मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को ब्यावर जिले के देवमाली गांव का दौरा किया, जहाँ उन्होंने भगवान देवनारायण मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री किसान रामलाल गुर्जर के घर पहुँचे और परिजनों से आत्मीय मुलाकात कर उनके साथ चाय पी। इस दौरान उन्होंने देवमाली ग्राम पंचायत प्रशासक समिति के सदस्यों से भी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने गांव के स्कूली बच्चों और उनके परिजनों से शिक्षा के बारे में जानकारी ली, जिसके बाद जिला कलक्टर को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बालिका शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि ड्रॉपआउट जैसी स्थिति उत्पन्न न हो और नामांकन को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही, उन्होंने जिला प्रशासन को गांव में मोबाइल नेटवर्क की समस्या का तत्काल समाधान करने तथा मंदिर तक रोपवे निर्माण की संभावनाओं को तलाशने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विकास भी और विरासत भी' के विजन के अनुरूप देवमाली गांव में विकास कार्य करवाने पर जोर दिया, कहा कि गांव के मूल स्वरूप, सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत तथा प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित रखते हुए सभी आवश्यक कार्यों को गति दी जाए। उन्होंने देवमाली गांव की विशिष्ट पहचान और परंपराओं का संरक्षण अपनी प्राथमिकता बताया। अपने दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया और ग्रामीणों से आत्मीय संवाद स्थापित किया। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधिगण और जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की आवश्यकताओं की समय-समय पर जानकारी लेकर उनकी त्वरित एवं प्रभावी पूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि सभी को मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने नमो उपवन देवमाली में वीबी जी राम जी योजना के तहत पौधारोपण कार्य का उद्घाटन बुजुर्ग महिला प्रेम देवी से करवाया, जहाँ उन्होंने स्वयं पीपल का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने स्कूली बच्चों को मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाभियान के प्रशस्ति पत्र भी सौंपे। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम, विधायक विरेन्द्र सिंह कानावत सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिला प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को ब्यावर जिले के देवमाली गांव का दौरा किया, जहाँ उन्होंने भगवान देवनारायण मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री किसान रामलाल गुर्जर के घर पहुँचे और परिजनों से आत्मीय मुलाकात कर उनके साथ चाय पी। इस दौरान उन्होंने देवमाली ग्राम पंचायत प्रशासक समिति के सदस्यों से भी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने गांव के स्कूली बच्चों और उनके परिजनों से शिक्षा के बारे में जानकारी ली, जिसके बाद जिला कलक्टर को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता
सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बालिका शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि ड्रॉपआउट जैसी स्थिति उत्पन्न न हो और नामांकन को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही, उन्होंने जिला प्रशासन को गांव में मोबाइल नेटवर्क की समस्या का तत्काल समाधान करने तथा मंदिर तक रोपवे निर्माण की संभावनाओं को तलाशने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विकास भी और विरासत भी' के विजन के अनुरूप देवमाली गांव में विकास कार्य करवाने पर जोर दिया, कहा कि गांव के मूल
स्वरूप, सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत तथा प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित रखते हुए सभी आवश्यक कार्यों को गति दी जाए। उन्होंने देवमाली गांव की विशिष्ट पहचान और परंपराओं का संरक्षण अपनी प्राथमिकता बताया। अपने दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया और ग्रामीणों से आत्मीय संवाद स्थापित किया। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधिगण और जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की आवश्यकताओं की समय-समय पर जानकारी लेकर उनकी त्वरित एवं प्रभावी पूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि सभी को मूलभूत सुविधाओं का लाभ
मिल सके। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने नमो उपवन देवमाली में वीबी जी राम जी योजना के तहत पौधारोपण कार्य का उद्घाटन बुजुर्ग महिला प्रेम देवी से करवाया, जहाँ उन्होंने स्वयं पीपल का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने स्कूली बच्चों को मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाभियान के प्रशस्ति पत्र भी सौंपे। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम, विधायक विरेन्द्र सिंह कानावत सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिला प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
- अजमेर जिले की पीसांगन पंचायत समिति में कार्यरत कनिष्ठ सहायक अबरार अहमद ने अपनी ईमानदारी का परिचय दिया है। उन्हें रास्ते में एक मोबाइल फोन मिला था, जिसे उन्होंने बिना किसी देरी के उसके असली मालिक तक पहुँचाया और उन्हें लौटा दिया।1
- अजमेर दरगाह शरीफ के चर्चित देग ठेका प्रकरण में ₹20 लाख के कथित गबन का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस संबंध में अंजुमन यादगार चिश्तिया शेखजादगान खुद्दाम ख्वाजा साहब के पूर्व सचिव और एक देग ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। शिकायत के अनुसार, यह कथित गबन वर्ष 2018 के उर्स के दौरान दिए गए देग ठेके से जुड़ा है, जिसमें ₹20 लाख की राशि बकाया रह गई थी। आरोप है कि वर्ष 2020 में बकाया वसूली के लिए संस्था द्वारा लिए गए दो मूल चेक और एक वचन पत्र संस्था के रिकॉर्ड से कथित तौर पर गायब कर दिए गए। इस घटना के परिणामस्वरूप संस्था को आर्थिक नुकसान हुआ है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। यह जानकारी पुलिस में दर्ज शिकायत और उपलब्ध आधिकारिक विवरणों पर आधारित है, और मामले की जांच जारी होने के कारण आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।1
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार, 02 जुलाई को ब्यावर जिले के देवमाली गांव का दौरा किया। उन्होंने भगवान देवनारायण मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने किसान रामलाल गुर्जर के घर जाकर परिजनों से आत्मीय मुलाकात की और उनके साथ चाय पी। उन्होंने देवमाली ग्राम पंचायत प्रशासक समिति के सदस्यों से भी बातचीत की। अपने दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने गांव के स्कूली बच्चों और उनके परिजनों से शिक्षा के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला कलक्टर को आवश्यक निर्देश दिए और बालिका शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए ड्रॉप आउट रोकने तथा नामांकन को बढ़ावा देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को गांव में मोबाइल नेटवर्क की समस्या का तत्काल समाधान करने तथा मंदिर तक रोपवे निर्माण की संभावनाओं का पता लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकास भी और विरासत भी' के विजन के अनुरूप देवमाली गांव में विकास कार्य करवाने पर बल दिया, साथ ही गांव के मूल स्वरूप, सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित रखते हुए सभी आवश्यक कार्यों को गति देने को प्राथमिकता बताया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया और ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की आवश्यकताओं की समय-समय पर जानकारी लेकर त्वरित एवं प्रभावी पूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि सभी को मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके। इसी क्रम में, उन्होंने नमो उपवन देवमाली में 'वीबी जी राम जी योजना' के तहत पौधारोपण कार्य का उद्घाटन बुजुर्ग महिला प्रेम देवी से करवाया। इस अवसर पर उन्होंने पीपल का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और स्कूली बच्चों को मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाभियान के प्रशस्ति पत्र भी सौंपे। इस मौके पर गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम, विधायक विरेन्द्र सिंह कानावत सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिला प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- Post by Kailash Fulwari1
- जड़ाऊ कलां में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की महा नरेगा योजना के स्थान पर अब विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबीजी रामजी) का शुभारंभ किया गया है। इस नई योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को पहले के 100 दिनों के बजाय अब 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इस नई पहल के शुभारंभ के अवसर पर गुरुवार को ग्राम पंचायत जड़ाऊ कलां के खेल मैदान में सामूहिक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान मेड़ता विधायक लक्ष्मण राम कलरू ने स्वयं पौधारोपण करके पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। इसके बाद, तिरुपति (आंध्र प्रदेश) से आयोजित वीबीजी रामजी योजना के राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम और राजस्थान के ब्यावर जिले के मसूदा से आयोजित राज्य स्तरीय लॉन्चिंग कार्यक्रम का ब्लॉक स्तरीय सीधा प्रसारण ग्राम पंचायत जड़ाऊ कलां में किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और नई योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त की। मेड़ता विधायक लक्ष्मण राम कलरू ने ग्रामीण सेवा शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि वीबीजी रामजी योजना का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करना है। उन्होंने जानकारी दी कि यह योजना 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी, जिसके तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार मिलेगा। साथ ही, निर्धारित कार्य पूरा करने पर प्रतिदिन न्यूनतम ₹300 मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। विधायक ने कहा कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आजीविका सशक्त होगी और आधारभूत ढांचे के विकास को एक नई गति मिलेगी। इस अवसर पर उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, पूर्व उप जिला प्रमुख एवं एससी मोर्चा जिलाध्यक्ष शोभाराम जयपाल, विकास अधिकारी भंवरलाल सिंघाड़िया, नायब तहसीलदार प्रेम कुमार ढेबाना, सहायक अभियंता राकेश कुमार महरिया, आयुष चिकित्सक डॉ. हनुमान राम, डॉ. जगमोहन मिश्रा, पीडब्ल्यूडी कनिष्ठ अभियंता शैफाली चौधरी, विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता मनोज कुमार, सहायक बाल विकास अधिकारी रेखा चौहान, भू-अभिलेख निरीक्षक रणजीत चौहान, पटवारी नगेंद्र सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी सचिन चौधरी, सहायक कृषि अधिकारी सोहनलाल, शिक्षा संदर्भ व्यक्ति मदनलाल भदाल, ग्राम विकास अधिकारी कैलाश मिरोठा, कनिष्ठ सहायक मोहनलाल, नूतन राठी, पवन शर्मा, सूर्य प्रकाश, चेनाराम, एहसान अली गार्ड, ओम नाथ, पुखराज छाबा, सुरेश पालड़िया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- ब्यावर क्षेत्र की महत्वपूर्ण खबरों से अपडेट रहने के लिए दर्शकों से 'वांटेड समाचार' देखते रहने का आग्रह किया गया है। यह जानकारी साबुद्दीन खान भूट्टा मेड़तिया लौहार द्वारा दी गई है, जो लोगों को क्षेत्र से जुड़ी ताजा खबरों के लिए इस माध्यम से जुड़े रहने का संदेश दे रहे हैं।1
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार, 02 जुलाई को ब्यावर जिले के देवमाली गांव का दौरा किया, जहाँ उन्होंने भगवान देवनारायण मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने गांव के मूल स्वरूप को संरक्षित रखते हुए सभी आवश्यक विकास कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। मंदिर दर्शन के बाद मुख्यमंत्री किसान रामलाल गुर्जर के घर पहुँचे, जहाँ उन्होंने परिजनों से आत्मीय मुलाकात कर चाय पी और देवमाली ग्राम पंचायत प्रशासक समिति के सदस्यों से भी बातचीत की। उन्होंने स्कूली बच्चों और उनके परिजनों से शिक्षा के बारे में जानकारी ली, साथ ही जिला कलेक्टर को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता सुनिश्चित करने, बालिका शिक्षा पर जोर देने तथा ड्रॉप आउट जैसी स्थिति को रोकने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को गांव में मोबाइल नेटवर्क की समस्या का तत्काल समाधान करने और मंदिर तक रोपवे निर्माण की संभावनाओं को तलाशने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकास भी और विरासत भी' के विजन के अनुरूप देवमाली गांव में विकास कार्य करवाए जाएं, जिसमें गांव की विशिष्ट पहचान, परंपराओं, सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत तथा प्राकृतिक सौंदर्य का संरक्षण प्राथमिकता रहे। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट वितरित कर उनका उत्साह बढ़ाया और स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं जिला प्रशासन को ग्रामीणों की आवश्यकताओं की समय-समय पर जानकारी लेकर त्वरित एवं प्रभावी पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि सभी को मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके। अपने दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने नमो उपवन देवमाली में वीबी जी राम जी योजना के तहत पौधारोपण कार्य का उद्घाटन बुजुर्ग महिला प्रेम देवी से करवाया। उन्होंने स्वयं पीपल का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और पौधारोपण के लिए स्कूली बच्चों को मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाभियान के प्रशस्ति पत्र भी सौंपे। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम, विधायक विरेन्द्र सिंह कानावत सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिला प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- गुरुवार, 02 जुलाई को विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी योजना (वीबी जी राम जी) का राष्ट्रीय शुभारंभ किया गया, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से गांवों में विकास की गंगा बहाने वाला एक समग्र राष्ट्रीय अभियान बताया गया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरूपति से कार्यक्रम को संबोधित किया, जबकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ब्यावर जिले के मसूदा कृषि उपज मंडी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसमें जुड़े। मुख्यमंत्री ने बताया कि वीबी जी राम जी योजना के लिए प्रदेश में 2026-27 के लिए 12 हजार 636 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो राज्य में इस योजना का अब तक का सर्वाधिक बजट है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर मनरेगा की विफलताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनरेगा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी देने के अपने मकसद में पूरी तरह सफल नहीं हो पाया, जिसके तहत अस्थायी सड़कें, आधी-अधूरी जल संरचनाएं और बिना योजना के मिट्टी खुदाई जैसे कार्य होते थे, जिनका लंबी अवधि में कोई लाभ नहीं था। उन्होंने नकली और डुप्लीकेट जॉब कार्ड, फर्जी लाभार्थी, मनगढ़ंत हाजिरी रजिस्टर, श्रमिकों को आंशिक या पूरी मजदूरी न मिलने जैसी गड़बड़ियों और केवल औपचारिकता या अनुपस्थित सोशल ऑडिट का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, मनरेगा में प्रशासनिक कार्यों पर केवल 6 प्रतिशत खर्च की अनुमति होने से बेहतर क्रियान्वयन संभव नहीं हो पाया, और खेती के सीजन में काम चलने से किसानों को मजदूर नहीं मिल पाते थे, वहीं मजदूरी भुगतान में देरी पर मुआवजे के प्रावधान भी केवल कागजी बनकर रह गए थे। वीबी जी राम जी योजना को मनरेगा की कमियों को दूर करने के उद्देश्य से लाया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब इसमें सालाना रोजगार की कानूनी गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। फसल बुवाई और कटाई के समय श्रमिकों की कमी न हो, इसके लिए राज्य सरकार 60 दिनों का कार्य विराम घोषित कर सकती है। इस योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका और आपदाओं से निपटने संबंधी ठोस कार्य करवाए जा सकेंगे। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेज, मोबाइल ऐप और एआई जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। हर छह महीने में कार्यों का डिजिटल तथ्यों के साथ सोशल ऑडिट अनिवार्य होगा और एक डिजिटल बहुस्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली की भी व्यवस्था की गई है, जिसमें निश्चित समय सीमा और जिला लोकपाल शामिल होंगे। भुगतान हर हफ्ते अनिवार्य होगा और दो सप्ताह से अधिक की देरी पर स्वतः मुआवजा मिलेगा। साथ ही, प्रशासनिक व्यय की सीमा को बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है, ताकि जमीनी स्तर पर पर्याप्त कर्मचारी, तकनीकी विशेषज्ञ, प्रशिक्षण और निगरानी क्षमता सुनिश्चित हो। इस योजना में एक टिकाऊ और जवाबदेह वित्तीय मॉडल का प्रावधान है, जहाँ अब हर साल के लिए एक स्पष्ट और तय बजट निर्धारित किया गया है, जो पहले नहीं था। मुख्यमंत्री ने बताया कि कुल आवंटन में वृद्धि की गई है, जिससे राज्यों को हाल के मनरेगा औसत की तुलना में लगभग 17 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने इस योजना को सहकारी संघवाद का मॉडल बताया और कहा कि इससे गांवों में पानी और सड़कों जैसे स्थायी काम होंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्रामीण भारत के भविष्य को नई दिशा देने वाली इस दूरदर्शी पहल का नेतृत्व किया है और यह योजना ग्रामीण रोजगार की मजबूत गारंटी तथा विकसित भारत की मजबूत आधारशिला बनेगी। मुख्यमंत्री ने लोगों से हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पौधारोपण में अधिक से अधिक हिस्सा लेने की अपील भी की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने देवमाली गांव के लिए ₹2 करोड़ की लागत से एक आश्रय स्थल बनाने की घोषणा की और सरोवर के जीर्णोद्धार तथा सड़कों के निर्माण से स्थानीय क्षेत्र के विकास को गति देने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने ढाई वर्षों में प्रदेश में पानी और बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं, विभिन्न जल परियोजनाओं को साकार किया जा रहा है, और 26 जिलों के किसानों को दिन में बिजली दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी जिलों के किसानों को दिन में बिजली मिलेगी और युवाओं को 4 लाख सरकारी नौकरी देने के वादे को भी पूरा किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीबी जी राम जी योजना के तहत दो लाभार्थियों को ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड वितरित किए। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को विभिन्न बैंकों के माध्यम से ₹3.31 करोड़ के क्रेडिट लिंकेज चेक और राजस्थान महिला निधि की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत ₹1.16 करोड़ के ऋण चेक भी वितरित किए। समर्थ सखी ऋण योजना के तहत सीएलएफ कल्स्टर मैनेजर एवं बैंक मित्रों को स्कूटी प्रदान की गई, वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत नवीन आवासों की स्वीकृति तथा नवनिर्मित मकानों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपी गईं। मुख्यमंत्री ने राजीविका स्वयं सहायता समूहों के हस्तशिल्प उत्पादों के स्टॉल्स का अवलोकन भी किया और लगभग ₹424 करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास किया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वीबी जी राम जी योजना को विकसित भारत की नींव और मनरेगा से अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बताया। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- राजस्थान के किसनगढ़ में सुसाइड से जुड़ा एक मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, इस घटना का पीड़ित पिछले 10 दिनों से फरार है।1