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शुरू ऐप डाउनलोड करने के लिए लोगों से आग्रह किया गया है, ताकि वे अपने क्षेत्र की सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ सबसे पहले प्राप्त कर सकें। यह ऐप सरकारी योजनाओं की जानकारी, नवीनतम मौसम अपडेट, खेती-बाड़ी से जुड़ी खबरें और स्थानीय एवं ताज़ा समाचार उपलब्ध कराता है। उपयोगकर्ताओं को सलाह दी गई है कि वे आज ही अपने मोबाइल में शुरू ऐप डाउनलोड करें।
स्वरूप सिंह भाटी जैसलमेर
शुरू ऐप डाउनलोड करने के लिए लोगों से आग्रह किया गया है, ताकि वे अपने क्षेत्र की सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ सबसे पहले प्राप्त कर सकें। यह ऐप सरकारी योजनाओं की जानकारी, नवीनतम मौसम अपडेट, खेती-बाड़ी से जुड़ी खबरें और स्थानीय एवं ताज़ा समाचार उपलब्ध कराता है। उपयोगकर्ताओं को सलाह दी गई है कि वे आज ही अपने मोबाइल में शुरू ऐप डाउनलोड करें।
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- जैसलमेर के दवाडा क्षेत्र में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जहाँ तापमान अपने चरम पर पहुँच गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण यहाँ का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घरों से बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया है, और तापमान लगातार उच्च बना हुआ है। इस भयंकर गर्मी से बचाव के लिए नागरिकों से विशेष सावधानियाँ बरतने का आग्रह किया गया है। लोगों को दोपहर में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, अधिक से अधिक पानी पीने, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने तथा सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखने की सलाह दी गई है। सभी नागरिकों से गर्मी से बचाव के उपायों को अपनाने और सुरक्षित रहने का अनुरोध किया गया है।1
- सर्व समाज समन्वय समिति ने सीमा क्षेत्र में 0 से 50 किलोमीटर के दायरे में चल रहे प्रशासनिक अभियान के दौरान धार्मिक स्थलों, दरगाहों, मस्जिदों और अन्य आस्था केंद्रों पर की जा रही कार्रवाई को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। समिति ने स्पष्ट किया है कि देश की सुरक्षा और सीमा क्षेत्र की निगरानी अत्यंत आवश्यक है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं और आस्था केंद्रों को निशाना बनाना न्यायोचित नहीं है। समिति के संयोजक अशोक तंवर ने इस संबंध में बताया कि कानून के अनुसार कार्रवाई होना आवश्यक है, लेकिन बिना निष्पक्ष जांच, पर्याप्त सुनवाई और संविधान की मूल भावना का सम्मान किए बिना उठाए गए कदम समाज में असंतोष और अविश्वास पैदा कर सकते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता प्रदान करता है, अतः किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई में संवैधानिक मूल्यों और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। तंवर ने यह भी रेखांकित किया कि सुरक्षा के नाम पर आस्था केंद्रों को निशाना बनाना गलत है। इन्हीं महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर सर्व समाज समन्वय समिति के बैनर तले बुधवार (आज) को एक 'सर्व शांति एवं सद्भाव मार्च' का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम सुबह 9:30 बजे से शुरू होगा, जिसके लिए सहभागी नागरिकों के लिए शीतल जल एवं शरबत की व्यवस्था की गई है। इसके बाद सभी प्रबुद्ध नागरिक हनुमान चौराहा स्थित गांधी दर्शन परिसर में एकत्र होंगे और वहां से पैदल मार्च करते हुए जिला कलेक्ट्रेट तक पहुंचेंगे।1
- राजस्थान के शेरगढ़ क्षेत्र में मानसून की दस्तक का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है, जिसके चलते तेज गर्मी, उमस और धूल भरी आंधियों ने आमजन के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बारिश न होने से जहां लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है, वहीं किसान भी अपनी खरीफ फसलों को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से मौसम का मिजाज अस्थिर बना हुआ है, जहां दिनभर तेज धूप और उमस के बाद शाम के समय करीब 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। इन धूल भरी आंधियों के कारण ग्रामीण इलाकों में धूल के गुबार उड़ रहे हैं, जिससे आवागमन में भी लोगों को परेशानी हो रही है। तेज हवाओं के बावजूद अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिससे गर्मी में कोई विशेष गिरावट दर्ज नहीं हो रही है। इस भीषण गर्मी और उमस के कारण बाजारों में भी चहल-पहल कम हो गई है, और व्यापारी ग्राहकों की संख्या में कमी बता रहे हैं, क्योंकि लोग आवश्यक कार्य होने पर ही दोपहर में घरों से बाहर निकल रहे हैं। किसानों ने खरीफ सीजन के लिए खेतों की जुताई सहित बुवाई की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, लेकिन पर्याप्त वर्षा न होने के कारण कृषि-किसानी के कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। किसान बाजरा, मूंग और ग्वार जैसी खरीफ फसलों की बुवाई के लिए समय पर बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इसमें हो रही देरी से कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी कुछ दिनों तक तेज हवाओं और मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है। हालांकि, जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में मानसून के सक्रिय होने और क्षेत्र में अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में किसानों और आमजन की निगाहें अब आसमान पर टिकी हुई हैं, ताकि बारिश के साथ ही गर्मी और उमस से राहत मिल सके।1
- राजस्थान के बाड़मेर जिले में गरीबों के आशियानों को उजाड़ दिया गया है। यह कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा की गई है, जिसके विरोध में मजबूर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं।1
- पूर्व पार्षद डॉक्टर मानवेंद्र सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों से एक मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने अधिकारियों से गुहार लगाते हुए इस विषय पर त्वरित ध्यान देने का आग्रह किया।1
- क्षेत्र के प्रसिद्ध पहाड़ेश्वर महादेव मठ में उत्तराधिकारी की नियुक्ति को लेकर चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मठ के उत्तराधिकार को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से जारी यह गतिरोध अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाया है। इस मामले को लेकर संत समाज, श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, दोनों ही पक्ष मठ की स्थापित परंपराओं और उत्तराधिकार के अधिकारों का हवाला देते हुए अपने-अपने दावे प्रस्तुत कर रहे हैं। इस विवाद को सुलझाने के लिए कई बार बैठकों का आयोजन किया गया और समझाने-बुझाने के प्रयास भी किए गए, लेकिन अब तक कोई भी सर्वमान्य समाधान सामने नहीं आ सका है। मठ से जुड़े श्रद्धालुओं का कहना है कि इस विवाद का शीघ्र समाधान होना चाहिए ताकि धार्मिक गतिविधियां और मठ का संचालन सुचारू रूप से चलता रहे। वहीं, संबंधित पक्ष अपने-अपने दावों पर अभी भी अड़े हुए हैं। इस पूरे प्रकरण पर क्षेत्रवासियों की पैनी नजर है और सभी को विवाद के शांतिपूर्ण समाधान का इंतजार है, जबकि प्रशासनिक स्तर पर भी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।1
- शुरू ऐप डाउनलोड करने के लिए लोगों से आग्रह किया गया है, ताकि वे अपने क्षेत्र की सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ सबसे पहले प्राप्त कर सकें। यह ऐप सरकारी योजनाओं की जानकारी, नवीनतम मौसम अपडेट, खेती-बाड़ी से जुड़ी खबरें और स्थानीय एवं ताज़ा समाचार उपलब्ध कराता है। उपयोगकर्ताओं को सलाह दी गई है कि वे आज ही अपने मोबाइल में शुरू ऐप डाउनलोड करें।1
- राजस्थान के बाड़मेर जिले में गरीब और मजबूर लोगों के आशियाने जिला प्रशासन की कार्रवाई में उजाड़ दिए गए हैं। इस विध्वंसक कार्रवाई के खिलाफ प्रभावित लोग अब विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, अपनी बेबसी जाहिर करते हुए न्याय की मांग कर रहे हैं।1