उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कुदरहा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत हरखौलिया उर्फ मटियरिया में मानसून की पहली बारिश के बाद भीषण जलभराव से जनजीवन ठप हो गया है। महज दो पुरवों की इस ग्राम पंचायत में हर रास्ता तालाब में तब्दील हो चुका है, जिससे बच्चों का स्कूल जाना और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। प्रशासनिक उदासीनता और लाचारी से परेशान ग्रामीण अपनी समस्याओं के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं ताकि बदहाल व्यवस्था की ओर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान जा सके। गांव की इस स्थिति ने विकास के सरकारी दावों और वित्तीय खर्चों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस ग्राम पंचायत के विकास के नाम पर 62 लाख रुपये पक्के निर्माण और 52 लाख रुपये कच्चे निर्माण कार्य मद में दर्ज किए गए हैं, यानी कुल 1 करोड़ 14 लाख रुपये से अधिक का बजट खर्च दिखाया गया है। सवा करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च होने के बावजूद जलप्रलय जैसे हालात बने हुए हैं, जिससे ब्लॉक स्तर के अधिकारियों और ग्राम पंचायत के नुमाइंदों की मिलीभगत से जनता के टैक्स के पैसों की बंदरबांट और कागजी विकास के आरोप लग रहे हैं। डूबते रास्तों और सोशल मीडिया पर वायरल होते वीडियो के बीच अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या इस सनसनीखेज गोलमाल की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी या मामले को दबा दिया जाएगा। बदहाली झेल रहे ग्रामीण और गांव का बच्चा-बच्चा अब यही सवाल पूछ रहा है कि विकास के नाम पर आया सरकारी खजाना आखिर कहाँ चला गया।
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कुदरहा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत हरखौलिया उर्फ मटियरिया में मानसून की पहली बारिश के बाद भीषण जलभराव से जनजीवन ठप हो गया है। महज दो पुरवों की इस ग्राम पंचायत में हर रास्ता तालाब में तब्दील हो चुका है, जिससे बच्चों का स्कूल जाना और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। प्रशासनिक उदासीनता और लाचारी से परेशान ग्रामीण अपनी समस्याओं के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं ताकि बदहाल व्यवस्था की ओर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान जा सके। गांव की इस स्थिति ने विकास के सरकारी दावों और वित्तीय खर्चों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस ग्राम पंचायत के विकास के नाम पर 62 लाख रुपये पक्के निर्माण और 52 लाख रुपये कच्चे निर्माण कार्य मद में दर्ज किए गए हैं, यानी कुल 1 करोड़ 14 लाख रुपये से अधिक का बजट खर्च दिखाया गया है। सवा करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च होने के बावजूद जलप्रलय जैसे हालात बने हुए हैं, जिससे ब्लॉक स्तर के अधिकारियों और ग्राम पंचायत के नुमाइंदों की मिलीभगत से जनता के टैक्स के पैसों की बंदरबांट और कागजी विकास के आरोप लग रहे हैं। डूबते रास्तों और सोशल मीडिया पर वायरल होते वीडियो के बीच अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या इस सनसनीखेज गोलमाल की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी या मामले को दबा दिया जाएगा। बदहाली झेल रहे ग्रामीण और गांव का बच्चा-बच्चा अब यही सवाल पूछ रहा है कि विकास के नाम पर आया सरकारी खजाना आखिर कहाँ चला गया।
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कुदरहा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत हरखौलिया उर्फ मटियरिया में मानसून की पहली बारिश के बाद भीषण जलभराव से जनजीवन ठप हो गया है। महज दो पुरवों की इस ग्राम पंचायत में हर रास्ता तालाब में तब्दील हो चुका है, जिससे बच्चों का स्कूल जाना और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। प्रशासनिक उदासीनता और लाचारी से परेशान ग्रामीण अपनी समस्याओं के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं ताकि बदहाल व्यवस्था की ओर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान जा सके। गांव की इस स्थिति ने विकास के सरकारी दावों और वित्तीय खर्चों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस ग्राम पंचायत के विकास के नाम पर 62 लाख रुपये पक्के निर्माण और 52 लाख रुपये कच्चे निर्माण कार्य मद में दर्ज किए गए हैं, यानी कुल 1 करोड़ 14 लाख रुपये से अधिक का बजट खर्च दिखाया गया है। सवा करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च होने के बावजूद जलप्रलय जैसे हालात बने हुए हैं, जिससे ब्लॉक स्तर के अधिकारियों और ग्राम पंचायत के नुमाइंदों की मिलीभगत से जनता के टैक्स के पैसों की बंदरबांट और कागजी विकास के आरोप लग रहे हैं। डूबते रास्तों और सोशल मीडिया पर वायरल होते वीडियो के बीच अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या इस सनसनीखेज गोलमाल की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी या मामले को दबा दिया जाएगा। बदहाली झेल रहे ग्रामीण और गांव का बच्चा-बच्चा अब यही सवाल पूछ रहा है कि विकास के नाम पर आया सरकारी खजाना आखिर कहाँ चला गया।1
- Post by नाम बबलू कुमार1
- समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार और अहंकार के मुद्दे को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला और जमकर निशाना साधा।1
- संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद में लंबे समय से बदहाल पड़ी विधियानी रोड के पुनर्निर्माण का काम शुरू हो गया है। सदर विधायक अंकुर राज तिवारी ने करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया। इस दौरान विधायक ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और स्वयं जेसीबी चलाकर कार्य का श्रीगणेश किया। मौके पर बुलडोजर, जेसीबी और निर्माण सामग्री से लदे वाहन तैनात रहे। वर्षों से जर्जर पड़ी इस सड़क की वजह से स्थानीय लोगों और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। खास तौर पर बरसात के दिनों में बड़े-बड़े गड्ढों और जलभराव के कारण रास्ता बेहद जोखिम भरा हो जाता था। विधायक अंकुर राज तिवारी ने कहा कि क्षेत्र का समग्र विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और बेहतर सड़कों से व्यापार, शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुगम होगी। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा कराने का निर्देश दिया। सड़क का निर्माण कार्य शुरू होने से क्षेत्र के लोगों और जनप्रतिनिधियों में खुशी का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने विधायक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पुरानी समस्या के समाधान से हजारों ग्रामीणों और शहरवासियों को सीधा फायदा मिलेगा तथा खलीलाबाद के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस की जनसेवा और जनविश्वास की भावना को सशक्त करने के उद्देश्य से थाना महुली पुलिस द्वारा क्षेत्र के बच्चों और किशोरों के लिए "बच्चों की पाठशाला" का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान आत्मीय एवं प्रेरणादायी माहौल में बच्चों के साथ शिक्षा, संस्कार, तकनीक, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य से जुड़े विषयों पर लंबी चर्चा की गई। पुलिस ने बच्चों को मार्गदर्शन देते हुए बताया कि आज का समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का युग है और आने वाले समय में वही विद्यार्थी आगे बढ़ेंगे जो नई तकनीकों को सीखने और खुद को अपडेट रखने का प्रयास करेंगे। बच्चों को यह भी समझाया गया कि मोबाइल केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि इसका सकारात्मक उपयोग करके ग्रामीण क्षेत्र का छात्र भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है। संवाद के दौरान बच्चों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए स्पष्ट किया गया कि यदि उनके साथ उत्पीड़न, धमकी, साइबर ठगी, नशे का दबाव, छेड़छाड़ या बुलिंग जैसी कोई भी घटना होती है तो उसे छिपाएं नहीं। पुलिस ने कहा कि घटना छिपाने से समस्या गंभीर हो सकती है, इसलिए माता-पिता, अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को तत्काल सूचित करें। इसके अलावा बच्चों को सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने, फर्जी खबरों व अफवाहों से बचने, अनजान व्यक्तियों से ऑनलाइन संपर्क में सावधानी बरतने, सड़क सुरक्षा, नशे से दूर रहने, अच्छे मित्रों का चयन करने और कानून का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों को असफलताओं से न घबराते हुए मेहनत, अनुशासन, ईमानदारी और गुरुजनों व माता-पिता के सम्मान को सफलता की नींव बनाने की सीख दी गई। महुली पुलिस ने कहा कि शिक्षित, जागरूक और जिम्मेदार बच्चे ही एक मजबूत परिवार, सुरक्षित समाज और प्रगतिशील राष्ट्र का निर्माण करते हैं। कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने खुलकर अपने विचार साझा किए और भविष्य में भी ऐसे सत्र आयोजित करने की इच्छा जताई, जिस पर पुलिस ने आगे भी ऐसे प्रेरणादायी और जनजागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का भरोसा दिया।4
- संतकबीरनगर के महुली थाना क्षेत्र में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में महुली पुलिस द्वारा बच्चों और किशोरों के लिए 'बच्चों की पाठशाला' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा, तकनीक, साइबर सुरक्षा, नैतिक मूल्यों तथा सुरक्षित और सफल भविष्य के प्रति जागरूक करना रहा। संवाद के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में खुद को तैयार करने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में बच्चों को मोबाइल फोन का सदुपयोग कर ज्ञान और कौशल अर्जित करने की सलाह दी गई। पुलिस ने कहा कि तकनीक के सही उपयोग से ग्रामीण क्षेत्र के छात्र भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। इसके साथ ही बच्चों को साइबर अपराध, सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग, फर्जी खबरों और अफवाहों से बचाव, ऑनलाइन ठगी, सड़क सुरक्षा और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस ने जोर देकर कहा कि यदि उनके साथ उत्पीड़न, धमकी, साइबर ठगी, बुलिंग या छेड़छाड़ जैसी कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसे छिपाने के बजाय तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को जानकारी दें। सत्र में अनुशासन, ईमानदारी, समय के सदुपयोग और असफलताओं से सीख लेकर बड़े लक्ष्य हासिल करने की बात भी समझाई गई। संवाद के अंत में बच्चों ने पुलिस के साथ खुलकर अपने विचार साझा किए और भविष्य में भी ऐसे मार्गदर्शन सत्र आयोजित करने की इच्छा जताई। महुली पुलिस ने भरोसा दिलाया कि बच्चों के शिक्षित और सुरक्षित भविष्य के लिए इस प्रकार के प्रेरणादायी कार्यक्रम आगे भी आयोजित होते रहेंगे, क्योंकि आज का जागरूक बच्चा ही कल का जिम्मेदार नागरिक और राष्ट्र निर्माता बनेगा।1
- उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले के धनघटा तहसील क्षेत्र में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चकबंदी लेखपाल अभय प्रताप सिंह को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि लेखपाल ने एक पीड़ित किसान कन्हैया लाल के वैध काम के बदले ₹14 हजार की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित किसान कन्हैया लाल ने कई दिनों तक दफ्तरों के चक्कर लगाने के बाद एंटी करप्शन टीम से इसकी शिकायत की थी। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि तय की गई घूस में से ₹10 हजार की पहली किश्त लेते वक्त ही लेखपाल को पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस पूरी कार्रवाई को सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।1