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राजस्थान के जोधपुर जिले के भोपालगढ़ उप-जिले में विपक्षी पार्टी के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की माँग कर रहे हैं। यह माँग छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मामले में की जा रही है। विपक्षी नेता इस घटना को लेकर मोदी से माफी की गुहार लगा रहे हैं।
Gordhan ram
राजस्थान के जोधपुर जिले के भोपालगढ़ उप-जिले में विपक्षी पार्टी के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की माँग कर रहे हैं। यह माँग छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मामले में की जा रही है। विपक्षी नेता इस घटना को लेकर मोदी से माफी की गुहार लगा रहे हैं।
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- राजस्थान में रियां बड़ी पंचायत समिति के ग्राम सुरियास में एक सामाजिक परंपरा को नई दिशा देते हुए मिसाल पेश की गई है। सुरियास निवासी कानसिंह राठौड़ के निधन के बाद रविवार को बारहवें की रस्म पर उनकी दस वर्षीय इकलौती पुत्री भाविका कंवर उर्फ बिट्टू का पाग दस्तुर संपन्न कराया गया। आमतौर पर पिता के वैकुण्ठवास के बाद पुत्र या पुत्र न होने की स्थिति में दत्तक पुत्र लेकर उत्तराधिकारी के रूप में पाग दस्तुर की रस्म निभाई जाती है, लेकिन सुरियास में पहली बार बेटी को यह अधिकार देकर पगड़ी पहनाई गई। कानसिंह राठौड़ का 15 जुलाई को गंभीर बीमारी के कारण अल्पायु में निधन हो गया था। रविवार को बारहवें की रस्म के दौरान जब परिवार के पुरुष सदस्य परम्परानुसार किसी निकट संबंधी को दत्तक लेने पर विचार कर रहे थे, तब कानसिंह के मामा शंकरसिंह राजावत और भाविका के मामा महावीरसिंह सिंगोद ने परिवार की महिलाओं से चर्चा की। इस पर मृतक की माता और पत्नी ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि बेटा और बेटी में कोई अंतर नहीं होता, इसलिए पाग दस्तुर उनकी बेटी का ही किया जाए। परिवार की भावनाओं का सम्मान करते हुए पीहर और ससुराल पक्ष सहित सभी परिजनों ने सर्वसम्मति से भाविका के पाग दस्तुर का निर्णय लिया। रस्म के दौरान सामाजिक परंपरा के अनुसार सबसे पहले दादी के पीहर पक्ष से शंकरसिंह राजावत ने पगड़ी बंधवाई, इसके बाद ननिहाल पक्ष से महावीरसिंह सिंगोद ने दूसरी पगड़ी पहनाकर रस्म पूरी कराई। समाज में बेटी को बेटे के समान अधिकार और सम्मान देने की इस पहल की ग्रामीणों ने मुक्तकंठ से सराहना की है। इस परिवार में पिछले चार पीढ़ियों से प्रत्येक पीढ़ी में केवल एक ही पुरुष सदस्य रहा है—पड़दादा भीमसिंह, उनके पुत्र उदयसिंह, फिर भगवानसिंह और उनके बाद कानसिंह। कानसिंह के निधन के बाद अब परिवार की विरासत और उम्मीदों का केंद्र उनकी इकलौती पुत्री भाविका ही हैं। इस अवसर पर कुन्दनसिंह, छोटूसिंह, हड़मानसिंह, गिरवरसिंह, किशोरसिंह, महावीरसिंह, रुघनाथसिंह, गोपालसिंह, रतनसिंह, भंवरसिंह, रविन्द्रसिंह, दशरथसिंह, विक्रमसिंह और श्यामसिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों पर एक उच्च-स्तरीय कार्य बल का गठन किया है। इस कार्य बल का मकसद शिक्षा प्रणाली में परीक्षाओं के तरीके और मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार लाना है। इस पहल से देश भर में शिक्षा के स्तर में सुधार की उम्मीद है। कार्य बल के गठन की घोषणा प्रधानमंत्री के एक नए वीडियो में की गई है।1
- जयपुर स्थित अभिनंदन महेश्वरी समाज जन उपयोगी भवन में आगामी 2 अगस्त को श्री गुर्जरगौड़ ब्राह्मण समाज प्रबुद्ध जन सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन का समय प्रातः 10 बजे तय किया गया है। कार्यक्रम को लेकर गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों, वरिष्ठजनों और गणमान्य नागरिकों से समय का ध्यान रखते हुए कार्यक्रम स्थल पर समय से पूर्व पहुँचने की अपील की गई है, ताकि बैठक को निर्धारित समय पर शुरू किया जा सके।2
- राजस्थान के जोधपुर जिले के भोपालगढ़ उप-जिले में विपक्षी पार्टी के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की माँग कर रहे हैं। यह माँग छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मामले में की जा रही है। विपक्षी नेता इस घटना को लेकर मोदी से माफी की गुहार लगा रहे हैं।1
- नरेंद्र मोदी और BJP का पूरा सिस्टम छात्रों की जान लेने पर तुला है। यह आरोप एक ताजा खबर के आधार पर लगाया गया है, जिसमें कहा गया है कि बिहार में विरोध प्रदर्शन के दौरान BJP सरकार ने AK-47 से छात्रों पर गोलियां चलवाईं। इस घटना ने एक बार फिर मोदी सरकार के उन वादों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं, जिसमें कहा गया था कि किसी छात्र पर केस दर्ज नहीं होगा और दर्ज केस भी वापस लिए जाएंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में पैलेट गन और अब बिहार में AK-47 का इस्तेमाल करके मोदी सरकार एक ही पैटर्न पर चल रही है। यह सीधे तौर पर नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया गया है कि वे छात्रों को धोखा दे रहे हैं और अपने वादों से मुकर रहे हैं। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि मोदी को इस बर्बरता के लिए छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।1