राजस्थान के जयपुर में शासन सचिवालय के बाहर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटीं महिला कार्यकर्ताओं ने मानदेय में बढ़ोतरी और नियमितीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सचिवालय का घेराव करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लंबे समय से आंदोलन करने और बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद सरकार उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रही है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने मांग की कि उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, मानदेय बढ़ाया जाए और उनकी अन्य लंबित समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए। उनका कहना है कि वे महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफल बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उचित वेतन और सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस बल ने जब कार्यकर्ताओं को सचिवालय की ओर बढ़ने से रोक दिया, तो वे वहीं धरने पर बैठ गईं। प्रदर्शनकारी नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
राजस्थान के जयपुर में शासन सचिवालय के बाहर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटीं महिला कार्यकर्ताओं ने मानदेय में बढ़ोतरी और नियमितीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सचिवालय का घेराव करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लंबे समय से आंदोलन करने और बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद सरकार उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रही है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने मांग की कि उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, मानदेय बढ़ाया जाए और उनकी अन्य लंबित समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए। उनका कहना है कि वे महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफल बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उचित वेतन और सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस बल ने जब कार्यकर्ताओं को सचिवालय की ओर बढ़ने से रोक दिया, तो वे वहीं धरने पर बैठ गईं। प्रदर्शनकारी नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
- राजस्थान के जयपुर में शासन सचिवालय के बाहर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटीं महिला कार्यकर्ताओं ने मानदेय में बढ़ोतरी और नियमितीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सचिवालय का घेराव करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लंबे समय से आंदोलन करने और बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद सरकार उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रही है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने मांग की कि उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, मानदेय बढ़ाया जाए और उनकी अन्य लंबित समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए। उनका कहना है कि वे महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफल बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उचित वेतन और सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस बल ने जब कार्यकर्ताओं को सचिवालय की ओर बढ़ने से रोक दिया, तो वे वहीं धरने पर बैठ गईं। प्रदर्शनकारी नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- दिल्ली में पेपर लीक मामले को लेकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान दोनों नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस ने देशभर में अपना विरोध तेज कर दिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी के साथ पुलिस ने बर्बरता की, जिसके विरोध में राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। जयपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान इन दोनों वरिष्ठ नेताओं ने स्वेच्छा से अपनी गिरफ्तारी दी और पुलिस के साथ थाने पहुंचे। शाम होते-होते पुलिस प्रशासन ने कांग्रेस के कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बसों में भरा और विभिन्न थानों के लिए रवाना किया। इस दौरान कांग्रेस से जुड़े युवाओं ने बसों को रोककर विरोध जताया और जमकर नारेबाजी की, हालांकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाते हुए हिरासत की कार्रवाई जारी रखी।1
- जयपुर में ओला कैब चालक 10 किलोमीटर दूर से आ रहे राइड निमंत्रण के कारण परेशान हैं। चालकों को इतनी लंबी दूरी से एयरपोर्ट पर आने का निमंत्रण भेजा जा रहा है, जिससे ओला के ड्राइवर भाइयों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- राजस्थान के जयपुर में कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई नेताओं की गिरफ्तारी हुई है। इस प्रदर्शन के बाद हुई कार्रवाई में अशोक गहलोत और डोटासरा समेत पार्टी के कई अन्य नेता भी गिरफ्तार किए गए हैं।1
- लोकसभा में सांसद चंद्रशेखर आजाद के साथ हनुमान बेनीवाल धरने पर बैठ गए हैं। दोनों नेताओं के इस कदम और विरोध प्रदर्शन की चर्चा लगातार हो रही है।1
- जयपुर के चित्रकूट थाना क्षेत्र में स्थित एक सेल्फ ड्राइव कार रेंटल कंपनी के कार्यालय में देर रात 12 से 13 बदमाशों ने अचानक हमला कर दिया। 18 जुलाई की रात करीब 1:15 बजे हुए इस हमले के दौरान बदमाशों ने दफ्तर में सो रहे दो कर्मचारियों को बेरहमी से पीटा और बाहर खड़ी एक थार गाड़ी में जमकर तोड़फोड़ की। हमले के बाद आरोपी कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई। कंपनी संचालक सोनू चौधरी ने पुलिस को वारदात की वीडियो रिकॉर्डिंग सौंपी, जिसके आधार पर चित्रकूट थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। संचालक सोनू चौधरी ने आशंका जताई है कि यह हमला रंगदारी की मांग से जुड़ा हो सकता है। वहीं पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी है।1