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ग्वालियर जिले के भितरवार में एक विधायक के गनर पर ग्रामीणों से गाली-गलौज करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद विधायक मोहन सिंह राठौड़ ने अपने सुरक्षा गार्ड की बदतमीजी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। यह मामला एक वायरल वीडियो और गनर विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है।
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ग्वालियर जिले के भितरवार में एक विधायक के गनर पर ग्रामीणों से गाली-गलौज करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद विधायक मोहन सिंह राठौड़ ने अपने सुरक्षा गार्ड की बदतमीजी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। यह मामला एक वायरल वीडियो और गनर विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है।
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- ग्वालियर जिले के भितरवार में एक विधायक के गनर पर ग्रामीणों से गाली-गलौज करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद विधायक मोहन सिंह राठौड़ ने अपने सुरक्षा गार्ड की बदतमीजी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। यह मामला एक वायरल वीडियो और गनर विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है।1
- भितरवार से विधायक मोहन सिंह राठौड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपने सुरक्षा गार्डों द्वारा की गई कथित बदसलूकी के लिए आम जनता से हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए दिखाई दे रहे हैं। विधायक के इस विनम्र व्यवहार की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं और इसे एक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं। यह घटना तब हुई जब एक किसान का ट्रैक्टर सड़क पर पलट जाने के कारण यातायात व्यवस्था बाधित हो गई थी। विधायक मोहन सिंह राठौड़ स्वयं मौके पर मौजूद थे और यातायात को सुचारू कराने तथा लोगों को समझाने में लगे हुए थे। इसी दौरान कुछ लोगों और उनके सुरक्षा गार्डों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विधायक के दो गनरों ने आम लोगों के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में एक युवक विधायक से यह कहते हुए सुनाई देता है कि "आप हमारे विधायक हैं, अपने गार्डों को समझाइए।" इसके तत्काल बाद विधायक मोहन सिंह राठौड़ ने स्थिति को संभाला और हाथ जोड़कर जनता से कहा कि यदि उनके गार्डों से कोई गलती हुई है तो वे उनकी ओर से माफी मांगते हैं। विधायक के इस आचरण को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। लोगों का मानना है कि गलती चाहे किसी की भी हो, उसे स्वीकार कर जनता से क्षमा मांगना ही एक सच्चे जनप्रतिनिधि की पहचान है। "जनता सर्वोपरि है, और जनता का सम्मान ही जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है" — इसी संदेश के साथ विधायक मोहन सिंह राठौड़ का यह वीडियो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा शहर में एकमात्र ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का खतरा मंडरा रहा है। शहर के बीचों-बीच स्थित यह सेतु, जिसे बने हुए लगभग 40 वर्ष से अधिक हो चुके हैं, डबरा का एकमात्र ओवरब्रिज है। इसके ठीक नीचे डबरा का मुख्य बाजार लगता है। क्षतिग्रस्त होने के कारण यह पुल हर रोज लाखों वाहनों के गुजरने के साथ गंभीर जोखिम पैदा कर रहा है। इस स्थिति के चलते डबरा के नागरिकों को बड़े हादसे की आशंका सता रही है, जो किसी भी वक्त हो सकता है।1
- विश्व संगीत दिवस के अवसर पर ग्वालियर में एक 'मराठी संगीत निशा' का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को मराठी भाषी मित्र संगीत समूह द्वारा संपन्न कराया गया।1
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू श्योपुर स्थित कुनो नेशनल पार्क के दो दिवसीय प्रवास पर पहुँचीं। इस दौरान उन्होंने चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर का भ्रमण कर चीता प्रोजेक्ट की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने चीता प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए चीतों की निगरानी, ट्रैकिंग और संरक्षण संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने राष्ट्रपति को बताया कि वर्तमान में देश में कुल 52 चीते हैं, जिनमें से 49 चीते कुनो में मौजूद हैं। शेष 3 चीतों को गांधी सागर अभयारण्य भेजा गया है। राष्ट्रपति ने चीतों के लिए विकसित किए गए जल स्रोतों एवं अन्य सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। इससे पहले, राष्ट्रपति भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर से कुनो पहुँची थीं। वहाँ राज्यपाल मंगूभाई पटेल, प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला, सांसद शिवमंगल सिंह तोमर सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति कुनो में रात्रि विश्राम करेंगी और चीता पुनर्स्थापन परियोजना से जुड़े अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा करेंगी।1
- ग्वालियर के डीबी मॉल स्थित कैशिफाई स्टोर, जो मॉल की पहली मंजिल पर एक कियोस्क के रूप में मौजूद है, ने iPhone और Android मोबाइल फोन पर विशेष ऑफर्स की घोषणा की है। स्टोर ग्राहकों को बेहतरीन कीमत और आकर्षक डील्स उपलब्ध करा रहा है। इन फोनों के साथ एक साल की वारंटी प्रदान की जा रही है, और एक्सेसरीज़ पर भी वारंटी का लाभ मिलेगा।4
- डबरा सिटी पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए तीन गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के कब्जे से कुल 24 किलो 310 ग्राम गांजा बरामद हुआ है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 2 लाख 45 हजार रुपये बताई जा रही है। इस घटना में कुल चार लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई ग्वालियर जिले में राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर जारी हाई अलर्ट के बीच की गई, जब पुलिस लगातार होटलों, ढाबों और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। चेकिंग अभियान के दौरान, डबरा सिटी थाना पुलिस ने मंगरौरा रोड स्थित एक मजार के पास एक महिला और दो पुरुषों को संदिग्ध अवस्था में दो बड़े बैग के साथ खड़े देखा। पुलिस टीम को देखते ही तीनों आरोपी बिना नंबर की एक इलेक्ट्रिक स्कूटी से भागने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया। हिरासत में लेने के बाद जब उनके बैगों की तलाशी ली गई, तो उनमें भारी मात्रा में गांजा पाया गया। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे गांजा ओडिशा से खरीदकर डबरा लाए थे और इसकी डिलीवरी स्थानीय निवासी संतोष पचौरी को देने वाले थे। पुलिस ने आरोपी अरविंद वंशकार, रजनी वंशकार, दिनेश चौहान और फरार संतोष पचौरी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जबकि फरार आरोपी संतोष पचौरी की तलाश लगातार जारी है। डबरा पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, और पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।1
- ग्वालियर चैंबर ऑफ कॉमर्स के आगामी 17 जुलाई को होने वाले चुनावों के लिए व्हाइट हाउस पैनल के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी पारस जैन ने एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें शहर भर के व्यापारियों का भारी जनसमर्थन और उत्साह देखने को मिला। व्यापारियों ने पारस जैन के नेतृत्व पर विश्वास जताते हुए उन्हें आगामी चुनाव में एक मजबूत दावेदार बताया। कार्यक्रम के दौरान मौजूद व्यापारियों ने एकजुट होकर व्हाइट हाउस पैनल के समर्थन का संकल्प लिया और कहा कि यदि पारस जैन अध्यक्ष बनते हैं, तो चैंबर ऑफ कॉमर्स को नई दिशा और मजबूती मिलेगी। पूरे आयोजन में पारस जैन के समर्थन में जोश और उत्साह का माहौल बना रहा। चुनावी माहौल में अब बदलाव की आवाज़ तेज़ हो गई है, जहाँ नए प्रत्याशी व्यापारियों के बीच पहुँचकर चैंबर में नई सोच और नए नेतृत्व की आवश्यकता पर ज़ोर दे रहे हैं। प्रत्याशियों का कहना है कि ग्वालियर चैंबर को बदलाव की ज़रूरत है और वे यह बदलाव लेकर आएंगे। इस कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों में भी उत्साह और उमंग देखने को मिली। 17 जुलाई को होने वाले चुनाव को लेकर अब व्यापारिक गलियारों में चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं, जिससे मुकाबला काफी दिलचस्प होता दिख रहा है। सभी की निगाहें अब 17 जुलाई पर टिकी हैं, जब चैंबर चुनाव का मुकाबला होगा और व्यापारी अपने नए नेतृत्व का चयन करेंगे। यह देखना बाकी है कि क्या इस बार चैंबर में बदलाव की बयार चलेगी या फिर पुराना नेतृत्व ही कायम रहेगा; फैसला 17 जुलाई को होगा।1