी और जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक हरिमोहन शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- कोटा में बिजली उपभोक्ताओं को केडल (KEDL) दफ़्तर के लगातार चक्कर काटने पड़ रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है, जिससे उन पर 'भारी अत्याचार' हो रहा है। हाल ही में, एक गरीब उपभोक्ता धनराज सुमन का दिल एक महीने के बिजली बिल को देखकर बैठ गया, जो कि ₹2,66,276 आया है। धनराज सुमन, जो कोटा के श्रीपुरा चौराहे पर गन्ने की मशीन लगाते हैं, उन्होंने 23 जून को बिजली उपभोक्ता संरक्षण समिति के संयोजक हिम्मत सिंह से मिलकर अपनी समस्या बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले उनका मासिक बिल कभी ₹2,000 से ₹3,000 से अधिक नहीं आया, लेकिन इस बार के बिल ने 'हद कर दी' है। उपभोक्ताओं का कहना है कि केडल दफ़्तर में AEN, JEN या कोई भी ज़िम्मेदार अधिकारी उनकी समस्याओं को सुनने या फ़ोन उठाने को तैयार नहीं है। हिम्मत सिंह ने इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बिजली मामलों में आमजन की कोई सुनने वाला नहीं है, और कोटा के बिजली तंत्र से जनता में 'भारी आक्रोश' व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही और समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो जल्द ही एक 'बड़ा आंदोलन' करने पर मजबूर होना पड़ेगा। यह घटना केडल बिजली विभाग की 'खुली लूट' का स्पष्ट प्रमाण है, जिसने एक गरीब उपभोक्ता को भारी परेशानी में डाल दिया है।3
- लखनऊ यूनिवर्सिटी के सेकंड कैंपस स्थित गंगा हॉस्टल में बुधवार को खराब खाने की वजह से कई छात्र-छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। पेट दर्द की शिकायत के बावजूद प्रोवोस्ट द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर छात्राओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अपनी शिकायत दर्ज कराने और खराब खाने के विरोध में छात्राओं ने रात का खाना भी छोड़ दिया। इस घटना के बाद सुबह यूनिवर्सिटी प्रशासन हॉस्टल पहुंचा। छात्राओं का आरोप है कि प्रोवोस्ट शिकायत करने वालों को धमकियां देती हैं।1
- कोटा के इंदिरा गांधी नगर में पुलिया की दीवार गिरने और नालों की सफाई व्यवस्था में लापरवाही का मामला सामने आने पर लाडपुरा विधायक महारानी कल्पना देवी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल मरम्मत कार्य और नालों की समुचित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विधायक ने स्पष्ट रूप से कहा कि आमजन की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- राजस्थान के कोटा में स्थित होटल सिटी पार्क में पिछले चार-पांच दिनों से 'एक ग्रुप' खड़ा है। जिस किसी भाई का भी यह 'ग्रुप' हो, या यदि यह चोरी हो गया हो, तो 7878725016 नंबर पर संपर्क करने की अपील की गई है।1
- सीटू के आह्वान पर, सैकड़ों मजदूरों और महिला कार्यकर्ताओं ने कोटा में जिला कलेक्ट्रेट गेट के सामने जोरदार प्रदर्शन किया, जिसमें न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपए करने और चार मजदूर विरोधी लेबर कोड रद्द करने सहित विभिन्न मांगें उठाई गईं। इस दौरान सीटू के जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की, जिसके बाद मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन संयुक्त श्रम आयुक्त को सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने सभी कारखानों में 8 घंटे का कार्य दिवस सुनिश्चित करने, अतिरिक्त कार्य पर दोगुनी दर से ओवरटाइम देने, और मजदूर-किसान-महिला-छात्र आंदोलनों में पुलिस हस्तक्षेप बंद करने की भी मांग की। सीटू नेताओं ने आरोप लगाया कि 2014 से भाजपा सरकार लगातार मजदूरों के अधिकारों पर हमला कर रही है, न्यूनतम वेतन नहीं दे रही है, पुराने अधिकार छीन रही है और कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुँचाने के लिए कारखानों को बिना बकाया वेतन दिए बंद किया जा रहा है। इसी बीच, जेके फैक्ट्री के मजदूरों का बकाया वेतन और ग्रेच्युटी की मांग को लेकर 18 फरवरी 2025 से चल रहा धरना सोमवार को 490वें दिन भी जारी रहा। इस धरने का संचालन कामरेड अशोक सिंह ने किया, और जेके सिंथेटिक फैक्ट्री की तीनों यूनियनों के संयुक्त नेतृत्व में श्रम विभाग कार्यालय के सामने एक रैली भी निकाली गई। प्रदर्शन में कामरेड उमाशंकर, अली मोहम्मद, कालीचरण सोनी, गोपाल शर्मा, अशोक सिंह, सतीश चंद त्रिवेदी, हनुमान सिंह जैसे नेता शामिल थे, साथ ही रेशमा देवी, कैलाशी बाई, राजकुमारी, मंजू कश्यप, बदाम बाई, रहीसा बानो, अनीसा सहित सैकड़ों मजदूर और महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं। मजदूर नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो वे एक उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।4
- बूंदी में एक बड़े विवाद का अंत हो गया है, जहाँ राजा-महाराजाओं के समय के एक प्राचीन चबूतरे को भारी पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में जेसीबी से हटा दिया गया। यह चबूतरा बूंदी में धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता था। इस कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन और नगर परिषद प्रशासन के सभी अधिकारी मौके पर उपस्थित थे, और हजारों की संख्या में हिंदू संगठन के लोग भी मौजूद थे।1
- कोटा में कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने एक प्रेस वार्ता में कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) और वन विभाग की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गुंजल ने कहा कि इन दोनों विभागों के कामकाज के तरीके से लोगों का जीवन मुश्किल हो गया है। उन्होंने विशेष रूप से आरोप लगाया कि जो लोग पीढ़ियों से अपने घरों में निवास कर रहे हैं, उन्हें बेदखल करने की 'कुचेष्टा' की जा रही है। इन मुद्दों को लेकर, गुंजल ने आम जनता से अपील की है कि वे 25 जून को अधिक से अधिक संख्या में एक प्रदर्शन में शामिल हों।1
- कोटा में श्री माहेश्वरी समाज कोटा के तत्वाधान में महेश नवमी का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिमय माहौल में मनाया गया। अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला के सानिध्य में समाज के सैकड़ों लोगों ने एकजुट होकर सामूहिक शिवाभिषेक किया। मुख्य समन्वयक महेश अजमेरा और समन्वयक राजेश जाजू व सिद्धेश्वर झंवर ने बताया कि प्रातः 8:15 बजे झालावाड़ रोड स्थित श्री माहेश्वरी भवन में कार्यक्रम का मुख्य आयोजन हुआ। यहाँ 51 विद्वान पंडितों की उपस्थिति में 221 से अधिक यजमान दंपतियों ने 221 शिवलिंगों का विधि-विधान से मंत्रोच्चार के साथ पूजन और महाशिवाभिषेक प्रारंभ किया। माहेश्वरी बंधुओं ने मंगलपाठ, शुद्धीकरण, स्वास्तिक पूजन, संकल्प, गणपति, देव और नवग्रह पूजन के साथ महाअभिषेक संपन्न किया। सभी ने शिवलिंग में प्राण-प्रतिष्ठा कर रुद्राभिषेक व उत्तर पूजन पूर्ण किया, जिसके बाद महाआरती कर पूरे परिसर को भक्तिमय वातावरण में बदल दिया। इस दौरान सभी ने भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त, चारभुजा मंदिर, सती चबूतरा, नीलकंठ महादेव मंदिर और गोविंद देव जी मंदिर, गढ़ पैलेस में भी महेश पूजन व अभिषेक के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस महोत्सव के मुख्य प्रायोजक विष्णु कुमार, बजरंग कुमार और सत्य प्रकाश साबू परिवार रहे।3
- कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित कैनल रोड पर रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक वॉशिंग सेंटर के बाहर धुलाई के लिए लाई गई एक कार अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। बताया गया है कि वॉशिंग सेंटर पर कार को लगाने के दौरान चालक से एक्सीलरेटर ज़्यादा दब गया, जिसके परिणामस्वरूप वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। राहत की बात यह रही कि कार नहर में गिरने से बच गई, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। इस घटना में कार चालक पूरी तरह सुरक्षित रहा। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभालने में मदद की। सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और मामले से संबंधित जानकारी जुटाई।1