हेडलाइन घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर ₹60 महंगा, आम उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी उपशीर्षक कीमत बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ने की आशंका, सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार को बताया कारण विस्तृत समाचार नई दिल्ली/गाजीपुर। देश में घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। ताजा फैसले के तहत 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में लगभग ₹60 की वृद्धि की गई है। नई दरें लागू होने के बाद आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका जताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, गैस कंपनियों द्वारा जारी नई कीमतों के बाद कई शहरों में घरेलू सिलेंडर पहले की तुलना में अधिक महंगा हो गया है। इससे खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों की रसोई का बजट प्रभावित हो सकता है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए यह बढ़ोतरी चिंता का कारण बन गई है। सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता है, जिसके चलते समय-समय पर एलपीजी के दामों में संशोधन करना पड़ता है। अधिकारियों के मुताबिक आयात लागत, परिवहन खर्च और वैश्विक बाजार की स्थिति का सीधा असर घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों पर पड़ता है। हालांकि इस बढ़ोतरी को लेकर विपक्षी दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सरकार पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि जब आम जनता पहले से ही महंगाई की मार झेल रही है, ऐसे समय में गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाना लोगों की रसोई पर अतिरिक्त बोझ डालने जैसा है। कई नेताओं ने सरकार से मांग की है कि आम लोगों को राहत देने के लिए गैस पर सब्सिडी बढ़ाई जाए और कीमतों को नियंत्रित किया जाए। उधर उपभोक्ताओं का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में गैस सिलेंडर के दामों में कई बार बढ़ोतरी हुई है, जिससे घरेलू खर्च लगातार बढ़ रहा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों में रहने वाले लोगों के लिए हर महीने सिलेंडर खरीदना कठिन होता जा रहा है। ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अपनी गैस जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में होने वाले बदलावों का असर घरेलू कीमतों पर दिखाई देता है। उनका कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें स्थिर होती हैं तो भविष्य में उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है। फिलहाल गैस सिलेंडर की कीमत में हुई इस बढ़ोतरी ने आम लोगों के बीच महंगाई को लेकर नई बहस छेड़ दी है और लोग सरकार से राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
हेडलाइन घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर ₹60 महंगा, आम उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी उपशीर्षक कीमत बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ने की आशंका, सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार को बताया कारण विस्तृत समाचार नई दिल्ली/गाजीपुर। देश में घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। ताजा फैसले के तहत 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में लगभग ₹60 की वृद्धि की गई है। नई दरें लागू होने के बाद आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका जताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, गैस कंपनियों द्वारा जारी नई कीमतों के बाद कई शहरों में घरेलू सिलेंडर पहले की तुलना में अधिक महंगा हो गया है। इससे खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों की रसोई का बजट प्रभावित हो सकता है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए यह बढ़ोतरी चिंता का कारण बन गई है। सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता है, जिसके चलते समय-समय पर एलपीजी के दामों में संशोधन करना पड़ता है। अधिकारियों के मुताबिक आयात लागत, परिवहन खर्च और वैश्विक बाजार की स्थिति का सीधा असर घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों पर पड़ता है। हालांकि इस बढ़ोतरी को लेकर विपक्षी दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सरकार पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि जब आम जनता पहले से ही महंगाई की मार झेल रही है, ऐसे समय में गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाना लोगों की रसोई पर अतिरिक्त बोझ डालने जैसा है। कई नेताओं ने सरकार से मांग की है कि आम लोगों को राहत देने के लिए गैस पर सब्सिडी बढ़ाई जाए और कीमतों को नियंत्रित किया जाए। उधर उपभोक्ताओं का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में गैस सिलेंडर के दामों में कई बार बढ़ोतरी हुई है, जिससे घरेलू खर्च लगातार बढ़ रहा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों में रहने वाले लोगों के लिए हर महीने सिलेंडर खरीदना कठिन होता जा रहा है। ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अपनी गैस जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में होने वाले बदलावों का असर घरेलू कीमतों पर दिखाई देता है। उनका कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें स्थिर होती हैं तो भविष्य में उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है। फिलहाल गैस सिलेंडर की कीमत में हुई इस बढ़ोतरी ने आम लोगों के बीच महंगाई को लेकर नई बहस छेड़ दी है और लोग सरकार से राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
- Post by R News1
- गाजीपुर जिले के रेवतीपुर थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब एक महीने से फरार चल रहे 19 वर्षीय आरोपी सबरू राम को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे ताड़ीघाट-बारा हाईवे स्थित एक ढाबे के पास से उस समय दबोचा, जब वह कहीं भागने के लिए बस का इंतजार कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को थाने लाकर पूछताछ की गई और मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेज दिया। पुलिस के मुताबिक इस मामले में पहले ही 12 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। गौरतलब है कि 4 मार्च 2026 को हसनपुरा गांव में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिसके बाद 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने जल्द ही बाकी आरोपी को भी गिरफ्तार करने का दावा किया है।1
- पटना, बिहार: सम्राट चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद वे बिहार के पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्यमंत्री बन गए हैं1
- छत्तीसगढ़ : वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा,कई मजदूरों की मौत...! छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा हुआ है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बड़ी संख्या में मजदूरों की मौत की खबर है। प्रशासन और बचाव दल मौके पर मौजूद हैं और राहत कार्य जारी है।1
- Post by Sadik Ahmad Journalist1
- समस्या। री बोरिंग का सरकारी कल एक जगह से दूसरी जगह करवाया गया है ग्राम आलोदिया पोस्ट बाबरी जिला चंदौली प्रधान कियामू अंसारी अभी तक पानी नहीं चालू हुआ है इस सरकारी कल से री बोरिंग का हुआ है एक जगह से दूसरी जगह1
- सकलडीहा / चंदौली भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में आज सकलडीहा कस्बा नीले झंडों और 'जय भीम' के उद्घोष से गुंजायमान रहा। इस अवसर पर क्षेत्र के दलित और अंबेडकरवादी संगठनों द्वारा एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। लोग हाथों में नीला ध्वज लेकर और पंचशील के प्रतीक झंडे लेकर उत्साह के साथ चलते नजर आए। सजे-धजे वाहन: जुलूस में डॉ. अंबेडकर की आदमकद प्रतिमा को एक सजे हुए वाहन पर स्थापित किया गया था, जिस पर पुष्प वर्षा की जा रही थी। इसके साथ ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और पिकअप वैन पर डीजे की धुन पर युवा थिरकते दिखे। कस्बे के मुख्य बाज़ारों से होकर गुजरी इस शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। जुलूस के दौरान यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस बल सक्रिय नजर आया।शोभायात्रा के माध्यम से बाबा साहेब के 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो' के संदेश को प्रसारित किया गया। देशभक्ति और बाबा साहेब के गीतों ने माहौल को पूरी तरह से भक्तिमय और ऊर्जावान बना दिया। सकलडीहा के मुख्य मार्गों से होते हुए यह शोभायात्रा अपने निर्धारित गंतव्य पर पहुंची। जहाँ बाबा साहेब के जीवन और उनके योगदान पर प्रकाश डाला गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आयोजन न केवल एकता का प्रतीक है। बल्कि आने वाली पीढ़ियों को बाबा साहेब के आदर्शों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी है।1
- Post by R News1